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भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और इस धरती के सपूत आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी, हम सबके मार्गदर्शक हमारे वरिष्‍ठ नेता आदरणीय डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी, उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष श्रीमान लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी जी, श्रीमान कलराज जी, आदरणीय श्री कल्‍याण सिंह जी, श्रीमान ओम प्रकाश सिंह जी, श्रीमान अमित भाई शाह, श्री रामेश्‍वर चौरसिया, श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, श्रीमान लाल जी टंडन जी, श्री केसरी नाथ त्रिपाठी जी, श्रीमान रमापति जी, श्रीमान सूर्यप्रताप जी, मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्‍ठ महानुभाव और काशी क्षेत्र के कोने-कोने से आए हुए इस विशाल जनसागर को मैं नमन करता हूं और आप सभी का अभिवादन करता हूं..!

मैं सोमनाथ की धरती से बाबा विश्‍वनाथ का आर्शीवाद लेने आया हूं। भाईयों-बहनों, हमारे देश में चुनाव आने से पहले चुनाव का ऐसा माहौल बना हो, यह शायद हिंदुस्‍तान के लोकतांत्रिक जीवन की पहली घटना है। राजनीतिक दल चुनाव आते समय सक्रिय हों, ज्‍यादा सक्रिय हों, आरोप-प्रत्‍यारोप हों, जनाधार बढ़ाने के प्रयास हों, ये तो होता ही है, लेकिन पहली बार हिंदुस्‍तान के कोने-कोने से जनता जनार्दन दिल्‍ली की सरकार को उखाड़ फेकनें के लिए उतावली हो रही है, एग्रेसिव हो रही है..! मैं देख रहा हूं कि 2014 का चुनाव कोई दल लड़ने वाला नहीं है, 2014 के चुनाव का नेतृत्‍व कोई व्‍यक्ति करने वाला नहीं है, 2014 का चुनाव इस देश की जनता लड़ने वाली है, इस देश का हर एक मतदाता लड़ने वाला है..!

भाईयों-बहनों, जब-जब हिंदुस्‍तान की चर्चा होगी या भूतकाल में हुई होगी, गंगा मईया की चर्चा के बिना हिंदुस्‍तान की चर्चा अधूरी है। औरों के लिए गंगा एक नदी हो सकती है, हमारे लिए गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, हमारी मां है..! गंगा सिर्फ एक पानी की धारा नहीं है, ये हमारी संस्‍कृति की धारा है..! भाईयों-बहनों, इस गंगा की सफाई के लिए न जाने कितनी योजनाएं बनी, न जाने कितने बजट खर्च किए गए, न जाने कितनी कमेटियां बनाई गई, लेकिन पता नहीं चल रहा है कि क्‍या गंगा के अंदर ये रूपए भी बह जा रहे हैं..? गंगा का शुद्धिकरण छोडिए, कम से कम इस धन से, इन योजनाओं से, गंगा में निरंतर जो गिरावट आ रही है, उसको तो रोक पाते..! लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यूपीए सरकार ने बड़े उत्‍साह और उमंग के साथ गंगा शुद्धिकरण के लिए एक योजना बनाई, बहुत प्रचार किया, लोगों को भी लगने लगा कि अब कुछ होगा, भरोसा हुआ और उन लोगों को सत्ता पर भी बैठा दिया, लेकिन मेरे उत्तर प्रदेश के भाईयों-बहनों, इस गंगा मईया की पवित्र धरती से मैं आप देशवासियों को भी कहना चाहता हूं कि ये दिल्‍ली में बैठी सरकार ने पांच साल में तीन मीटिंग करने के सिवाय कोई काम नहीं किया है..! मैं दिल्‍ली की सरकार को आग्रह करता हूं, प्रधानमंत्री जी को आग्रह करता हूं कि जरा देश के सामने बारीकियों के साथ आप जनता को हिसाब दें, देश की जनता को जबाव दें कि गंगा शुद्धिकरण के लिए आपने क्‍या किया..? राजीव गांधी के ज़माने से गंगा के नाम पर वोट मांगे गए हैं, गंगा शुद्धिकरण के नाम पर देश के सामने आपने अपनी एक नई पहचान बनाने का प्रयास किया है, गंगा के नाम पर हजारों करोड़ रूपए देश की तिजोरी से निकाले गए हैं, देश की जनता हिसाब मांगती है, जबाव मांगती है कि गंगा शुद्धिकरण के लिए आपने क्‍या-क्‍या किया, कब किया, कैसे किया और देश यह भी जानना चाहता है कि किस-किस के लिए किया..!

भाईयों-बहनों, मैं आप सभी लोगों, सारे देशवासियों, खासकर यूपी के भाईयों से जानना चाहता हूं कि गंगा के नाम पर जिस प्रकार देश के नागरिकों को मूर्ख बनाया गया है, उन्‍हे अंधेरे में रखा गया है, उनके साथ चीटिंग हुई है, क्‍या ऐसे लोगों को फिर से सरकार बनाने देनी चाहिए या नहीं, जिन्‍होने गंगा जैसे पवित्र काम में भी इस प्रकार का पाप किया है..! मुझे पूरी ताकत से बताइए, जिन्‍होने गंगा के साथ खिलवाड़ किया, क्‍या उन्‍हे सरकार देनी चाहिए..? जिन्‍होने गंगा को अधिक बर्बाद किया, क्‍या उन्‍हे सरकार देनी चाहिए..? क्‍या ये देश उनको दे सकते हैं..? अरे जो गंगा नहीं संभाल सकते, वो देश क्‍या संभाल सकते हैं..! भाईयों-बहनों, आप ये समजने की गलती मत करना कि उत्तर प्रदेश जहां से गंगा बह रही है उस इलाके के लोग गंगा की अशुद्धि का कारण हैं। मित्रों, गंगा के शुद्धिकरण के लिए पहले दिल्‍ली को शुद्ध करना पड़ेगा, लखनऊ को शुद्ध करना पड़ेगा, तब जाकर गंगा शुद्ध होगी..! इन लोगों के रहते हुए, बैठते हुए गंगा के शुद्धिकरण की कोई संभावना नहीं है..!

आजकल लोग मुझे सवाल पूछते हैं, विशेषकर वह लोग जो कांग्रेस को बचाने में लगे हुए है कि किसी भी हालत में कांग्रेस बची रहे, ताकि उनकी दुकान चलती रहे, ऐसे कांग्रेस के रक्षक सवाल करते है कि मोदी जी ये तो बताओ, आप क्‍या करेंगे..? कांग्रेस ने तो तबाह कर दिया, बर्बाद कर दिया, लेकिन आप क्‍या करेंगे..? मैं सिर्फ कहता नहीं हूं, करके दिखाता हूं..! जिनके मन में यह सवाल है और जो मुझे ऐसा पूछते है कि आप क्‍या कर सकते हैं, उन सभी से मेरी प्रार्थना है कि एक दिन निकालिए, सिर्फ एक दिन, गुजरात आइए, अहमदाबाद की धरती पर आइए, साबरमती के किनारे पर जाकर खड़े रहिए। आज से दस साल पहले साबरमती एक गंदी नाली का रूप बन गई थी, महात्‍मा गांधी जी के नाम के साथ जिस साबरमती नदी का नाम जुड़ा था, कि साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल, हर गली-मोहल्‍ले में साबरमती की बात होती थी, आजादी के आंदोलन के साथ साबरमती जुड़ी हुई थी, लेकिन वह साबरमती नदी, गंदी नाली के सिवाय कुछ नहीं बची थी..! आज जाकर देखिए, शहर के बीचों-बीच शुद्ध नर्मदा के जल से साबरमती लबालब़ भरी है और बह रही है। भाईयों-बहनों, क्‍या आपको भरोसा है कि अगर साबरमती शुद्ध हो सकती है तो गंगा भी शुद्ध हो सकती है..? साबरमती का कल्‍याण हो सकता है तो गंगा का भी कल्‍याण हो सकता है..? अगर साबरमती गुजरात का जीवन बदल सकती है तो क्‍या गंगा हिंदुस्‍तान का जीवन बदल सकती है..?

भाईयों-बहनों, हम खोखले वादे करने वालों में से नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्‍वास दिलाने आया हूं कि हम वादे नहीं इरादे लेकर आएं हैं..! देश वादों से ऊब चुका है, देश ने बातें बहुत सुनी हैं, उपदेश भी बहुत सुने हैं, अब देश का धरती पर सच्‍चाई उतारने का इरादा है, इसलिए आज मैं कहता हूं हम वादे नहीं इरादे लेकर आएं है और इरादों को पूरा करने की क्षमता रखते हैं..! भाईयों-बहनों, कुछ लोग सोचते हैं कि हिंदुस्‍तान की राजनीति में उत्तर प्रदेश का महत्‍व इसलिए है क्‍योंकि उत्तर प्रदेश के बिना किसी दल की सरकार नहीं बन सकती। भाईयों-बहनों, ये सोच उत्तर प्रदेश का अपमान है..! क्‍या उत्तर प्रदेश का उपयोग सिर्फ सांसदों का नम्‍बर बढ़ाने के लिए है..? क्‍या उत्तर प्रदेश का उपयोग सरकारें बनाने के लिए है..? भाईयों-बहनों, मेरी सोच इतनी सीमित नहीं है..! सवाल सरकार का नहीं है, अगर हिंदुस्‍तान को स्थिरता चाहिए तो उत्तर प्रदेश के बिना नहीं आ सकती है। अगर हिंदुस्‍तान का विकास करना है तो उत्तर प्रदेश का विकास किए बिना हिंदुस्‍तान का विकास असंभव है। अगर हिंदुस्‍तान से बेरोजगारी मिटानी है तो उत्तर प्रदेश की बेराजगारी मिटाएं बिना हिंदुस्‍तान की बेरोजगारी मिट नहीं सकती है। अगर हिंदुस्‍तान भूखा है और उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना के पट्ट जब तक पेट नहीं भरते, तब तक हिंदुस्‍तान की भूख मिट नहीं सकती..! उत्तर प्रदेश को सिर्फ सांसदों की संख्‍या के साथ न जोड़ा जाए। उत्तर प्रदेश भारत का भाग्‍य विधाता बन सकता है, समृद्ध भारत की धरोहर बन सकता है, देश को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए एक ताकतवर इंजन के रूप में उभर सकता है..! इसीलिए, भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश राजनीतिक खेल का मैदान नहीं है, हमारे लिए उत्तर प्रदेश हिंदुस्तान की भलाई के लिए सबसे बड़ी उर्वरक भूमि है, ऐसी हमारी सोच है..!

भाईयों-बहनों, मुझे यहां के नागरिकों की शक्ति पर भरोसा है। इसी उत्तर प्रदेश के लोग, आप के ही पूर्वज-पुरखों ने इसी भूमि पर राम राज्‍य बनाने का कार्य किया था..! अगर जनता ठीक न होती, लोग बराबर न होते, लोग सामर्थ्‍यवान न होते तो इस धरती पर कभी रामराज्‍य नहीं होता। भाईयों-बहनों, रामराज्‍य बनने के लिए जिस प्रकार की जनसामान्‍य की शक्ति चाहिए, जनसामान्‍य के संस्कार चाहिए, जनसामान्‍य की परम्‍परा चाहिए, ये सब कुछ उत्तर प्रदेश के जन-जन में है। आप उस विरासत के धनी है फिर भी मुसीबत क्‍यों है..? मुसीबत इसलिए है क्‍योंकि आपने सही सरकारें नहीं चुनी, आपको सही नेता नहीं मिलें, जिस दिन आप सही सरकार चुनेगें, आप सही नेता चुनेगें, तो जनता की ये शक्ति राष्‍ट्र को ऊपर ले जाने का बहुत बड़ा कारण बन सकती है और मुझे इस बात का पूरा भरोसा है..!

भाईयों-बहनों, लाल बहादुर शास्‍त्री के नेतृत्‍व में इस देश के किसान ने ठान लिया था, जब लाल बहादुर शास्‍त्री जी ने मंत्र दिया था - ‘जय जवान, जय किसान’, तो इसी देश के किसान ने हिंदुस्‍तान के अन्‍न के भंडार भर दिए थे। यही धरती, यही किसान, यही परम्‍परा, लेकिन सही नेतृत्‍व के आह्वान में इन्‍ही किसानों ने हिंदुस्‍तान के भंडार भर दिए थे। मित्रों, अकेला उत्तर प्रदेश पूरे यूरोप का पेट भर सकता है, इतनी ताकत है इसमें..! लेकिन सरकारें ऐसी बनी हैं, देश ऐसे चल रहा है कि आज यूरोप का पेट भरने का सामर्थ्‍य रखने वाला किसान, दुर्भाग्‍य से खुद का ही पेट नहीं भर पा रहा है, इससे बड़ी दुखद बात क्‍या हो सकती है..! जब किसान धान की पैदावार करता है, खेती करता है, दिन-रात मेहनत करता है तो उसके मन में भाव होता है कि इस मेहनत से पका हुआ धान किसी गरीब के पेट में जाएगा, किसी गरीब की जिन्‍दगी को बदलेगा, उसके आर्शीवाद मिलेंगे। सिर्फ पैसों की बात नहीं, उसके दिल में रहता है कि इंसान ही नहीं कोई पशु-पक्षी भी भूखा न रहें और इसीलिए किसान पसीना बहाता है, मेहनत करता है। लेकिन भाईयों-बहनों, इतनी मेहनत करके धान की खेती करने वाला किसान जब टीवी पर देखता है, अखबार में पढ़ता है कि रेलवे प्‍लेटफॉर्म पर पका-पकाया धान पानी में भीग रहा है, सड़ रहा है तो सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं होता बल्कि किसान के दिल को चोट पहुंचती है। भाईयों-बहनों, किसान जब धान पैदा करता है तो उसको संतोष सिर्फ जेब भरने से नहीं मिलता। उसकी जेब में कितने रूपए आएंगे, इससे भी किसान को संतोष नहीं होता है, उसको संतोष तब मिलता है जब उसे पता चलता है कि उसकी मेहनत से पैदा धान किसी गरीब के काम आया..! किसान के मन की ये भावना, ये किसान के दिल की बात दिल्‍ली में बैठी सरकार समझ नहीं पाती है, कागज पर हिसाब-किताब करने वाले लोग किसान के मन की भावना समझ नहीं पा रहें और इसी कारण, धान के भंडार पानी में भीग रहे हैं, सड़ रहे हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट हुकुम करती है कि ये धान गरीबों में बांट दिया जाएं। दिल्‍ली की सरकार धान को सड़ने देती है लेकिन गरीबों को बांटने से इंकार कर देती है, सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद भी इंकार कर देती है और बाद में मेहनत से पैदा किए जाने वाले धान को 80 पैसे की दर से शराब बनाने वालों को बेच देती है..! क्‍या मेरे देश के किसान को ऐसे काम से पीड़ा होती होगी या नहीं, उसके दिल को चोट पहुंचती होगी या नहीं..? मैं हैरान हूं कि क्‍या किसी देश के शासक ऐसे हो सकते हैं जो किसानों की मेहनत को शराब बनाने के लिए बेच दें..! ये किसानों का अपमान है, धरती पुत्रों का अपमान है और साथ ही साथ हमारे देश के गरीबों का मज़ाक है..!

भाईयों-बहनों, चुनाव आते हैं तो ये लोग माला जपने लग जाते हैं। कुछ विद्यार्थी होते हैं जो एक्‍जाम आने पर चार बार भगवान को याद करते हैं, पूजा-पाठ करते हैं कि आज पेपर है तो भगवान का आर्शीवाद मिल जाएं। एक्‍जामिनेशन हॉल में बैठते हैं तो वहां भी दस बार भगवान का स्‍मरण करते हैं और उसके बाद पेपर देखते हैं। इसी तरह, कांग्रेस पार्टी भी चुनाव आने पर माला फेरने लग जाती है - गरीब, गरीब, गरीब, गरीब... और मन में सोचती है कि एक बार इन लोगों का आर्शीवाद मिल जाएं तो नैय्या पार हो जाएगी..! भाईयों-बहनों, अगर इनके दिल में गरीबों के प्रति थोड़ा सा भी प्रेम या आदर होता, सीने में थोड़ा दर्द होता, तो आजादी के इतने सालों बाद, एक ही परिवार के पास 45 साल सरकार रहने के बाद गरीबों की ये हालत न होती। अगर गरीबी के लिए कोई एक दोषी है तो सिर्फ यह एक परिवार दोषी है। एक परिवार ने देश के गरीबों को तबाह करके रखा हुआ है और ये उनकी मानसिकता में झलकता है..!

भाईयों-बहनों, गरीबी क्‍या होती है ये देखने के लिए हमें कहीं जाना नहीं पड़ता है क्‍योंकि हमने बचपन गरीबी में बिताया है। मैं तो यह देखकर हैरान हूं कि गरीबों के प्रति इनके दिल में कितनी नफरत है..! यूपीए के एक नेता कहते हैं, मैं तो चाय बेचने वाला हूं..! आप लोग ही बताइए, क्‍या चाय बेचकर, मेहनत करके गुजारा करना गुनाह है..? पाप है..? क्‍या ईमानदारी से मेहनत करके खड़े होना कंलक है..? मुझे हैरानी होती है कि गरीबों की बात करने वाले ये लोग खुलेआम कह रहे है कि क्‍या चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है..? अगर देश की जनता आर्शीवाद दें तो खेत में काम करने वाला मजदूर भी प्रधानमंत्री बन सकता है, फुटपाथ पर बैठकर जूतों की पॉलिश करने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन मैं आपको अपने संस्‍कारों के आधार पर कहना चाहता हूं कि हमें चाय बेचना मंजूर है, देश बेचना मंजूर नहीं है..! वह लोग गरीबों का इस प्रकार मज़ाक उड़ाते हैं, और तो और उनके एक नेता बोलते हैं कि गरीबी कुछ नहीं होती, ये तो सिर्फ स्‍टेट ऑफ माइंड होता है, एक मन की अवस्‍था होती है..! शाम को जब घर में चूल्‍हा न जले, बच्‍चे रात-रात भर रोते रहें, तब पता चलता है कि गरीबी क्‍या होती है..! उन्‍हे क्‍या मालूम गरीबी क्‍या होती है। छोटे-छोटे बच्‍चे मां-बाप का पेट भरने के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन ये गरीबों का मज़ाक उड़ा रहे हैं..!

भाईयों-बहनों, ये जो अंहकार है और जो लोग गरीबों को अपनी जेब में मानते हैं, ऐसे लोगों से गरीबों का भला नहीं हो सकता है। इसलिए, मैं गरीबों से कहना चाहता हूं कि जिन लोगों ने आज तक आपका शोषण किया है उन्‍हे उखाड़ फेंकने का काम सबसे पहले करना होगा..! अभी हमारे राजनाथ सिंह जी ने बड़ी पीड़ा व्‍यक्‍त करते थे कि कांग्रेस के नेता ने कहा कि भाजपा वाले चोर हैं..! ये लोग पता नहीं क्‍या-क्‍या बोलते हैं, अगर इन लोगों के द्वारा बोले गए सभी शब्दों को एक जगह इक्‍ट्ठा करके कहीं छाप दिया जाएं तो हम हैरान हो जाएंगे कि इन लोगों के ऐसे संस्‍कार हैं, इनकी ऐसी भाषा है..? कांग्रेस के नेताओं को मैं कहना चाहता हूं कि आप लोग कहते हैं हम चोर हैं, आपका आरोप हमें मंजूर है। हां, हम चोर हैं, हां, हमने चोरी की है, हमने कांग्रेस की नींद चुराई है, हमने कांग्रेस का चैन चुरा लिया है..! अब हम लोग आजादी के बाद से देश को लूटने वाली कांग्रेस को चैन से बैठने नहीं देगें, ऐसा फैसला करके हम मैदान में आएं हैं..!

भाईयों-बहनों, मैं यहां उपस्थित सभी बड़ी आयु के लोगों से पूछना चाहता हूं कि आप जिन मुसीबतों से गुजारा करते रहे हैं, क्‍या आप अपने बच्‍चों को ऐसा हिंदुस्‍तान देना चाहते हैं..? क्‍या आप अपने बच्‍चों को गरीबी में जीने के लिए मजबूर करना चाहते हैं..? क्‍या आप अपने बच्‍चों को बेरोजगार रहने के लिए मजबूर करना चाहते हैं..? क्‍या आप अपने बच्‍चों को गांव का घर छोड़कर शहरों की झुग्‍गी-झोपडि़यों में रहने के लिए मजबूर करना चाहते हैं..? नहीं..!

भाईयों-बहनों, यहां से दो दिन पहले मुझे किसी मुस्लिम सज्‍ज़न ने चिट्ठी भेजी है, उसमें उन्‍होने लिखा है कि मोदी जी, आप बनारस आ रहे हैं, उसमें हमारी एक मुश्किल का जिक्र कर दीजिए कि हम लोग एक मुस्लिम बस्‍ती में रहते हैं, वहां छोटे-मोटे पावरलूम के साड़ी के कारखाने लगे हुए हैं जो रात-रात भर चलते हैं, नींद नहीं आती है और परेशान हो जाते हैं, उसका कोई रास्‍ता निकालिए, उस व्‍यक्ति ने अपनी वेदना प्रकट की है..! मित्रों, बनारस की साड़ी सिर्फ महिलाओं की इज्‍ज़त नहीं बचाती बल्कि हिंदुस्‍तान की आर्थिक लाज बचाने की ताकत भी रखती है..! इतना बड़ा उद्योग, लाखों लोगों को रोजगार देने वाला उद्योग बर्बाद करके रख दिया गया। जिस मित्र ने चिठ्ठी लिखकर यह परेशानी बताई है उन्‍हे मैं बताना चाहता हूं कि इसका उपाय है। देखिए, हमारे सूरत और काशी का नाता बहुत जुड़ा हुआ है। एक कहावत है कि ‘काशी का मरण और सूरत का जमण’, यानि काशी में मरना और सूरत के भोजन का अलग महत्‍व होता है। सूरत में भी पावरलूम का बहुत बड़ा काम है और काशी में भी पावरलूम का काम है। एक ज़माना था कि सूरत में आप सुबह जल्‍दी या शाम को निकलें तो पावरलूम का आवाज बहुत होती थी, आपके स्‍कूटर से भी ज्‍यादा तेज आवाज पावरलूम की सुनाई देती थी। लेकिन भाईयों-बहनों, दस साल के भीतर-भीतर हमने एक अभियान चलाया, सरकार और बैंकों की तरफ से आर्थिक मदद की व्‍यवस्‍था की और पूरे पावरलूम सेक्‍टर को टेक्‍नोलॉजिकली अपग्रेड किया, शहर के बाहर बहुत बड़े-बड़े इंडस्‍ट्रियल कॉम्‍पलेक्‍स खड़े किए। भाईयों-बहनों, मार्केट में बिल्‍कुल आवाज न करने वाली मशीनें आ चुकी हैं जिसके लिए सरकार ने मदद की और बैंकों से सहायता दिलाई, आज टेक्‍नोलॉजी अपग्रेडशन के कारण कपड़े की क्‍वालिटी, क्‍वांटिटी और शांति का जीवन हम सूरत में मुहैया करवा पाएं है और यह काम बनारस में भी हो सकता है। जो लोग मुझे पूछते हैं कि मोदी, विजन क्‍या है..? ये है हक़ीकत, जाइए और देखकर आइए..!

भाईयों-बहनों, अगर नेक इरादा होता और बनारस के साडियों के उद्योग को अपग्रेड किया गया होता, आधुनिक रूप से उसका महत्‍व बढ़ाया गया होता तो आज हिंदुस्‍तान में अकेले बनारस की साड़ी के उद्योग में लाखों नौजवानों को रोजगार मिलता, उनको कहीं बाहर जाने की नौबत नहीं आती..! लेकिन भारत सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि वो चाइना से यान इम्‍पोर्ट कर लेते हैं लेकिन बनारस में साड़ी बनाने वाले की आजीविका की उन्‍हे परवाह नहीं होती है और ऐसी नीतियों के कारण ऐसी मुसीबत आती है..!

भाईयों-बहनों, इस पूर्वांचल का कोई गांव ऐसा नहीं होगा जिसका कोई न कोई नौजवान मेरे गुजरात में न रहता हो। आप ही बताइए, अपना गांव छोड़कर, अपने बूढ़े मां-बाप छोड़कर उसको गुजरात जाने की नौबत क्‍यूं आई..? अगर उत्तर प्रदेश का विकास हुआ होता, तो उसे अपना घर न छोड़ना पड़ता, अपना गांव न छोड़ना पड़ता, खेत-खलिहान न छोड़ने पड़ते, यार दोस्‍त न छोड़ने पड़ते, बूढ़े मां-बाप न छोड़ने पड़ते..! भाईयों-बहनों, आज बेराजगारी के कारण देश के नौजवान को अपने जीवन में अंधकार सा महसूस हो रहा है। वो परेशान है, जाएं तो जाएं कहां, किसका हाथ पकड़े, कौन उसे बचाएं..! मित्रों, आप लोग ही बताइए, जब भी किसी सरकारी नौकरी का विज्ञापन आता है तो सबसे पहले दिमाग में आता है कि किसी की सिफारिश की जरूरत पड़ेगी, ऐसा आपको लगता है ना..? नौकरी के लिए आप सबसे पहले सिफारिश खोजते हैं या नहीं..? क्‍या आपको लगता है कि बिना सिफारिश के नौकरी मिलने की कोई गांरटी है..? क्‍या बिना खर्चा किए नौकरी मिलने की गारंटी है..? क्‍या ये बेईमानी का धंधा चल रहा है कि नहीं..? क्‍या इसका कोई उपाय हो सकता है कि नहीं..? मेरे पास उपाय है। कांग्रेस के जो रक्षक मुझसे मेरा विजन पूछते है मैं उन्‍हे बताना चाहता हूं कि मेरा विजन क्या है..!

मित्रों, एक बार हमें गुजरात में 13,000 टीचरों को रिक्रुट करना था। अब टीचर्स के रिक्रुटमेंट में एक-दो लाख एप्‍लीकेशन आना सामान्‍य बात है, इसलिए हमने विज्ञापन दिया और सभी का रजिस्‍ट्रेशन ऑनलाइन करवा दिया। बाद में कम्‍प्‍यूटर से टॉप 13,000 लोगों को सेलेक्‍ट कर लिया, जिनके मार्क्‍स सबसे ज्‍यादा थे। हमने उन लोगों का कोई इंटरव्यू नहीं लिया, बुलाया नहीं और सीधे ऑर्डर देकर रिक्रुट कर लिया..! गरीब विधवा मां के घर बेटे का ऑर्डर आ गया की नौकरी लग गई..! सिफारिश इंटरव्‍यू में होती है, अगर मेरिट के आधार पर निर्णय हो और इंटरव्यू का झमेला खत्‍म कर दिया जाए तो ये भ्रष्‍टाचार, ये सिफारिश का सारा खेल बंद हो जाएगा और जो नौकरी का वास्तविक हकदार होगा उसे नौकरी मिल जाएगी..! मैनें गुजरात में पॉयलट प्रोजेक्‍ट करके देखा है और हमें इसमें सफलता मिली है, किसी ने उस पर उंगली नहीं उठाई, सभी कहते हैं कि हां ये सही रास्‍ता है। मैं मानता हूं कि कोई नौजवान कितना भी पढ़ा लिखा हो, सर्टिफिकेट के भरोसे वह जी नहीं सकता और इसलिए वह सिफारिश खोजता रहता है..!

भाईयों-बहनों, मेरे नौजवानों को डिग्‍निटी चाहिए, उनको हाथ फैलाकर जिन्‍दगी जीने से मुक्ति चाहिए। मेरे देश का नौजवान हिंदुस्‍तान का भाग्‍य बदल सकता है, देश की सरकार को नौजवान में भरोसा चाहिए और इसी भरोसे को लेकर हम आएं हैं। मैं देश के नौजवानों से कहना चाहता हूं कि आज भी देश में अवसरों की कमी नहीं है, आज भी देश में मैन पॉवर की आवश्‍यकता है। कृषि का क्षेत्र हो, सेवा का क्षेत्र हो, मैनुफैक्‍चरिंग का क्षेत्र हो, देश के नौजवानों की ताकत से आर्थिक महासत्ता बनने का सामर्थ्‍य ये देश रखता है। नौजवानों, इसलिए मैं आपके भविष्‍य की गारंटी लेकर आया हूं..! अगर हिंदुस्‍तान के नौजवान के भविष्‍य की कोई गारंटी नहीं, तो हिंदुस्‍तान के भविष्‍य की भी कोई गारंटी नहीं है। भारत का भाग्‍य भारत के नौजवान के हाथ में है। आज नौजवान को अवसर चाहिए और भारतीय जनता पार्टी नौजवानों को अवसर देने का संकल्‍प लेकर आई है..

भाईयों-बहनों, लोग कांग्रेस की सरकारों को हटाने में लगे हैं और भाजपा की सरकार को दुबारा बिठाने में लगे हुए हैं, ये इस बात का सबूत है कि हम जनता की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मित्रों, मैं उत्तर प्रदेश के भिन्‍न-भिन्‍न क्षेत्रों में जा रहा हूं, हर जगह के जनसैलाब को देखकर मैं विश्‍वास से कहता हूं कि देश की जनता दिल्‍ली की सरकार उखाड़ फेंकने के लिए बहुत उतावली है। देश की जनता अब एक पल के लिए भी दिल्‍ली की सरकार को सहने के लिए तैयार नहीं है। भाईयों-बहनों, भारत का भाग्‍य बदलने के लिए कांग्रेस मुक्‍त भारत का निर्माण करना होगा..! कांग्रेस मुक्‍त भारत का निर्माण ही गरीबी मुक्‍त भारत की गांरटी है, कांग्रेस मुक्‍त भारत का निर्माण ही बेराजगारी मुक्‍त भारत के निर्माण की गांरटी है। गरीबी से मुक्ति के लिए, बेराजेगारी से मुक्ति के लिए, भुखमरी से मुक्ति के लिए, भ्रष्‍ट्राचार से मुक्ति के लिए कांग्रेस की मुट्ठी से भारत को मुक्‍त कराना होगा, इसी सपने को लेकर आगे बढ़ना होगा, इन सारी शुभकामनाओं के साथ आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं..!

दोनों हाथों की मुट्ठी बंद करके मेरे साथ बोलिए, पूरी ताकत से बोलिए कि आवाज दिल्‍ली तक पहुंच जाएं...

भारत माता की जय..!  भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

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March 25, 2023
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दावणगेरेया, नन्ना सहोदरा-सहोदरियरिगे, नमस्कारागळु।
कर्नाटकदा, नन्ना भाजपा-BJP कार्यकर्ता, बान्धवरिगे, नमस्कारगळु।

ट्रांसलेशन की जरूरत नहीं, हिंदी चलेगा। अच्छा।

मुझे जब-जब दावणगेरे आने का अवसर मिला हर बार मैंने देखा है, आपके आशीर्वाद बढ़ते ही जाते हैं। बढ़ते ही जाते हैं। मैं कर्नाटका बीजेपी का धन्यवाद करता हूं कि आज उन्होंने कार्यक्रम की ऐसी रचना की, कि मुझे आप सबके दर्शन करने का मौका मिला। और फिर मैं मंच पे आया। आप जैसे पुरुषार्थी, त्याग और तपस्या से भरे हुए, मां भारती के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीने वाले, जूझने वाले आप सबके दर्शन करना ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य की बात है। ये मूड ये विजय संकल्प रैली, ऐसा लग रहा है, जैसे विजय महोत्सव मनाने की रैली है। और आज देखिए सुखद संयोग, आज विजय संकल्प रैली हो रही है, उसी समय हमारे कर्नाटका में कलबुर्गी में जो कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कर्मभूमि है। आज वहां मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव था और कलबुर्गी में भारतीय जनता पार्टी के मेयर और डिप्टी मेयर जीत गए। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर में भाजपा का विजय डंका बज गया। ये एक प्रकार से विजय संकल्प रैली का शुभ संकेत है कि विजय यात्रा आरंभ हो चुकी है। ये दृश्य, ये कलबुर्गी का नतीजा, ये साफ दिखा रहा है कि डबल इंजन सरकार की धमाकेदार वापसी का निर्धार कर्नाटका ने कर लिया है। अब मैं तो, बहुत पहले से मेरा कार्यक्रम बना था, इसलिए मुझे आज आना था। लेकिन इसी समय कलबुर्गी के मेयर का चुनाव आ गया। कल जरूर कांग्रेस के हमारे साथी बयान देंगे कि मोदी आया था। जरूर कुछ किया होगा। इसलिए कलबुर्गी में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर में ही उनको मुंह की खानी पड़ी। पता नहीं कैसे-कैसे आरोप लगा देंगे ये।

भाइयों-बहनों,
ये विकसित कर्नाटका के लिए डबल इंजन की सरकार को आप सबका आशीर्वाद है। साथियों, मैं श्रीहरि हरेश्वर, ताई भोरेश्वरी और इस क्षेत्र के सभी पवित्र मठों को आदरपूर्वक नमन करता हूं। आज जहां ये सभा हो रही है, वो दावणगेरे और हरिहर के बीच में हैं। मां तुंगभद्रा का आशीर्वाद इस क्षेत्र को है। हरि हरेश्वर मंदिर के रूप में यहां हरि और हरा का समन्वय होता है। ऐसे स्थान पर कर्नाटका भाजपा की चार विजय संकल्प यात्राओं का आज महासंगम हो रहा है। और हमारे यहां कहा जाता है, जब कोई यात्रा करके आता है, उसके दर्शन करते हैं तो आपको भी उसका पुण्य मिलता है। आज मुझे भी इन सभी यात्रियों का दर्शन करके, आज मुझे भी पुण्य मिला है।

मैं कर्नाटका भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को इन सफल यात्राओं के लिए हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और मैं लगातार इसकी जानकारी लेता रहता था। हर जगह से वीडियो मेरे पास पहुंचते थे और मैं देख रहा था कि इन यात्राओं में जो जन विश्वास मिला है, जो उत्साह और उमंग मिला है, जो समर्थन मिला है, ये अभूतपूर्व है अद्भुत है। लेकिन अब हमारी जिम्मेवारी शुरू होती है, पूरी करोगे? ये जिम्मेवारी पूरी करोगे? दोनों हाथ ऊपर करके बताइये, जिम्मेवारी पूरी करोगे? पक्का करोगे। ये यात्राओं में और इस महासंगम में ये जो उत्साह, उमंग, जनसमर्थन मिला है, इसको अब हमें आने वाले तीन महीने कड़ी मेहनत करके हर बूथ पर पहुंचाना है, पहुंचाओगे? पहुंचाओगे? हर बूथ पर जाओगे? हर बूथ में उत्साह पहुंचाओगे? हर बूथ में एक नई शक्ति नई ऊर्जा भर दोगे? हर बूथ जीतने का संकल्प कर लोगे? जरा जोर से बताइए, हर बूथ को जीतने का संकल्प कर लोगे? शाबाश!

साथियों,
आज यहां इतने सारे समर्पित साथियों को देखकर मन बहुत भावुक भी हो रहा है। मैं कल सोशल मीडिया पर कर्नाटका का ही एक वीडियो देख रहा था। एक पार्टी के बड़े नेता, कर्नाटका के पूर्व मुख्यमंत्री, उनकी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारने का आनंद ले रहे थे।

जो अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं कर सकते, वो जनता-जनार्दन का सम्मान क्या करेंगे? मुझे गर्व है कि भाजपा में कोई छोटा नहीं है- कोई बड़ा नहीं है। हम सभी कार्यकर्ता बिल्कुल बराबर-बराबर हैं। और इसलिए आपका दर्शन करना ये मेरे लिए बड़े सद्भाग्य है, सौभाग्य है। ऐसा भाव मेरे मन में आता है। कर्नाटका भाजपा का हर एक कार्यकर्ता, मेरे लिए मेरा एक मजबूत साथी है। कर्नाटका का हर कार्यकर्ता मेरा परम मित्र है। कर्नाटका का हर कार्यकर्ता मेरा सहोदर है।

भाइयों और बहनों,
भारतीय राजनीति में लंबे समय तक आरोपों की, आक्षेपों की राजनीति चली है। बीते वर्षों में भाजपा ने इस गंदी राजनीति को बदला है। पॉलिटिक्स, पॉलिटिक्स ऑफ परसेप्शन को भाजपा ने पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस में बदल दिया है।
इस बात की गवाही इस साल के शुरुआती तीन महीने में भी दे रहे हैं। अभी-अभी मैं बैंगलुरु से Whitefield metro line का उद्घाटन करके आ रहा हूं। इससे पहले, तुमकुरू को एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर बनाने की फैक्ट्री मिली। शिवमोगा एयरपोर्ट का लोकार्पण हुआ। दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म में से एक कर्नाटका को मिला। बैंगलुरु-मैसुरू एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हुआ। नारायणपुर लेफ्ट बैंक कैनाल के प्रोजेक्ट का लोकार्पण हुआ। IIT धारवाड़ के परमानेंट कैंपस का लोकार्पण हुआ। जल जीवन मिशन के तहत दर्जनों प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

साथियों,
गिनते ही रह जाएंगे लोग, क्योंकि ये दिन-रात काम करने वाली डबल इंजन की सरकार है। डबल इंजन सरकार मुफ्त राशन से लेकर मुफ्त इलाज तक, गरीब की हर जरूरत का ध्यान रख रही है। सिर्फ साढ़े 3 वर्षों में ही लगभग 40 लाख नए नल कनेक्शन कर्नाटका में दिए गए हैं। इससे माताओं-बहनों का जीवन बहुत आसान हुआ है।
इस साल के बजट में केंद्र सरकार ने अपर भद्रा प्रोजेक्ट के लिए 5300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसका भी बहुत बड़ा लाभ इस क्षेत्र के लोगों को, मेरे किसान भाइयों-बहनों को होने वाला है।

साथियों,
जब डबल इंजन सरकार नहीं होती है, तब क्या होता है। इसका उदाहरण पीएम किसान सम्मान योजना में है। साल 2019 में जब केंद्र की भाजपा सरकार ने योजना शुरू की, तब यहां कांग्रेस-जेडीएस की सरकार थी। बार-बार कहने के बाद भी कांग्रेस-जेडीएस ने बहुत कम किसानों के नाम केंद्र सरकार को भेजे थे।

जब कर्नाटका में डबल इंजन सरकार बनी तो उसने कांग्रेस और जेडीएस की गलतियों में सुधार किया। आज कर्नाटका के करीब-करीब 60 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। अब तक दावणगेरे के भी डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को भी लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
मुझे खुशी है कि केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के जो पैसे भेजती है, कर्नाटका की भाजपा सरकार उसमें और पैसे जोड़कर हमारे किसान भाइयों की ज्यादा मदद कर रही है। यही है डबल इंजन की सरकार का डबल फायदा।

साथियों,
दावणगेरे जिले में तो संत सेवालाल महाराज जी की जन्मस्थली है। संत सेवालाल महाराज जी ने बंजारा समुदाय की लड़ाई लड़ी। इसी वर्ष बोम्मई जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने बंजारा समुदाय के परिवारों को हक्कु पत्र देने की शुरुआत की है। हमारा जो मंत्र है, दलित हो, आदिवासी हो, वनवासी हो, महिलाएं हो, बुजुर्ग हो, जो वंचित है, उन वंचितों को वरीयता, वंचितों को प्राथमिकता ये हमारे हर कदम में नजर आती है। ये हमारे संकल्प को दिखाता है।

भाइयों और बहनों,
कर्नाटका ने अवसरवादी औ स्वार्थी गठबंधन की सरकारों का लंबा दौर देखा है। ऐसी सरकारों से कर्नाटका को हमेशा नुकसान हुआ है। इसलिए कर्नाटका के तेज विकास के लिए भाजपा की पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार बहुत जरूरी है। आप बताइये भाइयों, जब किसी को बहुमत नहीं मिलता है तो हमारे कर्नाटका का हाल बुरा होता है कि नहीं होता है? होता है कि नहीं होता है? होता है कि नहीं होता है? अब कर्नाटका को मजबूत स्थिर सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए? पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए? मजबूत बहुमत वाली सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए?
भाइयों और बहनों, अब पहला काम कर्नाटका को इस जोड़-तोड़ की राजनीति से बाहर लाना है। हमारे कर्नाटका को तेज गति से आगे ले जाना है। और इसलिए भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली, मजबूत स्थिर सरकार ये कर्नाटका के लिए आज समय की मांग है। कर्नाटका के उज्ज्वल भविष्य के लिए ये बहुत आवश्यक है। जरा मेरे कर्नाटका के भाई-बहन बताइये, क्या कर्नाटका चाहता है कि मैं भी आपकी सेवा करूं। क्या आप चाहते हैं कि मैं भी आपकी सेवा करूं। जरा जोर से जवाब दीजिए, क्या मैं भी आपकी सेवा करूं। जितनी ज्यादा हो सके, उतनी सेवा करूं। हर कर्नाटकावासी की सेवा करूं। हर गांव की सेवा करूं। अब मुझे बताइये, अगर मुझे सेवा करनी है, आपके लिए मुझे कुछ करना है, तो मुझे कर्नाटका में भाजपा की मजबूत सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए? चाहिए कि नहीं चाहिए? आप सबको जिताकर के लानी चाहिए कि नहीं लानी चाहिए? पक्का लाएंगे। घर-घर जाएंगे।
भाजपा कर्नाटका को विकसित भारत का ड्राइविंग फोर्स बनाना चाहती है। जबकि कांग्रेस कर्नाटका को नेताओं की तिजोरियां भरने वाले ATM के रूप में देखती है।

साथियों,
कांग्रेस वाले हर चुनाव से पहले झूठी गारंटी की एक पोटली लेकर घूमने लगते हैं। इनकी गारंटियां कैसी होती हैं, इसका ताजा-ताजा उदाहरण हिमाचल प्रदेश में हम देख रहे हैं। वहां अभी-अभी चुनाव हुए थे। उस चुनाव के पहले ये कांग्रेस के लोग ऐसे बड़े-बड़े वादे करते थे। ऐसी बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते थे। ऐसी बड़ी-बड़ी पोटलियां खोल देते थे। उन्होंने वादा किया था रोजगार का। उन्होंने वादा किया था भत्ते का। ये मुफ्त की गारंटियों का पिटारा लेकर गए थे। लोगों को भ्रमित कर रहे थे।
कुछ दिन पहले हिमाचल सरकार का बजट आया तो चुनाव के पहले उन्होंने जो गारंटियां दीं थीं, उसका कहीं नामो-निशान नहीं दिख रहा है। क्या ऐसी कांग्रेस पर भरोसा कर सकते हैं। ऐसी कांग्रेस पर भरोसा कर सकते हैं। जोर से बोलिए- ऐसी कांग्रेस पर भरोसा कर सकते हैं। झूठे वादे करने वाली कांग्रेस पर भरोसा कर सकते हैं। क्या ऐसी कांग्रेस को कर्नाटका में पैर रखने की जगह देनी चाहिए क्या? पूरी तरह उनको निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए? आज हिमाचल की जनता कांग्रेस को बार-बार पूछ रही है कि चुनाव के समय जो वादे लेकर के आए थे, जो गारंटियां लेकर के आए थे, अभी तो तीन महीने नहीं हुए हैं, उन गारंटियों का क्या हुआ? ये सब हवा में उड़ गईं। कर्नाटका के लोग भी जागते रहें। ये ऐसे ही खेल खेलने वाले के लिए कर्नाटका एक मौका न देना। कांग्रेस ऐसे ही जनता को धोखा देने में माहिर है।

साथियों,
आज कांग्रेस के पास देश के लिए, कर्नाटका के लिए कोई भी पॉजिटिव एजेंडा नहीं है। इसलिए कांग्रेस सपना देख रही है। और आपने सुना होगा, क्या सपना देख रही है। जो लोग हिंदी समझते हैं, उनको बराबर समझ आएगा। मैं बताता हूं कि कांग्रेस वाले क्या सपना देखते हैं और कभी-कभी पब्लिकली बोलते भी हैं। कांग्रेस वाले कहते हैं- मोदी तेरी कब्र खुदेगी। ये कांग्रेस वाले कहते हैं- मोदी तेरी कब्र खुदेगी। लेकिन ये कांग्रेस के लोगों को पता नहीं कि कर्नाटका के लोगों ने संकल्प ले लिया है। अगर उनका संकल्प है मोदी तेरी कब्र खुदेगी तो कर्नाटका का सपना है मोदी तेरा कमल खिलेगा। मोदी तेरा कमल खिलेगा। मोदी तेरा कमल खिलेगा।

 देश की जनता का, कर्नाटका की जनता का कमल के खिलने में ही विश्वास है। मेरे कर्नाटका के भाइयों-बहनों कमल में समृद्धि का, संपन्नता का, निवेश का, आगे बढ़ने का एक जबरदस्त विश्वास है। दुनिया आज भारत की तरफ देख रही है। और भारत हमारे कर्नाटका की तरफ देख रहा है।


कर्नाटका में वैश्विक निवेश को आकर्षित करने वाले बैंगलुरु जैसे अनेक HUB बनें, ये भाजपा का विजन है। इसलिए कोरोनाकाल में भी विदेशी निवेश के मामले में ये हमारा कर्नाटका प्रांत अग्रणी रहा है। और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।


भाइयो और बहनों, ये दावणगेरे टेक्सटाइल का हब है। केंद्र सरकार देशभर में 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने वाली है। और इन सात में से एक ये हमारे कर्नाटका में बनने जा रहा है। कल ही हुबली-धारवाड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग कलस्टर प्रोजेक्ट के लिए भी केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी है। इससे भी हजारों नए रोजगार बनेंगे।
अब जब कर्नाटका का इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक हो रहा है, तो खेती से लेकर सर्विस सेक्टर और मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर तक हर इंडस्ट्री का विस्तार होने वाला है। ट्रेडिशन और टेक्नॉलॉजी से समृद्ध कर्नाटका में भाजपा सरकार की वजह से युवाओं के लिए अनंत अवसर बन रहे हैं।


विकसित कर्नाटका के लिए यहां पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार बहुत जरूरी है। ये संदेश हमें कर्नाटका के बूथ-बूथ तक पहुंचाना है। मुझे भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता पर बहुत पूरा भरोसा है।
आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए। ये अपने-आप कर्नाटका के मिजाज को दिखाता है। भाइयो और बहनों, मैं जरा आपसे कुछ पूछना चाहता हूं। जवाब देंगे आप लोग? जवाब देंगे। जरा जोर से बोलिए- जवाब देंगे। आप मुझे बताइये, आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान के नाम की गूंज है कि नहीं है।


हिंदुस्तान का जय-जयकार हो रहा है कि नहीं हो रहा है। अमेरिका में भी हो रहा है कि नहीं हो रहा है। जर्मनी में भी हो रहा है कि नहीं हो रहा है। फ्रांस में भी हो रहा है कि नहीं हो रहा है। अफ्रीका में भी हो रहा है कि नहीं हो रहा है। सिंगापुर में भी हो रहा है कि नहीं हो रहा है। इंडोनेशिया में हो रहा है कि नहीं हो रहा है। जापान में हो रहा है कि नहीं हो रहा है। चारों तरफ हो रहा है ना। क्या कारण है? क्या कारण है? ये दुनिया में डंका बज रहा है, क्या कारण है? जरा सब बताइये क्या कारण है। आपका जवाब गलत निकला। आपका जवाब गलत निकला। ये दुनिया में हिंदुस्तान का डंका मोदी के कारण नहीं, ये आपने एक वोट दिया था ना, उसके कारण बज रहा है। ये आपके एक वोट की ताकत है, जो दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है।


भाइयों और बहनों, हमें कर्नाटका का जो डंका है ना, वो भी अब जोरों से बजाना है। और इसलिए आपके वोट की ताकत कर्नाटका को दुनियाभर में मशहूर कर देगी। भाइयों और बहनों, इतना बड़ा उत्साह, इतना उमंग, इतना जोश। अब ज्यादा मेहनत का काम शुरू हो रहा है। अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में मेरा कर्नाटका फिर से आना होने वाला है। वर्ल्ड टाइगर डे के लिए मैं कर्नाटका के टाइगरों के बीच आने वाला हूं। और कर्नाटका के टाइगर टूरिज्म का भी बहुत बड़ा आकर्षण बनें, उसके लिए भारत सरकार एक बहुत बड़ा आयोजन अप्रैल महीने के प्रथम सप्ताह में कर्नाटका में करेगी। और मैं भी आने वाला हूं। फिर से आपके दर्शन करूंगा। और इन दस दिन में आपने क्या काम किया है, उसकी भी जरा पूछताछ करूंगा।


साथियों, ये कर्नाटका का प्यार, मैं जहां गया, करीब-करीब हर इलाके में जाना हुआ, आपने जो प्यार दिया है। आपने जो आशीर्वाद दिए हैं। उसने हमें एक नई शक्ति दी है। नया विश्वास दिया है। नई ऊर्जा दी है। और मैं इसके लिए दावणगेरे की धरती से कर्नाटका के हर नागरिक का सिर झुकाकर के धन्यवाद करता हूं। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। आप सबके मेहनत, देश के लिए जीने का आपका संकल्प, इसके लिए मैं आप सभी मेरे साथियों को भी आज सिर झुकाकर के नमन करता हूं। प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-भारत माता की जय! आवाज पूरे कर्नाटका में गूंजनी चाहिए।
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
अब आपके मोबाइल की ये फ्लैश लाइट चालू कीजिए। और विजय संकल्प का प्रकाश, विजय संकल्प का प्रकाश सब दूर पहुंचाइये। ये विजय संकल्प का प्रकाश हर बूथ में पहुंचाना है। ये विजय संकल्प का संदेश हर बूथ में पहुंचाना है। हर परिवार में पहुंचाना है। फिर से बोलिए- भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय। बहुत-बहुत धन्यवाद!