प्रधानमंत्री मोदी ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के साथ टाउनहॉल प्रश्नोत्तरी सत्र में भाग लिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सिलिकॉन वैली में गूगल (अल्फाबेट) परिसर का दौरा किया
प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक विशेष भारत-अमेरिका स्टार्टअप कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सैन जोस में एसएपी सेंटर में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया

फेसबुक

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कैलीफोर्निया में फेसबुक मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मॉर्क ज़ुकरबर्ग ने टॉउनहॉल में प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विविध विषयों पर प्रश्नों के उत्तर दिये। उन्होंने भारत को 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के अपने सपने पर लोगों से बात की और इस विषय पर भी अपने विचार रखे कि भारत को लेकर विश्व को क्यों आशान्वित होना चाहिये। मार्क ज़ुकरबर्ग के इस वक्तव्य पर कि स्टीव जॉब्स ने उनको अपनी परिकल्पना को समझाने के लिये भारत में एक मंदिर जाने के लिये कहा था, इस पर टिप्पणी करते हुये प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अध्यात्म और विज्ञान के बीच एक अनोखी कड़ी की तरह था। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 15 महीनों में भारत के प्रति विश्व के दृष्टिकोण में परिवर्तन आया है।

क्या सोशल मीडिया और इंटरनेट सरकार चलाने और नागरिकों से जुड़ने का एक माध्यम बन सकता है, इसका उत्तर देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये सरकार को तुरंत ही अपने कामकाज के बारे में नागरिकों की प्रतिक्रिया मिल जाती है। प्रधानमंत्री ने चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वेबो के उनके प्रयोग के अनुभव के साथ इस बात को भी साझा किया कि कैसे उन्होंने इज़रायल के लोगों को हानुक्काह के अवसर पर ट्विटर के जरिये हिब्रू में बधाई दी और कैसे इज़रायल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतान्याहू ने हिंदी में इसका उत्तर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनय के क्षेत्र में यह एक नया आयाम था।

अपने माता पिता के बारे में, विशेष कर अपनी मां के बारे में बताते हुए कि उन्होंने कितने संघर्ष के साथ बच्चों का लालन-पालन किया, का जिक्र करते हुये प्रधानमंत्री कई बार भावुक भी हो उठे। उन्होंने कहा कि संघर्ष की यह गाथा केवल उनकी मां की ही नहीं है बल्कि भारत की अनेकानेक माताओं की भी है। उन्होंने सरकार की निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं को मौका देने के अपने संकल्प पर भी चर्चा की।

गूगल

प्रधानमंत्री ने गूगल के मुख्यालय का दौरा किया जहां पर गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुंदर पिचाई ने उनका स्वागत किया। यहां पर प्रधानमंत्री को गूगल के आविष्कारों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। इस दौरान श्री एरिक श्मिड्ट और श्री लैरी पेज भी उपस्थित थे। गूगल के स्ट्रीट व्यू के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री ने गूगल अर्थ पर खगौल की ठीक स्थिति जाननी चाही। पटना के निकट खगौल में ही प्राचीनकाल के महान अंतरिक्ष विज्ञानी आर्यभट्ट की वेधशाला थी।

स्टॉर्ट अप कनेक्ट

प्रधानमंत्री ने स्टॉर्ट अप कनेक्ट आयोजन को भी संबोधित किया जो कि भारतीय उद्यमियों के लिये अपने आविष्कारों को दिखाने का एक मंच है।

प्रधानमंत्री ने भारत में स्टॉर्ट अप्स के बारे में अपनी परिकल्पना लोगों के सामने रखी।

"तकनीक का संगम, विविध क्षेत्रों में उसका संयोजन, विभाजित संरचना और एक नये विचार को समर्थन देने की भावना ने नव उद्यम का नया संसार खोल दिया है। इस परिघटना का जन्म सिलिकॉन घाटी में हुआ था। पूरी दुनिया में कोई अन्य समुदाय हमारे विश्व को ऐसे नहीं बदल रहा है जैसे कि कैलीफोर्निया में मौजूद लोग। केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि छोटी कंपनियां भी प्रतिदिन नये आविष्कार कर रही हैं जिससे मानव जीवन को एक कलाकार और रचयिता के आनंद से समृद्ध किया जा सके। यह अमेरिकी सफलता को दिखाता है और विश्व के लिये प्रेरणादायक है। इसलिये स्टॉर्ट अप्स, तकनीक और आविष्कार को मैं एक रोमांचकारी, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और भारत की तस्वीर बदल देने वाले एक साधन के तौर पर देखता हूं। हम एक ऐसा देश हैं जो 35 वर्ष से कम आयु के 80 करोड़ युवाओं का घर है। ये युवा बदलाव के इच्छुक है, इनमें वो ऊर्जा, शक्ति और आत्म विश्वास है कि वे इसे पूरा कर सकें। जब भारत के 500 शहरों में से हर एक 10 नये स्टॉर्ट अप्स और 6 लाख गांवों में से हर एक 6 नये लघु व्यापार का नियमित तौर पर सृजन करेगा तो इससे एक विशाल आर्थिक तंत्र की रचना होगी और बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन किया जा सकेगा। भारत का स्टॉर्ट अप का अपना तंत्र बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। भारत के युवाओं की ऊर्जा, उद्यमिता और आविष्कारों से इसका निर्माण हो रहा है।"

प्रधानमंत्री ने भारत (BHARAT) कोष को भी जनता को सौंपा जिसका अभिप्राय है - बेहतर स्वास्थ्य, कृषि, अक्षय ऊर्जा और तकनीक। इस अवसर पर 7 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये।

Unbelievable vibrancy & enthusiasm at India-US start-up Konnect. Start-ups are natural engines of growth & are key to...

Posted by Narendra Modi on Sunday, September 27, 2015

अक्षय ऊर्जा पर गोलमेज सम्मेलन

रधानमंत्री ने अमेरिका के ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अर्नेस्ट मोनिज़ से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने अक्षय ऊर्जा पर एक सम्मेलन की अध्यक्षता की।

इस गोलमेज सम्मेलन में अमेरिका के ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अर्नेस्ट मोनिज के साथ-साथ विभाग के पूर्व सचिव प्रोफेसर स्टीवन चू भी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में कई अग्रणी सीईओ और निवेशक भी मौजूद थे। जिनमें सन एडिसन के सीईओ अहमद चाटिला, सॉफ्टबैंक के अध्यक्ष और सीओओ निकेश अरोड़ा, ब्लूम एनर्जी के सीईओ के. आर. श्रीधर, सोलाजॉइम के सीईओ जोनाथन वोल्फसन, वेंचर कैपिटलिस्ट जॉन डोयर और डीबीएल पॉर्टनर्स के एरा एहरेनप्रेस शामिल थे।

इनके साथ स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अरुण मजूमदार, प्रोफेसर रोजर नोल, डॉ. अंजनी कोचर और प्रोफेसर सैली बेनसन भी गोलमेज सम्मेलन में उपस्थित थे।

इस गोलमेज सम्मेलन में इस बात पर स्पष्ट सहमति थी कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व की राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि विद्युत के भण्डारण के सस्ता होने के साथ स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा बहुत शीघ्र ही ऊर्जा के सस्ते स्रोत के रूप में उभरेगा। भागीदारों ने कहा कि भारत के राज्यों और शहरों को स्वच्छ ऊर्जा के कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर मिलना चाहिये। इस बात पर भी चर्चा हुई की भारत की मौजूदा ग्रिड प्रणाली 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के पारेषण के लिये डिजाइन नहीं की गयी है जैसा कि भारत का लक्ष्य है इसलिये इस दिशा में भी आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिये। नवीकरणीय ऊर्जा के जरिये 175 गीगावाट विद्युत उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिये निजी निवेश के महत्व पर भी चर्चा हुई, साथ ही इस बात का भी उदाहरण दिया गया कि कैसे इज़रायल ने निजी निवेश का प्रयोग कर जल भण्डारण की समस्या का समाधान किया।

प्रधानमंत्री ने वक्ताओं को उनके विचारों के लिये धन्यवाद दिया और अक्षय ऊर्जा के जरिये 175 गीगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनायें हैं उदाहरण के तौर पर रेलवे के जरिये ऐसा किया जा सकता है जहां शत प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और विद्युत वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर भी काम कर रही है।

श्री मोदी ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत द्वारा पहले ही की जा चुकी पहल के बारे में भी जानकारी दी जैसे कि कोच्चि एयरपोर्ट को सौर ऊर्जा के जरिये विद्युत आपूर्ति और गुजरात में एक नहर के ऊपर सौर ऊर्जा पैनलों की स्थापना। उन्होंने कहा कि अगले महीने की शुरुआत में झारखण्ड के आदिवासी इलाके में एक न्यायालय पूरी तरह से सौर ऊर्जा से ही अपनी ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोयले का गैसीकरण शोध का एक अहम क्षेत्र है। अगले एक दशक में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति होने के विचार पर प्रधानमंत्री ने अपना विश्वास प्रकट किया।

स्टॉर्ट अप कनेक्ट

एसएपी (SAP) के परिसर में प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी का आधार लोकतंत्र और नये आविष्कार हैं। उन्होंने पिछले 15 महीनों में अपनी सरकार के कामकाज पर भी विस्‍तृत चर्चा की। सिलिकान वैली में मौजूद भारत के सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को बधाई देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी उपलब्धियों से विश्व में भारत की छवि बेहतर हुई है।

A memorable programme in San Jose. Gratitude to all those who joined. https://pmindia.gov.in/en/news_updates/text-of-pms-address-to-the-indian-community-at-sap-centre-san-jose/?comment=disable

Posted by Narendra Modi on Monday, September 28, 2015

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इस साल का केंद्रीय बजट आर्थिक विकास को टिकाऊ और सुदृढ़ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है: पीएम मोदी
March 03, 2026
इस वर्ष का केंद्रीय बजट आर्थिक विकास बरकरार रखने और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को और पुष्ट करता है: प्रधानमंत्री
हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक संपर्क स्थापित करें, अधिक निर्यात करें: प्रधानमंत्री
दुनिया विश्वसनीय और सामर्थ्यवान विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है और आज भारत के पास इस भूमिका को ठोस तरीके से निभाने का अवसर है: प्रधानमंत्री
भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, हमारे लिए अवसरों के बहुत बड़े द्वार खुल गए हैं और ऐसी स्थिति में गुणवत्ता से कभी समझौता न करना हमारी जिम्मेदारी है: प्रधानमंत्री
कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज मिशन एक महत्वपूर्ण पहल है, स्थिरता को मुख्य व्यावसायिक रणनीति में जोड़ना आवश्यक होगा: प्रधानमंत्री
जो उद्योग समय रहते स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बनाने में सक्षम होंगे: प्रधानमंत्री
आज विश्व अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है, क्योंकि बाजार अब न केवल लागत बल्कि स्थिरता पर भी ध्यान दे रहे हैं: प्रधानमंत्र

नमस्कार !

गत् सप्ताह, बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ, और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा, और बजट प्रावधानों के Implementation को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए, सबकी सक्रिय भागीदारी का मैं स्वागत करता हूं और आज इस सीरीज के दूसरे वेबिनार का आयोजन हो रहा है। और मुझे बताया गया कि आज हजारों की तादाद में, ढेर सारे विषयों पर अनगिनत लोग अपने सुझाव देने वाले हैं। विषय के जो एक्सपर्ट्स हैं, वे भी हमसे जुड़ने वाले हैं। इतनी बड़ी तादाद में बजट पर चर्चा, ये अपने आप में एक बहुत सफल प्रयोग है। आप सब समय निकाल करके इस वेबिनार में जुड़े। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं, आपका स्वागत करता हूं। इस वेबिनार की थीम देश की Economic Growth को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी हुई है। आज जब भारत अपनी मजबूत economy से पूरे विश्व की उम्मीद बना हुआ है, आज जब ग्लोबल सप्लाई चैन re-shape हो रही है, तब अर्थव्यवस्था की तेज प्रगति विकसित भारत का भी बहुत बड़ा आधार है। हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है, Build more, produce more, connect more और अब जरूरत है Export more, और निश्चित तौर पर इसमें आज आपके बीच जो मंथन होगा, इस मंथन से जो सुझाव निकलेंगे, उनकी बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

आप सब जानते हैं, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, हमारे MSME's, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, इतना ही नहीं, हमारे छोटे-बड़े शहर, ये अर्थव्यवस्था के पिलर्स के तौर पर दिखने में तो अलग-अलग लगते हैं, लेकिन वे सभी interconnected हैं। जैसे, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नए अवसर तैयार करती है, और इससे निर्यात में बढ़ोतरी होती है। Competitive MSMEs से flexibility और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। बेहतर लॉजिस्टिक्स से लागत कम होती है। Well-planned शहर investment और talent दोनों को अपनी ओर खींचते हैं। इन सभी पिलर्स को इस साल के बजट ने बहुत मजबूती दी है।

लेकिन साथियों,

कोई भी दिशा अपने आप परिणाम नहीं बन जाती, जमीन पर बदलाव तब आता है, जब industry, financial institutions, राज्य सरकारें, मिलकर उसे वास्तविकता बनाते हैं। मेरी अपेक्षा है, इस वेबिनार में आप सभी अपने मंथन में कुछ विषयों को जरूर प्राथमिकता दें, जैसे मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉडक्शन, ये कैसे बढ़े, Cost structure को कैसे कंपटीटिव बनाया जा सकता है, निवेश का प्रवाह कैसे तेज हो, और विकास कैसे देश के कोने-कोने तक पहुंचे। इस दिशा में आपके सुझाव बहुत अहम साबित होंगे।

साथियों,

मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आज देश कोर इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। और इस मार्ग में जो चुनौतियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है। Dedicated Rare Earth Corridors, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, ऐसे सेक्टर्स पर फोकस करके हम अपने ट्रेड इकोसिस्टम को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति मिशन की घोषणा भी की गई है। इस मिशन का उद्देश्य है, भारत को biologics और next-generation थेरेपीज के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाना। हम Advanced Biopharma Research और मैन्युफैक्चरिंग में लीडरशिप की ओर बढ़ना चाहते हैं।

साथियों,

आज दुनिया विश्वसनीय और resilient manufacturing partners की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इस भूमिका को मजबूती से निभाए। इसके लिए आप सभी स्टेकहोल्डर्स को बहुत आत्मविश्वास के साथ निवेश करना होगा, नई टेक्नोलॉजी अपनानी होगी और रिसर्च में जो कंजूसी करते हैं ना, वो जमाना चला गया, अब हमें रिसर्च में बड़ा इनवेस्टमेंट करना होगा, और ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप क्वालिटी भी सुनिश्चित करनी होगी, और मैं बार-बार कहता हूं कि अब हमें आगे बढ़ने के जब अवसर आए हैं, तो हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए, क्वालिटी-क्वालिटी-क्वालिटी।

साथियों,

भारत ने बहुत सारे देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। हमारे लिए अवसरों का, यानि अवसरों का बहुत बड़ा द्वार खुला है। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम क्वालिटी पर कभी भी समझौता ना करें, अगर किसी एक चीज पर सबसे ज्यादा ताकत, बुद्धि, शक्ति, समझ लगानी है, तो हमें क्वालिटी पर बहुत ज्यादा जोर देना चाहिए। हमारे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड, इतना ही नहीं, उससे भी बेहतर हो। और इसके लिए हमें दूसरे देशों की जरूरतों को, वहां के लोगों की अपेक्षाओं को भी, उसका अध्ययन करना पड़ेगा, रिसर्च करनी पड़ेगी, उसे समझना होगा। हमें दूसरे देशों के लोगों की पसंद और उनके कंफर्ट को स्टडी करना, ये सबसे बड़ी आवश्यकता है, और रिसर्च करनी चाहिए। मान लीजिए कोई छोटा पुर्जा मांगता है, और वो बहुत बड़ा जहाज बना रहा है, लेकिन हम पुर्जे में चलो भेज दो, क्या है? तो कौन लेगा आपका पुर्जा? भले आपके लिए वह छोटा पुर्जा है, लेकिन उसकी एक बहुत बड़ी जो मैन्युफैक्चरिंग की यूनिट है, उसमें बहुत बड़ा महत्व रखता है। और इसलिए आज दुनिया में हमारे लिए क्वालिटी ही इस कंपिटिटिव वर्ल्ड के अंदर सुनहरा अवसर बना देती है। हमें उनके हिसाब से यूजर फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाने होंगे। तभी हम उन अवसरों का लाभ उठा पाएंगे, और जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तैयार हो चुका है, अब ये विकास का महामार्ग आपके लिए तैयार है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस वेबिनार में इस विषय पर फोकस करते हुए भी आप सब जरूर चर्चा करेंगे।

साथियों,

हमने MSME classification में जो Reforms किए, उसका व्यापक प्रभाव दिख रहा है। इससे enterprises का ये डर खत्म हुआ है कि वो अपना विस्तार करेंगे, तो उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले फायदे बंद हो जाएंगे। क्रेडिट तक MSME's की आसान पहुंच बनाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने और कपैसिटी बिल्डिंग की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं।

लेकिन साथियों,

इन प्रयासों का असर तभी दिखाई देगा, जब MSMEs ज्यादा से ज्यादा कंपटीशन में उतरेंगे, और विजयी होने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे। अब समय है कि MSMEs अपनी प्रोडक्टिविटी और बढ़ाएं, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को ऊंचा करें, डिजिटल प्रोसेस और मजबूत वैल्यू चैन से जुड़ें। इस दिशा में, इस वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स हमारी growth strategy के कोर पिलर्स हैं। इस वर्ष के बजट में रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रस्ताव है। High-capacity transport systems का निर्माण, रेलवे, हाइवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, वाटरवे के बीच बेहतर तालमेल, अलग-अलग फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का विस्तार, ये सभी कदम खर्च कम करने और efficiency improve करने के लिए आवश्यक है। इसलिए, नए वाटरवेज, शिप रिपेयर फैसिलिटी और Regional Centres of Excellence हमारे लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकास के ग्रोथ कनेक्टर बनने वाले हैं। लेकिन आप भी जानते हैं, इस इंफ्रास्ट्रक्चर का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उद्योग और निवेशक अपनी रणनीतियों को इस विजन के अनुरूप में ढालेंगे। ये रणनीतियां क्या होगी, इस पर भी आपको विस्तार से चर्चा करनी चाहिए, और मुझे पूरा विश्वास है कि आप जरूर इन बातों पर ध्यान देंगे।

साथियों,

भारत की विकास यात्रा में अर्बनाइजेशन, शहरीकरण का भी बहुत अहम रोल है। भारत की future growth इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपने शहरों को कितना effectively plan और manage करते हैं। हमारे Tier-II और Tier-III शहर, नए growth anchors कैसे बनें, इसके लिए भी इस बजट वेबिनार में आपके सुझाव बहुत अहम होंगे।

साथियों,

आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन चल रहा है। बाजार अब केवल लागत नहीं देखते हैं, वे sustainability भी देखते हैं। इस दिशा में Carbon Capture, Utilisation and Storage Mission एक महत्वपूर्ण पहल है। अब sustainability उसको आपको core business strategy का हिस्सा बनाना ही होगा। जो उद्योग समय रहते क्लीन टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे, वे आने वाले वर्षों में नए-नए बाजारों तक बेहतर पहुंच बना पाएंगे। इस साल बजट ने नई दिशा दी है। मेरा आग्रह है कि उद्योग, निवेशक और विभिन्न संस्थान मिलकर इस पर आगे बढ़ें।

साथियों,

विकसित भारत का लक्ष्य collective ownership से ही हासिल किया जा सकता है। ये बजट वेबिनार भी सिर्फ discussion का प्लेटफॉर्म ना बने, सिर्फ अपने ज्ञान को हम बटोरते रहे, ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें collective ownership दिखे, ये बहुत जरूरी है। बजट ने framework दिया है, अब आपको मिलकर momentum पैदा करना है। आपको हमारे प्रयासों में सहभागी बनना है। आपका हर सुझाव, हर अनुभव जमीन पर बेहतरीन नतीजें लाने की क्षमता रखता है। आपके सुझाव देश की प्रगति में माइलस्टोन बनें, इसी विश्वास के साथ आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार !