माननीय,
राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी और उपस्थित भाई बहनों
महोदय, आपकी विनम्र वाणी ने मुझे अभिभूत कर दिया है। मोजांबिक-भारत के रिश्तों को लेकर आपकी सोच के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। मेरा जिस तरह से स्वागत हुआ और आदर-सम्मान मिला उसके लिए मैं आपका, मोजांबिक सरकार का और यहां के लोगों का भी बेहद आभारी हूं।
महोदय, हमारे देशों के बीच संबंध कोई नया नहीं है। हजारों भारतीय मूल के लोग मोजांबिक को अपना देश मानते हैं। मुझे बताया गया है कि भारत के अगल अलग हिस्सों में रह रहे सिद्दी समुदाय के पूर्वज भी मोजांबिक से थे। ये समुदाय इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि हमारे लोग, उनके विचार, उनकी परंपराएं, उनकी संस्कृति और उनके वाणिज्य के बीच पुराना नाता है।
महोदय, दोनों देशों ने औपनिवेशिक शासन से पीड़ित रहा है। मोजांबिक के लिए तो ये संघर्ष ज्यादा लंबा रहा है। स्वतंत्र भारत उन देशों में से रहा जिन्होंने मोजांबिक की स्वतंत्रता के लिए बढ़ चढ़कर आवाज उठाई। मोजांबिक को 1975 में स्वतंत्र देशों की सूची में देखकर हमें गर्व हुआ।
आज, मोजांबिक की हम सराहना करते हैं कि वो हाल के दशक में दुनिया की सबसे तेजी से विकसीत हो रही अर्थव्यवस्था में से एक है। महोदय, हम दोनों ही दो विकासशील देश हैं और हमारी चुनौतियां भी एक जैसी हैं। इसलिए हमारा विकास और आर्थिक साझेदारी हमारे संबंधों का एक अहम हिस्सा होना चाहिए।
व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में हमारा संबंध हाल के वर्षों में मजबूत हुआ है। हम इसे और आगे ले जाना चाहते हैं। इसके लिए भारत आपकी प्राथमिकता के हिसाब से अपने अनुभव, तकनीक, क्षमता और रियायती ऋण मोजांबिक को देने के लिए तैयार और प्रतिबद्ध है।
पिछले साल मोजांबिक की स्वतंत्रता और हमारे राजनयिक संबंधों के 40वीं वर्षगांठ थी। दोनों देशों के बीच आपसी बातचीत और मेलजोल भी काफी बढ़ा है जो कि पहले नहीं देखा गया। इसमें सबसे बड़ी बात रही आपकी अगस्त 2015 में भारत यात्रा। उसके बाद आपके प्रधानमंत्री ने तीसरे भारत-अफ्रीका सम्मेलन में पधारकर हमारा मान बढ़ाया। महोदय, मुझे पता है कि मैं पिछले 34 साल में मोजांबिक आने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री हूं। इतना दिन नहीं लगना चाहिए था। मुझे विश्वास है कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
इन शब्दो के साथ महानुभावों, भाईयों और बहनों से अनुरोध है कि वो मेरे साथ मिलकर राष्ट्रपति फिलिप जेसिंटो न्यूसी महोदय की सेहत, उनकी खुशी और निरोग रहने, मोजांबिक के लोगों की शांति, विकास और खुशहाली के साथ ही भारत और मोजांबिक के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने की कामना करें।
Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.
Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.
Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.
The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.
The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.
They agreed to remain in close touch.
Spoke with H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar and conveyed heartfelt condolences on the passing of H.H. the Father Amir, Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani. Recalled his deep affection for India, his warmth towards the Indian community in Qatar and his…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 16, 2026


