आप सबको नमस्कार!

आज इस हॉल में भारत और ऑस्ट्रेलिया की बिजनेस पावर और बिजनेस ambition के दर्शन एक साथ हो रहे हैं। आप सबकी यहाँ उपस्थिति हमारे shared confidence और shared aspirations का प्रतीक है।

आज दुनिया Uncertainty, supply chain disruption और energy क्राइसिस के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का natural और trusted partners के रूप में आगे बढ़ना स्वाभाविक भी है और आवश्यक भी है।

बीते वर्षों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं के साथ भावी साझेदारी का एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। साल 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए एक्टा समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। इसके लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को export डबल हुआ है, और दोनों देशों के बिजनेसेस को नए market access का लाभ मिला है।

लेकिन हम यहीं नहीं रुक रहे हैं। अब हम व्यापक सीका समझौता करने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। इन प्रयासों से दोनों देशों की सरकारों ने एक नया runway तैयार कर दिया है।

अब इस पर investment और innovation का विमान उड़ान भरने के लिए तैयार है। और आप सभी को इसे नई ऊंचाई पर लेकर जाना है।

Friends,

यहां Clean energy से जुड़ी कई कंपनियां उपस्थित हैं। हम भारत में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल्स और विंड मिल्स के लिए manufacturing ecosystem तैयार कर रहे हैं।

भारत ने 2030 तक 500 गीगा-वॉट renewable energy और 2070 तक Net Zero का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया की technology, capital और resources इस transition को गति दे सकते हैं।

कुछ महीनों पहले भारत ने SHANTI Act से nuclear sector को प्राइवेट कम्पनीस के लिए खोल दिया है। हमने 2047 तक 100 गीगा वॉट nuclear energy का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम reserves, भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे रूप से जुड़ते हैं। हमारे लिए इस क्षेत्र मे सहयोग बढ़ाने के लिए historic opportunity है।

भारत में पोर्ट-एयरपोर्ट, रोड-रेलवे और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑस्ट्रेलिया के long-term investors के लिए अनेक अनेक संभावनाएं हैं। आज भारत में national highways लगभग 34 किलोमीटर प्रति दिन की गति से बन रहे हैं। हर दिन 8 किलोमीटर से अधिक Railways tracks लगाये जा रहे हैं। यह scale, speed और stability — तीनों का संगम है।

स्टील सेक्टर में हम पहले से मजबूत सहयोगी रहे हैं। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा crude steel producer है। हम मिलकर low-carbon एल्यूमिनियम, green आयरन और clean manufacturing पर काम कर सकते हैं।

AI Mission, Quantum Mission और Semiconductor Program के अंतर्गत भारत सरकार ने 10 billion डॉलर से ज्यादा का सपोर्ट दिया है। हम डेटा सेंटर, AI, क्वांटम, सेमीकंडक्टर्स और digital public infrastructure के क्षेत्रों में मिलकर global solutions तैयार कर सकते हैं।

Australia के pension funds आज 4 trillion dollars से अधिक assets manage करते हैं। भारत में pension की बचत को एक पवित्र अमानत माना जाता है। हम इसे केवल capital नहीं, करोड़ों परिवारों का trust मानते हैं। भारत आपके funds को safe, stable और sustainable growth का अवसर देता है। हमारा प्रयास रहेगा कि आपका trust भी बढ़े, और आपका capital भी बढ़े।

Education और skills में दोनों देशों के बीच natural सिनर्जी है। डीकिन University और वूलोन्गोंग University ने GIFT City में campus खोलकर एक नया अध्याय शुरू किया है। यह भारत के प्रति उनके confidence का प्रतिबिंब है। हमारा साझा लक्ष्य होना चाहिए कि हम student mobility को talent partnership में बदलें।

Friends,

इन सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए हमें एक और महत्वपूर्ण आयाम पर ध्यान देना होगा। हमारी partnership केवल दोनों राजधानियों या कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हमें हमारे राज्यों, छोटे-बड़े शहरों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों, सभी को stakeholder बनाना होगा।

Western Australia की क्रिटिकल मिनरल्स strength को हम ओडिशा और गुजरात की manufacturing capability से जोड़ सकते हैं। क्वीन्सलैंड और टैस्मेनिया की clean energy और agriculture एक्सपर्टीज़ पंजाब, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के renewable corridors और food processing ecosystem को नई गति दे सकती है। न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया की finance, education, medical-tech और innovation ecosystems, महाराष्ट्र, कर्नाटका, तेलंगाना के साथ मिलकर global solutions बना सकते हैं। South Australia की defence, space और manufacturing capability, उत्तर प्रदेश और केरलम के साथ नए अवसर बना सकती है।

मेरा सुझाव है कि हम आने वाले समय में कुछ focused state-to-state और sector-to-sector partnerships की पहचान करें और उन्हें आगे ले जाने के लिए रणनीति बनाएं।

Friends,

लोकतान्त्रिक मूल्यों और इंडो-पैसिफिक के साझा विज़न के आधार पर हमारे बीच गहरा स्ट्रेटेजिक कन्वर्जन्स बना है। हम अपनी business partnership को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रयास में आप सभी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

मुझे विश्वास है कि आज का ये संवाद नए ideas, नई partnerships और नए commitments को जन्म देगा।

मैं फिर एक बार प्रधानमंत्रीजी का इस कार्यक्रम के लिए समय निकलने केलिए उनका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।

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दुनिया अब भारत के स्टार्टअप्स को खोजती होगी: स्पेस स्टार्टअप के CEO के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी
August 23, 2026
मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों ने भारत के अंतरिक्ष उद्योग द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी अपनाने में दुनिया में बढ़ती रुचि की जानकारी दी
मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने की सराहना की, कहा इससे कई नए अवसर उत्‍पन्‍न हुए हैं
प्रधानमंत्री ने लोगों के जीवन सुगमता के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यापक अनुप्रयोगों का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक प्रतिभा, कंपनियों और निवेश आकर्षित करने की क्षमता
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष उद्योग और अन्य सामाजिक विकास क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने युवाओं में अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रति जिज्ञासा और रुचि पोषित करने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया

प्रधानमंत्री - आपने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है, सबसे बड़ी बात है कि आपने सरकार की बात पर भरोसा किया। मेरा एक मत रहा कि जो भी हम निर्णय करें, हम उसमें कंसिस्टेंट रहें, हम बार-बार उसमें बदलाव ना करें, ताकि कोई भी रिस्क लेना चाहता है, तो उसको भरोसा रहे कि भाई ठीक है मेरी गलती के कारण कुछ गड़बड़ होगा तो ठीक है, लेकिन कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ देगा। और ये विश्वास पैदा करने का हमारा प्रयास था।

CEO –We are India’s first Space Tech Unicorn. अभी July, 18 को हम भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट सक्सेसफुली सैटेलाइट्स को इजेक्ट करके लॉन्च किया था। And, this is just the beginning. Generally, we say that just warm up for Skyroot, अभी शुरुआत है। एंड नेक्स्ट ईयर मिड तक हम एक लॉन्च per month हम कर रहे हैं। And also like thanks to you sir for opening up the sector. तीन फैक्ट्री बन चुका है। एक रॉकेट per month का कैपेसिटी है ऑलरेडी। And, this is just the beginning. अभी फ्यूचर ड्रीम है कि एक लॉन्च per week करना है और several launches per day.

CEO – एक ऐसा इंजन बनाया जो दुनिया का सबसे आधुनिक इंजनों में से आता है। सर इसको अभी हमने तैयार किया है, इसकी टेस्टिंग जारी है।

प्रधानमंत्री - उनका कॉन्फिडेंस है, इन्वेस्टर्स का?

CEO – सर,स्काई रूट का जो लॉन्च हुआ है फर्स्ट, उसके बाद से बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री –अच्छा। वो रूट आपको काम आ रहा है?

CEO – वो बहुत काम आ रहा है।

प्रधानमंत्री –दुनिया अब भारत के स्टार्टअप को खोजती होगी, भई कौन है इसमें? क्योंकि एक जब ब्रेक थ्रू होता है, तो तुरंत लोगों का ध्यान जाता है।

CEO – I think, स्पेस इंडस्ट्री ओपन होने के बाद हमने एक बहुत अच्छी सी ट्रेंड देखी है। हमारे जितने सिटीजंस यूएस और यूरोप में हैं वे वापस आकर हमारे साथ काम करना चाह रहे हैं।

प्रधानमंत्री –बहुत लोगों को हमें जोड़ना है और जैसा मेहता ने कहा कि भई अब विदेश से लोग गए हुए वापस आ रहे हैं। मैं समझता हूं कि हमें ऐसा एक aura खड़ा कर देना चाहिए कि इस फील्ड में दुनियाभर के लोगों को लगे कि भई जिंदगी बनानी है, तो हिंदुस्तान जाओ। भारत की कोई स्टार्टअप से जुड़ जाओ। भारत की कोई स्पेस एजेंसी से जुड़ जाओ। मैं पक्का मानता हूं जी, पूरा टैलेंट पूल जो है, एक मैग्नेट की तरह आपके कारण हम खींच सकते हैं और वो हमारी एक बहुत बड़ी ताकत बन सकता है।

CEO –हमारा विज़न है कि नेक्स्ट 18 months में हम ग्लोबल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क लगाना चाहते हैं।

CEO –हम जो सैटेलाइट्स का इंजन होता है, जो सैटेलाइट को एक जगह से दूसरा जगह ले जाता है स्पेस में। 5 साल या 15 साल तक ले जाता है सैटेलाइट्स को, वो इंजंस बनाते हैं सर। ग्लोबली बहुत अच्छा ट्रैक्शन मिला है एंड ये भी आपका एफर्ट भी इसमें बहुत है सर कि इंडिया का कंपनीज़ अभी एक्सपोर्ट करने के लिए गवर्नमेंट का सपोर्ट है।

प्रधानमंत्री –कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं।

CEO –This robotic spacecraft will go to space, physically capture the dead satellite and remove it from the orbit.

CEO –We are the first Indian company working on the docking under refueling technologies with the vision of establishing a fuel station in space.

CEO – मेरा नाम अंतरिक्ष है, my co-founder Monika is also here. सर हम इंडिया का फर्स्ट स्पेस फार्मा स्टार्टअप हैं। हम ऐसे सेटेलाइट्स बना रहे हैं, जो स्पेस में जाके Pharmaceuticals मैन्युफैक्चर कर सके और उसे वापस ले आ सके अंतरिक्ष से।

प्रधानमंत्री –आपका नाम अंतरिक्ष रखा है, आपके परिवार के लोग इसमें थे पहले से?

CEO – जी सर, नहीं मेरी मम्मी ने रखा था सर।

CEO – एक लॉन्च के बाद last one month में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिला।

प्रधानमंत्री – अच्छा, अच्छा।

CEO – और मोस्टली इंटरनेशनल हैं।

CEO – सर अभी तो 10 लाख फार्मर के साथ we are planned to launch this innovation.

CEO – सर ये आपके लिए ताकि एक याद बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री – वाह।

CEO – ये ओपनिंग, जो आपने ओपन किया था प्राइवेट सेक्टर को, उससे जो private सैटेलाइट है, उससे भारत की ब्यूटी जो दिख रही है।