कृषि महोत्सव-2012

किसानों को गुमराह करने वालों का भ्रम हुआ चकनाचूर  मुख्यमंत्री

 च्नारीशक्ति करे टपक सिंचाई अभियान का नेतृत्वज् .

 माणावदर में कृषि महोत्सव के शुभारंभ पर उमड़ा किसान शक्ति का सैला

 मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जूनागढ़ जिले के माणावदर में एक महीने तक चलने वाले राज्यस्तरीय कृषि महोत्सव और पशु स्वास्थ्य मेला अभियान का शानदार प्रारंभ करते हुए कहा कि कृषि, पशुपालन और ग्राम विकास को लेकर किसानों को गुमराह करने वालों का भ्रम कृषि महोत्सव ने चकनाचूर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह वाद-विवाद के बजाय गुजरात के साथ कृषि विकास की स्पर्धा करे।.

उन्होंने कहा कि देश की कृषि विकास दर बमुश्किल ढाई फीसदी तक पहुंची है जबकि गुजरात ने 11 फीसदी कृषि विकास दर को बरकरार रखा है। श्री मोदी ने केन्द्र सरकार से आह्वान किया कि वह गुजरात की आधी कृषि विकास दर हासिल कर बताए। आठवें कृषि महोत्सव के साथ ही आज से पशु स्वास्थ्य मेले का राज्यव्यापी अभियान भी शुरू हुआ। राज्य की सभी तहसील पंचायतों पर 224 किसान रथों के साथ राज्य सरकार के 90,000 कर्मयोगियों तथा कृषि वैज्ञानिकों की टीम गुजरात के लाखों किसानों के साथ गुजरात के कृषि विकास और ग्राम विकास में राज्य को अव्वल स्थान पर लाने के लिए संवाद करेगी। मुख्यमंत्री ने आज पशु स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन कर पशु चिकित्सा की सेवा प्रवृत्ति का जायजा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने किसान रथ को प्रस्थान कराया।

महोत्सव में अभूतपूर्व उत्साह से शिरकत कर रहे किसान परिवारों की विशाल जनशक्ति का अभिवादन करते हुए श्री मोदी ने सरदार पटेल कृषि पुरस्कार विजेता किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय के वेटरनरी कॉलेज संकुल, इंडोर स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स और दूधशीत केन्द्रों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने सात वर्षों से जारी कृषि महोत्सव की भूमिका में कहा कि किसानों के लिए सरकार के प्रयासों, किसानों की अनेक योजनाओं को सरकार ने किस तरह उपयोगी बनाया तथा किसानों की परंपरागत खेती की अनेक समस्याओं का निराकरण कृषि महोत्सव के जरिए ही संभव हो सका। उन्होंने कहा कि कृषि महोत्सव सच्चे अर्थ में कृषि विकास का कर्म महोत्सव बन गया है। श्री मोदी ने कहा कि गत दस वर्षों से गुजरात में इन्द्रदेव की कृपा रही है।

बरसात के उत्तम प्राकृतिक साधनों का उपयोग केवल गुजरात के किसानों ने कृषि महोत्सव और जलसंचय अभियानों को सफल बनाकर किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 वर्षों से पानी के अभाव के चलते देश बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है, ऐसे में गुजरात सरकार के जलसंचय के जनअभियान ने कृषि क्षेत्र में देश को एक नई राह बताई है। उन्होंने कहा कि टपक सिंचाई के जरिए बूंद-बूंद से ज्यादा उपज (मोर क्रॉप-पर ड्रॉप) का अभियान ही किसानों को समृद्घ बनाएगा। श्री मोदी ने किसान परिवार की नारी शक्ति से अपील की कि वह टपक सिंचाई अभियान का नेतृत्व करे।

केन्द्र सरकार की ओर से सरदार सरोवर डैम पर दरवाजा लगाने की गत पांच वर्षों से मंजूरी नहीं मिलने को लेकर भी श्री मोदी ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि गुजरात में भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने से डार्क जोन की समस्या खड़ी हुई थी। लेकिन इस सरकार ने जलअभियान प्रेरित कर बरसाती पानी का जमीन में संचय करते हुए भूमिगत जलस्तर को 3 से 13 मीटर तक ऊंचा लाया। जिसके बाद 57 तहसीलों पर लगे डार्क जोन प्रतिबंध को वापस ले लिया गया। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार की ओर से मौजूदा वर्ष में दिये जाने वाले विद्युत कनेक्शनों से भी ज्यादा और भूतकाल में गुजरात की कांग्रेस सरकार द्वारा दिये गए अधिकतम कनेक्शनों से पांच गुना ज्यादा विद्युत कनेक्शन देने को तैयार है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से आह्वान किया कि वह किसानों को बरगलाने की राजनीति और नकारात्मक मानसिकता से बाहर आए। उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य मेलों में 100 से ज्यादा पशु रोगों का उन्मूलन किया गया है। इस सरकार को राज्य के प्रत्येक पशुपालक के मवेशियों की चिंता है, इसी तरह सॉइल हैल्थ कार्ड के जरिए जमीनों के स्वास्थ्य की फिक्र भी यह सरकार कर रही है

मुख्यमंत्री ने कृषि महोत्सव में युवा किसानों, पशुपालकों को भाग लेने और कृषि मेले सहित पशु स्वास्थ्य मेले का लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर कृषि मंत्री दिलीपभाई संघाणी ने कहा कि गुजरात के विकास को महत्वपूर्ण करार देते हुए विश्व बैंक ने भी अनाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए गुजरात के मार्ग पर चलने का सुझाव दिया है। राज्यसभा सदस्य पुरुषोत्तमभाई रुपाला ने कहा कि गुजरात की खेती को समृद्घ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री मोदी ने बड़ी मेहनत और प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल की है। यह सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि तलाळा के केसर आम के साथ कच्छ के केसर आम ने भी दुनिया के बाजारों में मिठास घोली है। विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आर सी फळदु ने किसानों से अपने हित के लिए जागरूक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि संशोधित बीजों के उपयोग तथा मूल्यवद्र्घित खेती के जरिए किसान समृद्घि की राह पर अग्रसर हो सकते हैं।

सामाजिक आर्थिक पिछड़ा कल्याण वर्ग राज्य मंत्री वासणभाई अहीर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि के चलते गुजरात में आर्थिक और सामाजिक विकास संभव हो सका है। जल संपत्ति और कृषि राज्य मंत्री कनुभाई भालाळा ने कहा कि कृषि महोत्सव के जरिए किसानों को घर बैठे कृषि और पशुपालन का वैज्ञानिक मार्गदर्शन देने के चलते कृषि विकास के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल हुई है। प्रारंभ में जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन सी पटेल ने सभी का स्वागत करते हुए किसानों से कृषि अनुसंधानों का लाभ लेने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर सांसद पुरुषोत्तमभाई रुपाला, मनसुखभाई मांडविया, मंत्रिमंडल के सदस्य दिलीपभाई संघाणी, कनुभाई भलाळा, वासणभाई आहीर, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा, आर सी फळदु, एल के राजाणी, पूर्व सांसद विजयभाई रुपाणी, मोहनभाई पटेल, जिला भाजपा अध्यक्ष माधाभाई बोरिचा, प्रवीणाबेन देलवाडिय़ा, ज्योतिबेन वासाणी, जेठाभाई पनारा, दीवीबेन बारैया, हरीभाई पटेल, विधायक करसनभाई ओड़ेदरा, प्रवीणभाई माकडिय़ा, वंदनाबेन मकवाणा, भगवानजीभाई करगथिया, महेन्द्रभाई मशरु, राजसीभाई जोटवा, राज्य गोसेवा आयोग चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया, कलक्टर मनीष भारद्वाज, जिला विकास अधिकारी श्री राणा, जिला पुलिस प्रमुख दीपांकर त्रिवेदी सहित भारी संख्या में किसान, पशुपालक और सौराष्ट्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की
June 23, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने डॉ. मुखर्जी को एक विशिष्ट देशभक्त, विद्वान और राजनेता बताया, जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का अटूट विश्वास, सार्वजनिक जीवन में साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति उनकी दृढता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में अंकित है।

डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की निस्वार्थ सेवा में समर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के गहन विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्कृत में रचित सुभाषितम भी साझा किया:

“न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।”

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”

सुभाषितम् में इस बात पर जोर दिया गया है कि अमरत्व कर्मों, धन-दौलत या वंश से नहीं, बल्कि त्याग और महान आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है। वे महान आत्माएं जो राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग कर देते हैं, समय की सीमाओं को पार करते हुए जनमानस में अमर हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर, मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो एक विशिष्ट देशभक्त, विद्वान और राजनेता थे जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया। सार्वजनिक जीवन में उनका अटूट विश्वास, साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। डॉ. मुखर्जी का बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में अंकित है। हम उनके द्वारा संजोए गए और अपनी अंतिम सांस तक सेवा किए गए मूल्यों के मार्गदर्शन में एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी दृढता की पुष्टि करते हैं।”

“निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”