प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे छात्र असाधारण प्रतिभा के धनी हैं और अपने सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि 'परीक्षा पे चर्चा' का उद्देश्य छात्रों को अपनी क्षमताओं और कौशल का सही उपयोग कर व्यक्तिगत विकास और सफलता की राह दिखाना है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया है-
“विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥”
अर्थात जिस व्यक्ति के पास विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता है, वह किसी भी चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकता है और ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ भी असाध्य नहीं है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
“अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। 'परीक्षा पे चर्चा' का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।
विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया।
यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥”