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Published By : Admin |
December 15, 2014 | 16:09 IST
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प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें नागरिकों से उच्च उद्देश्य के लिए "उठो, जागो" का आग्रह किया गया है
January 13, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा किया, जिसमें नागरिकों से जागृति की भावना अपनाने का आग्रह किया गया है। सफलता तभी प्राप्त होती है जब व्यक्ति जीवन के चुनौतीपूर्ण पथ पर साहस और स्पष्टता के साथ दृढ़ता से चलता है।
श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:
“उत्तिष्ठत् जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत्।
क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्वयो वदन्ति॥”
उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 13, 2026
क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥ pic.twitter.com/i3PPlUoPm4




