Published By : Admin |
August 31, 2016 | 16:37 IST
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पीएम मोदी की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल ने विदेशी निवेशकों को स्थायी निवास का दर्ज़ा प्रदान करने को दी मंजूरी
कैबिनेट ने भारत में विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए और 'मेक इन इंडिया' को सहूलियत प्रदान करने के लिए पास की PRS योजना
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विदेशी निवेशकों के लिए स्थायी निवास का दर्जा(पीआरएस) देने को मंजूरी प्रदान की। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) नीति के तहत संबंद्ध शर्तों को अधिसूचित किया जाता रहेगा।
उम्मीद है कि इस योजना से विदेशी निवेशक भारत की तरफ आकर्षित होंगे और मेक इन इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। योजना के अंतर्गत विदेशी निवेशकों के लिए स्थायी निवास का दर्जा देने के लिए वीजा मैनुअल में उपयुक्त प्रावधान किए जाएंगे।
पीआरएस एकाधिक प्रवेश के साथ 10 साल की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा। यदि विदेशी निवेशक को लेकर कोई प्रतिकूल चीज नहीं मिली तो पीआरएस को और 10 साल देने के लिए समीक्षा की जाएगी। इस योजना के तहत केवल वहीं लोग योग्य होंगे जो विदेशी निवेशक होने की निर्धारित योग्यता को पूरा करते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए विदेशी निवेशकों को भारत में 18 महीने में न्यूनतम 10 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा या 36 महीनों में 25 करोड़ रुपये निवेश करना होगा। इसकी एक अन्य शर्त यह होगी कि विदेशी निवेश से प्रत्येक वित्त वर्ष में कम से कम 20 भारतीय नागगिकों को रोजगार मिले।
शुरुआत में विदेशी निवेशकों के लिए स्थायी निवास का दर्जा एकाधिक प्रवेश के साथ 10 साल के लिए दिया जाएगा। इसे अगले 10 वर्षों के लिए नवीकृत किया जाएगा। बिना किसी शर्त के पीआरएस के लिए एक बहु प्रवेश वीजा जारी किया जाएगा और पीआरएस को पंजीकरण से छूट प्राप्त होगी। पीआरएस दर्जा होसिल करने वाले व्यक्ति को रहने के लिए संपत्ति खरीदने की अनुमति होगी। पीआरएस के पति/ पत्नी या आश्रित को निजी क्षेत्र में नौकरी(रोजगार वीजा के लिए नियमों छूट दी जाएगी) करने या पढ़ाई करने की इजाजत होगी।
दुनिया अब भारत के स्टार्टअप्स को खोजती होगी: स्पेस स्टार्टअप के CEO के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी
August 23, 2026
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Prime Minister highlights policy consistency, global opportunities and India’s growing strengths in the space sector
We should create an aura that makes people across the world look to India to build their future: PM
We can establish ourselves very fast as we are highly competitive in terms of cost; our talent and the risk-taking capacity of our people is also very high: PM
प्रधानमंत्री - आपने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है, सबसे बड़ी बात है कि आपने सरकार की बात पर भरोसा किया। मेरा एक मत रहा कि जो भी हम निर्णय करें, हम उसमें कंसिस्टेंट रहें, हम बार-बार उसमें बदलाव ना करें, ताकि कोई भी रिस्क लेना चाहता है, तो उसको भरोसा रहे कि भाई ठीक है मेरी गलती के कारण कुछ गड़बड़ होगा तो ठीक है, लेकिन कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ देगा। और ये विश्वास पैदा करने का हमारा प्रयास था।
CEO –We are India’s first Space Tech Unicorn. अभी July, 18 को हम भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट सक्सेसफुली सैटेलाइट्स को इजेक्ट करके लॉन्च किया था। And, this is just the beginning. Generally, we say that just warm up for Skyroot, अभी शुरुआत है। एंड नेक्स्ट ईयर मिड तक हम एक लॉन्च per month हम कर रहे हैं। And also like thanks to you sir for opening up the sector. तीन फैक्ट्री बन चुका है। एक रॉकेट per month का कैपेसिटी है ऑलरेडी। And, this is just the beginning. अभी फ्यूचर ड्रीम है कि एक लॉन्च per week करना है और several launches per day.
CEO – एक ऐसा इंजन बनाया जो दुनिया का सबसे आधुनिक इंजनों में से आता है। सर इसको अभी हमने तैयार किया है, इसकी टेस्टिंग जारी है।
प्रधानमंत्री - उनका कॉन्फिडेंस है, इन्वेस्टर्स का?
CEO – सर,स्काई रूट का जो लॉन्च हुआ है फर्स्ट, उसके बाद से बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री –अच्छा। वो रूट आपको काम आ रहा है?
CEO – वो बहुत काम आ रहा है।
प्रधानमंत्री –दुनिया अब भारत के स्टार्टअप को खोजती होगी, भई कौन है इसमें? क्योंकि एक जब ब्रेक थ्रू होता है, तो तुरंत लोगों का ध्यान जाता है।
CEO – I think, स्पेस इंडस्ट्री ओपन होने के बाद हमने एक बहुत अच्छी सी ट्रेंड देखी है। हमारे जितने सिटीजंस यूएस और यूरोप में हैं वे वापस आकर हमारे साथ काम करना चाह रहे हैं।
प्रधानमंत्री –बहुत लोगों को हमें जोड़ना है और जैसा मेहता ने कहा कि भई अब विदेश से लोग गए हुए वापस आ रहे हैं। मैं समझता हूं कि हमें ऐसा एक aura खड़ा कर देना चाहिए कि इस फील्ड में दुनियाभर के लोगों को लगे कि भई जिंदगी बनानी है, तो हिंदुस्तान जाओ। भारत की कोई स्टार्टअप से जुड़ जाओ। भारत की कोई स्पेस एजेंसी से जुड़ जाओ। मैं पक्का मानता हूं जी, पूरा टैलेंट पूल जो है, एक मैग्नेट की तरह आपके कारण हम खींच सकते हैं और वो हमारी एक बहुत बड़ी ताकत बन सकता है।
CEO –हमारा विज़न है कि नेक्स्ट 18 months में हम ग्लोबल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क लगाना चाहते हैं।
CEO –हम जो सैटेलाइट्स का इंजन होता है, जो सैटेलाइट को एक जगह से दूसरा जगह ले जाता है स्पेस में। 5 साल या 15 साल तक ले जाता है सैटेलाइट्स को, वो इंजंस बनाते हैं सर। ग्लोबली बहुत अच्छा ट्रैक्शन मिला है एंड ये भी आपका एफर्ट भी इसमें बहुत है सर कि इंडिया का कंपनीज़ अभी एक्सपोर्ट करने के लिए गवर्नमेंट का सपोर्ट है।
प्रधानमंत्री –कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं।
CEO –This robotic spacecraft will go to space, physically capture the dead satellite and remove it from the orbit.
CEO –We are the first Indian company working on the docking under refueling technologies with the vision of establishing a fuel station in space.
CEO – मेरा नाम अंतरिक्ष है, my co-founder Monika is also here. सर हम इंडिया का फर्स्ट स्पेस फार्मा स्टार्टअप हैं। हम ऐसे सेटेलाइट्स बना रहे हैं, जो स्पेस में जाके Pharmaceuticals मैन्युफैक्चर कर सके और उसे वापस ले आ सके अंतरिक्ष से।
प्रधानमंत्री –आपका नाम अंतरिक्ष रखा है, आपके परिवार के लोग इसमें थे पहले से?
CEO – जी सर, नहीं मेरी मम्मी ने रखा था सर।
CEO – एक लॉन्च के बाद last one month में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिला।
प्रधानमंत्री – अच्छा, अच्छा।
CEO – और मोस्टली इंटरनेशनल हैं।
CEO – सर अभी तो 10 लाख फार्मर के साथ we are planned to launch this innovation.
CEO – सर ये आपके लिए ताकि एक याद बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री – वाह।
CEO – ये ओपनिंग, जो आपने ओपन किया था प्राइवेट सेक्टर को, उससे जो private सैटेलाइट है, उससे भारत की ब्यूटी जो दिख रही है।