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"Shri Narendra Modi addressed rallies in Uttar Pradesh"
"Just because we belong to the lower strata does it mean we can be abused like this: Shri Modi to Congress"
"We do not want anything. We just want a right to live with dignity. What is the crime we have committed: Shri Modi retaliating to Congress’ casteist comments"
"You want to hang me hang me, but do not insult my fellow Indians who were born in lower castes: Shri Modi to Congress"
"Forget a tea seller, in a democracy everyone has the right to be the PM: Shri Modi in UP"
"I do not know if the EC has the courage to act against such statements made: Shri Modi on casteist insults by Congress leaders"
"Nation has stepped out of caste and communal politics. Youth want development and a sound future: Shri Modi"

Watch : Shri Narendra Modi addressing a Public Meeting in Domariyaganj, Uttar Pradesh

6 मई 2014 को उत्तर प्रदेश में रैलियों को संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को बिना किसी वर्ग या जाति भेद के समाज के सभी वर्गों को अधिकार संपन्न बनाने पर भाजपा के पूरे ध्यान से अवगत कराया। श्री मोदी ने डुमरियागंज, महाराजगंज, बाँसगाँव और सलेमपुर में समर्थकों की भारी भीड़ को संबोधित किया, और समाज के निचले या पिछड़े वर्गों के लोगों को हेय दृष्टि से देखने के कांग्रेस के दृष्टिकोण तथा उसकी जातिवादी राजनीति की निंदा की।

नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों का, जिसमें इन नेताओं ने कहा कि श्री मोदी 'नीच राजनीति ' खेल रहे हैं, का कङा जवाब देते हुए श्री मोदी ने पूछा कि क्या एक पिछड़ी जाति में पैदा होना अपराध है? उन्होंने कहा कि पिछड़े समुदाय सदियों से भेदभाव के शिकार रहे हैं, और उच्च तबके के लोगों ने न केवल उनका अपमान किया है बल्कि उनसे विकास के हर अवसर छीन लिए हैं। "हम पिछङी जातियों में पैदा हुए हैं। क्या यह एक अपराध है? हमने आपकी भलाई के लिए अपने जीवन का बलिदान किया है। लेकिन हमने कभी अपमानित महसूस नहीं किया। हम कुछ और नहीं चाहते हैं। हम सिर्फ गरिमा के साथ जीने का अधिकार चाहते हैं। हम कौन सा अपराध किया है? क्या हमारा अपमान सिर्फ इसलिए किया जा सकता है, क्योंकि हम पिछङे समुदाय से हैं? आप मुझे लटकाना चाहते हैं, लटका दीजिए, लेकिन हमारे उन भारतीय साथियों का अपमान मत करिए जो निचली जातियों में पैदा हुए हैं। " श्री मोदी ने कहा।.

श्री मोदी ने कहा कि कैसे कांग्रेस आजादी के 60 वर्ष पूरे होने के बावजूद , एक भेदभावपूर्ण और अपमानजनक मानसिकता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बचपन के बिताए गए अपने गरीबी के दिनों पर कांग्रेस नेताओं के लगातार हमलों का भी करारा जवाब दिया, और कहा “सबसे पहले उन्होंने मुझे एक चाय विक्रेता कहा। जैसे चाय बेचना कोई अपराध हो। उन्होंने कहा कि क्या एक चाय बेचने वाला देश को चलाएगा।” श्री मोदी ने पुष्टि कि एक लोकतंत्र में, एक चाय विक्रेता सहित हर किसी को प्रधानमंत्री बनने का अधिकार है और उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि क्या वह इस तरह के बयानों के खिलाफ कोई कार्यवाही करने का साहस करेगा?

श्री मोदी ने लोगों के लिए सुविधाओं की भारी कमी की आलोचना की, और कहा कि चाहे यह पर्याप्त पानी और बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के बारे में हो या बेहतर शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने के संदर्भ में हो, केंद्र सरकार ने हमेशा अपने ही लोगों के प्रति उदासीनता दिखाई है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे सबका (सपा , बसपा और कांग्रेस) का एक ही उद्देश्य है- श्री मोदी को बदनाम करना और उन्हें प्रधानमंत्री बनने से रोकना। उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार , बेरोजगारी और गरीबी की समस्या से निपटने में कांग्रेस की असफलता, और लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं होने वाले उनके अहंकार की आलोचना की, और लोगों से भारतीय जनता पार्टी के लिए मतदान करके कांग्रेस के कुशासन का सफाया करने का आग्रह किया।

श्री मोदी 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' बनाने के अपने दृष्टिकोण की पुष्टि की, और समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर राष्ट्र को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से कमल चुनाव-चिन्ह के लिए वोट देने और ऐसी सरकार लाने का आग्रह किया, जो गरीब के आँसू पोंछे, युवाओं को रोजगार दे, किसानों को सशक्त बनाए और समाज के सभी वर्गों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करे। "राष्ट्र जाति और सांप्रदायिक राजनीति से बाहर कदम रख चुका है। आज का युवा विकास और एक सुखद भविष्य चाहता है, " श्री मोदी ने पुष्टि की।

Watch : Shri Narendra Modi addressing "Bharat Vijay" rally in Maharajganj, Uttar Pradesh

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प्रधानमंत्री 28 सितंबर को विशेष गुणों वाली 35 फसलों की किस्में राष्ट्र को समर्पित करेंगे
September 27, 2021
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान रायपुर का नवनिर्मित परिसर राष्ट्र को समर्पित करेंगे

प्रधानमंत्री कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवॉर्ड भी वितरित करेंगे

जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियां अपनाने को लेकर जन जागरूकता पैदा करने की कोशिश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28 सितंबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तमाम आईसीएआर संस्थानों, राज्य और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में आयोजित एक अखिल भारतीय कार्यक्रम में विशेष गुणों वाली 35 फसलों की किस्में राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान रायपुर का नवनिर्मित परिसर भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

इस मौके पर प्रधानमंत्री कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवॉर्ड वितरित करेंगे। साथ ही उन किसानों के साथ बातचीत करेंगे जो नवीन तरीकों का उपयोग करते हैं और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

विशेष गुणों वाली फसलों की किस्मों के बारे में

जलवायु परिवर्तन और कुपोषण की दोहरी चुनौतियों को हल करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विशेष लक्षणों वाली फसल की किस्मों को विकसित किया गया है। जलवायु को लेकर लचीलापन और ऊंची पोषक तत्व सामग्री जैसे विशेष गुणों वाली 35 ऐसी फसलों की किस्मों को साल 2021 में विकसित किया गया है। इनमें सूखे को बर्दाश्त करने वाली चने की किस्म, विल्ट और स्टरिलिटी मौज़ेक प्रतिरोधी अरहर, सोयाबीन की जल्दी पकने वाली किस्म, चावल की रोग प्रतिरोधी किस्में और गेहूं, बाजरा, मक्का, चना, क्विनोआ, कुटु, विन्गड बीन और फाबा बीन की बायोफोर्डिफाइड किस्में शामिल हैं।

इन विशेष लक्षणों वाली फसल की किस्मों में वे भी शामिल हैं जो कुछ फसलों में पाए जाने वाले ऐसे पोषण-विरोधी कारकों को हल करती हैं जो मानव और पशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। ऐसी किस्मों के उदाहरणों में पूसा डबल जीरो मस्टर्ड 33, पहला कैनोला क्वालिटी हाइब्रिड आरसीएच 1 जिसमें <2% इरुसिक एसिड और <30 पीपीएम ग्लूकोसाइनोलेट्स और एक सोयाबीन की किस्म शामिल है जो दो पोषण-विरोधी कारकों से मुक्त है जिन्हें कुनिट्ज़ ट्रिप्सिन इनहिबिटर और लिपोक्सीजनेस कहते हैं। सोयाबीन, ज्वार, और बेबी कॉर्न सहित अन्य में विशेष गुणों वाली किस्में विकसित की गई हैं

राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान के बारे में

रायपुर में राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान की स्थापना जैविक तनाव में बुनियादी और रणनीतिक अनुसंधान करने, मानव संसाधन विकसित करने और नीतिगत सहायता प्रदान करने के लिए की गई है। इस संस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 से पीजी कोर्स शुरू कर दिए हैं।

ग्रीन कैंपस पुरस्कारों के बारे में

ग्रीन कैंपस पुरस्कारों की शुरुआत इसलिए की गई है ताकि राज्य और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों को ऐसी आदतें विकसित करने या अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके जो उनके परिसरों को ज्यादा हरा-भरा और स्वच्छ बनाए, और छात्रों को 'स्वच्छ भारत मिशन', 'वेस्ट टू वेल्थ मिशन' में शामिल होने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के मुताबिक सामुदायिक जुड़ाव के लिए प्रेरित करे।