माननीय सदस्यगण,

1.नूतन और नवजीवन की प्रतीक इस बसंत ऋतु में, मैं संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में आपसभी का स्वागत करता हूं। यह एक ऐतिहासिक संयुक्त सत्र है, जिसमें स्वतंत्र भारत में पहली बार बजटसत्र के निर्धारित समय को इस वर्ष आगे लाया गया है एवं आम बजट के साथ रेल बजट का विलय कियाजा रहा है। हम एक ऐसे लोकतंत्र के उत्सव के लिए पुन: एकत्र हुए हैं, जिसके मूल्य और संस्कृति इस देशके लंबे इतिहास के हर दौर में फलते-फूलते रहे हैं। वास्तव में इसी संस्कृति ने मेरी सरकार को सबकासाथ, सबका विकास की ओर प्रेरित किया है।

 

2.हमारी सभ्यता चिरकाल से ही सहनाववतु, सह नौ भुनक्तु जैसे महान सिद्धांत से प्रेरित रही है—जिसका अर्थ है कि हम परस्पर दोनों साथ-साथ एक दूसरे की रक्षा करें, हम दोनों का साथ-साथ पोषणकरें। इस वर्ष महान सिख गुरुगुरु गोबिंद सिंह जी की तीन सौ पचासवीं जयंती है। हम महान संत—दार्शनिक रामानुजाचार्य की सहस्रवीं जयंती भी मना रहे हैं। इन महान विभूतियों द्वारा दिखाया गयाआलोकित पथ सामाजिक परिवर्तन और सुधार का पथ, जो सबके लिए प्रकाश स्तंभ है, मेरी सरकार केलिए प्रेरणादायी है।

 

3.इस वर्ष हम चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी मना रहे हैं, जिसने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को नईदिशा दी थी और औपनिवेशिक ताकतों से लड़ने के लिए भारत की जनशक्ति को प्रेरित किया था।महात्मा गांधी के सत्याग्रह के आदर्शों ने प्रत्येक भारतीय के मन में अदम्य साहस, आत्मविश्वास औरजनहित के लिए बलिदान की भावना भर दी। आज यही जनशक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

 

4.हमारे देशवासियों ने, विशेषकर गरीब तबके के लोगों ने, हाल ही में काले धन के विरुद्ध संघर्ष मेंअसाधारण समुत्थान शक्ति और सहनशीलता का परिचय दिया है। रसोई गैस के मामले में ‘Give it up’ अभियान की सफलता के पीछे भी यही प्रेरक भावना रही है। 1.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं ने रसोईगैस सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ी है, जिससे वंचित लोगों को रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराने में बहुत मददहुई है। इसी ‘जनशक्ति’ ने स्वच्छ भारत मिशन को एक जन आंदोलन में बदल दिया है। 1.4 लाख गांवों, 450 से ज़्यादा शहरों, 77 जिलों तथा 3 राज्यों ने अपने क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है।मेरी सरकार जनशक्ति को शत-शत नमन करती है और प्रण करती है कि हम इस शक्ति का राष्ट्रनिर्माण में रचनात्मक प्रयोग करेंगे।

 

माननीय सदस्यगण, 

5.गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, किसान, श्रमिक और युवाओं का कल्याण ही मेरी सरकारकी नीतियों का केंद्र-बिन्दु है। मेरी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अन्त्योदय विचारधारा केमार्गदर्शन में चल रही है। उनकी जन्म शताब्दी को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

 

6.वित्तीय समावेशन गरीबी उन्मूलन की कुंजी है। 26 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोलकरलोगों को बैंकिंग व्यवस्था से पहली बार जोड़ा गया है, जो एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। कैशलैस भुगतान केलिए 20 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए। ‘‘जन-धन से जन-सुरक्षा’’ की दिशा में तेजी सेआगे बढ़ते हुए लगभग 13 करोड़ गरीबों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल किया गयाहै।

 

7.गरीब और अब तक जिनको बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं ऐसे लोगों तक बैंकिंग सुविधाएंपहुंचाने के लिए, भारतीय डाक भुगतान बैंक (इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक ) प्रारंभ किया गया है। भारत मेंडाक नेटवर्क बहुत व्यापक है, जिसमें डेढ़ लाख डाक घर गांव-गांव तक फैले हुए हैं। ये डाक घर पोस्टलबैंक के रूप में भी कार्य करेंगे। बैंकों द्वारा नियुक्त किए एक लाख से अधिक बैंक-मित्रों के साथ-साथ, ढाईलाख ग्राम-डाक-सेवक भी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।

 

8.प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 2 लाख करोड़ रुपए के 5.6 करोड़ ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।इससे जरूरतमंद उद्यमियों को बिना कोई ऋणाधार बैंक से कर्जा मिल सकेगा जिससे छोटे व्यवसायों कोप्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना के तहत सत्तर प्रतिशत ऋण का लाभ महिला उद्यमियों ने उठाया है।

 

9.दीन दयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत महिलाओं, विशेष रूप से वंचित समुदायों की महिलाओंको सशक्त बनाने के लिए चालू वित्त वर्ष में ‘स्वयं सहायता समूहों’ को सोलह हजार करोड़ रुपए काप्रावधान किया गया है। इस योजना में 5 करोड़ महिलाओं तक लाभ शीघ्र पहुंचाने का लक्ष्य है।

 

माननीय सदस्यगण, 

10.मेरी सरकार ने आवास, किफायती स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित पेय जल और स्वच्छता, तथास्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता से गरीबों की जीवनशैली बेहतर बनाने के लिए अनेक उपाय किए हैं।

 

11.मेरी सरकार प्रधान मंत्री आवास योजना के माध्यम से कम ब्याज दरों पर आवास ऋण प्रदान करबेघर गरीब परिवारों को आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

12.साफ-सफाई न होने से गरीब घरों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होती है। स्वच्छ भारतअभियान का उद्देश्य विशेष रूप से गरीबों की स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इस मिशन में3 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है।

 

13.प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना से गरीबों को स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त हो सकेगी। इस योजना का उद्देश्यस्वच्छ ईंधन—एल.पी.जी. उपलब्ध कराकर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और उन्हेंधुआं भरी रसोई के और ईंधन इकट्ठा करने में लगने वाले समय के दुष्परिणामों से बचाना है। 5 करोड़गरीब घरों को गैस कनेक्शन नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1.5 करोड़कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इनमें से 37 प्रतिशत उज्ज्वला लाभार्थी अनुसूचितजाति व अनुसूचित जनजातियों में से हैं।

 

14.दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत स्वतंत्रता से अब तक अंधेरे में रह रहे 18,000गांवों में से 11,000 गांवों में रिकॉर्ड समय में बिजली पहुंचाई गई है। उजाला (उन्नत ज्योति बाइअफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल) कार्यक्रम के अंतर्गत 20 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए जाचुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली के बिलों में दस हजार करोड़ रुपए से अधिक की बचत हुई है।इनमें से अधिकांश उपभोक्ता गरीब तबके के हैं।

 

15.अपने देश के प्रत्येक नागरिक के लिए, और विशेष रूप से गरीबों के लिए, स्वास्थ्य सुविधाएंकिफायती और सुगम बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इन्द्रधनुष मिशन ‘‘हर बच्चे को हरजगह’’ निवारणीय बीमारियों से टीकाकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इससे अभी तक 55 लाख बच्चों को लाभदिया जा चुका है। गरीबों को गुणात्मक औषधियां किफायती दामों पर उपलब्ध कराने हेतु प्रधान मंत्रीभारतीय जन औषधि परियोजना का प्रारंभ किया गया है। इंडैमिक जापानी इंसेफ्लाइटिस को नियंत्रितकरने के लिए मुहैया कराई गई विशेष सुविधाओं के उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं और इस बीमारी सेहोने वाली मृत्युदर में कमी आई है।

 

माननीय सदस्यगण, 

16.किसान के कल्याण में ही राष्ट्र की समृद्धि है। कई वर्षों से लगातार सूखे के बाद अनुकूल मानसूनऔर किसान उन्मुख परियोजनाओं से खरीफ फसलों के क्षेत्रफल एवं उपज में वृद्धि हुई है। वर्तमान रबीमौसम में बोए गए क्षेत्र में भी गत वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

 

17.मेरी सरकार ने किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। हमारा ध्यान कृषिक्षेत्र के संपूर्ण विकास पर केंद्रित है जैसे—सस्ता ऋण उपलब्ध कराना, बीज और उर्वरकों की आपूर्तिसुनिश्चित करना, सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाना, व्यापक जोखिम सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड केमाध्यम से बेहतर उत्पादकता, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (-एन एम) के माध्यम से उत्पाद के लिएसुनिश्चित बाजार और लाभकारी कीमतें आदि।

 

18.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जोखिम कवरेज को विस्तृत किया गया है, बीमा राशि को दोगुना किया गया है और किसानों के लिए प्रीमियम राशि को अब तक के न्यूनतम स्तर पर लाया गया है।2016 खरीफ फसल की अवधि के दौरान, लगभग 3.66 करोड़ किसानों के लिए, 1.4 लाख करोड़ की राशिका बीमा किया गया।

 

19.किसान क्रेडिट कार्डों को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से, मौजूदा कार्डों के अलावा तीन करोड़ कार्डोंको, जल्द ही रूपे डेबिट कार्डों में बदला जाएगा। नाबार्ड निधि की राशि को दुगुना करके इकतालिस हजारकरोड़ किया गया है ताकि सभी किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध हो सके।

 

20.हर बूंद अधिक फसल तथा ‘‘हर खेत को पानी’’ को ध्यान में रखते हुए प्रधान मंत्री कृषि सिंचाईयोजना का कवरेज बढ़ाया गया है। पिछले दो वर्षों के दौरान 12.7 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि पर सूक्ष्मसिंचाई की व्यवस्था की गई है। 

 

21.माननीय सदस्यों को याद होगा कि पिछले वर्ष इसी समय दालों की कीमतों में तेजी से हुई वृद्धिगंभीर चिंता का विषय था। मेरी सरकार ने सक्रिय उपाय किए और दालों की कीमतें अब नियंत्रण में हैं।किसानों को उचित मूल्य प्रदान करने तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20लाख टन दालों का बफर स्टॉक रखने की योजना है, जिसके अंतर्गत 8 लाख टन दालें अब तक खरीदी जाचुकी हैं।

 

माननीय सदस्यगण, 

22.मेरी सरकार नारी शक्ति को देश की विकास यात्रा का अभिन्न अंग बना रही है। हमारे देश मेंमहिलाओं को समान अवसर प्राप्त करने का हक है। रियो ओलम्पिक में पी.वी. सिंधु, साक्षी मलिक, दीपाकरमाकर और कई अन्य महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर हमें गर्व है, और यह महिला शक्तिकी कामयाबी का प्रतीक है। महिलाएं सशस्त्र सेनाओं के लड़ाकू दस्ते में भी शामिल हो रही हैं। पहली तीनमहिला फाईटर विमान पायलटों पर राष्ट्र को गर्व है। यह हमें स्मरण कराता है कि यदि महिलाएं पूर्ण रूपसे सशक्त हों, और उनकी प्रतिभा तथा कौशल का इष्टतम उपयोग किया जाए, तो एक राष्ट्र के रूप मेंहम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।

 

23.घटते Child Sex Ratio के समाधान हेतु शुरू की गई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अच्छेपरिणाम प्राप्त हुए हैं। लड़कियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दृष्टि से सुकन्या समृद्धियोजना शुरू की गई जिसमें एक करोड़ से भी अधिक खाते खोले गए और 11 हजार करोड़ रुपए से भीअधिक की राशि जमा हुई है। प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं कोसक्षम चिकित्सा परिचरों द्वारा ante-natal care की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मातृत्व सुविधाअधिनियम में संशोधन और प्रसूति अवकाश अवधि को 12 सप्ताह से 26 सप्ताह तक बढ़ाने से गर्भवतीमहिलाओं को कार्य स्थल पर सहायता मिलेगी।

 

माननीय सदस्यगण, 

24.आज हमारी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। हमारे युवा हमारी सबसे बड़ीशक्ति है तथा युवा ऊर्जा का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। हमारी सरकार ने ‘हर हाथ को हुनर’ के उद्देश्यसे, युवकों को कुशल बनाने और उन्हें बेहतर रोजगार के योग्य बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। पूर्वमें 21 मंत्रालयों और 50 विभागों में फैले कौशल विकास कार्य को एक ही मंत्रालय के अधीन लाया गया है।अगले चार वर्षों में एक करोड़ युवकों को प्रशिक्षित करने के लिए बारह हजार करोड़ के बजट परिव्ययन केसाथ प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में 20 लाख से अधिक युवक पहलेही लाभान्वित हो चुके हैं। 10 हजार करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहनयोजना आरंभ की गई है। देशभर में फैले हुए 978 रोजगार कार्यालय राष्ट्रीय कैरियर सेवा पोर्टल मेंएकीकृत किए गए हैं।

 

25.मेरी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खोले हैं और उनकेलिए उच्च तकनीकी शिक्षा को अधिक सुगम बनाया है। पहली बार, ब्रिज पाठ्यक्रमों के माध्यम से,आईटीआई प्रशिक्षार्थियों को मैट्रिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर अकादमिक बराबरी प्रदान की गई हैताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। युवकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से50 भारतीय अंतरराष्ट्रीय कौशल केंद्रों का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। सात लाखविद्यार्थियों के लिए उद्यम में शिक्षण और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधान मंत्री युवा योजनाआरंभ की गई है।

 

26.मेरी सरकार ने वस्त्र और परिधान (मेडअप्स) क्षेत्र में रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देनेके लिए छह हजार करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया है। इस पैकेज के अंतर्गत 1.1 करोड़ से अधिक जॉबके सृजन की उम्मीद है जिसमें से अधिकांश महिलाओं के लिए होंगे।

 

माननीय सदस्यगण, 

27.श्रमेव जयते मेरी सरकार का प्रमुख मार्गदर्शी सिद्धांत है और इसलिए सरकार ने श्रमिक कल्याणके लिए कई उपाय किए हैं। कृषि और कृषि से भिन्न क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी में पहली बार 42 प्रतिशतकी वृद्धि की गई है। बोनस के कवरेज के लिए, गणना की अधिकतम सीमा दोगुनी करके सात हजार रुपएकी गई है और बोनस के लिए पात्रता की सीमा दस हजार रुपए से बढ़ाकर इक्कीस हजार रुपए की गई है।इसका सीधा लाभ 55 लाख अतिरिक्त कामगारों को मिलेगा। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से कर्मचारीभविष्य निधि खातों का अंतरण सुनिश्चित हुआ है और उससे करोड़ों कामगारों के हितों की रक्षा हुई है।

 

28.मेरी सरकार के इस निर्णय जिससे नियोक्ता अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान बैंक केद्वारा कर सकें, का सर्वाधिक लाभ अनौपचारिक क्षेत्रों में नियोजित कामगारों को होगा। इससे न्यूनतमवेतन के भुगतान का अनुपालन बढ़ेगा। इससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी कर्मचारी राज्य बीमानिगम के अंतर्गत स्वास्थ्य लाभ और भविष्य निधि के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलसकेगा। 

 

29.सातवां वेतन आयोग लागू करने से 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 35 लाख पेंशनभोगियों कोलाभ मिला है। ब्याज दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रभाव से वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करनेहेतु वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 वर्ष की अवधि के लिए 8 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित की गई है, जो हरमहीने देय है।

 

माननीय सदस्यगण, 

30.समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के लिए सामाजिक और आर्थिक समानता हमारे संविधान कीपहली प्रतिज्ञा है। मेरी सरकार इस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

31.मेरी सरकार की योजना है कि स्टेंड-अप इंडिया पहल के माध्यम से, ढाई लाख से अधिकअनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाया जाए।उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हब बनायागया जिसके लिए 490 करोड़ रुपए का प्रारम्भिक आबंटन किया गया है।

 

32.वन अधिकार अधिनियम के तहत, 55.4 लाख एकड़ वन भूमि के क्षेत्रफल में 16.5 लाखव्यक्तिगत वन अधिकार स्वामित्व प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 47 लाख एकड़ वनभूमि क्षेत्रफल पर सामुदायिक वन अधिकार स्वामित्व प्रदान किए गए हैं।

 

33.हमारे देश की खनिज संपदा अधिकांशत: जनजातीय आबादी (अधिवास) वाले क्षेत्रों में है। प्रधान मंत्रीखनिज क्षेत्र कल्याण योजना से जहां एक ओर सतत खनन कार्य के प्रयोजन की पूर्ति होगी वहीं खननक्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों और गरीब निवासियों के जीवन में सुधार के लिए स्थानीय क्षेत्र काविकास भी होगा। इस दिशा में जिला खनिज फाउन्डेशन की स्थापना एक नवीन पहल है।

 

34.मेरी सरकार ने जनजातीय उप-योजना के तहत आबंटन बढ़ाया है। वनबंधु कल्याण योजना केअंतर्गत जनजातीय लोगों के सशक्तीकरण के लिए, चौदह क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। श्यामा प्रसादमुखर्जी रूर्बन (ग्रामीण-शहरी) मिशन के अंतर्गत शामिल 300 जन-समुदायों में से 100 जन-समुदायों काविकास जनजातीय क्षेत्रों में किया जाएगा।

 

माननीय सदस्यगण, 

35.नेत्रहीनों के लिए विश्व कप, 2014 में भारतीय क्रिकेट टीम और रियो 2016 में भारतीय पैरालैंपिकदल की सफलता दर्शाती है कि दिव्यांगजनों को समुचित अवसर दिए जाएं तो वे महान ऊंचाइयों पर पहुंचसकते हैं। मेरी सरकार दिव्यांगजनों के विकास के लिए समान अवसर देने के प्रति वचनबद्ध है। सरकारीनौकरियों में दिव्यांगजन के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने के साथ-साथ मेरीसरकार ने बैकलॉग रिक्तियों को भरने का काम भी तेज कर दिया है। मई, 2014 से अब तक पूरे देश मेंआयोजित 4700 विशेष सहायता शिविरों में 6 लाख से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं।

 

36.सुगम्य भारत अभियान- से दिव्यांगजनों के सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने में सुगमता हुई है।दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 में वाणी और भाषा संबंधी अशक्तता तथा विशिष्टशिक्षण संबंधी अशक्तता को पहली बार शामिल किया गया है। पूरे देश के लिए एक समान संकेत भाषाका विकास किया जा रहा है। आटिज्म, सेरिब्रल पाल्सी, मेंटल रिटार्डेशन तथा मल्टीपल डिसएबिलिटी सेप्रभावित दिव्यांगजनों के लिए निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एक लाख रुपए तक की स्वास्थ्यबीमा योजना का प्रावधान किया गया है।

 

माननीय सदस्यगण, 

37.जिस प्रकार सितार के अलग-अलग तार से अलग-अलग सुर निकलते हैं किंतु सभी तारों के एकसाथ बजने पर मधुर संगीत उत्पन्न होता है, इसी प्रकार भिन्न-भिन्न मतों और धर्मों के लोग मिलकरराष्ट्र की आत्मा एवं शक्ति बनते हैं। इस वर्ष हम बाबा बंदा सिंह बहादुर का 300वां शहीदी दिवसआयोजित कर उनके साहस एवं बलिदान के स्मरण तथा हाल ही में ‘संत’ घोषित की गई मदर टेरेसा कीस्वार्थहीन सेवा भावना से प्रेरणा ले रहे हैं। मेरी सरकार द्वारा सभी समुदायों के लोगों की आकांक्षाओं कोपूरा किया जाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों अर्थात् मुस्लिम,ईसाई, बौद्ध, सिख, पारसी एवं जैन समुदाय के लोगों के समावेशी विकास के लिए अधिक केंद्रितदृष्टिकोण अपनाया गया है। जहां एक ओर छात्रवृत्ति तथा शिक्षावृत्ति स्कीमों के माध्यम से उनकेशैक्षिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया गया है वहीं सीखो और कमाओ, उस्ताद तथा नई मंजिल जैसीकौशल विकास स्कीमों द्वारा उनके आर्थिक सशक्तीकरण को संभव बनाया गया है।

 

38.जैसे वर्षा और जलधाराओं की सभी बूंदें सागर में समाहित हो जाती हैं वैसे ही मेरी सरकार कीसारी नीतियां, निर्धनों, वंचितों तथा अल्पसुविधा प्राप्त लोगों के कल्याण की ओर उन्मुख हैं। आश्रयहीनोंको आवास मुहैया कराने से लेकर बिजली रहित गांवों में बिजली पहुंचाने तक, निर्धन लोगों को नि:शुल्कएल पी जी कनेक्शन उपलब्ध कराने से लेकर एल ई डी बल्ब मुहैया कराने तक, जनधन से जनसुरक्षातक, गरीब जन को सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तक—मेरीसरकार की समग्र नीतियों का एकमात्र केंद्रबिंदु ‘गरीबों’ का कल्याण करना है।

 

माननीय सदस्यगण,

39.सभी क्षेत्रों का संतुलित और न्यायसंगत विकास भारत की प्रगति के लिए महत्त्वपूर्ण है। अपनीसक्रिय ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी के तहत, मेरी सरकार द्वारा सड़क, रेल, वायुमार्ग, दूरसंचार, विद्युत औरजलमार्गों का विकास करके देश के अन्य भागों से दूर पूर्व और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को जोड़ने पर ध्यानकेंद्रित किया गया है।

 

40.मेरी सरकार ने दो हजार पांच सौ किलोमीटर लंबी जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धामरा प्राकृतिकगैस पाइपलाइन परियोजना के निष्पादन के साथ प्रधान मंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना शुरू की है। बारहहजार पांच सौ करोड़ रुपए के निवेश वाली यह परियोजना पांच राज्यों के 40 जिलों और 2600 गांवों कीऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इस परियोजना द्वारा तीन बड़ी उर्वरक इकाइयां फिर से शुरू होंगी, 20 से अधिक शहरों का औद्योगिकीकरण होगा तथा 7 शहरों में सिटी गैस नेटवर्क का विकास होगा।

 

41.मेरी सरकार उत्तर-पूर्वी राज्यों को अष्टलक्ष्मी के रूप में देखती है जो भारत को नई ऊंचाइयों तकले जा सकते हैं। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, दक्षिण-पूर्वी एशिया का प्रवेश द्वार है। हम सड़क-रेल मार्ग से अपनेपड़ोसी देशों को जोड़ रहे हैं ताकि इस क्षेत्र के तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

 

42.उत्तर-पूर्वी राज्यों को निरंतर सहायता और उनका विकास सुनिश्चित करने के लिए मेरी सरकारद्वारा उत्तर-पूर्वी राज्यों को दी जाने वाली सहायता के पैटर्न में विशेष व्यवस्था जारी रखी गई है और इनराज्यों की कोर-सेंट्रल स्कीमों के लिए 90:10 के अनुपात से तथा नॉन-कोर सेंट्रल स्कीमों के लिए 80:20 केअनुपात से सहायता प्रदान की जा रही है।

 

43.इस वर्ष के अंत तक उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थित सभी मीटर-गेज पटरियों को ब्रॉड-गेज में बदलदिया जाएगा। रेलवे ने इस क्षेत्र में लगभग दस हजार करोड़ रुपए की लागत से बड़े पैमाने पर विस्तारकार्य शुरू कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश तथा मेघालय को रेल मानचित्र में शामिल कर लिया गया है एवंत्रिपुरा में अगरतला को ब्रॉड-गेज लाइन के जरिए जोड़ दिया गया है।

 

44.ब्रह्मपुत्र क्रेकर एंड  पॉलिमर लिमिटेड तथा नूमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की वैक्स यूनिट ऐसीबड़ी परियोजनाएं हैं जो उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मुहैया कराएंगी। सरकार नेरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत नॉर्थ-ईस्ट बीपीओ प्रोत्साहनस्कीम को अनुमोदित किया है।

 

45.उत्तर-पूर्वी क्षेत्र अपने सौंदर्य और विविधता के कारण पर्यटन के लिए एक सहज आकर्षण केंद्र है।पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए एक थीमेटिक सर्किट की पहचान कर ली है।

 

46.मेरी सरकार ने देश के पर्वतीय तथा अन्य क्षेत्रों में अप्रत्याशित बाढ़ के कारण हुई क्षति को कमकरने के लिए विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की है।

 

माननीय सदस्यगण, 

47.हाइवे से लेकर आई-वे तक; रेलमार्ग से लेकर जलमार्ग तक; समुद्रीपत्तन से हवाई अड्डों तकजल की पाइपलाइनों से लेकर गैस पाइपलाइन तक, भू-विज्ञान से उपग्रहों तक, ग्रामीण आधारभूतसंरचना से लेकर स्मार्ट सिटी तक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के सृजन पर हमारी सरकार द्वारा विशेषध्यान दिया गया है।

 

48.रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए 1.21 लाख करोड़ रुपए का सर्वाधिक पूंजीगत परिव्यय कियागया है। मेरी सरकार का उद्देश्य सभी ग्रामीण बस्तियों को पक्की सड़कों से जोड़ने का है। ग्रामीण क्षेत्रों मेंअब तक 73,000 कि.मी. सड़क बनाई गई है। वामपंथी अतिवाद से प्रभावित 44 जिलों में 5,000 कि.मी. सेअधिक सड़कों को अपग्रेड किया गया है। राष्ट्रीय नागर विमानन नीति से छोटे नगरों तक वायुयान सेकनैक्टिविटी को अत्यधिक गति मिलेगी। भारत नैट प्रोजेक्ट के अंतर्गत ऑप्टिकल फाइबर केबिल जोमई 2014 तक केवल 59 ग्राम पंचायतों तक पहुंचा था, अब 75,700 से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंचचुका है।

 

49.भारत ने 8 ऑपरेशनल मिशन लॉन्च किए हैं, जिनमें मौसम-विज्ञान, नौवहन, पृथ्वी-प्रेक्षण औरसंचार-उपग्रह शामिल हैं। इसरो ने भारतीय क्षेत्रीय नौवहन-उपग्रह-प्रणाली नाविक के सात उपग्रहों केसमूह को पूर्ण किया है। इसरो ने इस वर्ष एक साथ 20 उपग्रहों को एकल प्रक्षेपण के जरिए अंतरिक्ष मेंभेजा है जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

 

50.मेरी सरकार समुद्री संपदा का इष्टतम उपयोग कर सागर-आधारित विकास को नई गति प्रदानकरने के लिए प्रतिबद्ध है। पत्तन-आधारित विकास पर आधारित सागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत,आगामी तीन वर्ष में तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत की कुल 199 परियोजनाएं कार्यान्वयनके लिए चिह्नित की गई हैं। इनमें से एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं पहले हीकार्यान्वित की जा रही हैं। भारतीय प्रायद्वीप से संबद्ध सागर में हमारे एक हजार तीन सौ बयासी द्वीपहैं, जिनमें से शुरुआत में 26 को एकीकृत विकास के लिए चुना गया है। नीली (समुद्री) अर्थव्यवस्था परहम विशेष रूप से ध्यान देंगे और इसमें भी मत्स्य-पालन के सतत विकास पर हमारा विशेष जोर रहेगा।

 

51.स्वच्छ ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पुन: पुष्ट करते हुए, मेरी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जाक्षमता बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं और लक्षित 175 गीगावाट क्षमता में से 47 गीगावाट तक कीक्षमता विकसित कर ली है।

 

52.ग्रामीण आधारभूत संरचना पर ताज़ा बल देते हुए वर्ष 2015-20 के दौरान ग्राम पंचायतों को दोलाख करोड़ से भी अधिक की धन राशि बंधन मुक्त वित्तीय संसाधन के रूप में अंतरित की जा रही है।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के लिए वर्ष 2016-17 में सैंतालीस हजार करोड़ सेभी अधिक निधि आबंटित की गई है, जो अब तक की अधिकतम राशि है तथा अब स्थायी परिसंपत्तियोंऔर ग्रामीण आधारभूत संरचना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

 

53.शहरी आधारभूत संरचना के विकास में तेजी लाने के लिए 500 शहरों के लिए पचास हजार करोड़रुपए के परिव्यय वाली वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई है। चार शहरों के लिए मेट्रो रेलपरियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है जिनमें अहमदाबाद, नागपुर और पुणे शामिल हैं तथा चेन्नै मेट्रो केविस्तार का भी अनुमोदन किया गया है।

 

माननीय सदस्यगण, 

54.मेरी सरकार ने गरीबों के हित में साहसिक निर्णय लिए हैं।

 

55.काला-धन, भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवादियों के लिए धन की उपलब्धता जैसी बुराइयोंको खत्म करने के लिए 8 नवम्बर, 2016 को मेरी सरकार ने पुराने पांच सौ एवं हजार रुपए के करेंसी नोटोंका विमुद्रीकरण (नोटबंदी) करने का निर्णय लिया। मेरी सरकार का सबसे पहला कैबिनेट निर्णय कालेधन पर विशेष जांच दल (एस आई टी) का गठन करना था। काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथापरिसंपत्ति) तथा कर अधिनियम, 2015 का अधिरोपण तथा बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधनअधिनियम, 2016 पारित करने; संधियों के प्रावधानों के दुरुपयोग से कर-चोरी तथा भारत में काले धनकी आवाजाही की रोकथाम के लिए सिंगापुर, साइप्रस और मॉरिशस के साथ संधियों में संशोधन करनेतथा प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए कराधान संशोधन अधिनियम पारित करने से काले धनके विरुद्ध एक नीतिगत पहल हुई है।

 

56.पूर्व-सैनिकों की ‘एक-रैंक-एक-पेंशन’ (ओआरओपी) की चार दशक पुरानी मांग पूरी की गई है।इस पर लगभग ग्यारह हजार करोड़ रुपए का कुल वित्तीय भार आएगा। 19.6 लाख से अधिक पूर्व-सैनिकों को लाभ पहुंचाते हुए छह हजार दो सौ करोड़ रुपए से अधिक की दो किस्तें जारी की गई हैं।

 

57.क्षेत्रीय संप्रभुता के बार-बार उल्लंघन करने का मुँह तोड़ जवाब देने के लिए मेरी सरकार नेनिर्णयात्मक कदम उठाए हैं। आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ रोकने के लिए 29 सितंबर, 2016 को हमारेरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा पर अनेक लांच पैड पर सफलतापूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक किया। हमारे रक्षाकर्मियों के इस अदम्य साहस और पराक्रम पर हमें गर्व है और हम उनके प्रति कृतज्ञ और ऋणी हैं।

 

माननीय सदस्यगण, 

58.शासन संस्कृति में बदलाव लाने के लिए मेरी सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाया है और पुरानेऔर अनुपयोगी कानूनों को समाप्त किया तथा भ्रष्टाचार के अवसर समाप्त किए।

 

59.जनधन-आधार-मोबाइल (जे एम) ट्रिनिटी  के माध्यम से सब्सिडी के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरणकार्यक्रम के अंतर्गत लीकेज (भ्रष्टाचार) की रोकथाम हुई है और छत्तीस हजार करोड़ रुपए की बचत कीहै। पहल (PAHAL) विश्व की सबसे बड़ी नगद लाभ अंतरण स्कीम है जिससे दो वर्षों में इक्कीस हजारकरोड़ रुपए की बचत हुई है। डिजीधन अभियान और दो लाख कॉमन सर्विस केंद्रों से 5 लाख से अधिकयुवाओं को रोजगार मिला है और डिजिटल साक्षरता बढ़ी है।

 

60.भीम (BHIM)—भारत इंटरफेस फॉर मनी नामक मोबाइल एप का शुभारंभ डॉ. भीमरावअम्बेडकर जो गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण चाहते थे, की दृष्टि के प्रति श्रद्धांजलि है। कुछ ही दिनों मेंयह देश में सबसे लोकप्रिय मोबाइल एप-आधारित भुगतान तंत्र बन गया है। शीघ्र ही आरंभ किए जानेवाली बायोमीट्रिक आधार भुगतान प्रणाली भारत में प्रौद्योगकीय क्रांति लाएगी।

 

61.कोल ब्लॉक और स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया से यह स्पष्ट है कि प्राकृतिक संसाधनों के आबंटनमें मेरी सरकार ने पारदर्शिता के उच्च मानक अपनाए हैं। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सरकारी प्रापणोंको गवर्नमेंट मार्केट प्लेस (जी एम) जैसे एकल प्लेटफार्म के अंतर्गत लाया गया है।

 

62.सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है तथा चौंतीस लाख सेअधिक गैर-राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार की बाध्यता को समाप्त किया गया है। सरकार मेंवरिष्ठ पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को भी सरल और कारगर बनाया गया है और केवल वस्तुनिष्ठता,योग्यता और ईमानदारी को ही चयन का आधार बनाया गया है।

 

63.ग्यारह सौ से ज़्यादा अप्रचलित कानूनों को निरस्त किया गया है तथा ऐसे ही 400 अन्य कानूनोंको निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा रही है। महिलाओं, दिव्यांग जन, श्रम, प्रशिक्षुओं, फैक्टरियों,बेनामी लेनदेन, आधार तथा  आवासीय सम्पदा (रिअल ऐस्टेट) आदि क्षेत्र से संबंधित कानून ऐसे कुछकानूनों में से हैं—जो मेरी सरकार के पारदर्शिता तथा सामाजिक न्याय उन्मुख मार्गदर्शी दर्शन कोप्रतिबिंबित करते हैं।

 

माननीय सदस्यगण, 

64.बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य रुक जाते हैं, सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता हैऔर इससे सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा लंबी चुनाव ड्यूटी से मानव संसाधन पर बोझ पड़ताहै। मेरी सरकार लोक सभा तथा राज्य की विधान सभाओं के एक साथ चुनाव करवाए जाने के विषय पररचनात्मक दृष्टि से विचार-विमर्श किए जाने का स्वागत करती है। चुनावों के लिए पैसा उपलब्ध कराएजाने के विषय पर भी चर्चा किया जाना जरूरी है ताकि धन के दुरुपयोग को रोका जा सके। मेरी सरकारइस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक पार्टियों से बातचीत करके लिए गए किसी भी निर्णय काखुले दिल से स्वागत करेगी।

 

माननीय सदस्यगण, 

65.प्रत्येक राज्य की भाषा और उसकी विरासत की समृद्धि के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विविधताका सम्मान करते हुए, मेरी सरकार ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम आरंभ किया है। इस कार्यक्रम कीविशिष्टता यह है कि यह कार्यक्रम अलग-अलग राज्यों को एक वर्ष तक विभिन्न संस्कृतियों से जोड़ता हैताकि प्रत्येक राज्य दूसरे राज्य की सांस्कृतिक भावनाओं को आत्मसात कर सके।

 

66.सहयोगपूर्ण संघवाद की भावना को एक राष्ट्र-एक कर और एक राष्ट्र-एक बाज़ार के माध्यम सेबढ़ावा देते हुए संसद के दोनों सदनों ने वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम पारित किया है। विभिन्नराजनीतिक दलों द्वारा शासित 17 राज्यों ने रिकार्ड 23 दिनों में इसका अनुसमर्थन किया है। मेरी सरकारबकाया मुद्दों के समाधान पर कार्य करने के लिए जी एस टी परिषद की आभारी है।

 

माननीय सदस्यगण, 

67.ऐसे समय में, जब वैश्विक विकास की गति मंद है, भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकउज्ज्वल बिन्दु के रूप में स्वीकार किया गया है। वर्ष 2014 से मुद्रास्फीति की दर, भुगतान संतुलन, चालूखाता घाटे और राजकोषीय घाटे में निरंतर कमी आई है। एफ डी आई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और विदेशीमुद्रा रिज़र्व रिकार्ड स्तर तक पहुंच गया है। देश के मैक्रो-इकोनामिक (समष्टि अर्थव्यवस्था) मूल तत्त्वसुदृढ़ हैं जोकि सतत उच्च वृद्धि का आधार हैं।

 

68.2015-16 में 55.6 बिलियन अमरीकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ, जो किसी भी वित्तवर्ष में हुए विदेशी निवेश की तुलना में सबसे अधिक है। मेरी सरकार ने जून 2016 में विभिन्न क्षेत्रों मेंएफडीआई नीति प्रावधानों का और उदारीकरण किया है।

 

69.मेरी सरकार व्यापार में आने वाली बाधाओं की पहचान करने के लिए राज्य सरकारों के साथमिलकर कार्य कर रही है। राज्य/संघराज्य क्षेत्र की रैंकिंग से पता चलता है कि सुधारों के राष्ट्रीयकार्यान्वयन का औसत, लगभग 49 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष के 32 प्रतिशत से काफी ज़्यादा है।अंकटाड (UNCTAD) द्वारा जारी की गई विश्व निवेश रिपोर्ट 2016 में, भारत को 2016-18 की सर्वोच्चनिवेश आमंत्रित करने वाली भावी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में तीसरे स्थान पर रखा गया है।

 

माननीय सदस्यगण, 

70.भारत, पिछले चार दशकों से आतंकवाद की अति गंभीर समस्या का सामना कर रहा है।आतंकवाद से, विश्व समुदाय को गंभीर खतरा है। भारत, इन शक्तियों के उन्मूलन के लिए, अन्य देशों केसाथ मिलकर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। मेरी सरकार, आतंकवाद का उन्मूलन करने और यहसुनिश्चित करने के लिए कृत संकल्प है कि इन अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाए।

 

71.जम्मू-कश्मीर राज्य सीमापार से प्रायोजित और समर्थित आतंकवाद से प्रभावित रहा है। घुसपैठकी कोशिशें, आतंकवादियों की हिंसापूर्ण घटनाएं और हमारे नागरिकों तथा वीर सुरक्षा कर्मियों के अमूल्यजीवन की क्षति हमारे लिए गंभीर चिंता के विषय हैं।

 

72.पिछले तीन वर्षों में वामपंथी उग्रवाद को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफलता मिली है, 2600 से अधिक उग्रवादियों ने आत्म समर्पण किया है। उत्तर-पूर्वी राज्यों की सुरक्षा स्थिति में भीउल्लेखनीय सुधार दिखाई पड़ा है।

 

माननीय सदस्यगण, 

73.मेरी सरकार शांति और प्रगति के लिए सहभागिता की विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारीसक्रिय डिप्लोमेसी का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास, हमारी सुरक्षा में वृद्धि और वैश्विक मंचों में अधिकाधिकभारतीय प्रभाव सुनिश्चित करना है।

 

74.हमारे अंतरराष्ट्रीय संपर्कों में लगातार वृद्धि से हमें अपने वैश्विक भागीदारों के साथ विविध औरउद्देश्यपूर्ण एजेंडा तय करने में सहायता मिली है। मित्र-देशों और बड़ी शक्तियों के साथ हमारे संबंध सुदृढ़हुए हैं। दक्षिण एशिया क्षेत्र के राष्ट्रों ने अधिक समृद्धि और विकास की अपनी सामूहिक आकांक्षाओं केदृष्टिगत आतंकवाद के विरोध में एक-जुटता दिखाई है। मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण रिजीम (एम टीसी आर) की सदस्यता और शंघाई सहयोग संगठन के दायित्व ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना वैश्विक मामलोंमें भारत की बढ़ती और बहु-आयामी भूमिका को प्रदर्शित करता है।

 

75.भारत ने गोवा में BIMSTEC आउटरीच सहित आठवें ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन और अमृतसरमें छठे हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का आयोजन किया, जो हमारे क्षेत्रीय और बहु-पक्षीय महत्त्वपूर्णयोगदान को दर्शाता है। भारत ने दिल्ली में तीन दिवसीय एशियन मिनिस्ट्रीयल कॉन्फ्रेंस ऑन डिज़ास्टररिस्क रिडक्शन (आपदा जोखिम न्यूनीकरण) का आयोजन किया, जिसमें 50 से अधिक एशियाई औरप्रशांत क्षेत्र के देशों ने भाग लिया।

 

76.विश्व के लगभग प्रत्येक कोने में तीस मिलियन से अधिक प्रवासी भारतीय बसे हुए हैं। वे निरंतरभारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के लिए अमूल्य योगदान दे रहे हैं। मेरी सरकार राष्ट्र निर्माण औरअपनी वैश्विक पहुंच को बढ़ाने में भारतीय डायस्पोरा की शक्ति का अधिक से अधिक उपयोग करेगी।

 

77.मेरी सरकार ने पर्यटन के विकास के महत्त्व को समझते हुए, नई -वीजा नीति को अनुमोदितकिया है और अल्पावधिक चिकित्सा उपचार और कारोबारी दौरों जैसे प्रयोजनों को ई-पर्यटक वीजा केदायरे में शामिल किया है। अब 161 देशों को ई-वीजा के अंतर्गत लाया गया है। वर्ष 2016 में 88 लाख सेअधिक विदेशी पर्यटक भारत आए जिससे पर्यटन क्षेत्र में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

 

78.भारत ने पैरिस समझौते का 2 अक्तूबर, 2016 को अनुसमर्थन किया है और जलवायु न्याय तथासतत जीवन-शैली पर ध्यान देते हुए जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को रोकने के प्रति अपनी प्रतिबद्धताका सशक्त संदेश दिया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत को स्वैच्छिक उद्देश्यों कोप्राप्त करने में एक अग्रसर देश के रूप में माना गया है। 25 देशों ने अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन केफ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं, जोकि भारत द्वारा शुरू किया गया पहला संधि आधारित संगठनहै।

 

माननीय सदस्यगण, 

79.मेरी सरकार द्वारा उठाए गए महत्त्वपूर्ण कदमों के परिणामस्वरूप जो जागृति हो रही है, उसकेलिए आज भारतवासी अत्यधिक गर्व महसूस कर रहे हैं। भारत में बदलाव लाने के हमारे प्रयासों के प्रतिदेशवासियों ने व्यापक एकजुटता दिखाई है। मेरी सरकार हमारे नागरिकों की आकांक्षाएं पूरा करने के प्रतिपुन: प्रतिबद्ध है। महात्मा गांधी और अन्य राष्ट्र निर्माताओं के विचार नए भारत के निर्माण के लिएव्यापक पथ प्रदर्शित करते हैं। यह चर्चा, विचार-विमर्श, समायोजन और सूझ-बूझ का मार्ग है। यह संवाद,समन्वय और संवेदना की समृद्ध परंपरा है, जो हमारे राष्ट्र निर्माण की भावना को अविरल प्रशस्त करेगी।

 

माननीय सदस्यगण, 

80.आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं कि हम अपने देशवासियों, विशेषकर गरीब नागरिकों, के द्वारासंसद जैसी पवित्र संस्था के प्रति दर्शाए गए विश्वास को बनाए रख सकें। हमारा हर कदम, लोकतंत्र के इसमंदिर में, देश के निर्माण के लिए किए गए असंख्य बलिदानों की वेदी में आहूति होगी। हम सब मिलकरसबका साथ सबका विकास की भावना से ओत प्रोत होकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें जिससे सभीको संविधान में प्रदत्त समानता और गरिमा प्राप्त हो सके।

जय हिंद!

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प्रधानमंत्री मोदी का 'संबाद' के साथ इंटरव्यू
May 22, 2024

ଲୋକସଭା ସହ ଓଡ଼ିଶାରେ ବିଧାନସଭା ନିର୍ବାଚନ। ନିର୍ବାଚନର ଏହି ଅବହାୱା ଭିତରେ ଘନ ଘନ ଓଡ଼ିଶା ଗସ୍ତରେ ଆସି ପ୍ରଚାରର ମଙ୍ଗ ଧରିଛନ୍ତି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ। ବିଭିନ୍ନ ନିର୍ବାଚନୀ ସଭାରେ ଯୋଗଦେଇ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ବିରୋଧରେ ସ୍ବରକୁ ଶାଣିତ କରିବା ସହ ବିଜେପି ସରକାର ଗଠନ କରିବ ବୋଲି ଦୃଢ଼ୋକ୍ତି କରିଛନ୍ତି। ନିକଟରେ ଓଡ଼ିଶା ଗସ୍ତରେ ଥିବା ଅବସରରେ ‘ସମ୍ବାଦ’ ସହ ସ୍ବତନ୍ତ୍ର ସାକ୍ଷାତକାରରେ ବିଜେଡି ସରକାରର ବିଫଳତା ସହ ଓଡ଼ିଶା ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ ବିଜେପିର ସୁଚିନ୍ତିତ ଯୋଜନା ଏବଂ ଓଡ଼ିଶାର ବିକାଶ ପାଇଁ ଲକ୍ଷ୍ୟ ସମ୍ପର୍କରେ ସେ ଏକ ବିସ୍ତୃତ ଚିତ୍ର ଦେଇଛନ୍ତି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ଭେଟିଥିଲେ ‘ସମ୍ବାଦ’ର ସମ୍ପାଦକ ତନୟା ପଟ୍ଟନାୟକ ଓ ବାର୍ତ୍ତା ସମ୍ପାଦକ ଭବାନୀ ଶଙ୍କର ତ୍ରିପାଠୀ।

ସମ୍ବାଦ: କେନ୍ଦ୍ରରେ ‘ମୋଦୀ ବନାମ କିଏ?’ ବୋଲି ଚର୍ଚ୍ଚା ଚାଲିଥିବା ବେଳେ ଓଡ଼ିଶାରେ ମତଦାତାଙ୍କ ମନରେ ମୁଖ୍ୟ ପ୍ରଶ୍ନ ହେଉଛି ‘ନବୀନ ବନାମ କିଏ?’ ଆପଣ ଭାବୁଛନ୍ତି କି ଏଠି ବିଜେପି ପାଇଁ ଜଣେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଚେହେରା ଘୋଷଣା କରିବା ଅଧିକ ଲାଭଦାୟକ ହୋଇଥା’ନ୍ତା?

ମୋଦୀ: ଗତ ସପ୍ତାହରେ ମୁଁ ଓଡ଼ିଶାର ଅନେକ ସ୍ଥାନକୁ ଯାଇ ବିଶାଳ ସମାବେଶକୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରିଥିଲି, ରୋଡ୍ ସୋ’ ମାଧ୍ୟମରେ ଲୋକଙ୍କ ଆଶୀର୍ବାଦ ଲୋଡ଼ିଥିଲି, ଲୋକଙ୍କ ସମସ୍ୟା ଓ ଚିନ୍ତାକୁ ଅନୁଭବ କରିଥିଲି। ସେଥିରୁ ସ୍ପଷ୍ଟ ହୋଇଥିଲି ଯେ ବର୍ତ୍ତମାନ ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରମୁଖ ପ୍ରସଙ୍ଗ ହେଉଛି ଶାସନ ପରିବର୍ତ୍ତନ। ଜନସାଧାରଣ କ୍ରୋଧିତ ହେବାପଛରେ କାରଣ ହେଉଛି, ସେମାନେ ସମର୍ଥନ କରିବାକୁ ବାଧ୍ୟବୋଲି ନବୀନ ସରକାର ଧରିନେଇଛନ୍ତି। ସେମାନେ କ୍ଳାନ୍ତ ଏଇଥିପାଇଁ ଯେ ସ୍ଥିରତା, ଦୁର୍ନୀତି ଓ ପ୍ରଗତିର ଅଭାବ ସାଙ୍ଗକୁ ଉତ୍ତରଦାୟିତ୍ବର ଅଭାବ। ଯେଉଁଥିପାଇଁ ଜନସାଧାରଣ ଏକ ସ୍ପଷ୍ଟ ଓ ଦୃଢ଼ ଆଭିମୁଖ୍ୟ ଚାହାନ୍ତି, ଯାହାକି ଓଡ଼ିଶାର ଅଭିବୃଦ୍ଧିକୁ ଏକ ନୂତନ ଦିଗ ଓ ଗତି ଦେଇପାରିବ। ଗତ ୧୦ବ‌ର୍ଷ ଧରି କେନ୍ଦ୍ରରେ ଆମର ସରକାରର ଉତ୍ତମ ଶାସନ ଓ ବିକାଶକୁ ଓଡ଼ିଶାବାସୀ ହୃଦୟଙ୍ଗମ କରିସାରିଛନ୍ତି। ସେମାନେ ସ୍ଥିରନିଶ୍ଚିତ, ବିଜେପି ହେଉଛି ଏକମାତ୍ର ଦଳ ଯିଏକି ସେମାନଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷା ପୂରଣ କରିପାରିବ। ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଚେହେରା ବାବଦରେ ମୁଁ ସ୍ପଷ୍ଟଭାବେ କହିବାକୁ ଚାହେଁ ଯେ ବିଜେପିର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବେ ଓଡ଼ିଶା ମାଟିର ପୁଅ କିମ୍ବା ଝିଅ ।

ସମ୍ବାଦ: ବିଜେପି ଓଡ଼ିଆ ଅସ୍ମିତାକୁ ପ୍ରମୁଖ ନିର୍ବାଚନୀ ପ୍ରସଙ୍ଗ କରିବା ପଛରେ କ’ଣ କାରଣ ରହିଛି?

ମୋଦୀ: ଇତିହାସ, ସଂସ୍କୃତି, କଳା, ସ୍ଥାପତ୍ୟ ଓ ସାହିତ୍ୟ କଥା ଉଠିଲେ ଓଡ଼ିଶା ହେଉଛି ମହାପ୍ରଭୁ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ଆଶୀର୍ବାଦପ୍ରାପ୍ତ ଅନ୍ୟତମ ଜୀବନ୍ତ ରାଜ୍ୟ। ମୁଁ ସର୍ବଦା ଓଡ଼ିଆ ସଂସ୍କୃତିର ଜଣେ ପ୍ରଶଂସକ। ଯେତେବେଳେ ଜି-୨୦ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀରେ ପ୍ରଦର୍ଶିତ କୋଣାର୍କ ଚକ୍ର ବିଶ୍ବସ୍ତରୀୟ ନେତାମ‌ାନେ ମେ‌ା‌େତ ପଚାରିଥିଲେ, ତାହା ମୋତେ ବେଶ୍‌ ଖୁସି ଦେଇଥିଲା। କିଛିବର୍ଷ ତଳେ ଲିଙ୍ଗରାଜ ମନ୍ଦିର ପରିଦର୍ଶନ କରିବାପରେ ମୁଁ ଏକ ଫଟୋ ପୋଷ୍ଟ୍‌ କରିଥିଲି, ଯାହାକି ସେହିବର୍ଷ କୌଣସି ରାଜନେତାଙ୍କର ସବୁଠାରୁ ଲୋକପ୍ରିୟ ଫଟୋ ଭାବେ ବିବେଚିତ ହୋଇଥିଲା। ପୁରୀର ଐଶ୍ବରୀୟତା ହେଉ କିମ୍ବା ପଟ୍ଟଚିତ୍ର ଭଳି ସୁନ୍ଦର କଳା କି ଓଡ଼ିଆ ପରି ମଧୁର ଭାଷା ହେଉ, ସବୁଗୁଡ଼ିକ ପାଇଁ ଓଡ଼ିଶାର ସ୍ବତନ୍ତ୍ରତା ରହିଛି। ଓଡ଼ିଆମାନେ ମଧ୍ୟ ଖୁବ୍ ଦୟାଳୁ ଓ ହୃଦୟବାନ। ସର୍ବୋପରି ପ୍ରତିବର୍ଷ ମହାପ୍ରଭୁ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ରଥଯାତ୍ରା ଦେଖିବାକୁ ଆସୁଥିବା ଲକ୍ଷଲକ୍ଷ ଭକ୍ତଙ୍କୁ ସେମାନେ ଆତିଥ୍ୟ ପ୍ରଦାନ କରିଥା’ନ୍ତି। ସେହି ଓଡ଼ିଶାବାସୀ ମଧ୍ୟ ଭଲଭାବେ ଜାଣନ୍ତି ବିଜେପି ହିଁ ଓଡ଼ିଆ ସଂସ୍କୃତି ଓ ଭାବନାକୁ ସମ୍ମାନ ଦିଏ ଏବଂ ସେମାନଙ୍କର ଯାହାକିଛି ଆକାଂକ୍ଷା ରହିଛି ଏହି ଦଳ ହିଁ ପୂରଣ କରିବ।

ସମ୍ବାଦ: ଆପଣ କାହିଁକି ଭାବୁଛନ୍ତି ଯେ ବିଜେଡି ଶାସନର ଗତ ଦୁଇ ଦଶନ୍ଧି ଭିତରେ ଓଡ଼ିଶାର ଅଗ୍ରଗତି ହୋଇନାହିଁ?


ମୋଦୀ: ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରତ୍ୟେକ ସ୍ତରରେ ଅବହେଳା ସ୍ପଷ୍ଟଭାବେ ଦିଶୁଛି। ରାଜ୍ୟର କୃଷକମାନଙ୍କ ଉଦାହରଣ ନିଆଯାଉ। ବିଭିନ୍ନ ଫସଲ ପାଇଁ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ଏମ୍ଏସ୍‌ପି ସ୍ଥିର କରିଛନ୍ତି। ଅଥଚ ବିଜେଡି ସରକାର ତା’ଠାରୁ କମ୍ ମୂଲ୍ୟ ଦେଉଛନ୍ତି। ରାଜ୍ୟରେ ବିଜେପି ସରକାର ଚାଷୀଙ୍କୁ ଧାନ କ୍ବିଣ୍ଟାଲ ପିଛା ୩,୧୦୦ ଟଙ୍କା ଦେବା ନିଶ୍ଚିତ କରାଇବେ ଏବଂ ତୁରନ୍ତ ଏହି ଅର୍ଥ ସେମାନଙ୍କ ବ୍ୟାଙ୍କ ଜମାଖାତାକୁ ଚାଲିଯିବ। ଏଠାରେ ଦଶନ୍ଧି ଦଶନ୍ଧି ଧରି ଅନେକ ଜଳସେଚନ ପ୍ରକଳ୍ପ ବିଳମ୍ବିତ ହୋଇଚାଲିଛି। ଫଳରେ, ରାଜ୍ୟର ଚାଷୀମାନଙ୍କୁ ଫସଲ ଉତ୍ପାଦନରୁ ବଞ୍ଚିତ କରିଛି। ଆମେ ସେଗୁଡ଼ିକୁ ଅଗ୍ରାଧିକାର ଭିତ୍ତିରେ ସାରିବୁ।

ଓଡ଼ିଶାରେ ଗରିବ ଲୋକଙ୍କ ଦୁଃଖ ଅତ୍ୟନ୍ତ ମର୍ମସ୍ପର୍ଶୀ। ବିଶେଷକରି ଗ୍ରାମାଞ୍ଚଳ ଓ ଆଦିବାସୀ ଅଞ୍ଚଳର ସ୍ବାସ୍ଥ୍ୟସେବା ଭିତ୍ତିଭୂମି ଭୁଶୁଡ଼ି ପଡ଼ିଛି। ସେସବୁ ଅଞ୍ଚଳରେ ଲୋକେ ଏବେ ବି ମ୍ୟାଲେରିଆ, ଡାଇରିଆ ଓ ସାପକାମୁଡ଼ା ସହ ସଂଘର୍ଷ କରୁଛନ୍ତି। ଏପରି ସର୍ବନିମ୍ନ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ୟସେବାର ଅଭାବ ଗରିବ ଓ ଆଦିବାସୀଙ୍କ ଜୀବନ ଉପରେ ନକାରାତ୍ମକ ପ୍ରଭାବ ପକାଉଛି। ଏହା ଏଭଳି ପରିସ୍ଥିତି ସୃଷ୍ଟିକରୁଛି ଯେକୌଣସି ଗୁରୁତର ସ୍ବାସ୍ଥ୍ୟଭିତ୍ତିକ ସମସ୍ୟା ସେମାନଙ୍କୁ ଆହୁରି ଗଭୀର ଦାରିଦ୍ର୍ୟ ଭିତରକୁ ଟାଣିନେଉଛି। ସେହିପରି, ଦୀର୍ଘ ଦଶନ୍ଧି ଦଶନ୍ଧି ଧରି କ୍ଷମତାରେ ରହିବାପରେ ବି ବିଜେଡି ସରକାର ପ୍ରତ୍ୟେକ ଓଡ଼ିଆଙ୍କ ମୁଣ୍ଡ ଉପରେ ଛାତଟିଏ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିପାରିନାହିଁ। ବରଂ, ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଆବାସ ଯୋଜନାକୁ ମନ୍ଥର କରିବାସହ ସେଥିରୁ ଅର୍ଥ ଆତ୍ମସାତ୍ କରୁଥିବା ଅଭିଯୋଗ ହେଉଛି। ଓଡ଼ିଶାର ଯୁବକମାନଙ୍କ ଅବସ୍ଥା ଦେଖନ୍ତୁ। ସେମାନେ ଦେଶର ଅନ୍ୟତମ ଉଜ୍ବଳ ଓ ଦକ୍ଷ ଯୁବବର୍ଗ। ମାତ୍ର, କାମ ପାଇଁ ଅନ୍ୟ ରାଜ୍ୟକୁ ସେମାନେ ଯାଉଛନ୍ତି। ଏହାର କାରଣ ହେଲା; ପୁଞ୍ଜିନିବେଶ, ଶିଳ୍ପ ଓ ସୁଯୋଗକୁ ଆକର୍ଷିତ କରିବା ଲାଗି ବିଜେଡି ସରକାରର ଦୂରଦୃଷ୍ଟି ଅଭାବ ରହିଛି। ସେମାନେ ଶିକ୍ଷା କ୍ଷେତ୍ରକୁ ମଧ୍ୟ ଅଣଦେଖା କରିଛନ୍ତି। ବିଜେପି ନେତୃତ୍ବାଧୀନ ସରକାର ଅନେକ ସହରରେ ଆଇଟି ପାର୍କ ସ୍ଥାପନ କରିବ ଏବଂ ଉଚ୍ଚଶିକ୍ଷାର ଦକ୍ଷତା ବୃଦ୍ଧି କରାଇବ। ଶିଳ୍ପ ଆଣିବା ସହିତ ସେଥିରେ ଓଡ଼ିଆ ଯୁବକମାନଙ୍କ ଭବିଷ୍ୟତ ଉଜ୍ଜ୍ବଳ କରିବାର ସୁଯୋଗ ପହଞ୍ଚାଇବ।

ସମ୍ବାଦ: ବିଜେପି ଗତ କିଛିବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ବିଜେଡିକୁ କଡ଼ା ସମାଲୋଚନା କରିନାହିଁ। ମାତ୍ର, ଏଇ କିଛିବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ହଠାତ୍‌ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କୁ ତୀବ୍ର ସମାଲୋଚନା କରିବାକୁ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀମାନେ ଯଥେଷ୍ଟ ନୁହେଁ କିମ୍ବା ବିଳମ୍ବ ବୋଲି କହୁଛନ୍ତି। ଏ ସମ୍ପର୍କରେ ଆପଣ କ’ଣ କହିବେ?

ମୋଦୀ: ବିଗତ ବର୍ଷମାନଙ୍କରେ ଓଡ଼ିଶାର ବିଜେପି ଦୃଢ଼ଭାବେ ଯେଉଁସବୁ ପ୍ରସଙ୍ଗ ଉଠାଇଛି, ସେସବୁ ଓଡ଼ିଶାର ସ୍ବାର୍ଥ ସହିତ ଜଡ଼ିତ। ଆପଣ ନିଜ ମିଡିଆ ହାଉସ୍‌ର ରିପୋର୍ଟ ବା ଅନ୍ୟମାନଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ ଦେଖିପାରିବେ। ଅନେକ ଦୁର୍ନୀତି ଘଟଣାରେ ଆମେ ଲଗାତାର ବିଜେଡି ସରକାରଙ୍କୁ ପ୍ରଶ୍ନ କରିଛୁ। ମଦ ମାଫିଆଙ୍କ ସହ ସେମାନଙ୍କ ସମ୍ପର୍କ ବାବଦରେ ପ୍ରଶ୍ନ କରିଛୁ। ବିଗିଡ଼ି ଯାଇଥିବା ଆଇନଶୃଙ୍ଖଳାକୁ ନେଇ ଆମେ ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କୁ ସମାଲୋଚନା କରିଛୁ। କେନ୍ଦ୍ରୀୟ କଲ୍ୟାଣକାରୀ ଯୋଜନା କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରିବାରେ ବିଫଳତା ଅଥବା ଦୁର୍ନୀତିକୁ ନେଇ ବି ପ୍ରଶ୍ନ କରିଛୁ। ତେଣୁ, ବିଜେଡି ସରକାରକୁ ବିଜେପି କଡ଼ା ସମ‌ାଲୋଚନା କରିନାହିଁ ବୋଲି କହିବା ଏକ ଭ୍ରାନ୍ତ ଧାରଣା। ଯେମିତି କେନ୍ଦ୍ରରେ କଂଗ୍ରେସ ଓ ତା’ର ସହଯୋଗୀମାନେ ସମାଲୋଚନାକୁ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ସ୍ତରକୁ ନେଇଯିବା ସହ ଏକ ତିକ୍ତତାପୂର୍ଣ୍ଣ ପରିବେଶ ସୃଷ୍ଟିକରିଛନ୍ତି, ଆମେ ସେମିତି କରିନାହୁଁ। ବରଂ, ଗଠନମୂଳକ ତଥା ପ୍ରସଙ୍ଗଭିତ୍ତିକ ସମାଲୋଚନାକୁ ଗୁରୁତ୍ବ ଦେଇଛୁ।

ସମ୍ବାଦ: ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ନବୀନ ପଟ୍ଟନାୟକ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଓଡ଼ିଶାରେ ସରକାର ଗଠନ ପାଇଁ ବିଜେପି ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ଏହା ଉପରେ ଆପଣଙ୍କର ପ୍ରତିକ୍ରିୟା କ’ଣ?

ମୋଦୀ: ବିଜେପି ଏକ ସମୃଦ୍ଧ ତଥା ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ ଓଡ଼ିଶାର ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ଦାରିଦ୍ର୍ୟ ବିରୋଧୀ ଲଢ଼େଇରେ ଓଡ଼ିଶାର ଗରିବ ଲୋକଙ୍କୁ ସଶକ୍ତ କରିବାର ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ସ୍ବୟଂ ସହାୟିକା ଗୋଷ୍ଠୀ ମାଧ୍ୟମରେ ରାଜ୍ୟରେ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷପତି ଦିଦି ସୃଷ୍ଟି କରିବାକୁ ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ଯୁବପିଢ଼ିକୁ ରୋଜଗାରକ୍ଷମ କରିବା ପାଇଁ ଓଡ଼ିଶାକୁ ପର୍ଯ୍ୟଟନସ୍ଥଳୀରେ ରୂପାନ୍ତର କରିବାର ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ସୁଭଦ୍ରା ଯୋଜନା ମାଧ୍ୟମରେ ପ୍ରତ୍ୟେକ ମହିଳାଙ୍କୁ ଆର୍ଥିକ ସଶକ୍ତୀକରଣ କରିବାକୁ ସ୍ବପ୍ନ ଦେଖୁଛି। ଓଡ଼ିଶାର ଗରିବ, କୃଷକ, ମହିଳା ଓ ଯୁବକଙ୍କ ଜୀବନକୁ ଉନ୍ନତ କରିବା ହେଉଛି ବିଜେପିର ସ୍ବପ୍ନ। ବିଜେପିର ସ୍ବପ୍ନ କେବେ କ୍ଷମତା ହାସଲ ପାଇଁ ନୁହେଁ, ବରଂ ସର୍ବଦା ଲୋକଙ୍କ ସେବା କରିବା ପାଇଁ ଉଦ୍ଦିଷ୍ଟ।

ସମ୍ବାଦ: ଆପଣ କହିଛନ୍ତି ବିଜେପି ସରକାର ଅଧୀନରେ ଓଡ଼ିଶା ଏକ ନମ୍ବର ରାଜ୍ୟ ହେବ। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଦୃଷ୍ଟିରେ ବର୍ତ୍ତମାନ ଓଡ଼ିଶା ବିକାଶର କେଉଁ କ୍ଷେତ୍ର ପାଇଁ ପ୍ରାଥମିକତା ରହିଛି?

ମୋଦୀ: ଓଡ଼ିଶାର ଜନସାଧାରଣ ଦୁଇ ଦଶନ୍ଧିରୁ ଅଧିକ ସମୟ ଧରି ଅବହେଳାର ଶିକାର ହୋଇଛନ୍ତି। ପଛୁଆବର୍ଗ ଓ ଆଦିବାସୀମାନଙ୍କ ବିକାଶ ଓ ସଶକ୍ତୀକରଣ ପାଇଁ ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦିଆଯାଇଛି, ମାତ୍ର ସେମାନଙ୍କ ସଂଘର୍ଷର ଅନ୍ତ ଘଟିନାହିଁ। ରାଜ୍ୟରେ ନୂତନ ନିଯୁକ୍ତି ସୁଯୋଗକୁ ବି ବନ୍ଦ କରିଦିଆଯାଇଛି। ବିଜେପିର ବିକାଶ ମଡେଲ ଏହିସବୁ ସମସ୍ୟାର ଅବସାନ ଘଟାଇବ। ସମାଜର ପ୍ରତ୍ୟେକବର୍ଗ ଏଥିରୁ ଉପକୃତ ହୋଇପାରିବେ। ବିଜେପିର ଡବଲ ଇଞ୍ଜିନ ସରକାର ଅନେକ ରାଜ୍ୟରେ ଏହିଭଳି କାର୍ଯ୍ୟ କରିପାରିଛି। ଏହାର ବିକାଶ ମଡେଲ୍‌ ଦ୍ରୁତ ବିକାଶ ସହିତ ଦୁର୍ନୀତିମୁକ୍ତ ଶାସନ ପାଇଁ ଏକ ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି। ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକେ ମଧ୍ୟ ରାଜ୍ୟରେ ସମାନ ମଡେଲ ଚାହୁଁଛନ୍ତି। ସେମାନେ ଜାଣିଛନ୍ତି ଯେ ‘ଇଜ୍‌ ଅଫ୍ ଡୁଇଂ’ ବା କାମକୁ ସହଜ କରିବା ପ୍ରକ୍ରିୟା କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରିବାରେ ବିଜେଡି ସରକାର ବିଫଳ ହୋଇଛନ୍ତି। ମାତ୍ର, ଲୋକମାନଙ୍କ ସାମୂହିକ ସ୍ବାର୍ଥ ପ୍ରତି ବିଜେପି ଗୁରୁତ୍ବ ଦେବ। ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରତି ୫୦୦ ସ୍ବୟଂ ସହାୟିକା ଗୋଷ୍ଠୀ ପାଇଁ ଶିଳ୍ପ କ୍ଳଷ୍ଟର ନିର୍ମାଣ କରିବୁ। ଏହିଭଳି ଆମେ ଅନେକ ପଦକ୍ଷେପ ନେବୁ, ସେଥିରୁ ଲୋକମାନେ ଅନୁଭବ କରିବେ ଯେ କିପରି ବିକାଶଠାରୁ ସେମାନଙ୍କୁ ଦୂରେଇ ରଖାଯାଇଥିଲା।

ସମ୍ବାଦ: କେନ୍ଦ୍ରୀୟ ନେତାଙ୍କ ଓଡ଼ିଶାଗସ୍ତକୁ ସମାଲୋଚନା କରିବା ସହିତ ଏହା କେବଳ ପର୍ଯ୍ୟଟନ ବୋଲି ବିଜେଡି ମତ ଦେଇଛି। ଏହିଭଳି ମନ୍ତବ୍ୟକୁ ଆପଣ କିଭଳି ଖଣ୍ଡନ କରିବେ?

ମୋଦୀ: ସେମାନଙ୍କୁ ପ୍ରଶ୍ନ ପଚରାଯିବା ଉଚିତ ହେବ କି, ଗତ ୨୫ ବର୍ଷ ଭିତରେ ଓଡ଼ିଶାବାସୀଙ୍କ ପାଇଁ ବିଜେଡି କ’ଣ କରିଛି? ରାଜ୍ୟବାସୀଙ୍କ ପ୍ରତିଭା ଓ ପରିଶ୍ରମ କାହିଁକି ଉପଯୁକ୍ତ ଫଳାଫଳ ପାଇପାରୁନାହିଁ? ଓଡ଼ିଶାର ଯୁବକମାନଙ୍କୁ କାହିଁକି ସୁଯୋଗ ହାସଲ ପାଇଁ ଅନ୍ୟ ରାଜ୍ୟ ଆଡ଼େ ଦୃଷ୍ଟିଦେବାକୁ ପଡୁଛି? ଆମେ ଗଲା ୧୦ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଦେଶର ପ୍ରତ୍ୟେକ କୋଣଅନୁକୋଣରେ ବିକାଶ ପହଞ୍ଚାଇବା ପାଇଁ ନିରନ୍ତର ପରିଶ୍ରମ କରିଛୁ। ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକମାନେ ମଧ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାରଙ୍କ ଯୋଜନାରୁ ଉପକୃତ ହୋଇପାରିଛନ୍ତି। ଉଦାହରଣ ସ୍ବରୂପ, ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଆବାସ ଯୋଜନା ଅଧୀନରେ ୨୭ ଲକ୍ଷରୁ ଅଧିକ ଗୃହନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଛି, ୫୫ ଲକ୍ଷରୁ ଅଧିକ ମହିଳା ହିତାଧିକାରୀ ମାଗଣା ଗ୍ୟାସ ସଂଯୋଗ ପାଇଛନ୍ତି, ୭୩ ପ୍ରତିଶତ ପରିବାରଙ୍କ ଘରେ ବିଶୁଦ୍ଧ ଜଳ ସଂଯୋଗ ଦିଆଯାଇଛି। ସେହିଭଳି କେନ୍ଦ୍ରୀୟ ପାଣ୍ଠିରୁ ୨୪ ହଜାର କୋଟିରୁ ଅଧିକ ଟଙ୍କା ଡିବିଟି(ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷ ଲାଭ ହସ୍ତାନ୍ତର) ମାଧ୍ୟମରେ ଲୋକଙ୍କ ବ୍ୟାଙ୍କ ଜମାଖାତାରେ ସିଧାସଳଖ ପହଞ୍ଚିଛି। ତେବେ, ଏସବୁ ସତ୍ତ୍ବେ ରାଜ୍ୟର ପ୍ରକୃତ ଦକ୍ଷତା ବା ସମ୍ଭାବନା ଅନାଲୋଚିତ ହୋଇ ରହିଛି। ଗତ ୨୫ ବର୍ଷ ଧରି କ୍ଷମତାରେ ଥିବା ବିଜେଡି ସରକାର ବିକାଶ ପାଇଁ ଏକ ଅର୍ଦ୍ଧ-ହୃଦୟ ତଥା ଦୂର ଆଭିମୁଖ୍ୟ ଦେଖାଇଛି।

ସମ୍ବାଦ: ମଧ୍ୟପ୍ରଦେଶର ‘ଲାଡଲି ବେହନା ଯୋଜନା’ ପରି ଓଡ଼ିଶାର ‘ସୁଭଦ୍ରା ଯୋଜନା’ ଖେଳ ପରିବର୍ତ୍ତନକାରୀ ହେବ କି?

ମୋଦୀ: ଗତ ୧୦ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ମହିଳା ନେତୃତ୍ବାଧୀନ ବିକାଶକୁ ଆମେ ଗୁରୁତ୍ବ ଦେଇଆସିଛୁ। ଆମ ପାଇଁ ମହିଳାମାନଙ୍କୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ଅର୍ଥ ସମଗ୍ର ଦେଶକୁ ସଶକ୍ତ କରିବା। କଥାରେ ଅଛି, ଜଣେ ମହିଳାଙ୍କୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ମାନେ ସମଗ୍ର ପରିବାରକୁ ସଶକ୍ତ କରିବା। ଜାତୀୟ ସ୍ତରରେ ଆମର ନିଜସ୍ବ ପ୍ରମୁଖ ଯୋଜନାଗୁଡ଼ିକର ହିତାଧିକାରୀ ହେଉଛନ୍ତି ମହିଳା। ମୁଦ୍ରା ଋଣ ହେଉ କି, ସ୍ବନିଧି ଋଣ କି ଷ୍ଟାଣ୍ଡ୍ଅପ୍ ଋଣ, ବିଭିନ୍ନ ଯୋଜନା ଅନ୍ତର୍ଗତ ଅଧିକାଂଶ ସରକାରୀ ଋଣ ମହିଳାମାନଙ୍କୁ ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଛି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଆବାସ ଯୋଜନା ଅଧୀନରେ ଅଧିକାଂଶ ଘର ମହିଳାଙ୍କ ନାମରେ ରହିଛି କିମ୍ବା ସେମାନଙ୍କର ଯୁଗ୍ମ-ମାଲିକାନା ରହିଛି। ଓଡ଼ିଶାରେ ଆମ ଦଳ ‘ମେଧାବୀ ଝିଅ’ ଯୋଜନାରେ ଦାରିଦ୍ର୍ୟ ସୀମାରେଖା ତଳେ ଥିବା ପ୍ରତ୍ୟେକ ଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ୨ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କାର ଆଶ୍ବାସନା ପ୍ରମାଣପତ୍ର ନିଶ୍ଚିତ କରିଛି। ମହିଳାମାନଙ୍କୁ ଅଧିକ ସଶକ୍ତ କରିବାକୁ ‘ସୁଭଦ୍ରା ଯୋଜନା’ ଲକ୍ଷ୍ୟ ରଖିଛି। ଏହି ଯୋଜନା ସେମାନଙ୍କୁ ଦୁଇ ବର୍ଷ ଭିତରେ ସେମାନଙ୍କ ଆବଶ୍ୟକତା ପୂରଣ ପାଇଁ ୫୦ ହଜାର ଟଙ୍କା ବିନିଯୋଗ କରିବାର ସୁବିଧା ଯୋଗାଇବ। ଭବିଷ୍ୟତ ପାଇଁ ଆମର ଦୃଷ୍ଟିକୋଣ ସ୍ପଷ୍ଟ। ଆମେ ଏହାକୁ ଓଡ଼ିଶାରେ ବାସ୍ତବତାରେ ପରିଣତ କରିବା ପାଇଁ ପ୍ରତିବଦ୍ଧ।

ସମ୍ବାଦ: ଭାରତ ଭଳି ଗାଣତନ୍ତ୍ରିକ ଦେଶରେ ବିରୋଧୀ ଦଳର ଭୂମିକା ପ୍ରତି ମୋଦୀଙ୍କ କିଭଳି କଳ୍ପନା ରହିଛି?

ମୋଦୀ: ଆମେ ୧୦ ବର୍ଷ ଧରି ସରକାର ଚଳାଉଛୁ। ଏହି ସମୟ ମଧ୍ୟରେ ବିରୋଧୀ ଏକ ସକ୍ରିୟ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିବା ଏବଂ ଲୋକଙ୍କ ସ୍ବର ହେବାର ସୁଯୋଗ ପାଇଛନ୍ତି। ଏକ ଗଠନମୂଳକ ଆଭିମୁଖ୍ୟ ସହିତ ସେମାନେ ଦେଶର ବିକାଶ ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ ସକାରାତ୍ମକ ପ୍ରଭାବ ପକାଇ ପାରିଥା’ନ୍ତେ। ମାତ୍ର ସେମାନେ ତାହା କରିବାରେ ବିଫଳ ହୋଇଛନ୍ତି। ବିରୋଧୀମାନେ ଏବେ ଏକ ଗୋଲକଧନ୍ଦାରେ ଛନ୍ଦି ହୋଇଛନ୍ତି। ମୁଁ ଯାହା କରୁଛି, ମୋ’ ସରକାର ଯାହା କରୁଛନ୍ତି, ସେମାନେ ସେସବୁକୁ ବିରୋଧ କରିବାକୁ ଚାହାନ୍ତି। ଏଭଳି ମାନସିକତାରେ ସେମାନେ ଦେଶ ବିରୋଧରେ ମଧ୍ୟ ଯିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ। ତେଣୁ ବିରୋଧୀ ଦଳଗୁଡ଼ିକ ନିଜର ଭୂମିକା ନିର୍ବାହ କରିବାରେ ବିଫଳ ହୋଇଛନ୍ତି। ଯଦି ଭାରତୀୟ ଅଭିବୃଦ୍ଧି କାହାଣୀରେ ବିରୋଧୀଦଳ ନିଜକୁ କେବଳ ଏକ ‘ନାହିଁ କହୁଥିବା ଦଳ’ରେ ବିବେଚିତ ହେବାକୁ ଚାହାନ୍ତି, ତା’ହେଲେ ଭୋଟର୍‌ମାନେ ରାଜ୍ୟ ବା ଜାତୀୟ ନିର୍ବାଚନରେ ସେମାନଙ୍କୁ ଅଣଦେଖା କରିବା ସ୍ବାଭାବିକ।

ସମ୍ବାଦ: ବିରୋଧୀଙ୍କ ଅଭିଯୋଗ ଯେ ଗଣତନ୍ତ୍ରର ସ୍ବରକୁ ଦମନ କରିବା ଲାଗି ଇଡି ଓ ସିବିଆଇର ଅପବ୍ୟବହାର କରି ମୋଦୀ ଦେଶରେ ଏକଛତ୍ରବାଦୀ ଶାସନ ଲାଗୁ କରିବାକୁ ଚାହାନ୍ତି। ଏ ସମ୍ପର୍କରେ ଆପଣ କ’ଣ କହିବେ? ?

ମୋଦୀ: ଯଦି ଇଡି ଓ ସିବିଆଇ ବ୍ୟବହାର କରି ଗଣତନ୍ତ୍ରକୁ ସହଜରେ ଦମନ କରାଯାଇପାରିବ, ତେବେ ଏହି ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକୁ ବର୍ଷ ବର୍ଷ ଧରି ବ୍ୟବହାର କରି ଆସୁଥିବା କଂଗ୍ରେସ ଦଳ ୨୦୧୪ ନିର୍ବାଚନକୁ ସହଜରେ ଜିତି ପାରିଥା’ନ୍ତା। ତା’ହେଲେ ସେମାନେ କାହିଁକି ହାରିଗଲେ? ବାସ୍ତବତା ହେଉଛି, ଭାରତ ପରି ବିସ୍ତୃତ ଓ ବିବିଧ ଦେଶରେ ଗଣତନ୍ତ୍ରକୁ ଏଭଳି ଉପାୟ ଦ୍ବାରା ଅଟକାଯାଇପାରିବ ନାହିଁ। ଭାରତୀୟମାନେ ସଜାଗ ଓ ସଚେତନ। ସେମାନଙ୍କର ସାମୂହିକ ଇଚ୍ଛା ଦ୍ବାରା ହିଁ ଦେଶର ଭାଗ୍ୟ ନିର୍ଣ୍ଣୟ ହୋଇଥାଏ। ଆଜି ସୁଦ୍ଧା ଇଡି ଦ୍ବାରା ତଦନ୍ତ କରାଯାଇଥିବା ସମସ୍ତ ଦୁର୍ନୀତି ମାମଲାରେ କେବଳ ୩ ପ୍ରତିଶତ ହିଁ ରାଜନେତା ଜଡ଼ିତ ଅଛନ୍ତି। ବାକି ୯୭ ପ୍ରତିଶତଙ୍କ ଭିତରେ ବିଭିନ୍ନ ସରକାରୀ ଅଧିକାରୀ ଓ ଅପରାଧୀ ଅଛନ୍ତି ଏବଂ ସେମାନଙ୍କ ବିରୋଧରେ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ମଧ୍ୟ ନିଆଯାଉଛି। ଏଥିରୁ ଏହା ପ୍ରମାଣିତ ଯେ ଆମର ଏହି ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକ କେବଳ ରାଜନୈତିକ ପକ୍ଷପାତିତାରେ କାମ କରୁନାହାନ୍ତି। ଏଥିସହିତ ୨୦୧୪ ପୂର୍ବରୁ ଇଡି କେବଳ ୫ ହଜାର କୋଟି ଟଙ୍କାର ସମ୍ପତ୍ତି ଜବତ କରିଥିଲା ବେଳେ ଗତ ୧୦ ବର୍ଷ ଭିତରେ ସେହି ପରିମାଣ ଏକ ଲକ୍ଷ କୋଟି ଟଙ୍କାକୁ ଟପିଯାଇଛି। ଏହା ଦର୍ଶାଉଛି କି, ଆମ ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକ ସେମାନଙ୍କ କର୍ତ୍ତବ୍ୟ ଠିକ୍‌ରେ ପାଳନ କରୁଛନ୍ତି। ତେଣୁ ସେହି ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକୁ ବିନା ହସ୍ତକ୍ଷେପରେ କାମ କରିବାକୁ ଦିଆଯିବା ଜରୁରୀ। ଇନ୍‌ଡି ଗଠବନ୍ଧନ ପ୍ରଥମଦିନରୁ ଦୁର୍ନୀତିଗ୍ରସ୍ତଙ୍କ ଏକ ମିଳିତ ମଞ୍ଚ ଥିଲା। ନିର୍ବାଚନରେ ହାରିଯିବେ ବୋଲି ଜାଣି ଏହିଭଳି ମନ୍ଦ ବାହାନାର ଆଶ୍ରୟ ନେଇଛନ୍ତି।

ସମ୍ବାଦ: ଆପଣ ଭାବୁଛନ୍ତି କି, ‘୪୦୦ ପାର୍’ ସ୍ଳୋଗାନ ଆତ୍ମସନ୍ତୋଷ ଓ ଅତ୍ୟଧିକ ଆତ୍ମବିଶ୍ବାସ ସୃଷ୍ଟି କରି ବିଜେପିକୁ ପଛକୁ ନେଇଯିବ?

ମୋଦୀ: ଦେଶ ଏକ ନିର୍ଣ୍ଣାୟକ ଓ ସ୍ଥିର ସରକାର ଚାହେଁ ବୋଲି ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇସାରିଛି। ଦେଶବାସୀ ହିଁ ଆମକୁ ‘ଏଇ ଥର, ୪୦୦ ପାର୍’ର ଲକ୍ଷ୍ୟ ଦେଇଛନ୍ତି। ଏହାର କାରଣ ହେଲା, ବିଜେପିର କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତାମାନେ ସର୍ବଦା ନିମ୍ନସ୍ତରରୁ କାମ କରୁଛନ୍ତି ଏବଂ ଲୋକଙ୍କ ସହ ରହିଛନ୍ତି। ନିର୍ବାଚନ ଥାଉ କି ନଥାଉ, ସେମାନେ ଲୋକଙ୍କ ଇଚ୍ଛା ସହିତ ତାଳମେଳ ରଖିଛନ୍ତି ଏବଂ ସେମାନଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷା ପୂରଣ ପାଇଁ କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଛନ୍ତି। ମୁଁ ଏକଥା ମଧ୍ୟ କହିବାକୁ ଚାହେଁ ଯେ ଆମ ଦଳର ମାର୍ଗଦର୍ଶିକାରେ ‘ଦେଶ ପ୍ରଥମ’ ବୋଲି ରହିଛି। ଏକ ରାଜନୈତିକ ଆନ୍ଦୋଳନ ଭାବେ ଆମେ ଉଭା ହୋଇଛୁ। ଲୋକସଭାରେ ମାତ୍ର ୨ ଜଣ ସାଂସଦ ରହିବାଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ଦୁଇଥର ପୂୂର୍ଣ୍ଣ ସଂଖ୍ୟାଗରିଷ୍ଠ ସରକାର ଗଠନ କରିବା ଏବଂ ତୃତୀୟଥର ପାଇଁ ପୂର୍ଣ୍ଣ ସଂଖ୍ୟାଗରିଷ୍ଠତା ହାସଲ କରିବା ଯାଏ ଆମ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତାମାନେ ଅହେତୁକ ଦୃଢ଼ତା, କଠିନ ପରିଶ୍ରମ ଓ ସାହସ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରି ଆସିଛନ୍ତି। ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ନିର୍ବାଚନରେ ଜିତିବା ଏକମାତ୍ର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ କି ଶେଷକଥା ନୁହେଁ। ତେଣୁ ଏଠି ଆତ୍ମସନ୍ତୋଷର ସ୍ଥାନ ନାହିଁ।

ସମ୍ବାଦ: ପୂର୍ବ ଭାରତରେ ବିଜେପିର ପ୍ରଦର୍ଶନ ଆଶାନୁରୂପ ନଥିଲା। ୨୦୨୪ ନିର୍ବାଚନ କ’ଣ ବିଜେପି ସପକ୍ଷରେ ଯିବ ବୋଲି ଆପଣ ଭାବୁଛନ୍ତି?

ମୋଦୀ: ୨୦୧୯ ଲୋକସଭା ନିର୍ବାଚନରେ ବିଜେପି ପୂର୍ବ ଭାରତର ଏକମାତ୍ର ବୃହତ୍ତମ ଦଳ ଭାବେ ଉଭା ହୋଇଥିଲା। ଝାଡ଼ଖଣ୍ଡରେ ଏନ୍‌ଡିଏ ୧୪ ଆସନରୁ୧୨ଟି ଜିତିବା ସହ ୫୬ ପ୍ରତିଶତରୁ ଅଧିକ ଭୋଟ ପାଇଥିଲା। ଓଡ଼ିଶାରେ ଆମେ ପୂର୍ବାପେକ୍ଷା ୭ଟି ଆସନ ଅଧିକ ପାଇ ୮ରେ ପହଞ୍ଚିଥିଲୁ। ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ଆମେ ୪୨ ଆସନରୁ ୧୮ଟି ଜିତିଥିଲୁ ଏବଂ ଏକ ନଗଣ୍ୟ ଉପସ୍ଥିତିରୁ ମୁଖ୍ୟ ବିରୋଧୀ ଦଳ ହୋଇପାରିଥିଲୁ। ବିହାରରେ ଏନ୍‌ଡିଏ ୪୦ଟି ଆସନରୁ ୩୯ଟି ଜିତିଥିଲା। ତେଣୁ, ପୂର୍ବଭାରତରେ ଆମେ ଐତିହାସିକ ସଫଳତା ହାସଲ କରିଥିଲୁ ବୋଲି କୁହାଯାଇପ‌ାରେ। ଏହି ସଫଳତା ହାସଲ ପଛରେ କାରଣ ହେଉଛି ଦୁର୍ନୀତିଗ୍ରସ୍ତ ଓ ବଂଶବାଦୀ ନେତାଙ୍କ ଶାସନରେ ଲୋକେ କ୍ଳାନ୍ତ ହୋଇପଡ଼ିଥିଲେ। ଯେମିତିକି ଟିଏମ୍‌ସି ନେତାମାନେ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାର ଦୁର୍ନୀତି କରିବାରେ ରେକର୍ଡ କରିଛନ୍ତି। ନିକଟ ଅତୀତରେ ଓଡ଼ିଶାର ଏକ ମଦ କାରଖାନାରୁ ଜଣେ ଝାଡ଼ଖଣ୍ଡ ସାଂସଦଙ୍କ ପାହାଡ଼ତୁଲ୍ୟ ଟଙ୍କାଗଦା ଉଦ୍ଧାର ହୋଇଥିଲା। ଜବତ ଟଙ୍କାଗୁଡ଼ିକୁ ଗଣିବା ଲାଗି ଆମ ସଂସ୍ଥାଗୁଡ଼ିକୁ ଦିନ ଦିନ ଲାଗିଗଲା। ଏହିସବୁ କାରଣ ପାଇଁ ପୂର୍ବଭାରତରେ ଆମେ ଦୃଢ଼ ଉପସ୍ଥିତି ରଖିପାରିଛୁ।

ସମ୍ବାଦ: ଭାରତୀୟ ଜନସଂଖ୍ୟାର ଏକ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗ ମଧ୍ୟବିତ୍ତ ଶ୍ରେଣୀର, ଯେଉଁମାନେ ଇନ୍ଧନ ଗ୍ୟାସ ଓ ଖାଦ୍ୟ ଭଳି ଅତ୍ୟାବଶ୍ୟକ ସାମଗ୍ରୀର ଦରବୃଦ୍ଧି ଦ୍ବାରା ଭୀଷଣ ଭାବରେ ପ୍ରଭାବିତ। ଏ ବାବଦରେ ଆପଣଙ୍କ ମତାମତ କ’ଣ?

ମୋଦୀ: ଭାରତରେ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତି ଏକ ପ୍ରମୁଖ ପ୍ରସଙ୍ଗ ହୋଇ ରହି ଆସିଛି। କିନ୍ତୁ ଅତୀତର ଅନ୍ୟ କୌଣସି ସରକାର ଗତ ୧୦ ବର୍ଷ ପରି ଏହି ପ୍ରସଙ୍ଗକୁ ଗମ୍ଭୀର ଓ ବିସ୍ତୃତ ଭାବରେ କ୍ବଚିତ୍ ସମାଧାନ କରିଛନ୍ତି। ୧୯୭୪ ମସିହାରେ ଭାରତରେ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତି ହାର ସର୍ବାଧିକ ୩୦ ପ୍ରତିଶତ ରହିଥିଲା। ସେତେବେଳେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଇନ୍ଦିରା ଗାନ୍ଧୀ ଥିଲେ। ୧୯୮୦ ଦଶକର ଆରମ୍ଭରେ ଦେଶ ପୁଣି ଇନ୍ଦିରାଙ୍କ ଅଧୀନରେ ଥିଲା ବେଳେ ଏହା ୧୦ ପ୍ରତିଶତରୁ ଅଧିକ ରହିଥିଲା। ୧୯୯୦ ଦଶକରେ ଏହା ମଧ୍ୟ ସମାନ ସ୍ତରରେ ରହିଲା। ୨୦୧୦ରେ ଜଣେ ଅର୍ଥନୀତିଜ୍ଞ ସରକାରଙ୍କ ନେତୃତ୍ବ ନେଉଥିବା ସତ୍ତ୍ବେ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତି ପ୍ରାୟ ୧୨ ପ୍ରତିଶତ ରହିଥିଲା। ସେହି ତୁଳନାରେ ୨ବର୍ଷର ମହାମାରୀ, ବୈଶ୍ବିକ ଅନିଶ୍ଚିତତା ଏବଂ ଏହାର ପ୍ରଭାବ ଆମର ଇନ୍ଧନ, ସାର ଓ ଖାଦ୍ୟ ଉପରେ ପଡ଼ିବା ସତ୍ତ୍ବେ ଆମ ସରକାର ଉପଭୋକ୍ତା ଦର ସୂଚକାଙ୍କ(ସିପିଆଇ) ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତିକୁ ୫ ପ୍ରତିଶତ ତଳେ ରଖିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛି। ସ୍ବାଧୀନତା ପରବର୍ତ୍ତୀ ସମସ୍ତ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ଉପରେ ଆମର ଦକ୍ଷତା ସର୍ବୋତ୍ତମ ରହିଛି। ଅନେକ ବିକଶିତ ରାଷ୍ଟ୍ର ତୁଳନାରେ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତି ହାର କମ୍ ଥିବା ଦେଶମାନଙ୍କ ଭିତରେ ଭାରତ ଅନ୍ୟତମ। ଏହାର କାରଣ ହେଉଛି, ଆମ କୃଷକମାନେ ବିଶ୍ବ ଖାଦ୍ୟ ଚାହିଦା ପୂରଣ କରିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛନ୍ତି। ଭାରତରେ ଆଜି ବିଶ୍ବର ସବୁଠୁ ଶସ୍ତା ୟୁରିଆ ସାର ରହିଛି। ତେଣୁ ୟୁକେ, ଫ୍ରାନ୍ସ ଓ ଜର୍ମାନୀ ପରି ବୃହତ୍ତର ଅର୍ଥନୈତିକ ରାଷ୍ଟ୍ର ତୁଳନାରେ ଆମେ ଖାଦ୍ୟ ଓ ସାର ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତିକୁ କମ୍ ରଖିପାରିବୁ। ଆଜି ବିଶ୍ବରେ ଦେଖାଦେଇଥିବା ବିବାଦର ମୁକାବିଲା ଯୋଗୁଁ ବିଶ୍ବସ୍ତରରେ ତୈଳଦରରେ ବୃଦ୍ଧି ଘଟିଛି। କିନ୍ତୁ ବିଶ୍ବସ୍ତରୀୟ ଚାପ ସତ୍ତ୍ବେ ଲୋକଙ୍କୁ ମହଙ୍ଗା ପେଟ୍ରୋଲ ଓ ଡିଜେଲ ଭାର ବହନ କରିବାକୁ ପଡ଼ିବନି ବୋଲି ଆମ ସରକାର ନିଶ୍ଚିତ କରିଛନ୍ତି। ଏହା ବ୍ୟତୀତ, ଆମେ ଗରିବ ଓ ମଧ୍ୟବିତ୍ତ ଶ୍ରେଣୀର ଲୋକଙ୍କୁ ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତିର ପ୍ରତିକୂଳ ପ୍ରଭାବରୁ ରକ୍ଷା କରିଛୁ। ମୁଦ୍ରାସ୍ଫୀତିର ମୁକାବିଲା ପାଇଁ ଆମେ ସେମାନଙ୍କୁ ସାମାଜିକ ଓ ଅର୍ଥନୈତିକ ଉପକରଣ ଯୋଗାଇ ସଶକ୍ତ କରିଛୁ। ସେହିପରି, ସ୍ବଳ୍ପମୂଲ୍ୟର ଏଲ୍ଇଡି ବଲ୍‌ବ ଯୋଗୁଁ ପ୍ରତ୍ୟେକ ପରିବାର ପାଇଁ ହାରାହାରି ବିଦ୍ୟୁତ୍ ବିଲ ହ୍ରାସ ପାଇଛି। ଆଜି ୭ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କୌଣସି ଆୟକର ନାହିଁ। ଅର୍ଥାତ୍ ଲୋକେ ହଜାରେ ଟଙ୍କା ସଞ୍ଚୟ କରିପାରୁଛନ୍ତି ଯାହା ଅନ୍ୟଥା ଆୟକର ଆଡ଼କୁ ଯାଇଥା’ନ୍ତା। ଆୟୁଷ୍ମାନ୍ ଭାରତ ଯୋଜନା ଅଧୀନରେ ମାଗଣା ଚିକିତ୍ସା ଯୋଗୁଁ ପରିବାର ଉପରେ ୫ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ଯାଏ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ୟ ବୋଝ ହ୍ରାସ ପାଇଛି। ଆଗରୁ ବଜାରରେ ମିଳୁଥିବା ୧୦୦ ଟଙ୍କାର ଔଷଧ ଏବେ ଜନ ଔଷଧି ଯୋଜନାରେ ମାତ୍ର ୧୦ ଟଙ୍କା କି ୨୦ ଟଙ୍କାରେ ଉପଲବ୍ଧ ହୋଇପାରୁଛି। କୋଭିଡ ବେଳରୁ ୮୦ କୋଟି ଲୋକ ମାଗଣା ଖାଦ୍ୟଶସ୍ୟ ଗ୍ରହଣ କରୁଛନ୍ତି ଯାହା ସେମାନଙ୍କ ଜୀବନକୁ ବହୁତ ସହଜ କରିଦେଇଛି। ନିକଟରେ ହୋଇଥିବା ଏକ ସର୍ବେକ୍ଷଣରୁ ଜଣାପଡ଼ିଛି କି, ଗ୍ରାମାଞ୍ଚଳର ପ୍ରଥମ ପରିବାରମାନେ ସେମାନଙ୍କ ମାସିକ ଖର୍ଚ୍ଚର ୫୦ ପ୍ରତିଶତରୁ କମ୍ ଅଣଖାଦ୍ୟ ବାବଦରେ ଖର୍ଚ୍ଚ କରୁଛନ୍ତି, ଯାହା ସେମାନଙ୍କ ସମୃଦ୍ଧିରେ ବୃଦ୍ଧିକୁ ଦର୍ଶାଉଛି। ଆଜି ଭାରତରେ ମାତ୍ର ୧୦ ଟଙ୍କାରେ ୧ ଜିବି ଡାଟା ପରି ବିଶ୍ବର ସବୁଠୁ ଶସ୍ତା ଇଣ୍ଟରନେଟ୍ ସେବା ଉପଲବ୍ଧ। ୨୦୧୪ରେ ଏହା ୩୦୦ ଟଙ୍କା ହୋଇଥିବ। ଏହି ସ୍ବଳ୍ପ ମୂଲ୍ୟ ଡିଜିଟାଲ ଓ ଆର୍ଥିକ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ ସଂସ୍କାରକୁ ବ୍ୟାପକ ପରିମାଣରେ ବଢ଼ାଇବାକୁ ସାହାଯ୍ୟ କରିଛି।

ସମ୍ବାଦ: ଓଡ଼ିଶାର ଲୋକମାନଙ୍କ ପାଇଁ ମୋଦୀଙ୍କ ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟିରେ କ’ଣ ରହିଛି?

ମୋଦୀ: ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ଓଡ଼ିଶାର ଗୌରବକୁ ପୁନର୍ଜୀବିତ କରୁଛି। କେବଳ ଭାରତରେ ନୁହେଁ, ବିଶ୍ବରେ ମଧ୍ୟ ଓଡ଼ିଶାର ସଂସ୍କୃତି ଓ ଭାଷାର ଗୌରବକୁ ପୁନଃସ୍ଥାପିତ କରୁଛି। ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ହେଉଛି ମହିଳା ନେତୃତ୍ବ ବିକାଶ। ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ହେଉଛି ଓଡ଼ିଶାର ଯୁବକମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ଓ ସୁଯୋଗ ଆଣିବା। ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ଓଡ଼ିଶାରେ ଅଧିକ ଶିଳ୍ପ, ପୁଞ୍ଜିନିବେଶ ଓ ଭିତ୍ତିଭୂମିକୁ ସ୍ବାଗତ କରୁଛି। ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ହେଉଛି ଦୁର୍ନୀତିମୁକ୍ତ ଓଡ଼ିଶା ଏବଂ ଚିଟ୍ ଫଣ୍ଡ୍ ଯୋଜନାରେ ହଜିଯାଇଥିବା ଟଙ୍କା ଫେରାଇ ଆଣିବା। ମୋର ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି ‘ପିଏମ୍ ସୂର୍ଯ୍ୟଘର, ମାଗଣା ବିଜୁଳି’ ଯୋଜନାରେ ଓଡ଼ିଶାବାସୀଙ୍କ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ବିଲ୍‌କୁ ଶୂନକୁ ଆଣିବା। ୨୦୨୭ ସୁଦ୍ଧା ଓଡ଼ିଶାରେ ୨୫ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷପତି ଦିଦି ସୃଷ୍ଟି କରିବା ହେଉଛି ମୋ’ ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି। ବିକଶିତ ଭାରତ ପାଇଁ ଏକ ବିକଶିତ ଓଡ଼ିଶା ହେଉଛି ମୋ’ ଗ୍ୟାରେଣ୍ଟି। ଆମର ସଂକଳ୍ପପତ୍ର ଓଡ଼ିଶାର ଉଜ୍ବଳ ଭବିଷ୍ୟତ ପାଇଁ ଏକ ରୋଡ୍-ମ୍ୟାପ୍ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରିଛି। ଉଦାହରଣ ସ୍ବରୂପ, ଆମେ ଓଡ଼ିଶାର ଦୀର୍ଘ ଉପକୂଳର ସମ୍ଭାବନାକୁ ଖୋଜି ବାହାର କରିବାକୁ ଚାହୁଛୁ। ଆମର ଇସ୍ତାହାର ମତ୍ସ୍ୟଜୀବୀମାନଙ୍କୁ ଅତ୍ୟାଧୁନିକ ଜ୍ଞାନକୌଶଳ, ଆଧୁନିକ ପଦ୍ଧତି ଏବଂ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ସୂଚନା ପ୍ରଦାନ କରିବାର ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଉଛି। ଆମ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣରେ ଉତ୍ପାଦନ କ୍ଳଷ୍ଟର ପ୍ରତିଷ୍ଠା, ବୈଷୟିକ ଜ୍ଞାନକୌଶଳ, ଶୈବାଳ ଓ ମୁକ୍ତା ଚାଷକୁ ପ୍ରୋତ୍ସାହିତ କରିବା ଆଦି ରହିଛି।

ଆମର ଅନ୍ନଦାତା ହେଉଛନ୍ତି ଆମର ମୁଖ୍ୟ ପ୍ରାଥମିକତା ଏବଂ ଓଡ଼ିଶାର କୃଷକମାନେ ଦେଶର ଅନ୍ୟ କୃଷକମାନଙ୍କ ସହିତ ସମାନ ଭାବରେ ଏମ୍ଏସ୍‌ପି ଗ୍ରହଣ କରିବା ଆମେ ନିିଶ୍ଚିତ କରିବୁ। ଓଡ଼ିଶାରେ ଶୀତଳ ଭଣ୍ଡାର ପ୍ରତିଷ୍ଠା ଓ କୃଷି ପ୍ରକ୍ରିୟାକରଣ ୟୁନିଟ୍ ସ୍ଥାପନ ପାଇଁ ଆମେ ୩,୦୦୦ କୋଟିର ‘କୃଷି ସଂରକ୍ଷଣ କୋଷ’ ସ୍ଥାପନ କରିବୁ। ଆମ ସଂକଳ୍ପ ହେଉଛି ଓଡ଼ିଶାର ଗରିବମାନଙ୍କ ପାଇଁ ୧୫ ଲକ୍ଷ ଗୃହ ନିର୍ମାଣ କରିବା ଏବଂ ଡବଲ ଇଞ୍ଜିନ୍ ସରକାରର ଶହେ ଦିନ ଭିତରେ ଆୟୁଷ୍ମାନ ଭାରତ ଯୋଜନାକୁ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରି ୫ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ମାଗଣା ଚିକିତ୍ସା ସୁବିଧା ଯୋଗାଇବା। ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରଗତିରେ ସିଧାସଳଖ ସହଯୋଗ କରୁଥିବା ଛୋଟ ବ୍ୟବସାୟ ଓ ଏମ୍ଏସ୍ଏମ୍ଇଗୁଡ଼ିକ ପାଇଁ ‘ଇଜ୍‌ ଅଫ୍ ଡୁଇଂ’ ନିଶ୍ଚିତ କରିବାକୁ ଆମେ ପ୍ରତିବଦ୍ଧ। ଆମ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣରେ ଓଡ଼ିଶାକୁ ଏକ ଉଦ୍ୟୋଗ କେନ୍ଦ୍ରରେ ପରିଣତ ସହ ନିଜସ୍ବ ଜ୍ଞାନକୌଶଳରେ ୪ଟି ଆଇଟି ପାର୍କ ସ୍ଥାପନ କରିବା ମଧ୍ୟ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ।

Following is the clipping of the interview:

 Source: Sambad