एनडीए सरकार ने चीन, हांगकांग, मकाओ के लिए अपने ई-टूरिस्ट वीजा सुविधा का विस्तार किया
केंद्र सरकार की ई-पर्यटक वीजा योजना अब 77 देशों के लिए उपलब्ध

सरकार ने चीन गणराज्‍य, हांगकांग प्रशासनिक क्षेत्र और मकाउ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के लिए 30 जुलाई, 2015 से ई-टूरिस्‍ट वीजा सुविधा का विस्‍तार करने तथा लागू करने के इंतजाम करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में चीन यात्रा के दौरान यह घोषणा की थी। यह सुविधा उसी के मद्देनजर दी गई है। इसके साथ ही ई-टूरिस्‍ट वीजा योजना के तहत देशों/क्षेत्रों की संख्‍या 74 से बढ़कर 77 हो जाएगी।

पहले ही इस योजना के तहत शामिल देशों में अंगुइला, एंटिगुआ और बारबुडा, आस्‍ट्रेलिया, बहामास, बारबाडोस, बेलिज, ब्राजील, कंबोडिया, कनाडा, गेमन आइलैंड, चिली, कुक आइलैंड्स, कोस्‍टा रिका, जिबूती, डोमिनिका, डोमिनिक रिपब्लिक, इक्‍वाडोर, अल सल्‍वाडोर, एस्‍टोनिका, फि‍जी, फिनलैंड, फ्रांस, जार्जिया, जर्मनी, ग्रेनेडा, गुयाना, हैती, होंडुरास, इंडोनेशिया, इस्राइल, जापान, जार्डन, कीनिया, किरिबती, लाओस, लातविया, लिचेंसटाइन, लिथुआनिया, लग्‍जमबर्ग, मार्शल आइलैंड्स, मॉरीशस, मेक्सिको, माइक्रोनेशिया, मोंटीनेग्रो, मांटसेराट, मयांमा, नौरू, न्‍यूजीलैंड, निकारागुआ, नीए आइलैंड, नार्वे, ओमान, पलाउ, फिलिस्‍तीन, पापुआ न्‍यू गिनी, पराग्‍वे, फिलिपीन्‍स, कोरिया गणराज्‍य, मैसीडोनिया गणराज्‍य, रूस, सेंट क्रिस्‍टोफर एंड नेविस, समोआ, सिंगापुर, सोलोमन आइलैंड्स, श्रीलंका, थाइलैंड, टोंगा, टुआलू, यूएई, उक्रेन, संयुक्‍त राज्‍य अमरीका, वनुआतु, वेटिकन सिटी-होली सी और वियतनाम हैं।

ई-टूरिस्‍ट वीजा योजना भारत सरकार ने 27 नवंबर, 2015 को आरंभ की थी। यह अब 77 देशों और क्षेत्रों में लागू हो गई है। चरणबद्ध ढंग से इस योजना को अन्‍य देशों और क्षेत्रों के लिए लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत ई-टूरिस्‍ट वीजा धारक पर्यटक नौ निर्धारित हवाई अड्डों (बंगलुरू, चेन्‍नई, कोच्चि, दिल्‍ली, गोवा, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और त्रिवेंद्रम) पर आ सकते हैं। यह योजना आरंभ होने से, करीब 2,00,000 ई-टूरिस्‍ट वीजा विभिन्‍न देशों के नागरिकों को जारी किए जा चुके हैं।

पिछले तीन वर्ष के दौरान कुल 1,79,873 पर्यटक वीजा चीन, हांगकांग एसएआर और मकाउ एसएआर के नागरिकों को जारी किए गए। उम्‍मीद है कि चीन गणराज्‍य, हांगकांग एसएआर और मकाउ एसएआर के नागरिकों को ई-टूरिस्‍ट वीजा योजना के विस्‍तार से इन क्षेत्रों के अधिक पयर्टक भारत आएंगे और इन क्षेत्रों के बीच आपसी संबंध मजबूत होंगे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
From welfare to opportunity: How DPI 2.0 and AI will unlock India’s productivity

Media Coverage

From welfare to opportunity: How DPI 2.0 and AI will unlock India’s productivity
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।