श्री मोदी ने मशहूर गुजराती गायक, संगीतकार तथा संगीत निर्माता श्री रासबिहारी देसाई के दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर शोक व्यक्त किया
श्री मोदी ने ट्विट किया कि, “हम सुप्रसिद्घ गायक और संगीतकार श्री रासबिहारी देसाई की कमी महसूस करेंगे जिन्होंने गुजराती संगीत में अपना अमूल्य योगदान दिया है, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे”
श्री रासबिहारी देसाई का भजन ‘माडी तारुं कंकु खर्युं ने’ गुजरात के लोगों में बहुत लोकप्रिय रहा है
श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध गुजराती गायक, संगीतकार तथा संगीत निर्माता श्री रासबिहारी देसाई के दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि, “हम सुप्रसिद्घ गायक और संगीतकार श्री रासबिहारी देसाई की कमी महसूस करेंगे जिन्होंने गुजराती संगीत में अपना अमूल्य योगदान दिया है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे” श्री देसाई भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर थे जिन्होंने गुजराती संगीत को अपना अमूल्य योगदान अहमदाबाद स्थित अपनी संगीत अकादमी के जरिए दिया है, जहां उन्होंने संगीत के कई छात्रों को प्रशिक्षित किया। श्री देसाई ने आम लोगों तक गुजराती सुगम संगीत पहुंचाने के लिए 1961 में ‘श्रुति वृंद’ की स्थापना की थी। ‘श्रुति वृंद’ ने पिछले चार दशकों से अधिक की अवधि में गुजराती सुगम संगीत के अनेकों सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया। अहमदाबाद नगर निगम की ओर से उन्हें अहमदाबाद शहर की ओर से सम्मान देने के लिए एक सार्वजनिक कार्यक्रम का अयोजन किया गया था। उनका भजन, ‘माडी तारुं कंकु खर्युं ने’ पूरे गुजरात में अत्यंत लोकप्रिय है।


