











प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अथक परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर हासिल की गई सफलता स्थायी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी सफलता न केवल आत्मविश्वास पैदा करती है बल्कि मन में संतुष्टि की गहरी भावना भी लाती है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।
यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च॥”
इसका अर्थ है कि जो लोग विजय की आकांक्षा रखते हैं वे केवल बल और पराक्रम से नहीं, बल्कि सत्य, दया, कर्तव्य और निरंतर प्रयत्न से सफल होते हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
“अथक परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त की गई सफलता स्थायी होती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं मन को अद्भुत संतोष भी मिलता है।
न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।
यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च।।”
अथक परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त की गई सफलता स्थायी होती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं मन को अद्भुत संतोष भी मिलता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2026
न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।
यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च ।। pic.twitter.com/Ig8FLVdqVp