"Narendra Modi addresses round of Bharat Vijay Rallies via 3D technology"
"Narendra Modi urges people of India to vote in large numbers"
"Delhi needs a strong government and an end to the politics of jod-tod: Narendra Modi"
"Time to reject a government that is not bothered about the people: Narendra Modi"

बुधवार 23 अप्रैल 2014 की शाम को श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत विजय रैली के एक और दौर में 3-डी तकनीक के माध्यम से भारत भर के लोगों को संबोधित किया। श्री मोदी ने भारतवासियों से आग्रह किया कि वो एक मजबूत सरकार को चुनें जो एक भव्य और दिव्य भारत का आधार तैयार कर सके और हमारे युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा कर सके। श्री मोदी ने आश्वस्त किया कि पहले चरण के मतदान से यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस की विदाई अब निश्चित है और अब लोगों का सारा ध्यान एक मजबूत और स्थिर सरकार के चुनाव की स्थापना पर है जो भारत के भविष्य की ओर देख सके।

श्री मोदी ने बताया कि एक बहुत लंबे समय तक 'जोङ-तोङ' की राजनीति बनी रही है और इसने बहुत सी बङी-बङी समस्याओं को जन्म दिया है। उन्होंने कहा "इस तरह की राजनीति को अब बंद कर देना चाहिए। कभी सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है और कभी अन्य तरकीबें इस्तेमाल की जा रही हैं। यह समय आ गया है कि इन शर्मनाक कृत्यों को रोका जाए। हमें एक मजबूत सरकार का चुनाव करना चाहिए, जो जोङ-तोङ की राजनीति पर निर्भर न हो।

अपने भाषण में श्री मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर हमला किया और कहा कि वे लोगों के भविष्य के बारे में परवाह नहीं कर रहे हैं, और कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन राष्ट्र को आगे नहीं ले जा सकता है। उन्होंने उन लोगों को नकारा बताया जो कहते रहते हैं कि कुछ भी संभव नहीं है, और कहा कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है। श्री मोदी ने 2001 में एक विनाशकारी भूकंप को याद किया जिसने गुजरात को बर्बाद कर दिया पर इसने एक छोटी सी अवधि में अपने आप को विनाश की ट्रेन से बाहर निकाल लिया और आलोचकों को गलत साबित कर दिया। उन्होंने उन कठिन परिस्थितियों की चर्चा की, जब अक्टूबर 2001 में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया और गुजरात भूकंप के विनाश से ऊपर उठा और इसने प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुआ।

श्री मोदी ने महिलाओं की सुरक्षा पर कांग्रेस के निराशाजनक रिकार्ड के लिए उन पर हमला किया। "कांग्रेस का महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा के बारे में बात करना उचित नहीं लगता है," उन्होंने तंदूर मामले से लेकर लातूर में हुए हाल के प्रकरण की चर्चा करते हुए महिलाओं के प्रति कांग्रेस के दृष्टिकोण का इतिहास बताया। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस द्वारा शासित राज्यों में महिलाएँ असुरक्षित क्यों हैं? कांग्रेस के कुशासन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे यूपीए ने 20 सूत्री कार्यक्रम के मूल्यांकन को बंद कर दिया जब उन्हों समझ में आया कि इसके निष्पादन में शीर्ष प्रदर्शन राज्यों की सूची में यूपीए शासित राज्यों का स्थान बहुत नीचे है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता कैसे गरीबों का मखौल उङाते हैं।

श्री मोदी को 3-डी रैलियों के दौरान सुनने के लिए भारत के कई राज्यों में लाखों लोग विभिन्न जगहों पर एकत्र हुए। 3-डी रैलियाँ भारत भर में लोगों के साथ जुङने का श्री मोदी द्वारा अपनाया गया एक ऐतिहासिक माध्यम है।

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प्रधानमंत्री ने प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 30, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि प्रकृति, पर्यावरण और संपूर्ण सृष्टि के प्रति सम्मान हमारे अस्तित्व का मूल आधार है। उन्होंने सभी से स्वस्थ, समृद्ध और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में कृतज्ञता और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ भाग लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्‍कृत सुभाषितम् साझ किया

“शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमन्तरिक्षं दृशये नो अस्तु।

शं न ओषधीर्वनिनो भवन्तु शं नो रजसस्पतिरस्तु जिष्णुः॥”

सुभाषितम् में कहा गया है कि सृष्टि के आरंभ से ही पूजनीय द्युलोक और पृथ्वी हमारे लिए सदा श्रद्धेय रहे हैं। ईश्‍वर करे, पृथ्वी और सूर्य के बीच का मध्यवर्ती भाग हमारे जीवन को लाभप्रद और ज्ञानवर्धक बनाए। सभी औषधीय जड़ी-बूटियां और वन के पौधे हमें स्वास्थ्य, पोषण एवं सुख प्रदान करें। समस्त लोकों के सर्वव्यापी और विजयी स्वामी हमें सदा कल्याण, शांति तथा समृद्धि प्रदान करें।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“प्रकृति, पर्यावरण और समस्त सृष्टि का सम्मान हमारे अस्तित्व के मूल में है। आइए, हम इनके प्रति पूरी कृतज्ञता और सेवाभाव के साथ एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनें।

शं नो द्यावापृथिवी पूर्वहूतौ शमन्तरिक्षं दृशये नो अस्तु।

शं न ओषधीर्वनिनो भवन्तु शं नो रजसस्पतिरस्तु जिष्णुः॥”