पीएम मोदी का हमेशा से यह मानना रहा है कि गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों को जमीनी स्तर पर ही सुलझाना होगा, तभी सरकारी लाभ हर व्यक्ति तक पहुँच सकता है। इस दिशा में श्री मोदी द्वारा की गई एक अभिनव पहल 'लोक मेले’ बने, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

गुजरात के पूर्व मुख्य सचिव वरेश सिन्हा ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया, जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और सिन्हा पंचायत विभाग में थे; तब सीएम मोदी के दिमाग की उपज के तौर पर ‘लोक मेला’ (गरीब कल्याण मेला) शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था, अंतिम मील पर खड़े लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं और उसके फायदों को पहुँचाना। सिन्हा कहते हैं, “एक मौके पर सीएम मोदी ने टिप्पणी की कि यह महत्वपूर्ण है कि सरकारी कर्मचारी, सिस्टम की अड़चनों को खत्म करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे लोगों तक पहुँचें।”

सिन्हा उस समय को याद करते हैं जब इन ‘लोक कल्याण मेलों’ में से एक का आयोजन उत्तर गुजरात में किया गया था, माहौल धूल-मिट्टी से भरा हुआ था और जमीनी स्तर पर विभिन्न नौकरशाह इन स्थितियों के अभ्यस्त नहीं थे। बाद में, कैबिनेट की एक बैठक में, सीएम मोदी ने टिप्पणी की कि हाल ही में संपन्न ‘लोक कल्याण मेला’ पहला ऐसा अवसर था, जहाँ नौकरशाहों के कोट पर ‘धूल-मिट्टी’ देखी गई थी।

इस उदाहरण के साथ ‘धूल-मिट्टी’ सीएम मोदी के प्रशासन में चर्चा का विषय बन गई। सीएम मोदी ने बाद में कहा कि एक नौकरशाह को, खुद को एक वातानुकूलित कमरे तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि गाँवों और प्रशासन के क्षेत्रों में खुद जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान हो सकता है।

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भारत के खेलों में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास
May 09, 2024

भारत के खेल बजट में रिकॉर्ड वृद्धि, खेलो इंडिया गेम्स और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम सहित तमाम इनिशिएटिव; भारत में खेल परिदृश्य पर मोदी सरकार के जोर को दर्शाते हैं। भारत में ‘युवा ओलंपिक’ और ‘ओलंपिक 2036’ की मेजबानी के लिए पीएम मोदी का प्रयास, पिछले दशक में भारत के खेलों के लिए अग्रणी बदलाव और विजन को दर्शाता है।

एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने खेलों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अभूतपूर्व समर्थन की सराहना की और बताया कि कैसे पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और भारत में खेलों से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों के बारे में गहराई से जानकारी ली और भारत के खेलों में बदलाव के लिए मिशन मोड पर इन मुद्दों को हल करने पर बल दिया।

मुद्दों को सुलझाने के इरादे के साथ-साथ, पीएम मोदी हमेशा विभिन्न एथलीटों के संपर्क में रहे और भारत में खेलों को देखने के तरीके में एक व्यवस्थित बदलाव लाने की कोशिश की। इसके अलावा, भारत के खेलों में बदलाव; देश में बेहतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी परिणाम था।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी खेलों में वाकई दिलचस्पी रखते हैं। वह हर एथलीट को जानते हैं...उनके प्रदर्शन को जानते हैं। किसी भी बड़ी चैंपियनशिप से पहले, वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाते हैं और उनसे बातचीत करते हैं...शानदार विदाई समारोह का आयोजन करते हैं और वापसी पर जीत को सेलिब्रेट भी करते हैं।"

उन्होंने कहा कि प्रत्येक एथलीट खुश है क्योंकि प्रधानमंत्री खुद उनके करियर, बेहतरी और परफॉरमेंस में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं।