मुख्यमंत्री का जापान दौरा कई उपलब्धियों के साथ संपन्न

चार दिवस के दौरान 65 कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री हुए शामिल : 2000 पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात : 7 मंत्रियों के साथ बैठक, 3 सेमीनार

कोबे पोर्ट के स्तर पर गुजरात मॉडल पोर्ट सिटी विकसित करेगा

कोबे पोर्ट का दौरा : कोबे के गवर्नर और मेयर द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल को भावभीनी विदाई

जापान और गुजरात के बीच ऐतिहासिक विश्वसनीय संबंधों के नये अध्याय की शुरुआत हुई है : श्री मोदी

 

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात बिजनेस डेलीगेशन जापान का चार दिवसीय सफल दौरा पूरा कर के कोबे से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया है।

जापान और गुजरात के बीच विश्वास की नई ऊंचाइयों को प्रस्थापित करने वाले मुख्यमंत्री के इस दौरे से दोनों देशों के बीच परस्पर सहभागिता के नये ऐतिहासिक अध्याय का प्रारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने कोबे के गवर्नर और मेयर द्वारा आयोजित भव्य विदाई समारोह में जापान सरकार और जापानी जनता की स्नेहवर्षा और अभूतपूर्व सत्कार के प्रतिभाव में आभार जताते हुए उपरोक्त उद्गार व्यक्त किये।

चार दिवसीय जापान दौरे में पांच राज्यों टोकियो, हामामात्सु, एईची, नागोया, ओसाका और कोबे-हायोगो में मुख्यमंत्री ने कुल 65 जितने कार्यक्रमों में बैठकें, सेमीनार, राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और अभिवादन समारोहों में भाग लेते हुए संबोधन किया। चार दिनों में उन्होंने 2000 से ज्यादा जापानी पदाधिकारियों, कंपनी संचालकों, उद्योगपतियों, फाइनेंस-बैंकिंग कंपनियों के महानुभावों से व्यक्तिगत तौर पर मिल कर गुजरात में जापान के लिए विकास की भागीदारी की असीम संभावनाओं की भूमिका पेश की। जापान सरकार के सात वरिष्ठ मंत्रियों के साथ श्री मोदी ने फलदायी बैठकें आयोजित की।

मुख्यमंत्री श्री मोदी ने जापान दौरे से लौटने से पूर्व आज सुबह कोबे पोर्ट का निरीक्षण किया। गुजरात के बिजनेस प्रतिनिधिमंडल के साथ कोबे पोर्ट के इंटरनेशनल पोर्ट सिटी में गुरुवार को रात रुककर शुक्रवार सुबह एक घंटे तक श्री मोदी ने मरीन बोट में कोबे पोर्ट की स्थापना से लेकर प्रगतियात्रा तक के पोर्ट डेवलपमेंट और विदेश व्यापार की कार्गो ट्रैफिक की गतिविधियों की जानकारी हासिल की

1995 के विनाशक भूकंप से तबाह हुआ कोबे पोर्ट मात्र दो ही वर्ष में नवनिर्मित करने की अपूर्व सफलता जापान के पुरुषार्थ की शक्ति का अहसास दिलवाती है।

गुजरात में धोलेरा एसआईआर के इंटरनेशनल पोर्ट सिटी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आकार ले रहा है और शंघाई से भी बड़ा धोलेरा पोर्ट सिटी एसआईआर प्रोजेक्ट के तौर पर निर्मित करने का मुख्यमंत्री का संकल्प है। कोबे का एयरपोर्ट भी मरीन एयर घोषित किया गया है।

कोबे के बंदरगाह के विकास की प्राचीन महिमावंत यात्रा ई.स. 812 से शुरू हुई थी जो मुको-नो-मिनाय के नाम से प्रसिद्घ बंदरगाह था। गुजरात का धोलेरा बंदरगाह भी प्राचीन समय में विश्व व्यापार से गतिमान था जो समयांतर में बंद हो गया था। अब मुख्यमंत्री ने धोलेरा एसआईआर के साथ धोलेरा इंटरनेशनल लेबल की पोर्ट सिटी बने और अहमदाबाद तक मरीन ट्रेड एक्टिविटी का नेटवर्क विस्तृत होकर जापान और भारत के दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर से संलग्न डीएमआईसी प्रोजेक्ट को धोलेरा एसआईआर के साथ जोडक़र अहमदाबाद, धोलेरा, भावनगर कल्पसर का पूरा कोस्टल कॉरिडोर विकसित करने का भगीरथी सपना देखा है। इसमें धोलेरा बंदरगाह की प्राचीन शानो-शौकत का विजन साकार होगा। गुजरात के समुद्र तट को भारत के विश्व व्यापार और एशिया-यूरोप के बीच विश्व वाणिज्य का केंद्रबिंदु बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कोबे इंटरनेशनल पोर्ट सिटी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए गुजरात में मॉडल पोर्ट सिटी बनाने का संकल्प किया है।

जापान के चार दिवसीय दौरे के बाद स्वदेश लौट रहे मुख्यमंत्री और गुजरात के प्रतिनिधिमंडल को विदाई देने के लिए कोबे के गवर्नर (हायोको प्रांत) टोशिजो इडो और वाइस गवर्नर ने भोजन और सत्कार समारोह आयोजित किया था।

हायोगो गवर्नर हाउस में मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से सत्कार करते हुए टोशिजो इडो ने उनके गुजरात दौरे 2010 के स्मरण में कहा कि भूकंप के समय कच्छ की जनता के दु:ख में आपत्ति के मौके पर सहभागी बनते हुए हायोगो-कोबे के प्रांत की सरकार और जनता ने भचाऊ में स्कूल एवं बोर्डिंग का निर्माण किया था। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री को डिजास्टर मैनेजमेंट के सेक्टर और पोर्ट डेवलपमेंट में गुजरात को डीएमआईसी प्रोजेक्ट में संपूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने 2007 में कोबे के प्रवास और हायोगो-कोबे के गवर्नर श्री इडो के 2010 के गुजरात दौरे के संस्मरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोबे और गुजरात के बीच मात्र प्राकृतिक आपत्ति की साम्यता ही नहीं है बल्कि विकास के लिए भागीदारी के अनेक नये क्षेत्र विकसित हो रहे हैं, जिनको साकार करने की जरूरत है। इस सन्दर्भ में गुजरात में नागरिक कर्तव्य धर्म को आपत्ति व्यवस्थापन के लिए उजागर करने विषयक डिजास्टर मैनेजमेंट म्यूजियम का निर्माण करने, कोबे पोर्ट के मॉडल की तर्ज पर गुजरात में मॉडल पोर्ट सिटी का निर्माण, डीएमआईसी प्रोजेक्ट द्वारा गुजरात में जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति सृजित करने, टेक्नोलॉजी और टेलेन्ट का समन्वय करने की भावना व्यक्त की। गुजरात एशिया का ऑटो हब बन चुका है ऐसे में ऑटोमोबाइल सेक्टर में लघु-मध्यम उद्योगों के लिए संतुलित विकास और स्किल मैनेजमेंट वर्कफोर्स खड़ी करने के लिए भी श्री मोदी ने कोबे के गवर्नर से सहयोग की गुजारिश की। जापान की हार्डवेयर आईटी की क्षमता और गुजरात के सॉफ्टवेयर टेलेन्ट का समन्वय कर साइबर क्राइम के खिलाफ रक्षा छत्र का संशोधन शुरू करने के लिए भी मुख्यमंत्री श्री मोदी ने तत्परता व्यक्त की। जापान और गुजरात के बीच संबंधों का बेहतर वैल्यू एडीशन करने वाला मुख्यमंत्री का यह जापान दौरा विकास के अनेक दायरों को आकार देगा।

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