गांधीनगर स्थित बाइसेग संस्था के उपग्रह - सेटकोम के स्टूडियो से श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यभर की शाला-कोलेजों, पंचायतों, जिला एवं तहसील कार्यालय में उपस्थित खिलाडि़यों, सरपंचों, व्यायाम मंडलों एवं विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ प्रेरक मार्गदर्शन देते हुए संवाद किया।

समग्र गुजरात में पुस्तक पठन एवं खेलकूद स्पर्धाओं को लेकर चलाए जा रहे इन दोनों अभियानों को जनता द्वारा मिल रहे अच्छे प्रतिसाद का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, गुजरात की स्वर्णिम जयंति का यह अवसर आगामी वर्ष के दौरान जनशक्ति विकास एवं संस्कार में प्रभावी बने ऐसे वातावरण का निर्माण करेगा। 30 अक्टूबर को समग्र गुजरात के तमाम सार्वजनिक स्थलों एवं पुस्तकालयों में गुजरात एक साथ पढ़े ऐसा विश्व का अनोखा पुस्तक पठन का जनआंदोलन सफल बनाने उन्होंने आह्वान किया।

श्री मोदी ने अनुरोध किया कि, गुजरात क्विजकंपीटिशन में भाग लेकर तथा क् घंटे के समयदान द्वारा गुजरात के संबंध में आत्मगौरव के साथ ही सेवा के संस्कार की दुनिया में नई पहचान खड़ी करें। श्री मोदी ने कहा कि, वर्ष 2012 में स्वामी विवेकानंद की डेढ़ सौवीं जन्मजयंति मनायी जाएगी। हमने संकल्प किया है कि विवेकानंदजी के आदर्श के अनुसार गुजरात ओजस्वी एवं तेजस्वी बने।

वांचे गुजरात अभियान को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पुस्तक खरीदी, वितरण एवं पठन को लेकर उजागर हुई क्रांतिकारी चेतना की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, गुजरात के संबंध में जानकारी के लिए गुजरात क्विजकी ऑनलाइन स्पर्धा शुरू की गई है। जिसमें 5000, प्रश्नों का बैंक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुजराती ज्ञान-सूचना के भंडार में से विचारबीज रोपकर ज्ञान का वटवृक्ष सृजित करे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि, खेलकूद महाकुंभ 12 लाख खिलाडि़यों के साथ विश्व का सबसे बड़ा खेलकूद महोत्सव साबित होगा।

उन्होंने कहा कि, गुजरात की युवा पीढ़ी के खेलकूद के मैदानी पसीने से आने वाले कल को शक्ति के सौरभ से सुगंधित करना है। श्री मोदी ने ऐसे वातावरण का निर्माण करने की अपील की जिससे पूरा गुजरात पठनमय एवं खेलकूद का मैदान बने। पिछले 50 वर्षों में खेलकूद के क्षेत्र में ना देखा हो ऐसा नया स्वरूञ्प देने तथा गुणात्मक परिवर्तन के साथ देश को नये खिलाड़ी देने एवं विकास के लिए जनशक्ति को तैयार करने की अभिलाषा भी श्री मोदी ने जताई। इस अवसर पर श्री मोदी ने सभी माध्यमिक स्कूलों, कोलेजों के विद्यार्थियों से 100 घंटा समयदान में अचूक शामिल होने का अनुरोध किया। शिक्षा प्रधान सचिव हसमुख अढिया एवं युवा-सांस्कृतिक मामलों के सचिव भाग्‌येश झा ने इन दोनों अभियानों की रूपरेखा पेश की। कार्यक्रम में मुक्य सचिव ए.के. जोती सहित संलग्‌न सचिव भी मौजूद थे।

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प्रधानमंत्री ने करुणा और संतोष का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया
August 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि करुणा आत्म-सम्मान लाती है और संतोष सच्ची खुशी लाता है। यह भावना समाज में सहयोग और सद्भाव के बंधन को और मजबूत करती है।

श्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः।
उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥”

यह सुभाषितम् बताता है कि आत्म-सम्मान दूसरों पर दया या करुणा दिखाने से प्राप्त होता है। जीवन में अपने भाग्य पर संतुष्ट रहने से लालच पर काबू पाया जाता है। व्यक्ति को परिश्रम और उद्यमिता से आलस्य, सशंयात्‍मक तर्क और अनिर्णय पर विजय प्राप्त करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“करुणा से आत्म-सम्मान और संतोष से सच्ची खुशी मिलती है। इसी भाव से समाज में सहयोग और सद्भाव की डोर और सशक्त होती है।

कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः।
उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥”