भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बंद हुए 500 और 1000 के नोटों पर सवाल खड़े करने पर कांग्रेस से प्रधानमंत्री ने प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा कि 1962 में देश को 19 महीने के लिए जेलखाना बना दिया गया था। श्री मोदी ने जनता के सामने सवाल पूछते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता जेल में डालने के नाम पर जिस तरह से देश को खुलेआम लूट रहे थे, क्या वो भ्रष्टाचार मिटाने के लिए था? जिस तरह से मीडिया की आवाज बंद कर दी गई थी, अखबारों के संपादकों को जेल में डाल दिया गया था, क्या वो भ्रष्टाचार मिटाने के लिए था? प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस बताए नोटबंदी पर इतनी तकलीफ़ उन्हें क्यों हो रही है।
Published By : Admin |
November 14, 2016 | 15:06 IST
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प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में सौम्य वाणी के महत्व पर बल दिया
January 06, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक सुभाषितम के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में सौम्य वाणी के महत्व पर बल दिया।
श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक संस्कृत श्लोक साझा किया:
“प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात् तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता।।”
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 6, 2026
तस्मात् तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता।। pic.twitter.com/xCoY5SseNy

