पाकिस्तान से लौटने के बाद गीता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ घर वापस आने पर गीता का स्वागत है”
गीता के परिवार का पता लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने गीता की देखभाल करने के लिए बिलकिस बानो ईदी, ईदी फाउंडेशन, कराची के संस्थापक की तारीफ की
भारत इस सराहनीय कार्य के लिए ईदी फाउंडेशन को 1 करोड़ रुपये देगा

कई वर्ष पहले गलती से पाकिस्‍तान की सीमा में पंहुचने वाली भिन्‍न रूप से सक्षम महिला, गीता ने आज शाम प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी से मुलाकात की। आज सुबह वह भारत पंहुची।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘घर वापसी पर स्‍वागत, गीता’ गीता ने भावविभोर होकर उन्‍हें गले लगाया। उन्‍होंने गीता को आश्‍वासन दिया कि उसके परिजनों को ढूंढ़ने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे और उसकी बढि़या देखभाल की जाएगी। ‘पूरा देश आपकी देखभाल करेगा।’

प्रधानमंत्री ने कई वर्षों तक गीता की प्रेम और लगाव से देखभाल करने के लिए ईदी फाउंडेशन, करांची की संस्‍थापक सुश्री बिल्‍किस बानो ईदी की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत, ईदी फाउंडेशन को प्रोत्‍साहन के रूप में एक करोड़ रुपये देगा जो न केवल गीता की देखभाल के लिए बल्कि फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन कार्य के लिए भी है।

सुश्री बिल्‍किस बानो ईदी, गुजरात में जूनागढ़ के बन्‍तवा में पैदा हुई , यह जानने पर प्रधानमंत्री ने उन्‍हें अपने परिवार के साथ जूनागढ़ आने का न्‍यौता दिया।

इस अवसर पर उपस्थित विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्‍वराज ने भी गीता को प्रेम और लगाव से अपने यहां रखने के लिए सुश्री बिल्‍किस और ईदी फाउंडेशन की प्रशंसा की।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Tata Motors supplies first batch of Ultra EV e-buses to Srinagar Smart City

Media Coverage

Tata Motors supplies first batch of Ultra EV e-buses to Srinagar Smart City
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.