भाजपा-एनडीए का झारखंड के लिए मंत्र है- हमने झारखंड बनाया है, हम ही झारखंड संवारेंगे: बोकारो में पीएम मोदी
जेएमएम-कांग्रेस ने झारखंड की जनता के हक की सुविधाएं लूटने का काम किया: बोकारो में पीएम मोदी
हमारी सरकार ने सिंदरी खाद कारखाना शुरू किया, जिससे झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार मिला: बोकारो में पीएम मोदी

जय जोहार !
भारत माता की, भारत माता की।

सभे माय-बहिन, भाय, बड़-बुजुर्ग// सब के हाथ जोड़के प्रणाम करो हिओ ! मानभूम के, कोयलांचल के इस गढ़ में आना और आप जनता-जनार्दन के दर्शन करना, इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। मैं ʹलुगु बुरूʹ, बाबा भैरव नाथ और लिलौरी माता को नमन करता हूं। झारखंड में भाजपा के पक्ष में प्रचंड आंधी चल रही है। छोटा नागपुर का ये पठार भी कह रहा है- रोटी, बेटी और माटी की पुकार, झारखंड में...भाजपा-NDA सरकार ! रोटी, बेटी और माटी की पुकार...रोटी, बेटी और माटी की पुकार।

साथियों,
भाजपा-NDA का यहां एक ही मंत्र है... हमने झारखंड बनाया है, हम ही झारखंड संवारेंगे। ऐसे लोग कभी झारखंड का विकास नहीं करेंगे जो झारखंड राज्य के निर्माण के विरोधी रहे हैं। (उधर एक नौजवान एक तस्वीर लेकर आया है, जरा उसके पीछे अपना अता-पता लिख देना, ये मेरी टीम आपसे ये तस्वीर ले लेगी। आपने बड़े प्यार स्केच किया है, ये लग रहा है मुझे। मैं आपको अता-पता लिख दीजिए, जरूर चिट्ठी भेजूंगा। जरा सिक्योरिटी के लोग, वो तस्वीर लेकर मेरे पास पहुंचा दीजिए। हां, ये हमारे जवान आ रहे हैं, दे दीजिए उनको। मैं आपका बहुत आभारी हूं, आप इतने प्यार से ये तस्वीर बना के लाए हैं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।) साथियों, मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आज से 10 साल पहले, 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। मैडम सोनिया जी सरकार चलाती थी और मनमोहन सिंह जी को प्रधानमंत्री के रूप में बिठाया था। तब उस समय केंद्र सरकार ने झारखंड को 10 साल में बड़ी मुश्किल से 80 हजार करोड़ रुपए दिए थे। 10 साल में कितने? 80 हजार करोड़ रुपये। सब के सब बताइए, 10 साल में कितने? 80 हजार करोड़ रुपये। 2014 के बाद दिल्ली में सरकार बदली। आप सब ने दिल्ली में केंद्र में आपके इस सेवक मोदी को सेवा करने का अवसर दिया। और सेवा कैसी होती है, बीते 10 साल में हमने कितना पैसा दिया? बताऊं? याद रखोगे? अच्छा ये बताओ, उन्होंने कितना दिया था? उन्होंने कितना दिया था? केंद्र में भाजपा-NDA बनी तो 10 साल में हमने 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक झारखंड को दिया। कितना? जरा जोर से बोलिए कितना? उन्होंने कितना दिया था? हमने कितना दिया? ये ज्यादा हुआ कि नहीं हुआ। चार गुणा हुआ कि नहीं हुआ? तो हमारा आपके प्रति चार गुणा प्यार है कि नहीं है? और हमने ज्यादा पैसा क्यों भेजा? क्योंकि झारखंड हमने बनाया है तो हम ही तो संवारेंगे। भाजपा चाहती थी कि गरीब को पक्का घर मिले। शहरों-गांवों में अच्छे रास्ते बनें। बिजली-पानी मिले। इलाज और पढ़ाई की सुविधा मिले। सिंचाई के लिए पानी मिले, बुढ़ापे में दवाई मिले। लेकिन JMM सरकार में पिछले पांच साल में हुआ क्या? आपके हक की ये सुविधाएं, JMM-कांग्रेस के लोगों ने लूट लीं। लूटा की नहीं लूटा? आप मुट्ठीभर बालू के लिए तरस रहे हैं, और इनके नेता बालू की तस्करी करके करोड़ों कमा रहे हैं। इनके पास से नोटों के पहाड़ निकल रहे हैं। इतने नोट निकल रहे हैं कि गिनते-गिनते मशीनें भी थक जाती हैं। ये नोटों के ढेर आपने देखे हैं कि नहीं देखे हैं? ये नोटों के पहाड़ आपने देखे हैं कि नहीं देखे हैं? ये नोटें कहां से आई भाई? ये आपके हैं कि नहीं हैं? ये पैसा आपके हक का है कि नहीं है? ये आपकी जेब से लूटा गया कि नहीं लूटा गया? मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, झारखंड में भाजपा-NDA सरकार बनाने का जब आपने निर्णय कर ही लिया है, मैं जहां-जहां गया हूं, ऐसा ही जनसैलाब देखा है। हवा का रुख साफ है, और मैं आपको वादा करता हूं, सरकार बनने के बाद इन भ्रष्टाचारियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले, इसके लिए अदालत में हम पूरी लड़ाई लड़ेंगे। आपके हक का पैसा आप पर ही खर्च होगा, आपके लिए खर्चा होगा, आपके बच्चों के भविष्य के लिए खर्चा होगा।

साथियों,
केंद्र सरकार का बहुत सारा पैसा ऐसा होता है, जो बिना सरकारों के दखल के राज्यों में खर्च होता है। पहले तो उसमें भी ये कटकी-बटकी चलती थी। और मैंने देखा कि चारों तरफ लूट करने वाले बैठे हैं। मैंने क्या किया, टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। दिल्ली में एक स्विच दबाता हूं और आपके मोबाइल में पैसा पहुंच जाता है। जैसे पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा हम सीधे झारखंड के किसानों के बैंक खाते में पैसे भेजते हैं और वो पूरे के पूरे उन्हें मिल जाते हैं। मिलते हैं कि नहीं मिलते हैं? मिलते हैं कि नहीं मिलते हैं? कोई कमीशन जाता है, कोई भ्रष्टाचार करना पड़ता है? कोई कटकी कमाता है? ऐसे ही हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट के कितने ही काम होते हैं, जिस पर केंद्र सरकार सीधे खर्च करती है। किसी को बीच में से कट करने का मौका ही नहीं देते हैं। झारखंड में भी हमारी सरकार ने लाखों करोड़ रुपए खर्च किए हैं। आज झारखंड में 50 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। उनमें सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। आप देखिएगा, कुछ समय में बोकारो का रेलवे स्टेशन भी कितना आधुनिक हो जाएगा। यहां बोकारो में एयरपोर्ट भी बन चुका है। झारखंड में भाजपा-NDA सरकार बनने के बाद, जल्द से जल्द हवाई सेवा भी शुरु हो जाएगी। और मेरा तो सपना है जो हवाई चप्पल पहनता है न वो हवाई जहाज में जाएगा। साथियों, ये जो निर्माण का काम होता है, उसका भी बहुत बड़ा लाभ झारखंड को, झारखंड के नौजवानों को रोजगार के रूप में मिलता है। कुछ भी बनाएं तो सीमेंट लगता है, स्टील लगता है, बिजली के लिए कोयला लगता है। इन सबकी फैक्ट्रियां यहां बोकारो में, झारखंड में ही तो हैं। यानि हाईवे-रेलवे-एयरपोर्ट के निर्माण काम से हमारे श्रमिकों को, नौजवानों को भी बड़ा फायदा होता है।

साथियों,
भाजपा-NDA सरकार नए उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। हम झारखंड में बंद पड़े पुराने कारखाने भी खुलवा रहे हैं। सिंदरी का खाद कारखाना भी तो पहले की सरकारों की कुनीति की वजह से बंद हो गया था। हमने सिंदरी खाद कारखाने को शुरू करवाया। इससे झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। जब झारखंड में भाजपा सरकार बनेगी, तो वो सरकार में भी ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पक्की नौकरी देगी। साथियों, आपका कोई जानकार व्यक्ति हरियाणा में काम करने गया हो, तो जरा फोन करके उनसे पूछ लेना। वहां अभी-अभी चुनाव हुआ, लोगों ने भारी बहुमत से तीसरी बार भाजपा को सेवा करने का मौका दे दिया। वहां सरकार बनते ही भाजपा ने बिना खर्ची बिना पर्ची के हज़ारों नौजवानों को सरकारी नौकरी का ऑर्डर दे दिया। इधर हमारे झारखंड के लोग ये खर्ची-पर्ची जानते हैं क्या? हरियाणा में खर्ची-पर्ची का मतलब ये होता है, जब तक नोटों का बंडल नहीं देते, खर्ची नहीं करते, नौकरी नहीं मिलती। और पर्ची का मतलब है जब तक कोई बड़ा नेता पर्ची लिखकर नहीं देता आपकी दाल गलती नहीं है। हमने ये खर्ची और पर्ची दोनों को दफना दिया है। हम झारखंड में भी यही करेंगे मेरे नौजवानों। और झारखंड में हमारा एक और लक्ष्य होगा। यहां JMM-कांग्रेस ने जो पेपर लीक माफिया और भर्ती माफिया पैदा कर दिए हैं, उन सब पर प्रहार किया जाएगा, सबको पाताल में से ढूंढकर जेल के हवाले कर दिया जाएगा। जिन्होंने झारखंड के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिन्होंने झारखंड के भविष्य के हमारे होनहार युवाओं का भविष्य मिट्टी में मिला दिया है, उनके सारे मंसूबे ये मोदी चकनाचूर करके रहेगा।

साथियों,
झारखंड की हमारी बहनों-बेटियों का जीवन आसान हो, ये मेरी प्राथमिकता है। हमारी सरकार की योजनाओं से बहनों को शौचालय मिले, बैंक में खाते खुले, गर्भावस्था के दौरान सीधा उसके खाते में पैसा पहुंचा। अब झारखंड भाजपा ने आपको, मेरी माताएं बहनें बड़ी नम्रता के साथ मैं आज आपकी सेवा में आया हूं। भाजपा ने आपको गोगो-दीदी योजना का वायदा किया है। झारखंड की मेरी माताएं बहनें ये मोदी की गारंटी है, सरकार बनने के बाद गोगो-दीदी योजना लागू हो जाएगी। इस योजना से भी हमारी माताओं-बहनों के बैंक खातों में सीधे पैसे जाएंगे। कोई बीच में बिचौलिया नहीं, कोई कटकी कंपनी नहीं और वो माताओं-बहनों के खाते में ही जाएंगे ताकि घर को चलाने के लिए माताओं-बहनों को काम आए।

साथियों,
अब हमने झारखंड की बहनों को पहले गैस दिया, उज्ज्वला गैस का मुफ्त कनेक्शन दिया। और दूसरों को लगता है अरे मोदी जी बहुत हो गया। तीसरी बार आए हो, आपने तो गैस का चूल्हा घर-घर पहुंचा दिया। उज्ज्वला गैस दे दिया, अरे अब तो आराम करो। मुझे ऐसा कहने वाले लोग मिलते हैं। लेकिन मोदी ऐसे बैठने के लिए पैदा नहीं हुआ है। वो तो आपके लिए ही जीता है। और इसलिए पहले उज्ज्वला गैस सिलेंडर दिया, अब जैसे घर में पाइप से पानी आता है न, अब झारखंड में पाइप से सस्ती गैस पहुंचाने में मोदी लगा हुआ है। पाइप से जैसे पानी आता है घर में वैसे गैस आएगा। अब सिलेंडर के लिए इधर-उधर झोंकना नहीं पड़ेगा। और वो सस्ता होगा, ये गैस सस्ता मिलेगा। यहां ONGC कंपनी ने गैस पैदा करने का बहुत बड़ा काम शुरु कर दिया है। ये जो बोकारो-अंगुल गैस पाइपलाइन हमने बिछाई है, इससे 11 जिलों को लाभ हो रहा है। यहां भाजपा-NDA सरकार बनते ही, ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप से सस्ती गैस पहुंचाई जाएगी।

साथियों,
हम झारखंड के हर परिवार का बिजली बिल जीरो करने के लिए भी काम कर रहे हैं। अब आपका बिजली का बिल कितना? बिजली का बिल कितना? जीरो, और कैसे करेंगे? खजाना लुटा करके नहीं, नौजवानों के भविष्य को बर्बाद करके नहीं करेंगे। हम पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, देशभर में शुरु हो चुकी है। आप अपने घर पर सोलर पैनल लगाएंगे, और सोलर पैनल लगाने के लिए आपका ये सेवक दिल्ली में बैठी हुई आपकी सरकार, भाजपा सरकार हर घर को 75 हजार से 80 हजार रुपये तक खर्च देगी सोलर पैनल लगाने के लिए। आप अपने घर में 300 यूनिट बिजली पैदा करिए, जीरो बिजली बिल से घर चलाइए, उपयोग कीजिए। और इतना ही नहीं, मोदी की गारंटी है, अगर ज्यादा बिजली आपने पैदा की। तो आपसे वो बिजली सरकार खरीदेगी और सरकार आपको ऊपर से पैसे देगी। पहले बिजली के लिए आप सरकार को पैसे देते थे अब बिजली के लिए सरकार आपको पैसे देगी, ये काम हम करने वाले हैं।

साथियों,
झारखंड के तेज विकास के लिए सबका प्रयास यानि सभी की सामूहिक शक्ति लगनी बहुत ज़रूरी है। इसलिए आप सभी को कांग्रेस-JMM की एक बहुत बड़ी साजिश से सतर्क रहना है, सजग रहना है। ये कांग्रेस-JMM की चौकड़ी ने नया खेल खेलना शुरू किया है। और ये सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं जी। कांग्रेस हमेशा से SC/ST/OBC की एकजुटता की, एकता की घोर विरोधी रही है। आजादी के बाद जब तक हमारा दलित समाज, हमारा SC समाज बिखरा रहा, हमारे आदिवासी भाई-बहन, हमारा ST समाज बिखरा रहा, हमारा OBC समाज बिखरा रहा, तब तक कांग्रेस बांटो और राज छीनो के सिद्धांत पर मजे से केंद्र में सरकारें बनाती रही, लूटती रही। लेकिन जैसे ही ये समाज एकजुट हुआ, हमारे दलित समाज के भाई-बहन, SC के रूप में उनकी पहचान बनी, आदिवासी भाई-बहन ST के रूप में उनकी पहचान बनी। OBC, पिछड़ों के रूप में उनकी पहचान बनी तो कांग्रेस उसके बाद कभी भी पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में अपनी सरकार नहीं बना पाई। आप ये गणित समझिए, 1990 में OBC समाज को आरक्षण मिला। OBC की अलग-अलग जातियों का संख्याबल एकसाथ जुट गया, तो उसके बाद से कांग्रेस आज तक लोकसभा में 250 सीटें भी नहीं जीत पाई। इसलिए कांग्रेस OBC की सामूहिक शक्ति तोड़कर उन्हें सैकड़ों अलग-अलग जातियों में बांट देना चाहती है। अब जैसे यहां बोकारो-धनबाद में, हमारे उत्तरी छोटा नागपुर में सवा सौ से अधिक ओबीसी जातियां हैं। आज वो OBC के रूप में जानी जाती हैं, उनकी पहचान OBC है, उनकी ताकत OBC है। और ये सवा सौ जातियां, जैसे यहां यादव हैं, कुड़मी महतो हैं, तेली हैं, कोइरी-कुशवाहा हैं, नोनिया हैं, बिंद हैं, सोनार हैं, राजभर हैं, प्रजापति-कुम्हार हैं, माली हैं, मल्लाह हैं, पासी हैं, लोहार-विश्वकर्मा हैं, चौहान हैं, नाई-नाऊ हैं, भुइयार हैं, कहार-चंद्रवंशी हैं, रौनियार-पंसारी हैं। OBC के तौर पर इनकी एकजुटता, देश के विकास की बड़ी ताकत बना है। लेकिन कांग्रेस-JMM वाले यहां यादव को कुड़मी से, तेली को कोइरी-कुशवाहा से, नोनिया को बिंद से, सोनार को लोहार से, राजभर को प्रजापति-कुम्हार से, माली को मल्लाह से, पासी को चौहान से, नाई-नाऊ को भुइयार से और भुइयार को कहार-चंद्रवंशी से लड़ाना चाहती है। ये चाहते हैं कि ओबीसी की छोटी-छोटी जातियां खुद को ओबीसी मानना छोड़ दें और अपनी-अपनी जातियों में ही उलझे रहें। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या आप चाहते हैं कि यहां का ओबीसी समाज भी सवा सौ टुकड़ों में टूट जाए? आपको मंजूर है? पूरी ताकत से बताइए आपको मंजूर है? ऐसा अगर टूट गए तो आपकी आवाज कमजोर होगी कि नहीं होगी। कोई भी नहीं चाहता है कि समाज बिखरे, समाज छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाए। और इसलिए हमें ये हमेशा याद रखना है- एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। एक रहेंगे तो..एक रहेंगे तो..एक रहेंगे तो..।

साथियों,
झारखंड के नौजवान बहुत बड़ी संख्या में सेना में हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंक के दौर में हमने अनेक जवानों को खोया है। इसका बहुत बड़ा कारण जम्मू-कश्मीर में 370 की दीवार थी। मोदी ने वो दीवार हमेशा-हमेशा के लिए जमीन में गाड़ दिया है। लेकिन कांग्रेस और उनके साथियों को ये पसंद नहीं आया है। अब आपको पता ही होगा, देश आजाद हुआ, देश को संविधान मिला। संविधान के 75 वर्ष मना रहे हैं हम। लेकिन देश के सात दशक तक जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान लागू नहीं होता था। वहां आदिवासियों को आरक्षण नहीं मिलता था, वहां दलितों को आरक्षण नहीं मिलता था। सात-सात दशक तक जम्मू-कश्मीर में अलग विधान चलता था। क्यों, क्योंकि इन्होंने 370 की ऐसी दीवार बनाई थी कि बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान वहां जा नहीं सकता था, वहां पहुंच नहीं सकता था। मोदी ने 370 की दीवार गिराकर बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान को जम्मू-कश्मीर में पहुंचा दिया, लागू कर दिया। आपने देखा होगा, अभी वहां चुनाव हुए, वहां के मुख्यमंत्री ने पहली बार, हिंदुस्तान आजाद होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने बाबा साहब अंबेडकर के संविधान की शपथ ली है पहली बार। ये बाबा साहेब आंबेडकर को मोदी की श्रद्धांजलि है। अभी सरकार बनी है कांग्रेस और उसके साथियों ने आते ही उन्होंने अपना खेल खेलना शुरू किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस और उसकी सरकार ने 370 फिर से वापस लाने का प्रस्ताव पारित किया है। और ये जेएमएम है, ये भी इनको समर्थन दे रही है। ये जम्मू-कश्मीर से बाबा साहब आंबेडकर के संविधान को फिर से जम्मू-कश्मीर से बाहर निकालना चाहते हैं। यह दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को फिर से उनके हक से वंचित करना चाहते हैं। ये हमारे सैनिकों को फिर से आतंक की आग में झोंकना चाहते हैं। मैं जरा मेरे झारखंड के नौजवानों से पूछना चाहता हूं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं क्या मेरे झारखंड के भाई-बहन कांग्रेस का यह पाप आपको मंजूर है?

साथियों,
आपके सहयोग से भाजपा यहां झारखंड में हो रही घुसपैठ पर भी लगाम लगाएगी। आपकी बेटियां सुरक्षित हों, आपकी जमीन सुरक्षित हो, इसके लिए यहां भाजपा-एनडीए की सरकार बहुत जरूरी है। साथियों, हमें ऐसा झारखंड बनाना है, जो देश के टॉप के समृद्ध राज्यों में गिना जाए। हमें मिलकर, झारखंड के हर परिवार तक समृद्धि पहुंचानी है। इसलिए, मैं आपके आशीर्वाद मांगने आया हूं। मैं आपकी मदद मांगने आया हूं। इसलिए आपको भाजपा-आजसू-JDU और LJP के उम्मीदवारों को भारी मत से विजयी बनाना है। और मेरे लिए तो आप ही मोदी है और आपको मोदी के नाते ही घर-घर मेरा यह संदेश पहुंचाना है। आप घर-घर जाएंगे? पक्का जाएंगे? रोटी-माटी और बेटी की पुकार पहुंचाएंगे? साथियों, आप इतनी बड़ी संख्या में आए। हमें आशीर्वाद देने पहुंचे, मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
मेरे साथ बोलिए, भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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आपने सिर्फ पदकों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरी पीढ़ी को तैयार किया: CWG चैंपियंस से पीएम मोदी
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।