केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा है कि वित्तीय समावेश भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को वित्तीय सेवाओं से वंचित रखने से हमारे देश का विकास बाधित होता है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश पहल ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ के तहत हासिल उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री ने आज यहां कहा कि 26 जनवरी 2015 तक देश भर में साढ़े 7 करोड़ परिवारों का बैंक खाता खोलने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 17 जनवरी 2015 तक साढ़े 11 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके है। देश भर में फैले 21.02 करोड़ परिवारों के बीच सर्वेक्षण करने के बाद यह तथ्य उभर कर सामने आया है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत हासिल उपलब्धियों को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज किया जा चुका है, जिसमें यह जिक्र किया गया है कि वित्तीय समावेश अभियान के तहत एक सप्ताह (23 से 29 अगस्त, 2014) में रिकॉर्ड 18,096,130 बैंक खाते खोले गये। यह उपलब्धि भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग ने हासिल की है। उन्होंने बताया कि सर्वे किये गये परिवारों में से 99.74 फीसदी को सफलतापूर्वक कवर किया जा चुका है। वित्त मंत्री ने बताया कि जितने बैंक खाते खोले गये हैं, उनमें से 60 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में और 40 फीसदी शहरी क्षेत्रों में खोले गये हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि इनमें महिला खाताधारकों की हिस्सेदारी तकरीबन 51 फीसदी रही है।
वित्त मंत्री ने बताया कि 10 करोड़ से भी ज्यादा लाभार्थियों को ‘रुपे कार्ड’ जारी किये गये हैं, जिन्हें योजना के तहत एक लाख रुपये के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, योग्य समझे जाने वाले लाभार्थियों को 30,000 रुपये का जीवन बीमा कवर भी मिलेगा। श्री जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गये खातों में कुल मिलाकर 9,188 करोड़ रुपये जमा कराये गये हैं।


