PM Modi's Interview to Bharat 24

Published By : Admin | May 20, 2024 | 22:27 IST

 

एंकर - उस शख्सियत का नाम है श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जो देश के प्रधानमंत्री हैं। और भारत देश को दुनिया में मजबूत स्थिति में रखने वाले माने जाते हैं। अपने अटल विचारों के लिए वह माने जाते हैं। वह बड़े फैसले लेते हैं लेकिन वहीं कभी-कभी भावुक भी हो जाते हैं। भावुक अपने देश के गरीबों के लिए, महिलाओं के लिए, युवाओं के लिए, किसानों के लिए और भावुक मां के लिए। तो आइए बिना समय गंवाए क्योंकि आपका व्यस्तता भरा शेड्यूल है सर। आपका बहुत-बहुत स्वागत करती हूं भारत 24 पर। मैं पूर्णिमा मिश्रा।

पीएम मोदी- आपके दर्शकों को मेरा नमस्कार और मुझे खुशी है कि आज मुझे आपके माध्यम से, आपके दर्शकों से बात करने का मौका मिल रहा है।

 

एंकर- बहुत-बहुत स्वागत है सर आपका। पहला सवाल मेरा यही है कि क्योंकि हम बिहार की धरती पर हैं तो बिहार से जुड़ा हुआ सवाल यह है कि यहां की जो मुख्य विपक्षी पार्टी है आरजेडी और जिस गठबंधन का वो हिस्सा है वो लगातार ये कहते हैं कि आप सत्ता में आएंगे तीसरी बार तो आरक्षण खत्म कर देंगे। जब 2015 का विधानसभा चुनाव हुआ तब भी यही कहा गया। 2024 में भी यही कहा जा रहा है। तो इसको लेकर आप क्या कहेंगे?

पीएम मोदी- क्या कभी इस देश के मीडिया ने इस प्रकार से जो कहते हैं, उनको 10 सवाल पूछे हैं क्या कि तुम लाए कहां से, किस आधार पर कह रहे हो। हम तो अटल जी के समय भी सरकार चलाते थे, हमारे समय भी सरकार चला रहे हैं। क्या ऐसी एक घटना है क्या जिसके आधार पर कहते हैं। लेकिन कठिनाई क्या है कि वो कुछ लोग हैं जो कुछ कूड़ा कचरा फेंकते हैं और उठा कर के आप हमारे पास आते हो फिर आप हमें कहते हो गुलदस्ता बनाओ। अब यह तो हमारे साथ जरा जुल्म ही जुल्म है। फिर भी जब आपने पूछा है तो मैं बता देता हूं कि इन लोगों को संविधान के ऊपर एक शब्द बोलने का हक नहीं है। इसलिए नहीं है कि आप संविधान का शपथ लेकर के सरकार चलाते थे और आप चारा चोरी करते थे। कैद हो चुकी, अदालत ने गुनाह सिद्ध कर दिया। मतलब संविधान का घोर अपमान आपने किया। दूसरा जब देश 33 परसेंट का विमन आरक्षण का बिल लेकर के आया तो पार्लियामेंट के अंदर इन्हीं की पार्टी ने उस बिल को छीन लिया। उसके लीरे-लीरे कर दिए और उस दिन हाउस का आखरी दिन था, उसके बाद 30 साल तक वो लटका रहा। जिन लोगों ने संविधान के साथ, संसदीय प्रणाली के साथ ये खिलवाड़ किया हो वे राजनीति के लिए इस प्रकार का झूठ बोल रहे हैं। दूसरा ये वो लोग बोल रहे हैं जिनकी पहचान में तीन चीजें साफ-साफ है एक ये सारे लोग घोर सांप्रदायिक हैं, कम्युनल हैं। जुबां पर सेकुलरिज्म की बातें करते हैं, नकाब एक पहनते हैं और डगर-डगर पर संप्रदायिकता के ही खेल खेलते हैं। दूसरी इनकी विशेषता है यह घोर जातिवादी हैं। हिंदू समाज की जातियों के बीच टकराव पैदा करना। तीसरा ये परिवारवादी हैं। ये तीन कैरेक्टर कॉमन है इन लोगों के। दूसरा कांग्रेस के शहजादे जिसने कैबिनेट तो संविधान के द्वारा बनी हुई है, कैबिनेट के निर्णय को जो व्यक्ति पत्रकार परिषद बुलाकर के उसको फाड़ करके फेंक दे, उसको संविधान के लिए एक शब्द बोलने का हक नहीं है। और इसलिए ऐसे लोग जो कूड़ा कचरा फेंकते हैं उसको लेकर के हमारा समय क्यों आप लोग खराब करते हैं।

 

एंकर- सर पूरा विपक्ष एकजुट हुआ है सिर्फ इसलिए कि वो नरेन्द्र मोदी को हरा सके। लेकिन दूसरी तरफ आपने 400 पार का नारा पहले दिन से दिया। जो प्रेशर विपक्ष पर तो है ही खुद पर भी है पार्टी पे, ऐसे में आज की तारीख में पांचवें चरण के बाद आप अपने आप को कहां महसूस करते हैं। आप करीब हैं 400 पार के।

पीएम मोदी- पहली बात है, मुझे खुशी होती है अगर विपक्ष एक हुआ होता तो। स्थिति ये है एक हुआ ही नहीं है। इंडी अलायंस बना उसने एक काम किया फोटो ऑप का। पहले फोटो में जो लोग थे वो दूसरे में नहीं थे। जो दूसरे में थे तीसरे में नहीं थे और अब तक चार या पांच फोटो सेशन हुए हैं लेकिन उनकी संख्या कम होती गई और कैटेगरी भी कम होती गई। टॉप रैंक की लीडरशिप ने आना बंद कर दिया। दूसरा इंडी अलायंस में सबसे वरिष्ठ साथी उनका लेफ्ट है और उन्होंने वायनाड में जाकर के लेफ्ट के खिलाफ चुनाव लड़ा और केरल में सबसे ज्यादा कांग्रेस और लेफ्ट के बीच तू-तू मैं-मैं हुई है। अभद्र भाषा का उपयोग हुआ है। उसको आप कैसे कह सकते हैं कि विपक्ष एक हुआ है। मैं तो कहता हूं अच्छा होता वो होता कुछ मुद्दों पर होता, सिद्धांतों पर होता, नहीं हुआ। देश के लिए ये चिंता का विषय है कि विपक्ष 2019 से लेकर के 24 और 14 से लेकर के 19 विपक्ष के नाते भी विफल गया है। कोई भी कंस्ट्रक्टिव मुद्दों को लेकर के देश के सामने नहीं आया है। और आज उनको जो मुसीबत हो रही है उसका कारण भी यही है कि जो विपक्ष के नाते भी फेल हो गए उनको सत्ता में लाकर के क्या फायदा होगा। दूसरा उनका ट्रैक रिकॉर्ड है, वो किसी भी हालत में ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा नहीं है कि जो आज की युवा पीढ़ी को आकर्षित कर सके। जहां तक भारतीय जनता पार्टी का सवाल है देश की जनता ने तय किया है हमें 400 से ज्यादा सीट देना। क्योंकि चुनाव जनता के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, उसकी ओनरशिप जनता ने ली हुई है। मैं तो जो जाता हूं सब जगह पे तो जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए जाता हूं। उनका आशीर्वाद लेने के लिए जाता हूं। चुनाव तो जनता लड़ रही है, अभी मैं पटना में था। मैं तो जा रहा था हमारे साथी जो सुशील जी का स्वर्गवास हुआ, उनके परिवार से मिलने के लिए। लेकिन मैं देख रहा था पूरा 8-9 किलोमीटर का रोड शो हो गया। अब वो कोई कारण नहीं था रोड शो होने का, तो जनता ही चुनाव लड़ रही है।

एंकर- आपने आशीर्वाद की बात की। मैंने इस चुनाव में एक शो किया था सियासत के राम पथ तो मैं अयोध्या से रामेश्वरम तक गई। अयोध्या में मैंने दक्षिण भारतीयों की एक लंबी कतार राम मंदिर के दर्शन के लिए देखी। जब मैं आखिरी में रामेश्वरम तक पहुंची तमिलनाडु तक तो पूरे पांच राज्यों में दक्षिण के मोदी घर-घर तक पहुंच चुके हैं तो क्या भारतीय जनता पार्टी अब एक राष्ट्रीय व्यापक पार्टी हो गई है और इसका क्रेडिट...।

पीएम मोदी- ये एक दुर्भाग्य है हमारे देश में, कुछ लोगों ने ऐसा नैरेटिव गढ़ा है। और आपकी जनरेशन के पत्रकार भी उसमें फंस गए हैं। कैसा नैरेटिव गढ़ा, ये बीजेपी तो उत्तर भारतीय पार्टी है, बीजेपी तो शहरी पार्टी है, बीजेपी तो बनिया ब्राह्मण की पार्टी है, बीजेपी तो महिला विरोधी, ये सारे नैरेटिव गढ़ दिए गए पिछले 40- 50 साल में। हकीकत यह है कि भारतीय जनता पार्टी गुजरात में 30 साल से राज कर रही है। वह हिंदी भाषी है क्या? उत्तर भारतीय है क्या? महाराष्ट्र में हम राज करते हैं, गोवा में हम राज करते हैं, कर्नाटका में राज करते हैं, पुडुचेरी में हम राज करते हैं। लेकिन चल पड़ी फैशन...कहने वाले को कोई काउंटर क्वेश्चन नहीं करता है। आज भी केरल में और कश्मीर में पंचायतों में, नगरपालिका में, विधानसभा में हमारे लोग चुन करके बैठे हुए हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी, अटक से कटक पूरे हिंदुस्तान में भारतीय जनता पार्टी संगठन के रूप में तो है ही। जनप्रतिनिधि के रूप में भी है और वह अपनी भूमिका अदा करता है। और जो हम पर आरोप लगते हैं, संसद में सबसे ज्यादा एससी, एसटी, ओबीसी एमएलए किसके हैं बीजेपी के। एमपी किसके हैं बीजेपी के। सबसे ज्यादा वूमन एमएलए किसके हैं देश में बीजेपी के। सबसे ज्यादा वूमन एमपी किसके हैं बीजेपी के। सबसे ज्यादा किसान एमपी किसके है बीजेपी के। सबसे ज्यादा ग्रामीण बैकग्राउंड के एमपी किसके है बीजेपी के। लेकिन एक झूठ नैरेटिव चल रहा है।

 

एंकर- बिल्कुल सर, उसी नैरेटिव में लगातार नैरेटिव पे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं लेकिन आपने एक बड़ी बात मन से बोली कि भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करूंगा और भ्रष्टाचारियों ने जो पैसा लूटा है वो मैं जनता को वापस लौटाऊंगा। बहुत महत्त्वपूर्ण सवाल है ये प्रधानमंत्री जी कि ये संभव कैसे होगा और जब भी भ्रष्टाचार पर आप कोई कार्रवाई करते हैं तो फिर से एक नैरेटिव कि ED-CBI उसका आप इस्तेमाल कर रहे हैं।

पीएम मोदी- 2014 में मैं देश की जनता से आशीर्वाद इसी मुद्दे पर लेके आया हूं। भ्रष्टाचार से देश को बहुत नुकसान हो रहा है तो पहला मेरा काम था मेरी सरकार को उससे दूर रखना। अभी तक मेरी सरकार पे कोई आरोप नहीं लगा है। दूसरा मेरा काम था एजेंसी को खुली छूट दे देनी कि भाई कानून नियम से जो होता है आप करते चलो। अब सवाल 2004 से 2014 तक जिन्होंने सरकार चलाई उनको पूछना चाहिए कि ED उस समय भी तो था, कानून उस समय भी था तनखा उस समय भी लेते थे, अफसर उस समय भी बैठे थे, बंगलो गाड़ी सब कुछ था उनके पास, काम क्यों नहीं करते थे। 10 साल में 35 लाख रुपया उन्होंने जब्त किया था। इस 10 साल में 2200 करोड़ जब्त किया है। नोटों के ढेर देख रहे हैं आप। आपने तो जाकर के ED को स्पेशल पुरस्कार देना चाहिए, ED को फूलमाला करनी चाहिए। मुझे बताइए, कोई मान लीजिए ड्रग्स का सामान किसी के पास पहुंच रहा है और किसी पुलिस ने पकड़ लिया तो आप उस पुलिस का सम्मान करेंगे कि नहीं करेंगे। कोई गुनहगार सालों से नहीं पकड़ा जाता, पकड़ा तो आप सम्मान करें। तो ED 2200 करोड़ रुपये चोरों का पकड़ा है, सम्मान करना चाहिए तो गाली क्यों दे रहे हो भाई। इसका मतलब है कि आपको डर है कि आपकी तरफ आ रहा है। कुछ इसलिए गाली दे रहे हैं।

 

एंकर- आपने कहा आपकी तरफ आ रहा है तो वैसा ही एक और आरोप लगाया गया उस पार्टी की तरफ से जो खुद को स्वयंभू कट्टर ईमानदार पार्टी कहती है। इसमें ईमानदार शब्द है, नाम है आम आदमी पार्टी। कहते हैं कि आप लोग ऑपरेशन झाड़ू चला रहे हैं और वजह इसकी ये है कि वो ही हैं जो आपको रिप्लेस कर सकते हैं।

पीएम मोदी- ऐसा है कि ऐसी चीजों में अन्ना हजारे जो कहते हैं वो मान लीजिए बस। मुझे बीच में मत डालिए। अन्ना हजारे जी का बयान आया है उनको ही... मुझे बीच में मत डालिए।

 

एंकर- सर ये कांग्रेस के मणि शंकर अय्यर साहब का जो प्रेम है पाकिस्तान के लिए, या भय है, या जो भी चीज है, वो कहते हैं कि पाकिस्तान से डरना चाहिए उनके पास एटम बम है। आप उसको कैसे देखते हैं?

पीएम मोदी- ऐसा है कि सवाल मणि शंकर जी का नहीं है, पूरी कांग्रेस पार्टी की सोच यही है, हमारी सेना सर्जिकल स्ट्राइक करे, वो उसके पर क्वेश्चन करे। हमारी सेना एयर स्ट्राइक करे उस पर क्वेश्चन करे। उनका एक सीनियर व्यक्ति ये कहे कि ये जो 26/11 हुआ और जो पुलिस के अफसर मारे गए, किसी पाकिस्तानी ने नहीं मारे, हमारे लोगों ने मारे हैं। यानि आप उनको सर्टिफिकेट देते घूम रहे हो। समझौता बम ब्लास्ट हुआ वो कहते हैं हमारे लोगों ने किया। कांग्रेस के आपको दो डजन ऐसे स्टेटमेंट मिल जाएंगे। अब तो पाकिस्तान के लोग भी कांग्रेस के स्टेटमेंट की तारीफ कर रहे हैं, उसको रिट्वीट कर रहे हैं।

 

एंकर- आपके ऊपर एक और आरोप लगता रहा जो इस तस्वीर के साथ पहले ही झूठा साबित होता है कि आप मीडिया से बात नहीं करते, आप मीडिया को इंटरव्यूज नहीं देते, जो आप अभी दे रहे हैं और हम आपसे बात कर रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ राहुल गांधी हैं जो मीडिया को इंटरव्यू तो नहीं देते लेकिन मंच पर बैठकर अखिलेश यादव के साथ चिटचैट करते हैं वह भी आपके बारे में।

पीएम मोदी- ऐसा है मुझे इन चीजों में इंटरेस्ट नहीं है। कौन क्या करता है मैं कहां टाइम खराब करूं। जहां तक मेरा सवाल है मैं लगातार मिलता हूं। हर विषय पर बात करता हूं। मैं टेलीफोन पर भी बात करता हूं। और मेरे सबसे ज्यादा मित्र और सबसे ज्यादा पत्रकारों को नाम से अगर कोई बुला सकता है तो मैं बुला सकता हूं। तो ये जो... ऐसे झूठे नैरेटिव लेकर के आप भी चलते रहते हो, क्या करेंगे।

एंकर- सर एक भविष्यवाणी आपने की थी कि राहुल गांधी वायनाड के बाद एक सेफ सीट ढूंढेंगे तो आप मानते हैं रायबरेली सेफ है क्योंकि माता जी ने...

पीएम मोदी- पहली बात ये है कि मैं कोई भविष्यवक्ता हूं नहीं, ना ही मैं किसी भविष्यवेत्ता को जानता हूं और ना ही मैंने भविष्यवेत्ता साइंस के संबंध में कुछ पढ़ा है। तो मैं इसमें तो कोई जानकार नहीं हूं। लेकिन मैं सार्वजनिक जीवन में जीता हूं तो मुझे पता रहता है कि फलाना पत्रकार आया तो मुझे क्या पूछेगा। मुझे अंदाज रहता ही रहता है इतने सालों में रहता है। तो वैसे मुझे इन परिवार का भी अंदाज है कि बाएं पैर पहले रखेंगे तो मतलब क्या और दाहिना पैर रखेंगे तो क्या मतलब है। मुझे इसकी समझ है तो मैंने उसी दिन पार्लियामेंट में कहा था कि इनके सीनियर लोग चुनाव नहीं लड़ेंगे, ये राज्यसभा में आएंगे। तो हुआ वही मैडम सोनिया जी चुनाव नहीं लड़ी। मैंने दूसरा कहा था ये अब उत्तर प्रदेश से भाग जाएंगे, अमेठी से वो वायनाड गए। मैंने ये भी कहा था वायनाड में नहीं जीत पा रहे हैं इसलिए वायनाड की पोलिंग के बाद वहां के लोगों को अंधेरे में रख कर के वो दूसरी सीट की तलाश में हैं। मैं आज भी कहता हूं वो रायबरेली से भी हारने वाले हैं। आप मुझे बताइए, रायबरेली में कोरोना के दिन याद कीजिए, सबसे कठिन दिन थे। जो परिवार कहता है कि पिछले 50-60 साल से हमारी संपत्ति है। एक व्यक्ति कोविड के समय वहां जाके उनका हाल पूछा था। इतना पूछो ना। फिर आप अपनी संपत्ति की बातें करो।

 

एंकर- संविधान खत्म कर देंगे प्रधानमंत्री मोदी दोबारा से सत्ता में आए। आपने शुरू में संविधान का जिक्र किया। 2019 में भी वही बात 2024 में भी वही बात। राहुल गांधी संविधान लेकर चलते हैं कहते हैं ये संविधान बचाने की लड़ाई है। क्या मुद्दाविहीन है विपक्ष, आपको लगता है। और संविधान के नाम पर...।

पीएम मोदी- पहली बात है कि कांग्रेस पार्टी अपनी पार्टी के संविधान को मानते हैं क्या ये लोग। आपको याद होगा जब पंडित नेहरू प्रधानमंत्री थे तब कांग्रेस ने सिद्धांत और अपने As par their constitution टंडन जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। पंडित जी को टंडन जी पसंद नहीं थे तो उन्होंने कहा कि मैं वर्किंग कमेटी से इस्तीफा देता हूं। इतना बड़ा ड्रामा किया, आखिरकार टंडन जी को इस्तीफा देना पड़ा। सीताराम केसरी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष थे, रातों रात उनको बाथरूम में बंद कर दिया गया, फिर उठा कर के फुटपाथ पर फेंक दिया गया और सोनिया जी प्रेसिडेंट बन गई। कांग्रेस पार्टी के संविधान को जो लोग नहीं मानते हैं वो संविधान लेकर के कितना ही नाचें, देश के गले नहीं उतरेगा, कभी भी नहीं उतरेगा।


एंकर- सर एक चीज समझना चाह रही थी मैं, आपके लिए वही एक नैरेटिव है कि आप मुस्लिम विरोधी हैं। लेकिन जब आप अरेबिक कंट्रीज जाते हैं या दूसरे मुस्लिम देश जाते हैं तो वहां पर जैसा स्वागत-सत्कार आपको मिलता है, सर्वोच्च आपको सम्मान मिलता है तो यह एकदम विरोधाभास है, इसको कैसे देखते हैं?

पीएम मोदी- इन दोनों को मिक्स मत कीजिए। नंबर वन, मैं मानता हूं कि भारत जैसे देश में हम सबको साथ लेकर के चलना चाहिए। भारत का संविधान किसी के प्रति भेदभाव की अनुमति नहीं देता है। भारत का संविधान किसी से पक्षपात करने की अनुमति नहीं देता है। मेरी पार्टी का सिद्धांत है, सबका साथ सबका विकास। उसमें भी मैं एक कदम आगे चला, मेरी जो वेलफेयर स्कीम है जी उसका 100% सैचुरेशन मतलब घर पाने योग्य लोग हैं तो शत-प्रतिशत मिलना चाहिए। गैस कनेक्शन पाने योग्य है 100% मिलना चाहिए। जब मैं 100% देता हूं मतलब सामाजिक न्याय भी करता हूं। जब 100% देता हूं तो अच्छा सेकुलरिज्म भी करता हूं। कोई भेदभाव है ही नहीं। मैं जो बोल रहा हूं मैं मुसलमानों के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं। मैं अपने आप को बिन सांप्रदायिकता के ठेकेदार मानने वाले लोग जो घोर सांप्रदायिक एक्टिविटी करते हैं उनको एक्सपोज कर रहा हूं। और मैं मुसलमानों को भी समझा रहा हूं कि इन्होंने तो...। अब 2011-12 में राहुल गांधी ने मुसलमानों को आरक्षण देंगे, ऐसा भाषण किया। अब मुसलमानों ने सोचना चाहिए भई ये 12 में भाषण कर रहा था, अभी भी कर रहा है तो हम तो मूर्ख बनते जा रहे हैं। ये बोलते जा रहे हैं और हम मानते जा रहे हैं कि हमारे बड़े हितैषी हैं। दूसरा दुनिया मानती है कि सेकुलर है। ये घोर कम्युनल हैं, अब हिंदुस्तान को इनको जानने की जरूरत है। और इनमें तीन क्वालिटी है जो मैंने पहले से ही बताया। तीन क्वालिटी तो नहीं कह सकता तीन अवगुण है। एक ये घोर सांप्रदायिक हैं, ये घोर जातिवादी हैं, ये घोर परिवार वादी हैं। जहां तक मोदी का सवाल है हमारा तो मंत्र है सबका साथ सबका विकास। हम सबको साथ लेकर के चलना चाहते हैं, सबका विकास करना चाहते हैं. कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं होना चाहिए। भारत का संविधान हमको जो कहता है लेकिन अपीजमेंट के पक्ष में हम नहीं है। Justice to all appeasement to None. ये अपीजमेंट कर कर के आप सेकुलर नहीं बन सकते। सेकुलर बनना है तो सबको समानता से सेकुलर बन सकते हैं, ये वो नहीं करते। अब कर्नाटका में रातों रात उन्होंने ओबीसी का जो आरक्षण था उसको लूट लिया और मुसलमानों को दे दिया। मैं उसका विरोध करता हूं। जब मनमोहन सिंह जी, मैं उस मीटिंग में मौजूद था, वो कह रहे थे... संपत्ति का पहला अधिकार मुसलमान का है। मैं कहता हूं संपत्ति का पहला अधिकार देश के गरीब का है। मैं धर्म के आधार की राजनीति का विरोध करता हूं। इसके लिए मुझे धर्म का नाम लेना पड़ता है। इसका मतलब नहीं कि धर्म के विरुद्ध में हूं या उस समाज के विरुद्ध में हूं। लेकिन इन लोगों ने इतना पाप किया है कि मुझे खुल कर के बोलना पड़ रहा है, उनके खिलाफ मुझे बहुत कुछ कहने का मेरे पास मसाला है। उन्होंने इतना अन्याय किया है इस देश के साथ और देश को पता चलना चाहिए।


एंकर- लेकिन आपने कहा appeasement to none और मुस्लिमों के आरक्षण की बात होती है इसीलिए आपने मुस्लिम लीग मेनिफेस्टो बताया कांग्रेस के मेनिफेस्टो को।

पीएम मोदी- मेरा यही कहना है कि भारत के संविधान सभा जो हुई, उसमें जो डिबेट हुई है, बाबा साहेब आंबेडकर भी और पंडित नेहरू समेत सबने कहा कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। ये संविधान सभा ने निर्णय किया हुआ है। आज आप धर्म के आधार पर आरक्षण कैसे कर सकते हो। मैं मुसलमान को आरक्षण देना ना देना मेरा मुद्दा ही नहीं है। मैं कहता हूं हिंदुस्तान में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए।

 

एंकर- सर आपकी व्यस्तता समझते हुए बस आखिरी सवाल आपसे कि 2014 में जो चुनाव था वो मोदी के प्रति एक उम्मीद का चुनाव था जो 2019 आते-आते वो चुनाव विश्वास में बदल गया तो 2024 में जनता को मोदी से क्या उम्मीद है। क्या उम्मीद करनी चाहिए और साथ में आपका जो 125 दिन का रोड मैप है उसको समझना चाहेंगे।

पीएम मोदी- दो चीजें हैं एक जब आपकी नीयत साफ होती है, नीयत में कोई खोट नहीं होती है तो आपको जनता के सामने कोई सफाई देने के लिए चक्कर काटने नहीं पड़ते हैं। आज मैं देख रहा हूं कि 10 साल के अनुभव के बाद देश की जनता को इस सरकार के प्रति भरोसा है। लेकिन मैं उस भरोसे को एक डिग्री ऊपर लेकर के ओनरशिप लेना चाहता हूं। और ओनरशिप के रूप में मैंने कहा कि मेरी गारंटी है यह करूंगा मतलब मोदी की गारंटी है। और जब कोई गारंटी कहता है तो शब्द नहीं है, ओनरशिप है। इसका मतलब कि मैं जवाबदेह हूं देश मुझसे पूछ सकता है मोदी तुमने कहा था क्यों नहीं हो रहा। तो इतना रिस्पांसिबल लीडरशिप होनी चाहिए तब जाकर के देश उसके साथ चलता है। जहां तक 125 दिन का सवाल है मैंने 2047 तक का पूरा डिजाइन बनाया हुआ है। उसमें पांच साल पर काम शुरू हुआ है, फिर उसमें से एक साल पर हुआ है और उसमें से 100 दिन और अब मैंने युवाओं के लिए जोड़ करके 125 दिन। तो मेरा बड़ा सिस्टमेटिक काम चल रहा है।

 

एंकर- दो बेहद खास बातें यहां पर कही। जब गारंटी शब्द कहा जाता है तो वो सिर्फ एक शब्द नहीं है वो एक भावना है, जवाबदेही है जिम्मेदारी है। और उसका निर्वहन करते हुए 400 पार की तरफ आगे बढ़ रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और एनडीए के परिवार के साथ। एक और बेहद खास बात कि वो 100 दिन में 25 दिन युवाओं के नाम हैं। जाहिर है ना झुकेंगे, ना रुकेंगे, ना थकेंगे की बात आप करते हैं तो इन्हीं शुभकामनाओं के साथ 4 जून आपके लिए मंगलमय हो।

पीएम मोदी- बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister congratulates successful candidates of Civil Services Examination, 2025
March 06, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has congratulated all those who have successfully cleared the Civil Services Examination, 2025. He said that their dedication, perseverance and hard work have enabled them to achieve this significant milestone.

The Prime Minister noted that clearing the Civil Services Examination marks the beginning of an important journey of public service. He wished the successful candidates the very best as they embark on the path of serving the nation and fulfilling the aspirations of the people.

The Prime Minister also conveyed his message to those who may not have secured the desired outcome in the examination. He acknowledged that such moments can be difficult, but emphasised that this is only one step in a larger journey.

Highlighting that many opportunities lie ahead, both in future examinations and in the many avenues through in which individuals can contribute to the nation, the Prime Minister extended his best wishes to them for the road ahead.

The Prime Minister wrote on X;

“Congratulations to all those who have successfully cleared the Civil Services Examination, 2025. Their dedication, perseverance and hard work have led to this significant milestone.

Wishing them the very best as they embark on a journey of serving the nation and fulfilling the aspirations of the people.”

“To those who may not have secured the desired outcome in the Civil Services Examination, I understand that such moments can be difficult. However, this is only one step in a larger journey. Many opportunities lie ahead, both in future examinations and in the many avenues through which you can contribute to our nation. My best wishes for the road ahead.”