वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26, महिलाओं के कल्याण, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक उत्थान के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जेंडर-स्पेसिफिक पहलों के लिए ₹4.49 लाख करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन के साथ, जो पिछले वर्ष से 37% की वृद्धि दर्शाता है, यह बजट महिलाओं के लिए अधिक वित्तीय समावेशन, उद्यमिता और रोजगार के लिए मंच तैयार करता है।

आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना: स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा

जेंडर बजट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) को उन्नत किया गया है, जिससे सरकार का ध्यान आर्थिक परिवर्तन के संचालक के रूप में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) पर केंद्रित हो गया है। यह विकसित भारत विजन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों में 70% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

इसके अतिरिक्त, भारतीय डाक को महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए एक लॉजिस्टिक हब के रूप में पुनः स्थापित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित हो सके।

उद्यमिता और वित्तीय समावेशन

पहली बार की महिला उद्यमियों के साथ-साथ एससी/एसटी उद्यमियों के लिए एक नई योजना अगले पांच वर्षों में ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन प्रदान करेगी। सफल स्टैंड-अप इंडिया योजना की तर्ज पर बनाई गई इस पहल में प्रबंधकीय कौशल को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं।

एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, सरकार सूक्ष्म उद्यमों के लिए ₹5 लाख की सीमा वाले कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड पेश करेगी, जिससे महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए ऋण तक आसान पहुँच सुनिश्चित होगी।

स्वास्थ्य सेवा और पोषण: महिलाओं के कल्याण में निवेश

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: 1 करोड़ से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण सहायता बढ़ाई जाएगी।

डे केयर कैंसर सेंटर: कैंसर के इलाज तक महिलाओं की पहुँच को बेहतर बनाने के लिए ज़िला अस्पतालों में 200 सेंटर बनाए जाएँगे।

पीएम जन आरोग्य योजना का विस्तार: डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर काम करने वाली महिलाओं समेत गिग वर्कर्स को अब इस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा।

ग्रामीण समृद्धि और कौशल विकास

एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवा किसानों को सशक्त बनाने, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में कौशल और रोजगार सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

इसके अलावा, महिलाओं को उद्योग-संबंधित कौशल से लैस करने और बेहतर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए कौशल के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा उपाय

शहरी आजीविका कार्यक्रम: शहरी महिला श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी।

महिला-अनुकूल परिवहन: रेल मंत्रालय और बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय को पहली बार जेंडर बजट वक्तव्य में शामिल किया गया है, जिससे महिलाओं के लिए सुरक्षित और अधिक सुलभ परिवहन सुनिश्चित होगा।

फ्यूचर के लिए एक विजन

आर्थिक भागीदारी, उद्यमिता, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर स्पष्ट ध्यान देने के साथ, केंद्रीय बजट 2025-26 भारत में महिला सशक्तीकरण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। जैसे-जैसे अधिक मंत्रालय जेंडर बजट फ्रेमवर्क से जुड़ते हैं, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक समानता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव परिवर्तनकारी होने की उम्मीद है।

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम साझा किया, पृथ्वी को बताया सभी जीवों की माँ
August 06, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि मानवता को पृथ्वी के साथ सद्भाव में रहना चाहिए, क्योंकि पृथ्वी समस्त जीवन का पालन-पोषण करने वाली माता है और जिस नैतिक व्यवस्था का वह पालन करती है उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्।

शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपने पोस्ट में लिखा:

विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्।

शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥