भाइयों-बहनों, हमने बहुत चुनाव देखे हैं। चुनाव में उम्‍मीदवार चुनाव लड़ते हैं, राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, लेकिन पहली बार मैं देख रहा हूं कि जनता जर्नादन चुनाव लड़ रही है..! ऐसा लगता है कि जनता ने फैसला कर लिया है और मैं जिस हवा का रूख देख रहा हूं वह सिर्फ राजस्‍थान में नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्‍तान में फैला हुआ है। भाइयों-बहनों, 8 दिसम्‍बर को हम राजस्‍थान भी जीतेगें और हिंदुस्‍तान भी जीतेगें..!

भाइयों-बहनों, मैडम सोनिया जी यहां राजस्‍थान में आई थी और उन्‍होने कहा कि राजस्‍थान में कांग्रेस ने ऐसी सेवा की है, ऐसा काम किया है कि राजस्‍थान विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुंच गया है..! क्‍या आप लोगों के गले यह बात उतरती है...? क्‍योंकि बाहर वाले के सर्टिफिेकेट देने का कोई मतलब नहीं बनता, यहां की जनता जो कहे वही फाइनल है..! क्‍या आपको इस बात का भरोसा है..? क्‍या आपको इस बात में कोई सच्‍चाई नज़र आती है..? भाइयों-बहनों, आपकी बात छोडिए, स्‍वयं सुप्रीम कोर्ट ने राजस्‍थान सरकार को लताड़ा था। इस देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर आप कानून व्‍यवस्‍था संभाल नहीं पाते हैं तो सब कुछ छोड़ दीजिए..! वहीं राजस्‍थान की हाईकोर्ट ने कहा था कि आपको सरकार चलाना नहीं आता है..! इतना ही नहीं, यहां पर उन्‍ही की पार्टी से आई गर्वनर मैडम बैठी हैं। गर्वनर मैडम ने कहा, न आप रोड़ ठीक कर सकते हैं, न आदिवासियों का भला कर पा रहे हैं, अगर आपको काम करना नहीं आता है तो वह काम मुझे सौंप दीजिए, मैं करके दिखाऊंगी..! सुप्रीम कोर्ट सरकार पर शक करे, हाईकोर्ट सरकार को लताड़े, आपके खुद के गर्वनर आपकी सरकार के प्रति नाराजगी व्‍यक्‍त करें और फिर भी मैडम कहती हैं कि यहां सब कुछ अच्‍छा हो रहा है..! अच्‍छा मैडम, आप सुप्रीम कोर्ट को मानिए या न मानिए, हाईकोर्ट को मानिए या न मानिए, गर्वनर को मानिए या न मानिए... कम से कम शहजादे को तो मानिए, अरे उनकी बात पर तो भरोसा कर लो..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस के शासन में राजस्‍थान में 40 से अधिक दंगे हुए। जब भरतपुर जिले में दंगा हुआ तो शहजादे राजस्‍थान सरकार को अंधेरे में रखकर, बिना बताए भरतपुर आए। दूसरे की मोटरसाईकिल पर सवार होकर दंगा पीडि़त इलाके में पहुंच गए। भाइयों-बहनों, राज्‍स्‍थान वालों को पता है न कि मोटरसाईकिल कौन चला रहा था..? उनकी इतिहास भूगोल पूरे राजस्‍थान को मालूम है न..? उनके काम और कारनामे सभी को पता है न..? वे मोटरसाईकिल चला रहे थे और मोटरसाईकिल चोरी की थी..! वाह, क्‍या सीन है..! आप सोचिए, शहजादे एक हिस्‍ट्रीशीटर के साथ मोटरसाईकिल पर बैठने को तो तैयार है, लेकिन राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री के साथ उनके बगल में बैठने को तैयार नहीं है..! शहजादे चोरी की मोटरसाईकिल पर बैठना पसंद करते हैं, लेकिन अपनी पार्टी की राजस्‍थान सरकार की गाड़ी में बैठने को तैयार नहीं है, ये कैसा अविश्वास है..!

भाइयों-बहनों, जिस सरकार के काम को कोई भी संवैधानिक संस्‍था अच्‍छा नहीं कहती है, उस सरकार पर हम भरोसा कैसे करें..? जब हमारा देश आजाद हुआ, उसके बाद अनेक देश आजाद हुए, कई छोटे-छोटे देश आजाद हुए, लेकिन वो देश हमसे भी आगे निकल गए और हमारी स्थिति बद से बदतर होती गई..! मित्रों, अगर देश आजाद होने के बाद, स्‍वराज मिलने के बाद, सुराज पर ध्‍यान केन्द्रित किया होता, तो देश की ये दशा नहीं होती। आज हमारे देश के सामने सबसे बड़ी समस्‍या है, बैड गवर्नेंस..! जब तक हम देश में कुशासन से मुक्ति पाकर सुशासन की ओर आगे नहीं बढ़ते, हम देश की समस्‍याओं का समाधान नहीं कर पाएंगे..!

भाइयों-बहनों, गुड गवर्नेंस में कांग्रेस का भरोसा नहीं है। उन्‍हे लगता है कि जोड़तोड़ की राजनीति के द्वारा सरकारें बनती चली जाएगी, अपनी गाड़ी चलती जाएगी, जेब भरते जाएंगें, दो-पांच पीढ़ी का भला हो जाएगा, यही कांग्रेस पार्टी की सोच है..! भाइयों-बहनों, ये बैड गवर्नेंस एक ऐसी बीमारी है जो पूरे हिंदुस्‍तान को भीतर से खोखला कर रही है। ये बैड गवर्नेंस एक ऐसी बीमारी है जो हिंदुस्‍तान के हर व्‍यक्ति के मन में निराशा का भाव पैदा करती है, अविश्वास का भाव पैदा करती है और कभी-कभी आक्रोश को भी जन्‍म देती है..! जैसे शरीर दिखने में कितना ही स्वस्थ क्‍यूं न हो, वजन सही हो, लम्‍बाई अच्‍छी हो, बैठना-उठना बराबर हो, लेकिन अगर शरीर में एक बार डायबटीज हो जाए तो शरीर भीतर से खोखला होना शुरू हो जाता है। शरीर में एक बार डायबटीज होने पर वह हर बीमारियों को निमंत्रण देना शुरू कर देता है। भाइयों-बहनों, इसी तरह ये बैड गवर्नेंस हिंदुस्‍तान के जे़हन में डायबटीज की तरह है, जो भारत को अंदर से खोखला कर रहा है..!

भाइयों-बहनों, आज गुजरात विकास की नई ऊंचाईयों को छू रहा है उसका मूलभूत कारण गुड गवर्नेंस है, सुशासन है। लोगों को अपने सवालों के जवाब मिलने चाहिए, लोगों की बातों की सुनवाई होनी चाहिए, समस्‍याओं का समाधान होना चाहिए। भाइयों-बहनों, सरकार अमीरों के नहीं होती है और न ही होनी चाहिए..! अगर अमीर बीमार होता है तो दुनिया भर के डॉक्‍टर उसके दरवाजे खटखटाने लग जाते हैं, लेकिन अगर गरीब बीमार हो जाएं तो उसके पास सरकारी अस्‍पताल के सिवाय कोई चारा नहीं होता है। अमीर के बेटे को पढ़ना होता है तो वह दुनिया के अच्‍छे-अच्‍छे टीचर हायर करके रख सकता है लेकिन गरीब के बच्‍चे को पढ़ना हो, तो उसके नसीब में सरकारी स्‍कूल के सिवाय कुछ नहीं होता। मित्रों, सरकार गरीब के लिए होनी चाहिए..! अगर इनके दिलों-दिमाग में गरीब के प्रति थोड़ा सा भी लगाव होता, तो राजस्‍थान के सरकारी स्‍कूलों में एक लाख से ज्‍यादा टीचर्स की जगह खाली नहीं होती। भाइयों-बहनों, आप लोग ही बताइए... क्‍या राजस्‍थान के नौजवान टीचर बनने के लायक नहीं हैं..? क्‍या आप लोग टीचर बन सकते हैं या नहीं..? बच्‍चों को पढ़ा सकते हैं या नहीं..? लेकिन इस राजस्‍थान की सरकार को आप पर भरोसा नहीं है..! एक लाख से अधिक टीचर्स की जगह जहां खाली हो, जहां बच्‍चों के लिए शिक्षा की चिंता न हो, वो आने वाले कल के राजस्‍थान की चिंता कैसे कर सकते हैं..?

 भाइयों-बहनों, भ्रष्‍टाचार किस हद तक आगे बढ़ा है..! बैड गवर्नेंस के नमूने देखिए, भ्रष्‍टाचार के लिए वह खुला मैदान छोड़ देता है। हमारे देश के किसानों ने, राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश के किसानों ने मेहनत करके गेहूं का उत्‍पादन किया, पसीना बहाया, दिन-रात खेतों में जुटे रहे, गेहूं पैदा करके अन्‍न के भंडार भर दिए। लेकिन सरकार का बैड गवर्नेंस देखिए, किसान के द्वारा मेहनत से पैदा किए गए गेंहू को रखने की इनके पास जगह नहीं है। ये लोग गेंहू को खुले में रख देते हैं, प्‍लेटफॉर्म पर रख देते हैं, गेंहू भीगते हैं, सड़ते हैं..! जब भारत की सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक पीआईएल हुआ, सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुस्‍तान सरकार को कहा कि ये गेहूं गरीबों को बांट दो। भाइयों-बहनों, ये काम करने जैसा था या नहीं..? सुप्रीम कोर्ट की बात माननी चाहिए थी या नहीं..? क्‍या इन लोगों ने माना..? नहीं माना..! आपको पता है इन लोगों ने क्‍या किया..? इन लोगों ने गेंहू को भीगने दिया, सड़ने दिया और बाद में लाखों टन गेहूं शराब बनाने वालों को 80 पैसे में बेच दिया..! मित्रों, ये मेरे किसान भाईयों के साथ अपमानजनक व्‍यवहार है या नहीं..? किसान गरीब का पेट भरने के लिए गेहूं पैदा करता है और ये बैड गवर्नेंस वाली सरकारें, ये कांग्रेस पार्टी, शराब की बोतलें भरने के लिए उस गेंहू का उपयोग करती है..! आप मुझे बताएं कि गेहूं से गरीब का पेट भरना चाहिए या शराब की बोतलें..? जिन लोगों को गरीब के पेट से ज्‍यादा शराब की बोतल महत्‍वपूर्ण है, क्‍या वो लोग गरीब का भला कर सकते हैं..? ऐसे लोग कभी भी गरीबों का भला नहीं कर सकते..!

भाइयों-बहनों, इनका बैड गवर्नेंस कहो या करप्‍शन कहो, उसके बारे में एक मजेदार बात बताता हूं। गुजरात और राजस्‍थान की सरहदें सटी हुई है और दोनों के बीच चार चेकपोस्‍ट हैं। जो व्‍हीकल उस रास्‍ते से जाता है, उसे उन दोनों चेकपोस्‍ट से जाना होता है। एक तरफ गुजरात का चेकपोस्‍ट है, उसके दूसरी तरफ 1 कि.मी. दूर राजस्‍थान का चेकपोस्‍ट है। जो व्‍हीकल गुजरात के चेकपोस्‍ट पर आता है वही व्‍हीकल राजस्‍थान के चेकपोस्‍ट पर आता है, जितना टोकन पैसा वह गुजरात के चेकपोस्‍ट पर देता है, उतना ही टोकन पैसा वह राजस्‍थान के चेकपोस्‍ट पर देता है, क्‍योंकि एक ही रास्‍ते पर इधर उनका और उधर हमारा चेकपोस्‍ट है। भाइयों-बहनों, इनका कमाल देखिए कि ये कैसे सरकार चलाते हैं। इन चार चेकपोस्‍ट पर समान दर होने के बावजूद भी, समान व्‍हीकल आने के बावजूद भी राजस्‍थान के चेकपोस्‍ट की इनकम 532 करोड़ रूपए है, जबकि उसी चेकपोस्‍ट पर गुजरात की इनकम 1300 करोड़ रूपए है। इसका कारण क्‍या है..? ये पैसे कहां गए..? ये कैसी सरकार चला रहे हो..?

भाइयों-बहनों, जब मैं गुजरात में पहली बार मुख्‍यमंत्री बना, तब से दिल्‍ली में बैठे हुए कांग्रेस के बड़े-बड़े विद्वान, पत्रकार परिषद करके दिन-रात गुजरात को गाली देते रहते हैं। ये दिल्‍ली के मेहरबानों, कान खोल कर सुन लो, ये चुनाव राजस्‍थान का है, ये चुनाव छत्तीसगढ़, मध्‍यप्रदेश और दिल्‍ली का है, गुजरात का चुनाव तो पिछले दिसम्‍बर में हो गया। आपको दुनिया भर की जितनी गंध फैलानी थी, आपने फैला दी, जितना झूठ और कीचड़ उछालना था, उछाल दिया, लेकिन वो सब गुजरात की जनता के गले नहीं उतरा और गुजरात की जनता ने दो तिहाई बहुमत से हमें सत्ता में बिठा दिया। हमने काम किया है या नहीं किया है वो गुजरात की जनता भली-भांति जानती है, दिल्‍ली में बैठकर झूठ फैलाना बंद करो..!

 भाइयों-बहनों, जब मैं गुजरात में पहली बार मुख्‍यमंत्री बना तो लोग मुझसे मिलने आते थे, और मुझे कहते थे कि बाकी सब कुछ तो ठीक है, आप नए-नए मुख्‍यमंत्री बने हैं, कम से कम शाम को भोजन करते समय तो बिजली दे दीजिए..! गुजरात में 2001-2002 के दौरान शाम के भोजन के समय बिजली नहीं मिलती थी, लेकिन आज गुजरात के हर घर में 24 घंटे, सप्‍ताह के 7 दिन और साल के 365 दिन बिजली मिलती है..! कांग्रेस की सरकारें जहां हैं वहां बिजली जाती है ये खबर नहीं है, बल्कि बिजली आती है, ये खबर होती है..! लोग बाजार में मिलते हैं, ट्रेन या बस के सफर में मिलते हैं तो चर्चा करते हैं कि तेरे यहां आई थी..? दूसरा बोलता है कि नहीं यार, पिछले हफ्ते तो नहीं आई, तो अगला बोलता है मेरे यहां मंगलवार को आई थी..! इन प्रदेशों में बिजली आनी भी खबर हुआ करती है..!

भाइयों-बहनों, लोकतंत्र की ताकत इसी में है कि हम अपने विपरीत विचारों का भी आदर और सम्‍मान करें, इसके बिना लोकतंत्र नहीं चलता है। हमारे खिलाफ कितनी भी आवाजें क्‍यों न उठती हों, सीना तानकर उसको झेलते हैं, 12 साल से झेल रहे हैं, क्‍या कभी जुबान खोली है..? यही तो लोकतंत्र का सौंदर्य है। लोकतंत्र की यही ताकत है। लोकतंत्र में हमारी जितनी ज्‍यादा आलोचना होगी, उतने ही ज्‍यादा तपकर हम बाहर निकलेंगे..!

भाइयों-बहनों, आप देखिए, इस देश में ये कैसे सरकारें चलाते हैं। एक तरफ लोग बिजली का संकट झेल रहे हैं और दूसरी तरफ 20,000 मेगावॉट बिजली पैदा करने वाले कारखाने बंद पड़े हैं। नौजवान बेराजगार हैं, ऐसे कारखाने हैं जिन्‍हे चालू करते ही 20,000 मेगावॉट बिजली मिल सकती है। लेकिन ये कमाल का देश देखिए और कमाल की सरकार देखिए कि वे बिजली के कारखानों को ताले लगाते हैं और लोगों को अंधेरे में रखते हैं। क्‍या कारण है..? भाइयों-बहनों, इसका कारण है कि दिल्‍ली सरकार को लकवा मार गया है, पॉलिसी पैरालाइसिस है और इसके कारण देश अंधेरे में डूब गया है..! भाइयों-बहनों, क्‍या आपमें से कोई ऐसा है जिसके घर में कोयला ताले में रखते हो..? कोयला तो घर के बाहर रखा जाता है। अगर आपके घर के बाहर से कोई गरीब आदमी या भिखारी भी निकलता है तो क्‍या वो कोयले की चोरी करेगा..? और ये दिल्‍ली सरकार कोयला खा गई..! अब जब सुप्रीम कोर्ट ने डंडा मारा तो बोलते हैं कि फाइल खो गई है..! मित्रों, सिर्फ फाइल ही नहीं, पूरी दिल्‍ली की सरकार खो गई है। आपकी तो सिर्फ फाइल खोई है लेकिन आपके रहते हिंदुस्‍तानियों की तो लाइफ खो गई है..!

भाइयों-बहनों, इन लोगों के भरोसे आप देश को नहीं चला सकते हैं। कांग्रेस पार्टी ने आप सभी से सौ दिन में महंगाई कम करने का वादा किया था..? क्‍या महंगाई कम हुई..? महंगाई बढ़ी..? क्‍या कांग्रेस ने वादा तोड़ा..? भाइयों-बहनों, अगर हमारे देश में एक-आध काम नहीं होता है तो कभी भी कोई बुरा नहीं मानता है, कि कोई बात नहीं, रह गया होगा..! लेकिन अगर कोई धोखा करता है, तो क्‍या ये देश कभी माफ करता है..? क्‍या धोखेबाज को कोई माफ करता है..? क्‍या धोखाधड़ी को माफ करता है..? उनका आपसे ये कहना कि 100 दिन में महंगाई कम करेंगे और महंगाई दिनों-दिन बढ़ती जाएं, बढ़ती जाएं तो क्‍या आप उन्‍हे माफ करेगें..?

भाइयों-बहनों, ये बहुत गंभीर और समझने की बात है। अगर हमें कुछ बुरा लगता है तो हम तुरंत कहते हैं कि ये ठीक नहीं है, ये अच्छा नहीं है..! अगर मैं यहां देर से आता तो आपसे क्षमा मांगता कि मुझे आने में देर हो गई तो क्षमा किजिए..! कहता कि नहीं कहता..? भाइयों-बहनों, ये कांग्रेस पार्टी देखिए। यहां राजस्थान में मैडम सोनिया जी आई थी, शहजादे आए थे, प्रधानमंत्री आए थे, उनकी पार्टी के तीनों दिग्‍गज नेता आए थे, यहां के उनकी पार्टी के मुख्‍यमंत्री घूमते रहते हैं, हालांकि इन दिनों वह चिंता में है पर घूमते रहते हैं..! भाइयों-बहनों, मुझे अभी शंभूनाथ जी बता रहे थे कि वह पराजय के मारे इतना डरे हुए हैं कि रात को 11 बजे पुलिस देख रही थी और शंभूनाथ जी पर हमला करने की और परेशान करने की कोशिश हुई। अरे, पराजय तो होती रहती है मिस्‍टर अशोक जी, राज्‍यसभा में जाकर दिल्‍ली सरकार में मंत्री बन जाइए, अभी भी 200 दिन बचे हैं..!

भाइयों-बहनों, इन्‍होने आपके साथ धोखा किया है। इतना ही नहीं, इनके इतने दिग्‍गज-दिग्‍गज लोग यहां भाषण दे रहे हैं, सुबह-शाम हमें गालियां दे रहे हैं, भाजपा को कोस रहे हैं, हर समस्‍या के लिए हमें जिम्‍मेवार ठहरा रहे हैं, लेकिन क्‍या एक बार भी इन लोगों ने महंगाई का ‘म’ बोला..? मुझे बताइए, क्‍या उनके भाषण में महंगाई का जिक्र तक हुआ है..? क्‍या उन्‍होने महंगाई के बारे में जबाव दिया..? भाइयों-बहनों, अगर कोई बात होती और हम जबाव न देते तो सात-सात दिन तक टीवी पर डिबेट चलती, कि भाजपा वाले जबाव नहीं देते हैं..! कांग्रेस पार्टी का अहंकार सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है, वह जनता को अपनी जेब में मानती है और जबाव देना उचित नहीं मानती है। ये लोकतंत्र नहीं है..! भाइयों-बहनों, महंगाई के लिए जबाव देना कांग्रेस का काम था, क्‍योंकि उन्‍होने वादा किया था। यहां जो नौजवान बैठे हैं वो मुझे बताएं कि आज नौजवान को क्‍या चाहिए..? क्‍या कोई नौजवान भीख का कटोरा लेकर खड़ा रहना चाहता है..? क्‍या कोई नौजवान दयादान पर जीना चाहता है..? क्‍या किसी नौजवान को मेहनत करने में शर्म आती है..? मुझे इस देश के नौजवानों पर नाज़ है..! वो मेहनत करने को तैयार है, वो पसीना बहाने को तैयार है, वो अपना गांव, घर, मां-बाप छोड़कर जहां पर भी रोजी-रोटी मिले, जाने के लिए तैयार होता है..! लेकिन भाइयों-बहनों, ये दिल्‍ली और राजस्‍थान की सरकार को आपके भविष्‍य की चिंता नहीं है। ये दुनिया का सबसे नौजवान देश है, इस देश की 65% जनसंख्‍या 35 वर्ष से कम आयु की है। ये नौजवान देश है, दो-दो भुजाएं है, दिमाग है, सपने हैं, संकल्‍प है, पसीना बहाने की तैयारी है, बस उसको अवसर चाहिए..!

भाइयों-बहनों, विकास के क्षेत्र में अगर आप ध्‍यान केंद्रित नहीं करेगें, देश को विकास की नई ऊंचाईयों पर नहीं ले जाएंगे, तो हिंदुस्‍तान का बेरोजगार नौजवान कहां जाएगा, किसके भरोसे जिन्‍दगी काटेगा..? लेकिन कांग्रेस सरकार को इस बात की एक रत्ती भर भी चिंता नहीं है। माताओं-बहनों, अब ये दिल्‍ली की सरकार आपका मंगलसूत्र छीनने के लिए तैयार बैठी है। गरीबी और महंगाई के लिए दिल्‍ली के नेता कैसी भाषा बोलते हैं..! हमारे देश के वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक संकट इसलिए पैदा हुआ है क्‍योंकि लोग सोना खरीदते हैं..! आप लोग ही बताइए, क्‍या ये बात आपके गले उतरती है..? अब हमारे देश के वित्त मंत्री ने एक बयान दे दिया, उन्‍होने कहा कि रूपए की कीमत के संबंध में मोदी जी सही बात नहीं बता रहे हैं..! श्रीमान चिदम्‍बरम जी, हम तो आपके जितने विद्वान नहीं हैं, हम तो चाय बेचते-बेचते यहां आएं हैं, हम गरीब मां की कोख से पैदा हुए हैं... पर चिदम्‍बरम साहब, कम से कम आप तो देश की जनता को सच बताइए..!

भाइयों-बहनों, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार छोड़ी, तब पोखरण का परमाणु विस्‍फोट का परीक्षण किया गया था, सारी दुनिया ने हमें आर्थिक संकट में डाल दिया था, सारी दुनिया ने सभी आर्थिक व्‍यवहार बंद कर दिए थे, उस संकट के काल खंड में भी, अटल बिहारी वाजपेयी के शासन के दौरान रूपया 40-45 के आसपास रहा करता था। श्रीमान चिदम्‍बरम जी, आपका रूपया लुढ़क गया, अस्‍पताल के दरवाजे के चक्‍कर काट रहा है, आपने एक डॉलर को 65 रूपए पर लगा दिया, रूपए की ताकत घटाने का काम आपकी सरकार ने किया है, आपके पापों ने किया है और आज मैं इस बात का आप पर दुबारा आरोप लगाता हूं, अगर आपमें हिम्‍मत है तो इस बात का जबाव दीजिए, कि अटल बिहारी वाजपेयी ने रूपए की कीमत जितनी छोड़ी थी, क्‍या उसमें गिरावट आई है या नहीं..? क्‍या रूपया लुढ़क गया है या नहीं..? क्‍या रूपया अस्‍पताल के चक्‍कर काट रहा है नहीं..? आप अनाप-शनाप बयानबाजी करके कितने दिन तक सच को ठुकराते रहेगें..? और ये ऐसा कहते है कि सारा गुनाह सोने का है..!

 भाइयों-बहनों, आपको पता है महंगाई क्‍यों बढ़ी..? ये दिल्‍ली में एक विद्वान मंत्री बैठे है, बहुत बड़े विद्वान है यानि ऐसा विद्वान शायद ही हिंदुस्‍तान में पैदा हुआ हो और आगे भी इसकी संभावना नजर नहीं आती है, ऐसे बड़े गजब के विद्वान है..! उन्‍होने कहा कि गरीब पहले सूखी रोटी खाता था, लेकिन अब गरीब दो-दो सब्‍जी खाता है और इसलिए महंगाई बढ़ गई..! मित्रों, जिस देश की सरकार में ऐसे मंत्री बैठे हों, जो ये कहें कि गरीब अपना पेट भर रहा है इसलिए महंगाई बढ़ रही है, ऐसी सरकार को एक मिनट नहीं चलने देना चाहिए..! आप लोग मुझे बताइए, क्‍या गरीब को सब्‍जी खाने का ह़क नहीं है, क्‍या गरीब सब्‍जी खाएं तो गुनाह करता है, क्‍या महंगाई इसलिए बढ़ी कि गरीब ने सब्‍जी खाई..? ये क्‍या बोल रहे हैं..!

हमारे प्रधानमंत्री जी बहुत बड़े अर्थशास्‍त्री हैं, विद्वान हैं और वह प्‍लानिंग कमीशन के चेयरमैन है, उन्‍होने कहा कि अगर आप हर दिन 26 रूपया खर्च करते हैं तो आप अमीर हो..! आप सुनिए भईया, हमारे देश के प्रधानमंत्री कह रहे है कि अगर आप प्रतिदिन 26 रूपए से ज्यादा खर्च करते हो, तो आप अमीर हो, आप गरीब की परिभाषा में नहीं आते हो..! आप लोग मुझे बताइए कि क्‍या हर रोज 26 रूपए खर्च करने वाला आदमी अमीर है क्‍या..? क्‍या 26 रूपए में दो कप चाय आती है..? अरे प्रधानमंत्री जी, 26 रूपए में तो 300 ग्राम प्‍याज नहीं आता है और आपकी सरकार कहती है कि 26 रूपए खर्च कर सकने वाला गरीब नहीं हो सकता है..! जिनकी ऐसी सोच है वे कभी भी देश का भला नहीं कर सकते हैं..!

भाइयों-बहनों, अभी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने राजस्‍थान की सरकार को लताड़ा है क्‍योंकि महंगी बिजली खरीदने के कारण अकेले राजस्‍थान के विद्युत बोर्ड का कर्ज 60,000 करोड़ से ज्‍यादा हो गया है..! आरबीआई ने कहा है कि एक साल के बाद आप राजस्‍थान में अंधकार ले आओगे, आपने ऐसी दुर्दशा करके रखी है। मित्रों, अगर राजस्‍थान को बचाना है तो भाजपा को लाना है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी के लोग तोड़ने की राजनीति में माहिर हैं, तोड़ो और राज करो की राजनीति में माहिर है, जबकि हमारी पार्टी जोड़ो और विकास करो, इस मंत्र को लेकर चल रही है। मित्रों, साम्‍प्रदायिक दंगे कराने में कांग्रेस पार्टी पूरे हिंदुस्‍तान में बदनाम है। कांग्रेस पार्टी वोट बैंक की राजनीति करती है, न्‍यायिक अधिकारों को छीन लेने का काम करती है। मैं भारतीय जनता पार्टी के लिए कहना चाहता हूं कि सरकार का एक ही मज़हब होता है, वो मज़हब होता है - इंडिया फर्स्‍ट, नेशन फर्स्‍ट, देश ही सबसे पहले। सरकार का एक ही धर्मग्रन्‍थ होता है - हमारे देश का संविधान, सरकार की एक ही भक्ति होती है - राष्‍ट्रभक्ति, सरकार की एक ही कार्यशैली होती है - सबका साथ, सबका विकास, सरकार की सिर्फ एक ही शक्ति होती है - सवा सौ करोड़ देशवासी..!

भाइयों-बहनों, इस देश को एक रखकर, सभी को साथ लेकर 21 वीं सदी हिंदुस्‍तान की सदी बनें, इस मंत्र को चरितार्थ करने के लिए आज भारतीय जनता पार्टी आपके पास आई है। आज कसौटी पर राजस्‍थान है, कल हिंदुस्‍तान होगा। रास्‍ता राजस्‍थान दिखाएगा, इसलिए आज मैं इस जोधपुर सूर्यनगरी से पूरे राजस्‍थान के मतदाताओं का आह्वान करता हूं कि आइए, विकास के लिए वोट कीजिए, राजस्‍थान का भाग्‍य बदलने के लिए वोट कीजिए..!

मंच पर हमारे अन्‍य साथी हैं जिनके नाम मैं दुबारा लेना चाहता हूं..! श्रीमती कमसा जी मेघवाल, श्री अर्जुन जी गर्ग, आदरणीय सूर्यकान्‍ता जी, श्रीमान कैलाश जी, श्रीमान जोगाराम जी, श्री शम्‍भू सिंह जी..! भाइयों-बहनों, हमारे इन सभी उम्‍मीदवारों को विजयी बनाएं ताकि राजस्‍थान विकास की यात्रा पर चल पड़े, इसके लिए मैं आप सभी को निमंत्रण देता हूं। आज फिर से एक बार मैं राजस्‍थान के कोटि-कोटि जनों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं, आप सभी ने मुझे अद्भुत प्रेम दिया है, मैं कल्‍पना नहीं कर सकता हूं, इतना प्‍यार मुझे राजस्‍थान ने दिया है। राजस्‍थान के नौजवानों, आप सभी का सपना पूरा करने के लिए हम अपने आपको आहुत करने के लिए तैयार हैं, आपकी आंकाक्षाएं पूरी हों, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है..!

एक बार फिर मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए,

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..! पहले मतदान, फिर जलपान..! पहले मतदान, फिर जलपान..! पहले मतदान, फिर जलपान..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..! वंदे मातरम्..!

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जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...