"Shri Narendra Modi inaugurates Pragna Puram, campus of Knowledge Consortium of Gujarat (KCG) "
"CM stresses on the importance of research, innovation and education "
"Pragna Puram is an effort to light the lamp of knowledge. It is an endeavour to merge the various streams of knowledge and add life into them: Shri Modi "
"We have the ability to give to the world. The world is talking about a global village right now but our forefathers gave the Mantra of Vasudhaiva Kutumbakam: Shri Modi "
"Let knowledge come from everywhere. Under what flag it originated, that cannot be a prism for measuring it: Shri Modi "
"We are from the land of Nachiketa, who even had the courage to question Yamraj on what is death: Shri Modi on the need to inculcate the habit of asking questions in our youth"

भारत में गुजरात की अनोखी पहल : प्रज्ञापुरम् का शुभारम्भ

ज्ञान,विज्ञान, शिक्षा और संशोधन के क्षेत्र में कॉन्सोर्टियम ऑफ गुजरात के अहमदाबाद में बने आधुनिक संकुल को मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्र को समर्पित

 

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ज्ञान से प्रज्ञा की दिशा में भारतभर में अभिनव पहल के रूप में प्रज्ञापुरम् का आज अहमदाबाद में शुभारम्भ करते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा को स्थगितता में से बाहर लाकर नित्य नूतन विचारों को प्रतिष्ठा मिले ऐसी स्थिति का निर्माण करने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे सामने बड़ी चुनौती यह भी है कि मानव को आर्थिक प्राणी के रूप में स्थापित करना है कि सकल विश्व में ब्रह्मांड की शक्ति के रूप में उसकी महिमा का आंकलन करना है। मानव के अंगों को मूल्यों के तराजू से तौलने के बजाए मानव को ब्रह्मांड के प्राणवान अंश के रूप में निर्मित करने के लिए निरंतर संशोधन की उन्होंने आवश्यकता बतलाई।

गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2008 से नॉलेज कॉन्सोर्टियम ऑफ गुजरात शुरु हुआ था जिसका आधुनिक शिक्षा संकुल अहमदाबाद में 7 एकड़ से ज्यादा भूमि पर 32 करोड़ के खर्च से तैयार किया गया है, जिसका आज श्री मोदी ने शुभारम्भ किया। इस संकुल का नामकरण- प्रज्ञापुरम् भी श्री मोदी ने किया। समग्र संकुल की कार्यसंस्कृति का उन्होंने निरीक्षण किया और सेटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम से इंटिग्रेटेड लॉन्ग डिस्टेंस क्लासरूम वेबपोर्टल संधान का विमोचन किया। युनिवर्सिटी शिक्षा के क्षेत्र में 2600 वर्ष के इतिहास में 1800 वर्ष भारत का दबदबा था और 800 वर्ष के गुलामी काल में हम पीछे रहे मगर नालंदा -तक्षशिला की विश्वप्रसिद्ध युनिवर्सिटियों के साथ हमारे पूर्वजों ने लोथल बन्दरगाह के नजदीक वल्लभी युनिवर्सिटी स्थापित की थी। गुरुकुल से विश्वकुल तक की भव्य ज्ञान सम्पदा की विरासत वाली इस ज्ञान सम्पदा का विनाश कैसे हो गया, इसकी भूमिका में श्री मोदी ने कहा कि हमारी सामाजिक विकासयात्रा में हमारी शिक्षा परम्परा के गौरव को धक्का लगा था। हमारी संशोधन शिक्षा ज्ञान परम्परा को कालातित निरंतरता मिलने के बजाए 1800 वर्ष की हमारी सांस्कृतिक विद्या विरासत का विनाश हो जाए, गुलामीकाल में लक्ष्य था मगर देश को आजादी मिलने के बाद भी हम उस विचित्र विचारधारा में अटक गए। अपने ही संशोधनों की महिमा हम खो बैठे। हमारी मूलभूत चिंतन की धारा को कुंठित करने के लिए असत्यता, अपप्रहार होते रहे।

ज्ञान शिक्षा में आजादी के बाद के 60 साल में हम कुछ कर नहीं पाए, ऐसे में ज्ञान की सर्वधाराओं को गति देकर ऋण चुकाने के लिए इस प्रज्ञापुरम् का निर्मान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात ने देश की शिक्षा की स्थगितता और परम्परावादी विचारधारा में से बाहर आने का यह अभिनव प्रयोग किया है। हमें हर दिशा में से श्रेष्ठत्व पाने के लिए नचिकेता जैसे बालक जैसा जिज्ञासावान बनना होगा। समाज इस सामर्थ्य को खो दे तो संशोधनों की जिज्ञासा ही सामाप्त हो जाएगी। यह चेतावनी देते हे श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा में से स्थगितता को को नेस्तोनाबूद करने करने के लिए करंट लगे ऐसे प्रयोग करने होंगे। तकनीक के विनियोग और प्रभाव, दायरे की आवश्यकता जरूरी है मगर मनुष्य का मनुष्यपन मिटाकर रोबोट पैदा नहीं करने। जीवन में संवेदना की तीव्र अनुभूति गतिशील रहे ऐसा निर्माण शिक्षा की सार्थकता है।

हमारी समस्या यह है कि शाला में सवालों का गर्भाधान और शिक्षा में सवालों का बीजदान होना चाहिए। 21 वीं सदी में रिसर्च- संशोधन की जरूरत को प्राथमिकता देनी होगी। शिक्षा और शिक्षा पर खर्च से बड़ा कोई निवेश नहीं है क्योंकि यह पीढ़ीयों को तैयार करता है। यह निवेश मेरा क्या और मुझे क्या, नहीं होना चाहिए बल्कि जिज्ञासा के लिए जानकारी स्त्रोतों की विपुलता में व्यापक दुविधा ना महसूस हो, ऐसी स्थिति का निर्माण करना है।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री भुपेन्द्र सिंह चुड़ास्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मार्ग,आवास मंत्री आनन्दी बेन पटेल, शिक्षा राज्य मंत्री वसु बेन त्रिवेदी, शिक्षा अग्र सचिव श्री तिवारी, टेक्निकल शिक्षा आयुक्त जयंति रवि, कई अधिकारी, शिक्षाविद् और आमंत्रित मेहमान मौजूद थे। इस मौके पर केसीजी की गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण किया गया जिसे श्री मोदी ने रूचिपूर्वक निहारा।

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मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की
March 18, 2026

मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर पोस्ट में कहा:

“मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।

@GovernorMP”