British Prime Minister speaks to the Prime Minister on telephone

Published By : Admin | November 3, 2016 | 20:24 IST
British Prime Minister, Theresa May speaks to PM Modi on telephone
Both leaders agreed upon scope for strengthening bilateral cooperation between the two nations

Rt. Hon. Theresa May, British Prime Minister made a telephone call to Prime Minister Shri Narendra Modi today.

The two Prime Ministers exchanged greetings on the occasion of the festival of Diwali, celebrated recently.

Both leaders agreed that there is substantial scope for further strengthening bilateral cooperation across a range of sectors, including Science & Technology, Finance, Trade & Investment, and Defence & Security.

The Prime Minister said that he is looking forward to welcoming Prime Minister May in India next week, which will be her first substantive bilateral visit outside Europe.

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February 21, 2024

Your Excellency, प्रधानमंत्री मित्सो-ताकिस,
दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

प्रधानमंत्री मित्सो-ताकिस और उनके डेलिगेशन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है। पिछले वर्ष मेरी ग्रीस यात्रा के बाद उनकी यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत होती स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का संकेत है।और सोलह वर्षों के बाद, इतना बड़ा अंतराल के बाद ग्रीस के प्रधानमंत्री का भारत आना, अपने आप में एक ऐतिहासिक अवसर है।

Friends,

हमारी आज की चर्चाएँ बहुत ही सार्थक और उपयोगी रहीं।यह प्रसन्नता का विषय है कि हम 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर हैं। हमने अपने सहयोग को नई ऊर्जा और दिशा देने के लिए कई नए अवसरों की पहचान की। कृषि के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग की संभावनाएं अनेक हैं। और मुझे ख़ुशी है कि पिछले वर्ष इस क्षेत्र में किए गए समझौते के कार्यान्वयन के लिए दोनों पक्ष कदम उठा रहे हैं। हमने फार्मा, Medical Devices, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, Skill Development, और Space जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया।

हमने दोनों देशों के start-ups को भी आपस में जोड़ने पर चर्चा की। Shipping और Connectivity दोनों देशों के लिए उच्च प्राथमिकता के विषय हैं। हमने इन क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ाने पर विचार विमर्श किया।

Friends,

Defence और Security में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। इस क्षेत्र में Working Group के गठन से हम defence, cyber security, counter-terrorism, maritime security जैसी साझा चुनौतियों पर आपसी समन्वय बढ़ा सकेंगे।

भारत में defence manufacturing में co-production और co-development के नए अवसर बन रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए लाभदायक हो सकते हैं। हमने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को आपस में जोड़ने पर सहमति जताई हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और ग्रीस की चिंताएं और प्राथमिकताएं समान हैं। हमने इस क्षेत्र में अपने सहयोग को और अधिक मज़बूत करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

Friends,

दो प्राचीन और महान सभ्यताओं के रूप में भारत और ग्रीस के बीच गहरे सांस्कृतिक और people-to-people संबंधों का लम्बा इतिहास है। लगभग ढाई हज़ार वर्षों से दोनों देशों के लोग व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ विचारों का भी आदान प्रदान करते रहे हैं।

आज हमने इन संबंधों को एक आधुनिक स्वरूप देने के लिए कई नए initiatives की पहचान की। हमने दोनों देशों के बीच Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द से जल्द संपन्न करने पर चर्चा की। इससे हमारे people-to-people संबंध और सुदृढ़ होंगे।

हमने दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। अगले वर्ष भारत और ग्रीस के डिप्लोमेटिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए हमने एक Action Plan बनाने का निर्णय लिया। इससे हम दोनों देशों की साझा धरोहर, science and technology, innovation, sports और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर दर्शा सकेंगे।

Friends,

आज की बैठक में हमने कई क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का समाधान dialogue और diplomacy के माध्यम से किया जाना चाहिए।हम Indo-Pacific में ग्रीस की सक्रीय भागीदारी और सकारात्मक भूमिका का स्वागत करते हैं। यह ख़ुशी का विषय है कि ग्रीस ने Indo-Pacific Oceans Initiative से जुड़ने का निर्णय लिया है। पूर्वी Mediterranean क्षेत्र में भी सहयोग के लिए सहमति बनी है। भारत की G-20 अध्यक्षता के दौरान Launch किया गया आई-मैक कॉरिडोर लम्बे समय तक मानवता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इस पहल में ग्रीस भी एक अहम भागीदार बन सकता है।हम UN तथा अन्य वैश्विक संस्थानों के reform के लिए सहमत हैं, ताकि इन्हें समकालीन बनाया जा सके। भारत और ग्रीस वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे।

Excellency,

आज शाम आप रायसीना डायलॉग में Chief Guest के तौर पर शामिल होंगे। वहाँ आपका संबोधन सुनने के लिए हम सभी उत्सुक हैं। आपकी भारत यात्रा और हमारी उपयोगी चर्चा के लिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।