गुजरात विधानसभा में स्व. सावरकर के तैल चित्र के समक्ष पुष्पांजलि

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज क्रांतिवीर विनायक दामोदर सावरकर की १३१वीं जन्मजयंती के अवसर पर गुजरात विधानसभा पोडियम में रखे उनके तैल चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर गुजरात विधानसभा अध्यक्ष श्री वजूभाई वाळा और गुजरात विधानसभा सचिवालय के सचिव डी.एम. पटेल ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किये। महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगुर गांव में २८ मई, १८८३ को जन्मे वीर सावरकर स्वाधीनता संग्राम में अपने योगदान से अमर नायक बन गए। कानून की पढ़ाई के लिए वे इंग्लैंड गए। लेकिन मातृभूमि के प्रति गहन प्रेम की वजह से उन्होंने वहां फ्री इंडिया सोसायटी की स्थापना कर आजादी के लिए क्रांतिकारी आंदोलन शुरू कर दिया।

ब्रिटीश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर पहले अंडमान निकोबार की सेल्यूलर जेल और फिर बाद में रत्नागिरी की जेल में रखा। १९३७ से १९४७ के दौरान भारत को अंग्रेजी हुकूमत से मुक्त कराने के लिए अथक प्रयास किए। २६ फरवरी, १९६६ को इस क्रांतिवीर का अवसान हुआ।

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा किया और माँ कालरात्रि के आशीर्वाद की कामना की
March 25, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने माँ कालरात्रि से आशीर्वाद मांगा और प्रार्थना की कि उनकी कृपा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को साहस, संकल्प और सफलता से समृद्ध करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देवी की पूजा भक्तों में नये आत्मविश्वास का संचार करती है और सभी को ऊर्जा के एक नए अहसास से भर देती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया –

“वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥”

प्रधानमंत्री ने देवी की स्तुति में एक पाठ भी साझा किया।

एक पोस्ट में, श्री मोदी ने कहा;

“मां कालरात्रि को नमन! उनके आशीष से सबका जीवन साहस, संकल्प और सफलता से समृद्ध हो यही कामना है।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥”

“देवी मां की आराधना भक्तों में नए आत्मविश्वास का संचार करती है। उनकी साधना हर किसी को एक नई ऊर्जा से भर देती है।”