सिंह बढ़कर हुए 411

Published By : Admin | May 2, 2010 | 21:52 IST

राजस्थान ने भले ही अपने बाघ खो दिए हों लेकिन गुजरात में एशियाई सिंहों की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही है। राज्य के वृहत्तर गिर क्षेत्र में पिछले दिनों हुई गणना में सिंहों की संख्या बढ़कर 411 हो गई है। वर्ष 2005 के 359 सिंह में 52 सिंहों का इजाफा हुआ है । पिछली पांच गणना में आम तौर पर 5से 7 प्रतिशत की बढोतरी हुई थी लेकिन इस गणना में लगभग 13 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृघ्दि हुई है । गीर फाउंडेशन में रविवार में सिंहों की गणना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 411 सिंहों में 16 2 मादा व 97 नर हैं। एक वर्ष से कम आयु के शावकों की संख्या 77 तथा एक से तीन वर्ष तक के किशोर शावकों की संख्या 75 है।

शावक-मादा की संख्या में वृद्धि सिंहों की संख्या में वृद्धि को स्वर्णिम गुजरात का उपहार बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस बार शावकों की संख्या बढ़ी है। सिंहों की कुल संख्या में शावक 40 फीसदी हैं। मादा सिंहों की संख्या भी बढ़ी है।

नर सिंह की अपेक्षा मादा सिंह की संख्या में बढोत्तरी को लेकर उन्होंने कहा कि जब गुजरात के साथ-साथ देश में स्त्री-पुरूष अनुपात में असमानता है वहीं सिंह के मामले में यह अनुपात 1: 1.6 7 है। इससे असमानता को दूर करने की नई सीख मिलती है। शावकों की संख्या में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी को उन्होंने देश में 40 फीसदी युवा से तुलना की।

तीस वर्षो में संख्या दुगनी मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले तीस वर्षो में सिंहों की संख्या दुगनी हो गई है। वर्ष 1979 की गणना में यह संख्या 205 थी। उन्होंने कहा कि 1970 तक सिंहों की संख्या कम होती जा रही थी लेकिन इसके बाद इनकी संख्या बढ़ती गई। इस बार सिंह की संख्या में 13 फीसदी से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले पांच गणनाओं में इनकी संख्या में पांच से सात प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि बाघ तो अब खोज का विषय बन गए हैं वहीं गुजरात में वन्य जीवों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

गिर विश्व का सबसे संरक्षित क्षेत्र मुख्यमंत्री के अनुसार गिर पिछले तीस वर्षो में देश के साथ-साथ विश्व का सबसे संरक्षित क्षेत्र है। इस बार की गणना में सबसे ज्यादा 297 सिंह गिर राष्ट्रीय पार्क व अभ्यारण्य में पाए गए हैं। जूनागढ जिले में सर्वाधिक 270 सिंह हैं।

सिंह हमारा गहना मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे विश्व को एशियाई शेरों को लेकर गर्व है। भारत के लिए गीर का सिंह गौरव है। गिर का सिंह हमारा गहना है। इस बार के सिंहों की गणना नई संस्था के रूप में उभरी है। यह व्यवस्था काम में आने वाली है। गणना का वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार पहली बार अधिक मात्रा में तकनीक का उपयोग किया गया। गणना में स्थानीय ज्ञान का अनुभव, उचित संख्या में प्रशिक्षित लोग तथा आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल किया गया। नौ महीने तक गणना के लिए प्रशिक्षण का काम चला।

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सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किये जाने पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की
July 25, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया।

उन्होंने उल्लेख किया कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का शाश्वत संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मान भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे दुनिया भर के और भी लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा:

“हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण!

यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि उत्तर प्रदेश के सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है।

सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का शाश्वत संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है।

यह सम्मान भारत की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। इससे दुनिया भर के और भी लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

@UNESCO”