79वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, भारत को आत्मनिर्भर बनाने, तकनीकी और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने, समाज के सभी वर्गों तक सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के दृढ़ संकल्प जैसे कई अन्य विषयों पर भविष्य की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

आजादी का यह महापर्व 140 करोड़ संकल्पों का पर्व है। आजादी का यह पर्व सामूहिक सिद्धियों का, गौरव का पल है और हृदय उमंग से भरा हुआ है। देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है।

140 करोड़ देशवासी आज तिरंगे के रंग में रंगे हैं। हर घर तिरंगा, भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो, या हिमालय की चोटियां, समुद्र के तट हो या घनी आबादी वाले क्षेत्र, हर तरफ से एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है, हमारे प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है।

पूज्य बापू के सिद्धांतों पर चलते हुए, संविधान सभा के सदस्यों ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। भारत का संविधान जब 75 वर्ष से एक प्रकाश स्तंभ बनाकर के हमें मार्ग दिखाता रहा है।

भारत के संविधान निर्माता अनेक विद महापुरुष डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब अंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी, इतना ही नहीं हमारी नारी शक्ति का भी योगदान कम नहीं था। हंसा मेहता जी, दक्षयानी वेलायुद्धन जैसी विदुषियों ने भी भारत के संविधान को सशक्त करने में अपनी भूमिका निभाई थी।

हम आज डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहे हैं। संविधान के लिए बलिदान, धारा 370 की दीवार गिराकर, एक देश एक संविधान के मंत्र को जब हमने साकार किया, तो हमने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी।

प्रकृति हम सब की परीक्षा ले रही है। पिछले कुछ दिनों में प्राकृतिक आपदाएं, भूस्खलन, बादलों का फटना, न जाने कितनी-कितनी आपदाएं हम झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदना है, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार मिलकर के बचाव के काम, राहत के काम, पुनर्वासन के काम में पूरी शक्ति से जुटे हुए हैं।

मुझे बहुत गर्व हो रहा है, आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर जांबाज सैनिकों ने, दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।

22 तारीख के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति वो तय करें, लक्ष्य वो तय करें, समय भी वो चुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर के आतंकी हेडक्वार्टर्स को मिट्टी में मिला दिया, आतंकी इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है।

अब हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया, आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को, आतंकियों को ताकत देने वालों को, अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे।

वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। अब भारत ने तय कर लिया है, कि इन न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं, न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चला आया है, अब वो ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा।

आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी, हमारी सेना तय करेगी, सेना की शर्तों पर, सेना जो समय निर्धारित करे उस समय पर, सेना जो तौर तरीके तय करें उस तौर तरीके से, सेना जो लक्ष्य तय करे उस लक्ष्य को अब हम अमल में लाकर के रहने वाले हैं। हम मुंह तोड़ जवाब देंगे।

अब भारत ने तय कर लिया है, खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को भली-भांति पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण है, कितना एकतरफा है। ये ऐसा समझौता था, जिसने पिछले 7 दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है। अब हिंदुस्तान के हक का जो पानी है उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है, हिंदुस्तान के किसानों का है।

भारत कतई सिंधु समझौते को, उस स्वरूप को दशकों तक सहा है, उस स्वरूप को आगे नहीं सहा जाएगा। किसान हित में, राष्ट्रहित में, यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।

एक राष्ट्र के लिए आत्मसम्मान की सबसे बड़ी कसौटी आज भी उसकी आत्मनिर्भरता है। विकसित भारत का आधार भी है आत्मनिर्भर भारत। आत्मनिर्भरता का नाता हमारे सामर्थ्य से जुड़ा हुआ है और जब आत्मनिर्भरता खत्म होने लगती है, तो सामर्थ्य भी निरंतर क्षीण होता जाता है और इसलिए हमारे सामर्थ्य को बचाए रखने, बनाए रखने और बढ़ाए रखने के लिए, आत्मनिर्भर होना बहुत अनिवार्य है!

हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है, मेड इन इंडिया की कमाल क्या थी। दुश्मन को पता तक ना चला, कि कौन से शस्त्र-अस्त्र हैं, ये कौन सा सामर्थ्य है, जो पलक भर में उनको नष्ट कर रहा है।

मेड इन इंडिया की शक्ति हमारे हाथ में थी, सेना के हाथ में थी, इसलिए बिना चिंता, बिना रुकावट, बिना हिचकिचाहट, हमारी सेना अपना पराक्रम करती रही और यह पिछले 10 साल से लगातार डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर हम एक मिशन लेकर के चलें हैं, उसके नतीजे आज नजर आ रहे हैं।

आज हमने उस बोझ से मुक्त होकर के मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के काम के आगे बढ़ाया है। 6 अलग-अलग सेमीकंडक्टर के यूनिट्स जमीन पर उतर रहे हैं, चार नए यूनिट्स को हमने ऑलरेडी हरी झंडी दिखा दी है, ग्रीन सिग्नल दे दिया है। इसी वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया भारत की बनी हुई, भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई मेड इन इंडिया चिप्स, बाजार में आ जाएगी।

हमने बीड़ा उठाया और आज 11 वर्ष में सोलर एनर्जी 30 गुना बढ़ चुकी है। हम नए-नए डेम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो का विस्तार हो और हमें क्लीन एनर्जी उपलब्ध हो। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर के आज हजारों करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर रहा है।

भविष्य की ऊर्जा को ध्यान में रखकर के, ऊर्जा के क्षेत्रों को ध्यान में रखकर के, भारत न्यूक्लियर एनर्जी पर भी बहुत बड़े इनीशिएटिव ले रहा है। न्यूक्लियर एनर्जी में 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर तेजी से कम कर रहे हैं। 2047 तक, जोकि हमने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। जब देश की आजादी के 100 साल होंगे, हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से भी अधिक बढ़ाने का संकल्प लेकर के आगे बढ़ रहे हैं।

हम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बहुत बड़े रिफॉर्म लेकर के आए हैं। अब हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा को उसके द्वार खोल दिए हैं, हम शक्ति को जोड़ना चाहते हैं।

भारत ने तय किया था, कि हम 2030 तक क्लीन एनर्जी भारत में 50% पहुंचा देंगे। यह लक्ष्य हमारा 2030 तक था। मेरे देशवासियों का सामर्थ्य देखिए, मेरे देशवासियों की संकल्प शक्ति देखिए, मेरे देशवासियों को विकसित भारत बनाने का संकल्प को पूर्ण करने के लिए उनकी दौड़ देखिए, हमने जो लक्ष्य 2030 में तय किया था, वो 50% क्लीन एनर्जी का लक्ष्य 2025 में हमने कर लिया, 5 साल पहले हमने अचीव कर लिया।

हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। देश को विकसित बनाने के लिए हम अब समुद्र मंथन की तरफ भी जा रहे हैं।

हमारे समुद्र के मंथन को आगे बढ़ाते हुए, हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार, गैस के भंडार, उसको खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं और इसलिए भारत नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा इंडिपेंडेंट बनने के लिए यह हमारी महत्वपूर्ण घोषणा है।

आज पूरा विश्व क्रिटिकल मिनरल को लेकर के बहुत ही सतर्क हो गया है, उसके सामर्थ्य को लोग भली-भांति समझने लगे हैं। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता बहुत अनिवार्य है। एनर्जी का सेक्टर हो, इंडस्ट्री का सेक्टर हो, रक्षा क्षेत्र हो, टेक्नोलॉजी का हर क्षेत्र हो, आज क्रिटिकल मिनरल्स की टेक्नोलॉजी के अंदर बहुत अहम भूमिका है और इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है

1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है, और हम क्रिटिकल मिनरल में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में वो भारत भी आ रहे हैं। हम स्पेस में भी अपने दम पर आत्मनिर्भर भारत गगनयान की तैयारी कर रहे हैं। हम अपने बलबूते पर हमारा अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।

पिछले दिनों स्पेस में जो रिफॉर्म किए गए, मुझे बहुत गर्व हो रहा है, मेरे देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स अब सिर्फ और सिर्फ स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हैं और उन 300 स्टार्टअप्स में हजारों नौजवान पूरे सामर्थ्य के साथ जुटे हैं। ये है मेरे देश के नौजवानों की ताकत और ये है हमारा हमारे देश के नौजवानों के प्रति विश्वास।

आज मेरा लाल किले की प्राचीर से, मेरे देश के युवा वैज्ञानिकों को, मेरे टैलेंटेड यूथ को, मेरे इंजीनियर्स को और प्रोफेशनल्स को, और सरकार के हर विभागों को भी मेरा आह्वान है, क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए?

हम फार्मा ऑफ द वर्ल्ड माने जाते हैं। वैक्सीन में हम नए-नए विक्रम स्थापित करते हैं, लेकिन क्या समय की मांग नहीं है, कि हम रिसर्च और डेवलपमेंट में और ताकत लगाएं, हमारे अपने पेटेंट हो, हमारे अपनी बनाई हुई मानव जाति के कल्याण की सस्ते से सस्ती और सबसे कारगर नई-नई दवाइयों की शोध हो, और संकट में साइड इफेक्ट के बिना मानव जाति के कल्याण में काम आए

BioE3 पॉलिसी भारत सरकार ने बनाई है, मैं देश के नौजवानों को कहता हूं आइये, BioE3 पॉलिसी का अध्ययन करके आप कदम उठाइए, देश का भाग्य बदलना है, आपका सहयोग चाहिए।

दुनिया को हमने दिखा दिया है, यूपीआई का हमारा अपना प्लेटफार्म आज दुनिया को अजूबा कर रहा है। हमारे में सामर्थ्य है रियल टाइम ट्रांजैक्शन में 50% अकेला भारत यूपीआई के माध्यम से कर रहा है। मेरे देश के किसान भी फर्टिलाइजर का सही उपयोग कर करके धरती माता की सेवा कर सकते हैं। अनाप-शनाप उपयोग से भी धरती मां को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आने वाला युग ईवी (EV) का है। अब ईवी बैटरी क्या हम नहीं बनाएंगे, हम निर्भर रहेंगे। सोलर पैनल की बात हो, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स के लिए जिन-जिन चीजों की आवश्यकताएं है, वो हमारी अपनी होनी चाहिए।

कोविन प्लेटफार्म हमारा अपना होना चाहिए, देश ने करके दिखाया। करोड़ों-करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाने का काम हमने किया है। पिछले 11 साल में एंटरप्रेन्योरशिप उद्यमशीलता को बहुत बड़ी ताकत मिली। आज लाखों स्टार्टअप टीयर-2, टीयर-3 सिटी में देश की अर्थशक्ति को, देश के इनोवेशन को, ताकत दे रहे हैं।

उसी प्रकार से मुद्रा योजना से हमारे देश के करोड़ों नौजवान उसमें भी हमारी बेटियां करोड़ों-करोड़ों लोग मुद्रा से लोन लेकर के अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। पिछले 10 साल में वूमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप ने कमाल करके दिखाया। आज उनका प्रोडक्ट दुनिया के बाजार में जाने लगे हैं। लाखों करोड़ों का कारोबार हमारे वूमेन सेल फाइल्स ग्रुप कर रहे हैं।

मैंने एक बार मन की बात में खिलौने की बात कही थी। हम करोड़ों करोड़ों रुपए के खिलौने विदेश से लाते थे। मैंने ऐसे ही मन की बात में कहा, कि अरे मेरे देश के नौजवानों ऐसा भी करेंगे क्या, खिलौने भी बाहर से लाएंगे और आज मैं गर्व से कहता हूं, कि मेरा देश खिलौने एक्सपोर्ट करने लग गया है।

मैं देश के युवाओं से कहता हूं, आईये आप इनोवेटिव आईडियाज लेकर के आए, आपके आइडियाज को मरने मत देना दोस्तों, आज का आपका आईडिया हो सकता है आने वाली पीढ़ी का भविष्य बना सकता है। मैं आपके साथ खड़ा हूं, मैं आपके लिए काम करने के लिए तैयार हूं, आपका साथी बनकर काम करने को तैयार हूं। आप आईये, हिम्मत जुटाईये, इनीशिएटिव लीजिए।

आज नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन पर बहुत तेजी से कम हो रहा है। हमारे MSMEs उसका लोहा दुनिया मानती है, जो दुनिया में बड़ी-बड़ी चीजें बनती है ना, कुछ ना कुछ तो औजार हमारे देश के MSMEs के द्वारा जाते हैं। बड़े गर्व के साथ जाते हैं, लेकिन हम कंप्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड विकास की राह पर जाना चाहते हैं, और इसलिए उनकी शक्ति बढ़े और उसमें भी मैंने पहले एक बार लाल किले से कहा था, जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट।

हम सभी जो उत्पादन के क्षेत्र में लगे हैं, उन सबका मंत्र होना चाहिए, दाम कम लेकिन दम ज्यादा। हमारी हर प्रोडक्ट का दम ज्यादा हो, लेकिन दाम कम हो, इस भाव को लेकर के हमें आगे बढ़ना है।

आज समय की मांग है, स्वतंत्र भारत का मंत्र लेकर के जीने वालों ने हमें स्वतंत्र भारत दिया। आज 140 करोड़ देशवासियों का एक ही मंत्र होना चाहिए समृद्ध भारत। मैं सभी राजनीतिक दलों को, राजनेताओं को, सबसे कहता हूं कि आईये, यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं है, भारत हम सब का है, हम मिलकर के वोकल फॉर लोकल, उस मंत्र को हर नागरिक के जीवन का मंत्र बनाएं।

भारत में बनी हुई, भारत के नागरिकों के पसीने से बनी हुई वो चीजें, जिसमें भारत की मिट्टी की महक हो और जो भारत की आत्मनिर्भरता के संकल्प को ताकत देता हो, हम उसी को खरीदेंगे, हम उसी का उपयोग करेंगे, हम उस दिशा में आगे आए, यह हमारा सामूहिक संकल्प हो, देखते ही देखते हम दुनिया बदल देंगे दोस्तों।

मैं चाहता हूं, देश में ऐसे व्यापारी आगे आए, ऐसे दुकानदार आए, कि यहां स्वदेशी माल बिकता है, वो बोर्ड लगाए। हम स्वदेशी का गर्व करने लगे, हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे। मजबूती के लिए उपयोग करेंगे और जरूरत पड़ी तो औरों को मजबूर करने के लिए उपयोग करेंगे, यह हमारी ताकत होनी चाहिए।

बीता दशक रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफार्म का रहा है। लेकिन अब हमें और नई ताकत से जुड़ना है। पिछले दिनों हमने कई रिफॉर्म्स किए हैं, एफडीआई हो, इंश्योरेंस कंपनी की बात हो, विश्व की यूनिवर्सिटीज को भारत के अंदर स्थान देने की बात हो, कई रिफॉर्म्स किए हैं।

40000 से ज्यादा अनावश्यक कंप्लायंसेस को हमने खत्म किया है। इतना ही नहीं, 1500 से अधिक पुराने कानून जो बाबा आदम के जमाने के थे, उन सबको हमने खत्म कर दिया है। हमने दर्जनों कानूनों को सरल करने के लिए संसद में जाकर के जनता के हितों को सर्वोपरि रख करके बदलाव किए हैं।

लेकिन एक बहुत बड़ा रिफॉर्म इनकम टैक्स एक्ट में हुआ है। करीब 280 से ज्यादा धाराएं हमने समाप्त करने का निर्णय किया है। और साथियों, सिर्फ आर्थिक मोर्चे पर ही रिफॉर्म नहीं, हमने नागरिक के जीवन को भी आसान बनाने के लिए रिफॉर्म किए हैं। इनकम टैक्स रिफंड की बात हो, रिफॉर्म का परिणाम है। कैशलेस असेसमेंट की बात हो, रिफॉर्म का परिणाम है।

12 लाख तक आज इनकम टैक्स से मुक्ति दे देना, देश का जो भविष्य बनाने में उत्सुक है ऐसे मेरा मध्यम वर्ग का परिवार, आज फुला नहीं समा रहा है। जब देश का सामर्थ्य बढ़ता है, तो देशवासियों को लाभ मिलता है। अंग्रेजों के जमाने से दंड संहिता में हम दबे पड़े थे, दंड का भय दिखाकर के जीवन चल रहा था, 75 साल आजादी के ऐसे ही गए, हमने दंड संहिता को खत्म कर दिया, न्याय संहिता को ले आए हैं। न्याय संहिता में भारत के नागरिक के प्रति विश्वास का भाव है।

मैं चाहता हूं देशवासियों, देश के लिए कर रहा हूं, मैं मेरे लिए नहीं कर रहा हूं, किसी का बुरा करने के लिए नहीं कर रहा हूं। मेरे राजनीतिक दल, मेरे प्रतिस्पर्धी साथी भी, देश के इस उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे आएं, हमारा साथ दें।

स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की बात हो, रेगुलेटरी रिफॉर्म्स की बात हो, पॉलिसी रिफॉर्म की चर्चा हो, प्रोसेस रिफॉर्म की चर्चा हो, कांस्टीट्यूशनल रिफॉर्म करने की जरूरत हो, हर प्रकार के रिफॉर्म्स, ये आज हम मकसद बनाकर के चले हैं। नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स के लिए हमने एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय किया है। यह टास्क फोर्स समय सीमा में इस काम को पूरा करें।

हमारे स्टार्टअप्स हो, हमारे लघु उद्योग हो, हमारे गृह उद्योग हो, उन उद्यमियों को उनकी कंप्लायंस कास्ट बहुत कम हो जाएगी और उसके कारण उनको एक नई ताकत मिलेगी। जो एक्सपोर्ट की दुनिया में उनको लॉजिस्टिक सपोर्ट के कारण, व्यवस्थाओं में बदलाव के कारण उनको एक बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।

ऐसे-ऐसे कानून हैं हमारे देश में, छोटी-छोटी चीजों के लिए जेल में डालने के कानून हैं, आप हैरान हो जाएंगे, किसी ने नजर नहीं दौड़ाई। मैं पीछे लगा हूं, ये मेरे देश के नागरिकों को जेल में बंद करने वाले जो अनावश्यक कानून हैं, वो खत्म होने चाहिए। हम संसद में पहले भी बिल लाए थे, इस बार भी लेकर के आए हैं।

हम नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर के आ रहे हैं, ये दिवाली के अंदर आपके लिए तोहफा बन जाएंगे, सामान्य मानवीय की जरूरत के टैक्स भारी मात्रा में काम कर दिए जाएंगे, बहुत बड़ी सुविधा बढ़ेंगी।

हमारे एमएसएमई, हमारे लघु उद्यमी, इनको बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें बहुत सस्ती हो जाएगी और उससे इकोनामी को भी एक नया बल मिलने वाला है। आज देश तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

आज इन्फ्लेशन कंट्रोल में है, फॉरेक्स एक्सचेंज रिजर्व हमारे बहुत मजबूत हैं, हमारे मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स बहुत मजबूत हैं, ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भी लगातार भारत की सराहना करती है, भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा से ज्यादा विश्वास व्यक्त कर रही है।

यह बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का लाभ मेरे देश के गरीबों को मिले, मेरे देश के किसानों को मिले, मेरे देश की नारी शक्ति को मिले, मेरे देश के मध्यम वर्ग को मिले, मेरे देश के विकास धरा को ताकत देने वाला बने, उस दिशा हम नए प्रयास कर रहे हैं।

आज 15 अगस्त के ही दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपए की योजना हम लागू कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज ही 15 अगस्त को लागू हो रही है, ये आपके लिए बहुत खुशखबरी है।

इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहले नौकरी पाने वाले नौजवान को बेटे बेटी को 15000 रुपया सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी नए रोजगार देने के अवसर जो भी ज्यादा जुटाएगा, उनको भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना करीब करीब साढ़े तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार के नए अवसर बनाएगी।

देश गर्व से भर गया, जब एनडीए की वूमेन कैंडिडेट्स उनका पहला पास आउट हुआ था। पूरा देश गर्व से भर गया था, सारे टीवी चैनल उसी के पीछे लगे हुए थे। सेल्फ हेल्प ग्रुप, 10 करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के बहनें, क्या कमाल कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी नारी शक्ति एक नई पहचान बनी।

हमने 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया था। 3 करोड़ और मुझे संतोष है कि हम तेज गति से कम कर रहे हैं। समय से पहले 3 करोड़ का लक्ष्य पर कर लेंगे और आज मैं खुशी से देश को बताना चाहता हूं, कि मेरी नारी शक्ति का सामर्थ्य देखिए, देखते ही देखते दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

पिछले साल अनाज के उत्पादन में, मेरे देश के किसानों ने पुराने सारे विक्रम तोड़ दिए, ये सामर्थ्य है मेरे देश का। उतनी ही जमीन लेकिन व्यवस्थाएं बदली पानी पहुंचने लगा, अच्छे सीड्स मिलने लगे, किसानों को अच्छी सुविधाएं मिलने लगी हैं, तो वो अपना सामर्थ्य देश के लिए बढ़ा रहा है।

आज भारत दूध, दाल, जूट जैसे उत्पादन में नंबर वन है दुनिया में। आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फिश प्रोड्यूसर मेरे मछुआरे भाई बहनों के ताकत देखिए, फिश प्रोड्यूसर में दुनिया में हम दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। आज भारत चावल, गेहूं,फल और सब्जी के उत्पादन में भी दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है।

आपको खुशी होगी मेरे देश के किसान जो पैदाई देते हैं आज वह उत्पादन दुनिया के बाजार में पहुंच रहा है। 4 लाख करोड़ रूपया एग्रो प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट हुआ है। ये मेरे देश के किसानों ने हमें ताकत दिखाई है। पीएम किसान सम्मान निधि हो, रेन वाटर हार्वेस्टिंग हो, सिंचाई की योजनाएं हो, क्वालिटीज सीड्स हो, फर्टिलाइजर की आवश्यकता हो, हर क्षेत्र में आज और किसान को एक भरोसा हो गया है फसल बीमा का।

हमारे देश के पशुधन को बचाने के लिए, हम एक कोविड की वैक्सीन मुफ्त में मिली वो तो हमें याद है, लेकिन हम पशुधन के लिए भी अब तक 125 डोज मुफ्त में पशुओं को लगा चुके हैं।

भारत के किसान, भारत के पशुपालक, भारत के मछुआरे, ये हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत के किसान, भारत के मछुआरे, भारत के पशुपालक, उनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनके खड़ा है। भारत अपने किसानों, अपने पशुपालकों, अपने मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।

दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, वंचित हो, उनके लिए सकारात्मक रूप से सरकारें प्रो एक्टिव हो, सरकारें प्रो पीपल हो, उस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सामाजिक न्याय का अगर कोई सच्चा से सच्चा एक्जीक्यूशन है, तो सैचुरेशन में है, जिसमें कोई हकदार छूटे नहीं, हकदार के घर तक सरकार जाए और उसे अपने हक की चीजें मिले, उसके लिए हम काम कर रहे हैं।

जनधन अकाउंट जब खोले गए ना, वह सिर्फ बैंक का अकाउंट था ऐसा नहीं है उससे एक स्वाभिमान मिला था।

आयुष्मान भारत ने बीमारी को सहने की आदत से मुक्ति दिलाने का और उनको अच्छे स्वास्थ्य के लिए मदद करने का काम और जब हम वरिष्ठ नागरिकों को ₹500000 से ज्यादा मदद कर करके उनके आरोग्य की चिंता करते हैं।

आज पीएम आवास 4 करोड़ गरीबों को घर मिलना, मतलब जिंदगी के नए सपने वहां बसते हैं। वो सिर्फ चार दीवारें नहीं है दोस्तों। रेहड़ी पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना जो कभी ब्याज के चक्कर में फंसा रहता था, आज पीएम स्वनिधि से रेहड़ी पटरी वाला भी और आपने देखा होगा वह यूपीआई से पैसे लेता है, यूपीआई से पैसे देता है।

एक समय था, गरीब हो, पीड़ित हो, आदिवासी हो, वंचित हो, दिव्यांग हो, हमारी विधवाएं माताएं बहने हो, अपने हक के लिए दर-दर भटकते रहते थे, सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाते लगाते जिंदगी पूरी हो जाती थी। आज सरकार आपके दरवाजे पर आती है, सैचुरेशन की अप्रोच को लेकर के आती है, करोड़ों लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी काम हुआ है।

गरीबी हटाओ के नारे देश ने बहुत सुने हैं, लाल किले से भी सुने हैं और देश सुन सुन करके थक गया था और देश ने मान लिया था, कि गरीबी हट नहीं सकती है। लेकिन जब हम योजनाओं को गरीब के घर तक ले जाते हैं, विश्वास को गरीब के मन में हम पैदा करते हैं, तो मेरे देश के 25 करोड़ गरीब, गरीबी को परास्त कर करके, गरीबी से बाहर निकल करके एक नया इतिहास बनाते हैं। आज 10 करोड़ गरीब और 10 वर्ष में 25 करोड़ से ज्यादा गरीब ग़रीबी को परास्त कर करके गरीबी से बाहर निकले है और एक नियो मिडिल क्लास तैयार हुआ है।

यह नियो मिडिल क्लास और मिडिल क्लास एक ऐसी जुगलबंदी है, जिसमें एस्पिरेशन भी है, एफर्ट्स भी हैं, वह देश को आगे बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा सामर्थ्य बनने वाली हैं।

बहुत ही निकट भविष्य में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती आ रही है। हम उस जयंती के समारोह शुरू करने जा रहे हैं और महात्मा ज्योतिबा फुले के सिद्धांत, उन्होंने जो मंत्र दिए उसमें हमारे लिए प्रेरणा है- पिछड़े को प्राथमिकता।

रेहड़ी पटरी वालों के लिए स्वनिधि योजना हो या हमारे हुनर वाले हाथ से काम करने वाले विश्वकर्मा योजना की बात हो आदिवासी में भी जो पिछड़े रह गए हैं उनके लिए पीएम जन मन की योजना की बात हो, हमारे पूर्वी भारत को विकास में पूरे देश के अंदर बराबरी में लाना और उनको नेतृत्व देने की दिशा में काम हो, हम सिर्फ समाज पिछड़े हो, उनकी चिंता में अटकने वाले नहीं है, जो क्षेत्र पिछड़े हैं, उनको भी हम प्राथमिकता देना चाहते हैं।

जो जिले पिछड़े रहे हैं हम उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, जो ब्लॉक पिछड़े रहे हैं उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, हमने 100 एस्पिरेशनल डिस्‍ट्रिक्‍ट, 500 एस्पिरेशनल ब्लॉक, उसी मिशन में काम किया है। हमने पूर्वी भारत के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पर बल दिया है, हमने पूर्वी भारत के जीवन को बदलकर के देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का।

खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी, कई दशकों के बाद हम देश में खेलो भारत नीति को लेकर के आए हैं, ताकि ये खेल जगत का सर्वांगीण विकास का प्रयास हो। स्कूल से लेकर के ओलंपिक तक हम एक पूरा इकोसिस्टम डेवलप करना चाहते हैं, चाहे कोचिंग की व्यवस्था हो, फिटनेस की बात हो, खेल के मैदान हों, खेल की व्यवस्थाएं हो, खेल के लिए आवश्यक साधन हों, लघु उद्योगों को भी खेल के साधन बनाने में मदद करने की बात हो।

हमें मोटापे से बचाना है, ओबेसिटी से बचाना है। और इसलिए मैंने, बाकी सब करना पड़ेगा, लेकिन एक छोटा सा सुझाव दिया था कि परिवार तय करें कि जब खाने का तेल घर में आएगा 10 परसेंट कम ही आएगा और 10 परसेंट कम ही उपयोग करेंगे, और हम ओबेसिटी के खिलाफ लड़ाई को जीतने की दिशा में हम अपना योगदान देंगे।

आज ये वर्ष, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष है, देश की संस्कृति की रक्षा, भारत के मूल्यों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। मैं आज उनको नमन करता हूं।

हमने प्रयागराज के महाकुंभ में देखा है, भारत की विविधता को कैसे जिया जाता है। हमारा देश भाषाओं की विविधता से बहुत ही भरा हुआ है, पुलकित है। और इसलिए हमने मराठी, असमिया, बांग्ला, पाली, प्राकृत को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया है।

इस बार हमने ज्ञान भारतम् योजना के तहत देशभर में जहां भी हस्तलिखित ग्रंथ है, जहां पांडुलिपियां हैं, सदियों पुराने जो दस्तावेज हैं, उनको खोज-खोज करके आज की टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए, उस ज्ञान की समृद्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए काम आए, उस दिशा में काम कर रहे हैं।

सेवा, समर्पण, संगठन और अप्रतिम अनुशासन, यह जिसकी पहचान रही है, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का यह सबसे बड़ा एनजीओ है एक प्रकार से, 100 साल का उसका समर्पण का इतिहास है। मैं आज यहां लाल किले के प्राचीर से 100 साल की इस राष्ट्र सेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्‍मरण करता हूं और देश गर्व करता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इस 100 साल की भव्‍य, समर्पित यात्रा को और हमें प्रेरणा देता रहेगा।

एक समय था, कभी सवा सौ से ज्यादा जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़े जमा चुका था। माओवाद की चंगुल में हमारे जनजातीय क्षेत्र, हमारे जनजातीय नौजवान फंसे हुए थे और आज सवा सौ जिलों में से कम होते-होते हम 20 पर ले आए हैं। जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर के रूप में जाने जाते थे, वह आज विकास के ग्रीन कॉरिडोर बन रहे हैं साथियों, हमारे लिए गर्व की बात है। भारत के नक्शे में जिन क्षेत्रों को लहू लुहान कर दिया गया था, लाल रंग से रंग दिया गया था, हमने वहां संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है।

यह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का अवसर है, तब इन जनजातीय क्षेत्रों को नक्सल से मुक्त कर करके, मेरे जनजातीय परिवार के नौजवानों की जिंदगी बचा करके, हमने भगवान बिरसा मुंडा को एक सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

मैं आज देश के सामने एक चिंता, एक चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं। षड्यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीच बोए जा रहे हैं और यह घुसपैठिए, मेरे देश के नौजवानों के रोजी-रोटी छीन रहे हैं।

हमने एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है। यह मिशन, इस मिशन के द्वारा यह जो भीषण संकट नजर आ रहा है, भारत पर मंडरा रहा है यह जो संकट है, उसको निपटाने के लिए तय समय में सुविचारित निश्चित रूप से अपने कार्य को करेगा, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

जब मुझे भगवान श्री कृष्ण याद आते हैं, तो हम देख रहे हैं कि पूरे विश्व में आज युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं। हमने देखा है कि भारत युद्ध के हर नए तौर तरीकों से निपटने में समृद्ध है। हमने ऑपरेशन सिंदूर में ये दिखा दिया है, टेक्नोलॉजी में जो भी महारत थी।

पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों पर, हमारे एयरबेस पर, हमारे संवेदनशील स्थानों पर, हमारे आस्था के केंद्रों पर, हमारे नागरिकों पर मिसाइल्‍स, ड्रोन अनगिनत मात्रा में उन्होंने वार किया। देश ने देखा है, लेकिन देश को सुरक्षित रखने के जो प्रयास पिछले 10 साल में हुए हैं, उस ताकत का परिणाम था कि उनके हर हमले को हमारे जाबाजों ने और हमारी टेक्नोलॉजी ने तिनके की तरह बिखेर दिया।

रत्ती भर नुकसान नहीं कर पाए और इसलिए जब युद्ध के मैदान में टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, टेक्नोलॉजी हावी हो रही है, तब राष्ट्र की रक्षा के लिए, देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमें भी हमने जो आज महारत पाई है, उस महारत का और विस्तार करने की जरूरत है। हमने आज जो महारत पाई है, उसको लगातार अपग्रेड करते रहने की आवश्यकता है।

और इसलिए मैं आज लाल किले की प्राचीर से कह रहा हूं, आने वाले 10 साल में, 2035 तक राष्ट्र के सभी महत्वपूर्ण स्थलों, जिनमें सामरिक के साथ-साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं, जैसे अस्पताल हो, रेलवे हो, जो भी आस्था के केंद्र हो, उन्हें टेक्नोलॉजी के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा।

और इसलिए भगवान श्री कृष्ण से प्रेरणा पाकर के हमने श्री कृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, उस सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। यह मिशन सुदर्शन चक्र एक पावरफुल वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही करेगा, लेकिन कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिट बैक करेगा।

हम इस सुदर्शन चक्र के द्वारा भी टारगेटेड प्रिसाइज़ एक्शन के लिए भी व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे और इसलिए युद्ध के बदलते तौर-तरीकों में राष्ट्र की सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा के लिए मैं बड़ी प्रतिबद्धता के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वचन देता हूं।

जब हम लोकतंत्र की बात करते हैं, स्वतंत्र भारत की बात करते हैं, तब हमारा संविधान हमारे लिए सर्वोत्तम दीप स्तंभ होता है, हमारा प्रेरणा का केंद्र होता है, लेकिन आज से 50 साल पहले भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। भारत के संविधान की पीठ में छुरा घोंप दिया गया था, देश को जेल खाना बना दिया गया था, आपातकाल लगा दिया गया था, इमरजेंसी थोप दी गई थी। इमरजेंसी के 50 साल हो रहे हैं, देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या के इस पाप को कभी भूलना नहीं चाहिए। संविधान की हत्या करने वाले पापियों को नहीं भूलना चाहिए और हमें भारत के संविधान के प्रति अपने समर्पण को और मजबूती देते हुए आगे बढ़ना चाहिए, वह हमारी प्रेरणा है।

मैंने इसी लाल किले से पंच प्रण की बात कही थी। मैं आज लाल किले से फिर से एक बार मेरे देशवासियों का पुनः स्मरण जरूर करना चाहता हूं। विकसित भारत बनाने के लिए ना हम रुकेंगे, ना हम झुकेंगे, हम परिश्रम की पराकाष्ठा करते रहेंगे और अपनी आंखों के सामने 2047 में विकसित भारत बना करके रहेंगे।

हमारा दूसरा प्रण है कि हम हमारे जीवन में, हमारी व्यवस्थाओं में, हमारे नियम कानून परंपराओं में, गुलामी का एक भी कण अब बचने नहीं देंगे। हम हर प्रकार की गुलामी से मुक्ति पाकर के ही रहेंगे। हम अपनी विरासत पर गर्व करेंगे। हमारी इस पहचान का सबसे बड़ा आभूषण, सबसे बड़ा गहना, सबसे बड़ा मुकुटमणि, हमारी विरासत है, हम विरासत का गर्व करेंगे। इन सबके लिए एकता, यह मंत्र सबसे बड़ा शक्तिशाली मंत्र है और इसलिए एकता की डोर को कोई काट ना सके यह हमारा सामूहिक संकल्प होगा।

मां भारती के प्रति कर्तव्य निभाना, यह पूजा से कम नहीं है, तपस्या से कम नहीं है, आराधना से कम नहीं है और उसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए, परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए, 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को पार करने के लिए अपने आप को खपा देंगे, अपने आप को झोंक देंगे, जो भी सामर्थ्य हैं, कोई भी अवसर को छोड़ेंगे नहीं, इतना ही नहीं, नए अवसरों का निर्माण करेंगे और निर्मित करने के बाद हम 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से आगे बढ़ते ही रहेंगे, बढ़ते ही रहेंगे, बढ़ते ही रहेंगे। हमें याद रखना है, 140 करोड़ देशवासियों को याद रखना है, परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है। और समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।

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Prime Minister extends greetings on the Parkash Purab of Sri Guru Granth Sahib Ji
September 12, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, extended greetings on the occasion of the Parkash Purab of Sri Guru Granth Sahib Ji.

The Prime Minister said that for centuries, Sri Guru Granth Sahib Ji has shown humanity the way of selfless service, human dignity and togetherness.

Shri Modi expressed hope that the sacred occasion would inspire everyone to deepen these values in society and build a more compassionate and harmonious world.

The Prime Minister wrote on X;

“Greetings on the Parkash Purab of Sri Guru Granth Sahib Ji.

For centuries, it has shown humanity the way of selfless service, human dignity and togetherness.

May this sacred occasion inspire us to deepen these values in our society and build a more compassionate and harmonious world.”