"Shri Narendra Modi interacts with former Speaker of USA House of Representatives and leader of the Republican Party Mr. Newt Gingrich via Skype"
"Mr. Gingrich impressed by Gujarat’s development in various fields and by Shri Modi’s leadership"
"If USA had Gujarat’s growth rates over the last ten years, the nation would have been a lot healthier than what it is right now: Mr. Gingrich"
"There is a lot we need to learn from Gujarat and your leadership as Chief Minister: Mr. Gingrich to Shri Modi"
"At a time when all around the world there are economic challenges you have a model of success rather than failure: Mr. Gingrich to Shri Modi"
"Shri Modi invites Mr. Gingrich and leaders of Republican Party to attend 2015 Vibrant Gujarat Summit"
"The 3 Congress Representatives who met Shri Modi earlier present on the occasion."

गुजरात के विकास का श्रेय नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को गिंगरिच

गुजरात की विकासयात्रा के चमत्कारिक नतीजों को जानने में दर्शायी गहरी रुचि

अमेरिका में गुजरात के सच्चे मित्र और मार्गदर्शक हैं गिंगरिच मोदी

स्काइप संवाद के दौरान अमेरिकी सांसदों और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की उत्साहवर्धक मौजूदगी

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गांधीनगर से स्काइप-वीडियो टेक्नोलॉजी के जरिए यूएसए हाउस के पूर्व स्पीकर और अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के श्रीयुत न्युटन लेरोय गिंगरिच के साथ वार्तालाप किया।

श्री मोदी के गतिशील नेतृत्व की बदौलत गुजरात के विकास, आर्थिक प्रवृत्तियां, जीवन सुधार और सामाजिक-आर्थिक बदलाव के क्षेत्र में मिल रही सफलता से प्रभावित श्री गिंगरिच ने अमेरिका में श्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात की प्रगति और सुशासन को मिल रही प्रतिष्ठा को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री गिंगरिच और श्री मोदी के इस संवाद के वक्त अमेरिकी कांग्रेस के तीनों सांसद सर्वश्री एरोन शोक, श्रीमती केथी रोजर्स और श्रीमती सिंथीया लुमिस तथा श्री शलभ कुमार सहित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

अमेरिकी कांग्रेस के पूर्व स्पीकर श्री गिंगरिच ने विकास को लेकर श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि समूचे भारत की जनता विकास की सफलतागाथा के लिए उनकी ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। श्री गिंगरिच ने मुख्यमंत्री से गुजरात के विकास की भूमिका, कृषि विकास, जलव्यवस्थापन, रोजगार समेत कौशल विकास, गुजरात के आर्थिक व्यवस्थापन और सुशासन की नीतियों को जानने में गहरी रुचि दर्शायी। श्री गिंगरिच ने श्री नरेन्द्र मोदी के अमेरिका आगमन को लेकर उत्साह और तत्परता जतायी। गुजरात के मुख्यमंत्री के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए रिपब्लिकन डेलीगेशन और श्री गिंगरिच ने स्नेहपूर्ण आतुरता व्यक्त की।

श्री गिंगरिच की गुजरात के प्रति ममता और गुजरात के विकास में गहरी रुचि दर्शाने के साथ ही स्नेह और भावनाओं की गर्मजोशी से अभिव्यक्ति के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें अमेरिका में गुजरात का सच्चा मित्र और मार्गदर्शक करार दिया। मुख्यमंत्री ने श्री गिंगरिच को आगामी वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक निवेशक सम्मेलन-२०१५ में शिरकत करने का निमंत्रण दिया और गुजरात के विकास की अनुभूति करने के लिए अमेरिकन रिपब्लिकन पार्टी के युवा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल गुजरात भेजने का आमंत्रण दिया।

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प्रधानमंत्री ने जल सुरक्षा पर नेशनल डिपार्टमेंटल समिट के समापन सत्र की अध्यक्षता की
September 02, 2026
यह टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप आयोजित शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला सम्मेलन
प्रधानमंत्री ने ठोस और समयबद्ध नतीजों पर अमल करने के लिए लगातार समीक्षा और फॉलो-अप की प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया
जन भागीदार पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जल उत्सव को बढ़ावा देने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण की तकनीकों को अधिक से अधिक अपनाने और दुनिया भर के बेहतरीन तौर-तरीकों से सीखने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी इस्तेमाल के जरिए पानी से जुड़े डेटा का बेहतर प्रबंधन करने की अपील की
प्रधानमंत्री ने पानी से जुड़े मुद्दों पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों की भागीदारी वाले राज्यों के बीच व्यवस्थित अध्ययन-दौरों का सुझाव दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जल शक्ति मंत्रालय द्वारा पानी पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता की। यह शिखर सम्मेलन टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने, सहकारी संघवाद को गहरा करने और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर सहयोग के ज़रिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री की सोच के अनुरुप विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला सम्मेलन है। इसमें भारत की जल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित चर्चा के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ एक मंच पर थे।

प्रधानमंत्री ने दो दिनों तक चली गहन चर्चा की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि शिखर सम्मेलन से निकले कार्यान्वयन योग्य और समय-सीमा वाले कार्य बिंदुओं की समीक्षा और सीखने की निरंतर प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यह शिखर सम्मेलन केवल एक बार की गतिविधि बनकर नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने इसकी समीक्षा व फॉलो अप की निरंतर प्रक्रिया का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने शहरीकरण से जुड़ी चुनौतियों, जैसे आबादी का बढ़ना और भविष्य में पानी की ज़रूरतों के बारे में शहरी स्थानीय निकायों को जागरूक करने पर ज़ोर दिया और उनके लिए भी ऐसे ही चिंतन शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने पानी बचाने वाली तकनीकों को ज़्यादा अपनाने की बात कही। उन्होंने भारतीय निर्माताओं और संबंधित लोगों को असरदार समाधान विकसित करने और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए खास प्रदर्शनियों और कार्यशालाएं, जिनमें दुनिया भर के बेहतरीन तरीकों की जानकारी भी शामिल हो, आयोजित करने का सुझाव भी दिया।

जन भागीदारी पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लोगों में ज़्यादा जागरूकता लाने के लिए "जल उत्सव" को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने गाद निकालने के काम को एक नियमित कार्यक्रम बनाने और इसके लिए साफ नियम और मानक संचालन प्रक्रिया बनाने को कहा। बांध की सुरक्षा के मामले में, उन्होंने हर मॉनसून से पहले पूरी तैयारी रखने, तय सावधानियों का पालन करने और स्कूली छात्रों में जागरूकता पैदा करने पर ज़ोर दिया, जिसमें शिक्षा के पाठ्यक्रम में इसे सही ढंग से शामिल करना भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भी जल प्रबंधन और शासन के बारे में जानकारी और क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों के बीच व्यवस्थित अंतर-राज्यीय अध्ययन-दौरे आयोजित किए जाएं, ताकि व्यावहारिक सीख मिल सके और सफल उपायों को दूसरी जगहों पर भी अपनाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने मज़बूत जल डेटा गवर्नेंस की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिसमें जल-क्षेत्र से जुड़े डेटा को एक साथ लाया जाए, उसे व्यवस्थित रूप से प्रबंधित किया जाए और उसका विश्लेषण तथा प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने एक समान प्रारूप के माध्यम से डेटा एकत्र करने और विश्लेषण करने के लिए एआई के उपयोग की भी सिफारिश की। उन्होंने कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपचारित पानी के उचित उपयोग के ज़रिए पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए पहले से तैयारी और एकीकृत योजना बनाने पर भी ज़ोर दिया।

गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने अनुभव का ज़िक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सही योजना, पक्के इरादे, ज़रूरी संसाधन तथा काबिल अधिकारियों को लगाकर पानी की कमी की समस्या को एक अवसर में बदला जा सकता है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने सम्मेलन के चार मुख्य नतीजों पर ज़ोर दिया: पानी से जुड़ी ढ़ांचागत परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करना, जल संरक्षण को लोगों के एक लगातार चलने वाले आंदोलन के तौर पर मज़बूत करना, पीने योग्य पानी के स्रोतों की लंबे समय तक उपलब्धता सुनिश्चित करना और गांवों में पीने के पानी की योजनाओं के असरदार संचालन और रखरखाव को संस्थागत रूप देना।