साझा करें
 
Comments
कोविड के कारण अपनी जान गंवाने वालों के आश्रितों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत पारिवारिक पेंशन दी जाएगी
‘ईडीएलआई’ योजना के तहत मिलने वाले बीमा लाभों को बढ़ाने के साथ-साथ उदार बना दिया गया है
इन योजनाओं से इन परिवारों को हो रही वित्तीय कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री

‘बच्चों के लिए पीएम केयर्स - कोविड प्रभावित बच्चों का सशक्तिकरण’ के तहत घोषित उपायों के अलावा भारत सरकार ने उन परिवारों की मदद करने के लिए कई और उपायों की घोषणा की है, जिन्होंने कोविड के कारण कमाई करने वाले सदस्य को खो दिया है। इन उपायों के तहत कोविड के कारण अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को पेंशन दी जाएगी और इसके साथ ही बढ़ा हुआ एवं उदार बीमा मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इन सभी परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं के जरिए इन परिवारों के सामने आने वाली वित्तीय कठिनाइयों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत पारिवारिक पेंशन
इन परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने और अपने जीवन स्तर को अच्छा बनाए रखने में मदद करने हेतु रोजगार से संबंधित मृत्यु के मामलों के लिए ईएसआईसी पेंशन योजना का लाभ अब उन लोगों तक भी पहुंचाया जा रहा है जिनकी मृत्यु कोविड के कारण हो गई है। इन व्यक्तियों के आश्रित परिवारिक सदस्य मौजूदा मानदंडों के अनुसार संबंधित कर्मचारी या कामगार के औसत दैनिक वेतन या पारिश्रमिक के 90% के बराबर पेंशन का लाभ पाने के हकदार होंगे। यह लाभ पूर्वव्यापी प्रभाव से 24.03.2020 से और इस तरह के सभी मामलों के लिए 24.03.2022 तक उपलब्ध होगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन- कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई)
ईडीएलआई योजना के तहत मिलने वाले बीमा लाभों को बढ़ाने के साथ-साथ उदार बना दिया गया है। अन्य सभी लाभार्थियों के अलावा यह योजना विशेषकर उन कर्मचारियों के परिवारों की मदद करेगी जिन्होंने कोविड के कारण अपनी जान गंवा दी है।

अधिकतम बीमा लाभ की राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है।
2.5 लाख रुपये के न्यूनतम बीमा लाभ के प्रावधान को बहाल कर दिया गया है और यह पूर्वव्यापी प्रभाव से 15 फरवरी 2020 से अगले तीन वर्षों के लिए लागू होगा।
ठेके पर काम करने वाले/आकस्मिक कामगारों के परिवारों को लाभान्वित करने के लिए केवल एक ही प्रतिष्ठान में निरंतर रोजगार करने की शर्त को उदार बना दिया गया है, अब इसका लाभ यहां तक कि उन कर्मचारियों के परिवारों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है जिन्होंने अपनी मृत्यु से पहले पिछले 12 महीनों में अपनी नौकरी संभवत: बदल दी थी।
इन योजनाओं के विस्तृत दिशा-निर्देश श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी किए जा रहे हैं।

20 Pictures Defining 20 Years of Seva Aur Samarpan
मन की बात क्विज
Explore More
'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी
52.5 lakh houses delivered, over 83 lakh grounded for construction under PMAY-U: Govt

Media Coverage

52.5 lakh houses delivered, over 83 lakh grounded for construction under PMAY-U: Govt
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री तीन दिसंबर को ‘इनफिनिटी-फोरम’ का उद्घाटन करेंगे
November 30, 2021
साझा करें
 
Comments
फोरम ‘बियॉन्ड’ विषय पर ध्यान केंद्रित करेगा; ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज’, ‘फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’ और ‘फिन-टेक बियॉन्ड नेक्सट’ जैसे उप-विषय शामिल होंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीन दिसंबर, 2021 को सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनफिनिटी फोरम का उद्घाटन करेंगे। इनफिनिटी फोरम, फिन-टेक पर एक विचारशील नेतृत्वकारी मंच है।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में गिफ्ट-सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) और ब्लूमबर्ग कर रहे हैं। कार्यक्रम तीन और चार दिसंबर, 2021 को होगा। फोरम के पहले आयोजन में इंडोनीशिया, दक्षिण अफ्रीका और यूके साझीदार देश हैं।

इनफिनिटी-फोरम के जरिये नीति, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व की जानी-मानी प्रतिभायें एक साथ आयेंगी तथा इस बात पर गहन विमर्श करेंगी कि कैसे प्रौद्योगिकी और नवाचार को फिन-टेक उद्योग में इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि समावेशी विकास हो तथा बड़े पैमाने पर सबकी सेवा हो।

फोरम का एजेंडा ‘बियॉन्ड’ (सर्वोच्च) विषय पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न उप-विषय शामिल हैं, जैसे ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज,’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च सीमा तक), जिसके तहत सरकारें और व्यापार संस्थायें वित्तीय समावेश को प्रोत्साहित करने के लिये भौगोलिक सरहदों के परे ध्यान देंगी, ताकि वैश्विकसमूह का विकास हो सके;‘फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च वित्त तक), जिसके तहत स्पेस-टेक, ग्रीन-टेक तथा एग्री-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में एकरूपता लाई जा सके और सतत विकास हो सके; और‘फिन-टेक बियॉन्ड नेक्सट’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च अग्रिम तक), जिसके तहत इस बात पर ध्यान दिया जायेगा कि कैसे क्वॉन्टम कंप्यूटिंग, भावी फिन-टेक उद्योग तथा नये अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिये प्रभावी हो सकता है।

फोरम में 70 से अधिक देश हिस्सा लेंगे। मुख्य वक्ताओं में मलेशिया के वित्तमंत्री श्री तेंगकू ज़फरुल-अज़ीज़, इंडोनेशिया की वित्तमंत्री सुश्री मुल्यानी इंद्रावती, इंडोनेशिया के संरचनात्मक अर्थव्यवस्था के मंत्री श्री सैनडियागा एस. ऊनो, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री मासायोशी सून, आईबीएम कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री अरविन्द कृष्ण, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री उदय कोटक और अन्य गणमान्य शामिल हैं। इस वर्ष के फोरम में नीति आयोग, इनवेस्ट इंडिया, फिक्की और नैसकॉम मुख्य साझीदारों में से हैं।

आईएफएससीए के बारे में –

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी) का मुख्यालय गिफ्ट-सिटी, गांधीनगर, गुजरात में स्थित है। इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत की गई थी। यह संस्था भारत में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के नियमन तथा विकास के लिये एक एकीकृत प्राधिकार के रूप में काम करती है। इस समय गिफ्ट-आईएफएससी भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।