गांधीनगर, गुरुवारः मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांव की सम्पूर्ण आर्थिक शक्ति को एकत्र कर गुजरात के गांवों को सुखी और समृद्घ बनाने का संकल्प जताया है। एक महीने के कृषि महोत्सव अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने गुजरात को कृषि क्रांति का नेतृत्व दिलवाने का आह्वान किया।
आखातीज से राज्य में शुरू कृषि महोत्सव के सिलसिले में आज दक्षिण गुजरात के छह जिलों का विशाल कृषि मेला वलसाड़ जिले की कपराड़ा तहसील के नाना पौंढा गांव में मुख्यमंत्री ने प्रारंभ किया। वनवासी किसानशक्ति के सामर्थ्य की प्रतीति के रूप में आदिवासियों के कृषि एवं पशुपालन आधारित समृद्घि के सपने साकार करने के लिए तहसील कृषि रथ का भी उन्होंने प्रस्थान करवाया।
मोटा पौंढा में वनवासी क्षेत्र के पशुपालकों के लिए एक लाख लीटर दूध की प्रक्रिया का रूपांतरण करने की क्षमता वाले मिल्क चिलिंग प्लान्ट एण्ड मॉडर्न पैकेजिंग सेन्टर का लोकार्पण करने के बाद नाना पौंढा के कृषि महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कड़ी गर्मी में एक महीने तक 18 हजार गांवों में कृषि महोत्सव के माध्यम से ग्राम विकास के सर्वांगीण सपने साकार करने में किसान परिवारों के उत्साह की सराहना की।
कड़ी गर्मी में किसानों और खेती की चिन्ता करने वाली इस सरकार की प्रतिबद्घता की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए श्री मोदी ने कहा कि कृषि महोत्सव की सफलता ने गुजरात को भारत भर में कृषि क्रांति के नेतृत्व का गौरव दिलवाया है। किसानों की अनेक समस्याओं और मुश्किलों का निराकरण इस कृषि महोत्सव अभियान के माध्यम से गुजरात सरकार कर चुकी है। चार कृषि यूनिवर्सियों के 700 जितने कृषि वैज्ञानिक और एक लाख जितने सरकारी कर्मयोगी खेतों को खंगाल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप सात-सात वर्षों से गुजरात के किसानों ने कृषि उत्पादन 14 हजार करोड़ से बढ़ाकर 59 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इस वर्ष तो यह 70 हजार करोड़ का रिकार्ड बनाने जा रहा है।
मोटा पौंढा के मिल्क चिलिंग प्लान्ट के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आदिवासी किसान परिवार की नारी शक्ति ने अब दूध के व्यापार में अपना सामर्थ्य साबित किया है। खेती-बाड़ी के सभी पहलुओं के बारे में किसान को जानकारी देने के अनेक प्रयोगों से जमीन का सुधार हुआ
उत्तम बीज और अच्छी देखभाल से बागायत खेती में वाडी प्रोजेक्ट द्वारा आदिवासी किसान भारी आय प्राप्त करने लगे हैं। वैज्ञानिक पद्घति से सोईल हैल्थ कार्ड द्वारा जमीन की गुणवत्ता बरकरार रखने के राज्य सरकार के इस प्रयोग को भारत सरकार ने भी देश भर में अपनाने का संकल्प जताया है। गुजरात सरकार जमीन और जल की समस्या का निराकरण करने के लिए कितनी मेहनत करती है, इसकी रूपरेखा में श्री मोदी ने कहा कि खेती के परिवर्तित आधुनिक औजारों से यांत्रिक खेती के लिए कृषि टेक्नोलॉजी गांव के किसान सामूहिक स्तर पर अपनाने लगे हैं।
मूल्यवर्द्घित खेती की रूपांतरण प्रक्रिया से आदिवासी क्षेत्रों में केले की खेती और उसके मूल्यवर्द्घित उत्पादों के निर्यात के लिए वनवासी किसान किस तरह सक्षम बन सकता है इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। खेती के साथ पशुपालन की समृद्घि के साथ गुजरात सरकार अब खेती को तीन भागों में विकसित करना चाहती है। इसका आह्वान करते हुए श्री मोदी ने कहा कि नियमित खेती, पशुपालन द्वारा दूध उद्योग और वृक्षों की खेती से किसान की समृद्घि में बढ़ोतरी हुई है।
इस मौके पर जिला प्रभारी एवं कृषि मंत्री दिलीपभाई संघाणी ने कहा कि गुजरात ने कृषि क्षेत्र में दस प्रतिशत से ज्यादा विकासदर हासिल की है। कृषि महोत्सव के बहुआयामी कदमों की वजह से गुजरात कृषि क्षेत्र में समग्र देश के लिए मॉडल बना है। इस मौके पर वन, पर्यावरण एवं आदिजाति कल्याण मंत्री मंगुभाई पटेल, गुजरात विधानसभा की सचेतक श्रीमती उषाबेन पटेल, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा ने भी अपने विचार रखे।
कृषि महोत्सव-2011 के कार्यक्रम के दौरान वलसाड़ सहित गुजरात कृषि यूनिवर्सिटी के कार्यक्षेत्र के विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया तथा लाभार्थियों को मुख्यमंत्री सहित उपस्थित महानुभआवों द्वारा लाभों का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री सहित महानुभआवों ने खेती क्षेत्र की उपयोगी पुस्तिका तथा सीडी का विमोचन किया। जिले की विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री को कन्या केळवणी निधि के लिए चेक अर्पित किए गए। अन्त में नवसारी कृषि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ए.आर. पाठक ने आभार जताया।
आदिवासी किसानों के विकास के इस कर्मयज्ञ में मत्योद्योग मंत्री पुरुषोत्तमभाई सोलंकी, मंत्री ईश्वरसिंह पटेल, रणजीतभाई गिलीटवाला, राज्यसभा सांसद कानजीभाई पटेल, भरतसिंह परमार, सांसद सी.आर. पाटील, विधायक दौलतभाई देसाई, आर.सी. पटेल, लक्ष्मणभाई, भारतीबेन, जीतुभाई, नरेशभाई, रमणभाई पाटकर, विजयभाई, जिला एवं तहसील पंचायत अध्यक्ष वसुधारा डेयरी के अध्यक्ष श्री मोंघाई सहित सहकारी क्षेत्र के अग्रणी, पशुपालन विभाग के अग्रसचिव राजीवकुमार गुप्ता, जिला कलक्टर, जिला विकास अधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक तथा भारी संख्या में किसान एवं नागरिक उपस्थित थे।


