पश्चिम के अनुकरण के बिना आधुनिकीकरण का सिद्घांत आत्मसात करना होगा : मुख्यमंत्री

प्रकृति के साथ संवादितायुक्त जीवनशैली है ऊर्जा संचय और बचत का उत्तम मार्ग

गांधीनगर, सोमवार: मुख्मयंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गांधीनगर में गुजरात और डेनमार्क सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऊर्जा संचय के लिए च्च्एनर्जी एफिसिएन्सी ऐंड थर्मल ऑडिटज्ज् विषयक सेमिनार का शुभारंभ करते हुए कहा कि, ऊर्जा संसाधनों के संचय और बचत का उत्तम मार्ग प्रकृति के साथ संवादिता भरी जीवन शैली ही है। उन्होंने कहा कि, हमें बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में एन्वायर्नमेंट टेक्नोलॉजी अपनानी ही पड़ेगी। लेकिन च्माडर्नाइजेशन विदाउट वेस्टर्नाइजेशनज् का सिद्घांत आत्मसात करते हुए च्पश्चिम के अनुकरण बगैर आधुनिकीकरणज् यही ऊर्जा संचय और क्षमता वद्र्घन की हमारी दिशा होनी चाहिए।

डेनमार्क सरकार ने समग्र यूरोप में एनर्जी एफिसिएन्सी के लिए मानवजाति के कल्याण का अभियान शुरू किया है और वह 2015 में निश्चित लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्घ है। इसका सहयोग लेकर गुजरात सरकार ने महात्मा मंदिर में यह सेमिनार आयोजित किया था। जिसमें अर्बन प्लानर्स ऐंड आर्किटेक्चर डिजाइनर्स ने बड़े उत्साह से भाग लिया।

श्री मोदी ने ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रेरक उदाहरणों की चर्चा करते हुए कहा कि, भारत के पूर्वजों ने तो ब्रह्मांड की प्राकृतिक संरचना के साथ सुसंगत रहकर ऐसी जीवन व्यवस्था विकसित की थी कि, एनर्जी एफिसिएन्सी-ऊर्जा-क्षमता स्वयं विकसित होती रहे। शुद्घ हवा-प्रकाश और जल-तत्वों की उपलब्धता के साथ मकान निर्माण की स्थापत्य डिजाइन सदियों पहले हमारे यहां रोजमर्रा की पर्यावरण मैत्रीपूर्ण जीवनशैली से जुड़ी हुई थी। हम दो मंजिला मकान पर चढऩे के लिए भी सीढ़ी के बजाय लिफ्ट का उपयोग करते हैं और फिर शारीरिक क्षमता और ऊर्जा को बरकरार रखने के लिए जिम के संसाधनों पर खर्च करते हैं

हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ संवाद और सामंजस्य स्थापित करने के लिए ट्रस्टीशिप का सिद्घांत स्थापित किया था, लेकिन पश्चिम की भोगवादी समाजशैली ने ऊर्जाशक्ति जैसे संसाधनों के दुव्र्यय के साथ ग्लोबल वार्मिंग के संकटों की ओर मानवजाति को धकेल दिया है।

हमारे पूर्वजों ने ऐसे संकटों के भय से नहीं बल्कि प्रकृति प्रेम के कारण प्रकृति के साथ सुसंगत पर्यावरणीय जीवनशैली अपनायी थी। च्च्कच्छ की भूंगा आवास शैलीज्ज् आज भी हर तरह के भूकंप के सामने प्रतिरोधक आवास निर्माण की उत्तम टेक्नोलॉजी को प्रकट करती है।

भारतीय मंदिरों और चर्च में जो स्थापत्य शैली है वह ऊर्जा संचय और प्रकृति के साथ सुसंगत है, इसका उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, हमारी पोल (गलियां) और हवेली संस्कृति की स्थापत्य डिजाइन में भी ऊर्जा के उपयुक्त उपयोग की जीवन व्यवस्था आत्मसात की गई है।

श्री मोदी ने इस सच्चाई पर बल दिया कि, ऊर्जा संचय और ऊर्जा के वैज्ञानिक उपयोग के कानून-नियम जरूरी अवश्य हैं लेकिन हमारी जीवनशैली प्रकृति और पर्यावरण के साथ संवादिता वाली होनी चाहिए। हमारे जैसे गर्म जलवायु वाले देश में ग्लास-शीशे की दीवारों के साथ कॉर्पोरेट कल्चर की बिल्डिंग टेक्नोलॉजी मात्र पश्चिम का अंधानुकरण है। जिसकी वजह से एयर कंडीशनिंग और लाइटिंग में ऊर्जाशक्ति का अपव्यय बढ़ता है।

श्री मोदी ने आधुनिक निर्माण शैली और एन्वायर्नमेंट टेक्नोलॉजी में साइंस इज यूनिवर्सल बट टेक्नोलॉजी मस्ट बी लोकल, का सिद्घांत अपनाकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोलर एनर्जी पावर का बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में अनिवार्य उपयोग किए जाने की हिमायत करते हुए कहा कि, अब गुजरात के किसान भी एनर्जी एफिसिएन्ट पम्प सैट स्वीकार करने लगे हैं

इस मौके पर डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वैन ने भी अपने विचार रखे। प्रारंभ में उद्योग अग्र सचिव एम.शाहू ने सेमिनार के उद्देश्य बतलाए जबकि शहरी विकास के अग्र सचिव आई.पी. गौतम ने आभार प्रकट किया।

डेनमार्क की कंपनियां रोकवुल टेक्निकल इन्स्युलेशन ग्रुप और डेनिश मल्टीनेशनल कंपनी ग्रंडफोस (त्रक्रहृष्ठस्नह्रस्) के संचालकों ने भी मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की और एनर्जी एफिसिएन्सी के नये आयामों के लिए गुजरात सरकार के अभिगम के साथ सहभागी बनने के प्रोजेक्ट प्रोफाइल्स पर चर्चा की।

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Prime Minister highlights values of harmony and compassion on Good Friday
April 03, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that Good Friday reminds us of the sacrifice of Jesus Christ.

Shri Modi expressed hope that the day deepens the values of harmony, compassion and forgiveness.

He said that brotherhood and hope should guide everyone.

In a X post, Shri Modi said;

“Good Friday reminds us of Jesus Christ’s sacrifice. May this day further deepen the values of harmony, compassion and forgiveness. May brotherhood and hope guide us all.”