श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति सुश्री चन्द्रिका कुमारतुंगा भंडारनायके ने आज (3 सितंबर, 2015) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। वे ‘’संवाद - संघर्ष निषेध और पर्यावरण चेतना के लिए विश्व हिन्दू-बौद्ध पहल’’ में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा पर हैं।

प्रधानमंत्री ने श्रीलंका में शांतिपूर्ण और सहभागिता पूर्ण तरीके से संसदीय चुनावों के सफल आयोजन को देश में लोकतंत्र का प्रतिबिंब करार देते हुए उसका स्वागत किया।
उन्होंने श्रीलंका में तथा भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की दिशा में सुश्री चन्द्रिका द्वारा निभाई गई नेतृत्वपूर्ण भूमिका की बेहद सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री चन्द्रिका श्रीलंका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेंगी ताकि वह वास्तविक सुलह और सामाजिक सद्भाव की दिशा में अग्रसर हो सके, जहां समस्त समुदायों की महत्वकाक्षाएं संयुक्त श्रीलंका के प्रारूप में पूरी हो सके।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत, श्रीलंका के साथ रिश्तों को सर्वोच्च अहमियत देता है। दोनों देशों के बीच रिश्तों, इतिहास और संस्कृति के गहरे और स्थायी संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इन संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


