शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद के देशों की 21वीं शिखर बैठक 17 सितंबर 2021 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हाइब्रिड फॉर्मेट में होगी। इस बैठक की अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वीडियो लिंक के माध्यम से शिखर सम्मेलन के पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करेंगे। दुशांबे में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। एससीओ शिखर सम्मेलन में एससीओ सदस्य देशों के नेता, पर्यवेक्षक स्टेट्स, एससीओ के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) के कार्यकारी निदेशक, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति और अन्य अतिथि शामिल होंगे।

हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित होने वाला यह पहला एससीओ शिखर सम्मेलन और चौथा ऐसा सम्मेलन है, जिसमें भारत एससीओ के पूर्ण सदस्य के रूप में हिस्सा लेगा। इस सम्मेलन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह संगठन इस साल अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। शिखर सम्मेलन में, नेताओं के पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और देश व भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की उम्मीद है। इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प, आत्मसंयम और बुद्धिमत्ता के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 02, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्‍पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"

जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्‍चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्‍यक्ति ही वास्‍तव में बुद्धिमान होता है।