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"Shri Narendra Modi in Orissa"
"CM offers prayers at Jagannath Temple in Puri"
"Shri Modi seeks blessings of Lord Jagannath for the prosperity of the nation"
"Have come from the land of Somanth to seek the blessings of Lord Jagannath: Shri Modi"
"Gujarat and Odisha share a special bond: Shri Modi"
"Immense contribution of the people of Odisha in the development of Gujarat: Shri Modi"

उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

गोवर्धनपीठ के जगदगुरु शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वतीजी से की मुलाकात

उड़ीसा और गुजरात के बीच साम्यता का नाता : श्री मोदी

जनता श्री मोदी के स्वागत में उमड़ी

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उड़ीसा के जगन्नाथपुरी में भगवान जगन्नाथजी के मदिर जाकर भक्तिभाव से दर्शन, पूजा की।

आज सुबह उड़ीसा के भूवनेश्वर पहुंचे श्री मोदी ने जगन्नाथजी के सुप्रसिद्ध मन्दिर जाकर पूजा, अर्चना करने के बाद धन्यता महसूस करते हुए कहा कि सोमनाथ की भूमि से वह जगन्नाथजी की भूमि पर आए हैं। भगवान जगन्नाथजी की कृपा देश पर सदा सर्वदा रहे और हिन्दुस्तान विकास और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़े, यह आशीर्वाद उन्होंने मांगा है।

श्री मोदी ने अभ्यर्थना की कि उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा को शांति मिले और वह स्वजनों के रूप में उसी परिवार में वापस लौटें। उड़ीसा के करीब सभी जिलों में से कई उड़ीसावासी गुजरात में आकर मेहनत से प्रगति के भागीदार बने हैं। उन सभी का ऋण स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्रीने कहा कि जिस तरह उड़ीसा पूर्व के समुद्रतट पर बसा है, उसी तरह गुजरात पश्चिमी तट पर बसा है और दोनों के बीच का संबंध काफी पुराना है।

उड़ीसा के कोणार्क सूर्य मन्दिर में सूयदेवता की पहली किरण आती है और हिन्दुस्तान में भ्रमण करके गुजरात के मोढेरा सूर्यमदिर में सूर्य देवता की किरणें संध्या का उजाला फैलाती है।

उड़ीसा की जनता द्वारा किए गए अभूतपूर्व स्वागत से भावविभोर हुए श्री मोदी ने जगन्नाथ मन्दिर परिसर में उमड़े जनसैलाब का अभिवादन किया। भूवनेश्वर से पुरी जाते हुए रास्ते हुए में श्री मोदी ने पंचसखा की प्रतिमाओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। भगवान जगन्नाथजी, रथयात्रा के पर्व पर उनकी मौसी गुंडिचा माता के मन्दिर में रुकते हैं, उस प्राचीन मन्दिर जाकर भी श्री मोदी ने दर्शन किए। गोवर्धनपीठ, पुरी के जगदगुरु शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वती महाराज के आशीर्वाद लेने के साथ ही श्री मोदी ने उनसे परामर्श भी किया।

गजपति महाराज, जगन्नाथ टेम्पल ट्रस्ट के चेयरमेन पुरी के राजा दिव्यसिंह देव और मन्दिरों के ट्रस्टियों ने श्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।  दिव्यसिंह देव ने गजपति महाराज के रूप में जगन्नाथजी के लिए जीवन समर्पित किया है, उनके पैलेस में जाकर श्री मोदी ने शॉल ओढ़ाकर दिव्यसिंह देवजी का सम्मान किया।

भूवनेश्वर के विमानतल पर उड़ीसा प्रदेश भाजपा के प्रमुख,पदाधिकारियों, और कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता भी श्री मोदी के स्वागत के लिए उमड़ पड़ी। श्री मोदी ने उनकी शक्ति का अभिवादन किया। उड़ीसा के गुजराती समाज के प्रतिनिधियों ने भी श्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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January 21, 2022
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“Resilience and unity of the Manipuri people in the face of ups and downs of their history is their true strength”
“Manipur deserves peace and freedom from closures and blockades”
“Government is committed to make Manipur the sports powerhouse of the country”
“Manipur has a key role in the vision of making the North-East the center of Act East policy”
“Obstacles in the growth journey of the state have been removed and next 25 years are the Amrit Kaal of Manipur’s development”

खुरुमजरी !

नमस्कार

स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर मणिपुरवासियों को बहुत-बहुत बधाई !

मणिपुर एक राज्य के रूप में आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसके लिए बहुत लोगों ने अपना तप और त्याग किया है। ऐसे हर व्यक्ति को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। मणिपुर ने बीते 50 सालों में बहुत उतार चढ़ाव देखे हैं। हर तरह के समय को सभी मणिपुर वासियों ने एकजुटता के साथ जीया है, हर परिस्थिति का सामना किया है। यही मणिपुर की सच्ची ताकत है। बीते 7 सालों में मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि आपके बीच आऊं और आपकी अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं का फर्स्ट हैंड अकाउंट ले सकूं। यही कारण भी है कि मैं आपकी उम्मीदों को, आपकी भावनाओं को, और बेहतर तरीके से समझ पाया और आपकी समस्याओं के समाधान के नए रास्ते तलाश कर पाया। मणिपुर शांति डिज़र्व करता है, बंद-ब्लॉकेड से मुक्ति डिज़र्व करता है। ये एक बहुत बड़ी आकांक्षा मणिपुरवासियों की रही है। आज मुझे खुशी है कि बीरेन सिंह जी के नेतृत्व में मणिपुर के लोगों ने ये हासिल किया है। बड़े लंबे इंतजार के बार हासिल किया है। आज बिना किसी भेदभाव के मणिपुर के हर क्षेत्र, हर वर्ग तक विकास पहुंच रहा है। मेरे लिए ये व्यक्तिगत तौर पर बहुत संतोष की बात है।

साथियों,

मुझे ये देखकर बहुत खुशी होती है कि आज मणिपुर अपना सामर्थ्य, विकास में लगा रहा है, यहां के युवाओं का सामर्थ्य विश्व पटल पर निखर कर आ रहा है। आज जब हम मणिपुर के बेटे-बेटियों का खेल के मैदान पर जज्बा और जुनून देखते हैं, तो पूरे देश का माथा गर्व से ऊंचा हो जाता है। मणिपुर के युवाओं के पोटेंशियल को देखते हुए ही, राज्य को देश का स्पोर्ट्स पावर हाउस बनाने का बीड़ा हमने उठाया है। देश की पहली नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के पीछे यही सोच है। खेल को, खेल से जुड़ी शिक्षा, खेल प्रबंधन और तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए ये बहुत बड़ा प्रयास है। स्पोर्ट्स ही नहीं, स्टार्टअप्स और entrepreneurship के मामले में भी मणिपुर के युवा कमाल कर रहे हैं। इसमें भी बहनों-बेटियों का रोल प्रशंसनीय है। हैंडिक्राफ्ट की जो ताकत मणिपुर के पास है, उसको समृद्ध करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट को एक्ट ईस्ट पॉलिसी का सेंटर बनाने के जिस विजन को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें मणिपुर की भूमिका अहम है। आपको पहली पैसेंजर ट्रेन के लिए 50 साल का इंतज़ार करना पड़ा। इतने लंबे कालखंड के बाद, कई दशकों के बाद आज रेल का इंजन मणिपुर पहुंचा है और जब ये सपना साकार होता देखते हैं तो हर मणिपुरवासी कहता है कि डबल इंजन की सरकार का कमाल है। इतनी बेसिक सुविधा पहुंचने में दशकों लगे। लेकिन अब मणिपुर की कनेक्टिविटी पर तेज़ी से काम हो रहा है। आज हज़ारों करोड़ रुपए के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम चल रहा है। इसमें जिरबम-तुपुल-इंफाल रेलवे लाइन भी शामिल है। इंफाल एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देने से नॉर्थ ईस्ट के राज्यों, कोलकाता, बेंगलुरू और दिल्ली से एयर कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। इंडिया-म्यांमार-थाईलैंड ट्राइलेट्रल हाईवे पर भी तेज़ी से काम चल रहा है। नॉर्थ ईस्ट में 9 हज़ार करोड़ रुपए से जो नेचुरल गैस पाइपलाइन बिछ रही है, उसका लाभ भी मणिपुर को मिलने वाला है।

भाइयों और बहनों,

50 वर्ष की यात्रा के बाद आज मणिपुर एक अहम पड़ाव पर खड़ा है। मणिपुर ने तेज़ विकास की तरफ सफर शुरु कर दिया है। जो रुकावटें थीं, वो अब हट गई हैं। यहां से अब हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना है। जब हमारा देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तो मणिपुर को संपूर्ण राज्य का दर्जा मिले 75 वर्ष हो जाएंगे। इसलिए, ये मणिपुर के लिए भी विकास का अमृतकाल है। जिन ताकतों ने लंबे समय तक मणिपुर के विकास को रोके रखा, उनको फिर सिर उठाने का अवसर ना मिले, ये हमें याद रखना है। अब हमें आने वाले दशक के लिए नए सपनों, नए संकल्पों के साथ चलना है। मैं विशेष रूप से युवा बेटे-बेटियों से आग्रह करुंगा कि आपको आगे आना है। आपके उज्जवल भविष्य में, इस विषय में मैं बहुत आश्वस्त हूं। विकास के डबल इंजन के साथ मणिपुर को तेज गति से आगे बढ़ाना है। मणिपुर के मेरे प्‍यारे भाईयों और बहनों एक बार फिर आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं !

बहुत बुहत धन्यवाद !