In the last 10 years, we have given Rs 80,000 crore to sugarcane farmers through ethanol purchase: PM Modi in Solapur
This election in Maharashtra is a choice between Mahayuti's proven track record of development and Maha Aghadi's same old tape record of lies: PM

जय तुलजा भवानी

जय शिवाजी

आज कार्तिकी एकादशी// पंढरपुरची यात्रा

आजच्या दिवशी त्या जिल्यात येण्याचे भाग्य लाभले

पंढरीच्या विठुरायाला माझे कोटि-कोटि नमन

संत नामदेव महाराजांची आज जयंती त्यान्ना शत-शत नमन 

मैं सिद्धेश्वर महाराज और भगवान बसवेश्वर को प्रणाम करता हूं।


साथियों,

देवोत्थानी एकादशी का ये दिन, पंढरपुर की पवित्र धरती और विठोबा का सानिध्य। ये केवल एक संयोग नहीं है। ये अगले 5 वर्षों के लिए महाराष्ट्र और सोलापुर की सेवा का आशीर्वाद है।

भाइयों बहनों,

जब महाराष्ट्र की आस्था और संस्कृति में विश्वास करने वाली महायुति की सरकार काम करती है, तो कैसे परिणाम आते हैं, सोलापुर के लोगों ने ये देखा है। सोलापुर के लोग जिस विकास की मांग दशकों से कर रहे थे, जो प्रोजेक्ट्स दशकों से लटके थे, महायुति सरकार ने उन्हें पूरा करके दिखाया है। अभी कुछ ही दिन पहले मैंने सोलापुर एयरपोर्ट के विस्तार का लोकार्पण किया था। और शायद मैं कह सकता हूं कि हिंदुस्तान में अबतक जितने प्रधानमंत्री हो गए, वो सारे प्रधानमंत्री जितनी बार सोलापुर आए होंगे, मैं अकेला उससे ज्यादा बार आया हूं। सोलापुर ने मुझे इतना प्यार दिया है, इतना प्यार दिया है कि अगर मैं ना आऊं, तो मुझे खाली लगता है। आज माताएं-बहनें भी इतनी बड़ी मात्रा में आशीर्वाद देने के लिए आई हैं। 

साथियों, 

ऐसा सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है और मैं भाग्यवान हूं, आपका ये प्यार, आपके आशीर्वाद मेरी निरंतर उर्जा बनाए रखते हैं। 

साथियों, 

देश-विदेश से आने वाले लोगों को, ये जो विकास के काम हुए हैं, उससे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। हमारे सोलापुर में पालकी यात्रा की इतनी प्राचीन परंपरा है। पहले यात्रियों को, वारकरी साथियों को कितनी परेशानी होती थी। पालकी महामार्ग का निर्माण करवाकर इस परेशानी को हल करने का सौभाग्य भी हमें ही मिला। आज सोलापुर के चारों तरफ फोर लेन हाइवे बन चुके हैं। सोलापुर से वंदेभारत ट्रेन चल रही है। ये बदलाव केंद्र की बीजेपी और महाराष्ट्र की महायुति सरकार के कामों से संभव हुआ है। आज हम विकसित महाराष्ट्र से विकसित भारत के निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए मैं कहता हूं, 

भाजपा-महायुति आहे

तर गति आहे

महाराष्ट्राची प्रगति आहे

साथियों,

महाराष्ट्र को अगले पांच साल तक महायुति की ऐसी सरकार की जरूरत है, जो स्थिर हो, जिसका एकमात्र लक्ष्य महाराष्ट्र का विकास हो। स्थिर सरकार ही महाराष्ट्र के लिए दूरगामी नीतियां बना पाएगी। लेकिन आपको याद रखना है कि महाअघाड़ी वाले जिस गाड़ी पर चल रहे हैं, वो ऐसी गाड़ी है, ना पहिए हैं, ना ब्रेक है और कौन चलाएगा, इसके लिए मारंमार है। वो सबसे अस्थिर गाड़ी है। ये लोग आपस में ही झगड़ा करने में समय बर्बाद कर देते हैं। साथी, आप बाबासाहेब का चित्र बनाकर लाए हैं। चलिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। जरा मैं हमारे साथियों को कहता हूं, जरा कलेक्ट कर लें। मैं आपका बहुत आभारी हूं, आपने इतनी शानदार भेंट मेरे लिए लाए हैं। हमारे साथी ले लेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद भैया।  

साथियों, 

आप सब भी भलि-भांति जानते हैं। आप लोग देख रहे हैं कि अघाड़ी में कैसे भगदड़ मची हुई है। अभी से अघाड़ी में मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान, नूराकुश्ती चल रही है। एक पार्टी पूरे दिन अपने नेता को मुख्यमंत्री बताने में लगी रहती है। दूसरी पार्टी और काँग्रेस वाले उनकी दावेदारी ख़ारिज करने में लगे रहते हैं। आप जरा सोचिए, चुनाव से पहले इनका ये हाल है! ये अघाड़ी वाले कभी महाराष्ट्र को स्थिर सरकार नहीं दे सकते।

साथियों,

काँग्रेस पार्टी ने देश पर दशकों तक राज किया। 50-50 साल तक,  लेकिन, उनकी सोच क्या थी? उनकी एक ही सोच थी समस्याओं को बनाए रखना। लोगों को समस्याओं में उलझाए रखना, यही कांग्रेस की कार्यशैली रही है। कांग्रेस की इसी सोच ने हमारे महाराष्ट्र के किसानों को बदहाल बनाए रखा। हमारे इस इलाके में सिंचाई के लिए आपको कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने आपलोगों को कितना तरसाया है। ये माताएं-बहनें और किसान तो उनको कभी माफ नहीं करेंगे। हमने यहां किसानों की सिंचाई की समस्या को दूर करने पर फोकस किया। हमारे प्रयासों से सोलापुर जिले के कई गांवों का जलस्तर बढ़ रहा है। महायुति सरकार ने किसानों के बिजली के बिल माफ कर दिए हैं। हमारी कोशिश है कि अब किसानों को बिजली का बिल भरना ही ना पड़े। और इसीलिए हम हर खेत तक सोलर ऊर्जा पहुंचाने में जुटे हैं। बड़ी संख्या में सिंचाई के पंपों को सोलर पंप में बदला जा रहा है।
 

साथियों, 

समस्याओं का समाधान करने के साथ ही, हमने किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। ये हमारा सोलापुर शुगर बेल्ट है। हमारी सरकार गन्ना किसानों के लिए लगातार पूरे देश में काम कर रही है। गन्ना का समर्थन मूल्य अब 3150 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा हम इथेनॉल इकोनॉमी के माध्यम से गन्ना किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। अब मुझे बताइए भाइयों-बहनों, क्या मोदी प्रधानमंत्री बना, क्या उसके बाद ही इथेनॉल की टेक्नोल़ॉजी आई। मोदी प्रधानमंत्री बना, क्या उसके बाद ही गन्ने से इथेनॉल बनने की टेक्नोल़ॉजी आई। ये पहले भी था, लेकिन पहले जो सरकारें थीं, उनको आपकी परवाह नहीं थी। आपको तड़पाए रखने में ही उनको मजा आता था। जब कांग्रेस की सरकार थी, तो पेट्रोल में मुश्किल से 2 या 3 प्रतिशत ही इथेनॉल मिलाया जाता था। जब 2014 में आपने मोदी की सरकार बनाई, तो आपके सेवक ने तय किया कि गन्ना किसानों के हित के लिए इथेनॉल की ब्लेंडिंग बढ़ाउंगा। अब पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेडिंग बढ़कर 15 परसेंट तक पहुंच रही है। औऱ मैं 20 परसेंट का लक्ष्य लेकर चल रहा हूं। बीते 10 साल में हमने देश के किसानों को इथेनॉल के बदले, ये आंकड़ा याद रखना जो गन्ना किसानों को पहले नहीं मिलता था। इथेनॉल के बदले 80 हजार करोड़ रुपए गन्ना किसानों के पास पहुंचे हैं। इस 80 हजार करोड़ रुपए में अधिकतम पैसा हमारे गन्ना किसानों को मिला है।

साथियों, 

महाराष्ट्र के किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा भी डबल मिल रहा है। यानी, पीएम किसान सम्मान निधि और नमो शेतकरी योजना का, दोनों का एक साथ लाभ! डबल पैसा! अगले 5 वर्षों में किसानों का फायदा भी बढ़ेगा, उन्हें नए अवसर भी मिलेंगे।

साथियों,

सोलापुरी की चादरें पूरे देश में प्रसिद्ध है। देश में यूनीफार्म की बात होती है तो सोलापुर का नाम सबसे ऊपर होता है। यहां पीढ़ियों से सिलाई करने वाले कई परिवार हैं। लेकिन, काँग्रेस की सरकारों ने उनकी कभी चिंता नहीं की। हमारी सरकार ऐसे साथियों का जीवन बदलने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चला रही है। इस योजना पर 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। हम महाराष्ट्र में टेक्सटाइल पार्क बनवा रहे हैं। इससे सोलापुर के टेक्सटाइल उद्योग को भी फायदा होगा। यहां के प्रॉडक्ट्स देश-विदेश तक पहुंचेंगे।

साथियों, 

इस क्षेत्र में कितने ही परिवार पीढ़ियों से बीड़ी बनाने के काम में लगे थे। किसी ने उनके बारे में नहीं सोचा। हमने 15 हजार आवास बनाकर हमारे इन साथियों के दिए हैं।

भाइयों और बहनों,

ये केवल नीतियों की बात नहीं है। ये हमारी नियत का जीता जागता सबूत है। दूसरी तरफ अघाड़ी की नियत में ही खोट है। इसीलिए, महाराष्ट्र को साफ नियत और सेवा भाव वाली महायुति सरकार की जरूरत है।

साथियों,

आज महाराष्ट्र के विकास अभियान की सारथी अगर कोई है, तो हमारे महाराष्ट्र की माताएं-बहनें हैं, महिलाएं हैं। इसीलिए, महायुति सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दिन रात काम कर रही है। माझी लाडकी बहिण योजना हर किसी की जुबान पर है। माझी लाडकी बहिण योजना, ये योजना महिलाओं के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उत्तम उदाहरण है।आपने देखा है, सरकार ने महिलाओं के हाथ में पैसा दिया, सीधा उनके खाते में जमा हआ, तो ये अघाड़ी वालों की नींद हराम हो गई, उनको लगा ये क्या कमाल हो गया, ये तो क्या हो जाएगा, इसलिए आनन-फानन में सोचे-समझे बिना, एकदम विरोध में उतर आए! माताओं-बहनों को ये पैसा मिलना बंद हो जाए, इसके लिए ये लोग कोर्ट तक चले गए! लेकिन, जब महिलाओं के हाथ में पैसा आता है, तो उसका कैसा असर होता है, ये इस बार हमने दीवाली में बराबर देखा है। इस बार दिवाली का उत्साह दोगुना था। माताओं-बहनों ने खुलकर खरीददारी भी की। कई सालों में जो काम अटके पड़े थे, माताओं-बहनों ने पूरा किया, उससे अर्थव्यवस्था को भी ताकत मिली और यही बीजेपी का विज़न है। हम महिलाओं को ही जन कल्याण की सभी योजनाओं के केंद्र में रखकर काम कर रहे हैं। आज पीएम आवास योजना के तहत घर महिलाओं के नाम पर बन रहे हैं। मुद्रा योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी हमारी माताएं-बहनें हैं। हम 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने के मिशन में जुटे हैं। ये लखपति दीदी का मतलब है, मैं देश में स्वय़ं सहायता समूहों में काम करने वाली 3 करोड़ बहनों को ऐसी स्थिती में ले आऊंगा कि वे हर वर्ष, एक बार नहीं, हर वर्ष एक लाख रुपये की कमाई करें और मेरी लखपति दीदी बनें। आप तो जानते हैं ड्रोन दीदी। आज ड्रोन दीदी गांवों में खेतों में उसका बोलबाला हो गया है, आज हमारी बहनें खेती के सीजन में, एक-एक सीजन में ड्रोन से खेती में मदद करती हैं, कॉन्ट्रैक्ट करती हैं और ढेर सारे पैसे कमा रही हैं। इसीलिए, आज महिलाओं का आशीर्वाद भी महायुति के साथ हैं। और मोदी तो कहता है मेरा सबसे बड़ा कोई रक्षा कवच है, तो ये मेरी माताएं-बहनें हैं। 

साथियों, 

कांग्रेस देश के गरीबों, वंचितों को संविधान से मिले अधिकारों को खत्म करना चाहती है। शहजादे तो विदेश में जाकर खुलेआम आरक्षण खत्म करने की काँग्रेस की बात कर आए हैं। आरक्षण खत्म करने की कांग्रेस की ये इच्छा नई नहीं है। एक समय था, जब काँग्रेस आरक्षण के खिलाफ खुलेआम अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देती थी। आप पुराने अखबार निकाल दीजिए, कांग्रेस ने अपने नाम से, अपने सिंबल से, आरक्षण को खत्म कर वोट मांगने का प्रयास किया था। 

साथियों,  

आज इंटरनेट का जमाना है! अब काँग्रेस के वो आरक्षण विरोधी बयान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। मैं चाहूँगा, आप भी वो पुराने अखबार इंटरनेट पर देखिएगा। औऱ मैं तो अखबार वालों से विशेष प्रार्थना करता हूं कि जरा उस जमाने की पुराने अखबार निकाल कर देख लीजिए। क्या-क्या बोले थे, क्या-क्या छापा था उन्होंने। आरक्षण और आरक्षण का लाभ लेने वाले एससी, एसटी, ओबीसी के खिलाफ कांग्रेस कैसी भाषा का इस्तेमाल करती है! अब आज जब दलित, हमारे आदिवासी एकजुट हो रहे हैं, तो ये कांग्रेस वाले सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्हें लगता है, अगर पिछड़ा समाज ओबीसी एक हो जाएगा, अगर शेड्यूल कास्ट, एससी, दलित समाज  एक हो जाएगा, एसटी हमारे आदिवासी भाई-बहन एक हो जाएंगे, तो शाही खानदान को कुर्सी कैसी मिलेगी? इसीलिए, काँग्रेस अब दलित, पिछड़ा, आदिवासी को छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखेरने का षड्यंत्र कर रही है। एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाकर दलितों के टुकड़े हो जाएं। आदिवासियों के टुकड़े हो जाएं। ओबीसी के टुकड़े हो जाएं। ऐसा पाप कर्म करने के लिए कांग्रेस एक नया खेल खेल रही है और इसलिए मैं आपको चेतावनी देने आया हूं, मैं आपको जगाने आया हूं कि आपकी एकता बनी है, उससे ये परेशान हैं, इसलिए काँग्रेस चाहती है कि हमारा पाटकर, कासार  से लड़ें। हमारी सुथार जाति, गुरव जाति से भिड़ जाए। लेवे गुजर जाति, निलगा जाति से लड़ें। कांग्रेस चाहती है, खटिक जाति और लोधा में टकराव हो जाए। ओबीसी समाज एकजुट नहीं रहेगा, जातियों में बंटेगा, तभी काँग्रेस को ऑक्सिजन मिलेगी! क्या आप दलित, पिछड़ा को बांटकर कमजोर बनाने की काँग्रेस की ये साज़िश, मैं जरा आप से जानना चाहता हूं, क्या ये साजिश को कामयाब होने देंगे आप? पूरी ताकत से बताइए होने देंगे। काँग्रेस के खतरनाक मंसूबों को फेल करने के लिए हमें क्या करना है? हमें एक रहना है, एकजुट रहना है। और इसलिए मेरा आपसे एक ही आग्रह है कि हम एक हैं तो सेफ हैं। हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। 

साथियों,

महाराष्ट्र का ये चुनाव महायुति के ट्रैक रेकॉर्ड और महाअघाड़ी के झूठे टेप रेकॉर्ड के बीच हो रहा है। हमारा ट्रैक रेकॉर्ड, यानी महायुति के विकास का रोडमैप! और टेप रेकॉर्ड, यानी काँग्रेस की वही पुरानी झूठ की दुकान! इन चुनाव में ये लोग अफवाहों का वही टेप रेकॉर्ड बजाते रहते हैं। इन्होंने यही टेप रेकॉर्ड हरियाणा में बजाया था। लेकिन, वहाँ की जनता ने इन्हें बराबर पहचान लिया, उन्हें पूरी तरह नकार दिया। और मैं झारखंड जाकर आया हूं, महाराष्ट्र के कोने-कोने में जाकर आया हूं। इस चुनाव में झारखंड में भी और महाराष्ट्र में भी ये शाही परिवार के सारे चेले-चपाटे सब जनता घर भेज देने वाली है। बस हमें सावधानी बरतनी है, एक बनकर के आगे बढ़ना है। आज महाराष्ट्र के हर कोने से एक ही आवाज़ आ रही है- महायुतीचीच सरकार पाहिजे, महायुतीचीच सरकार पाहिजे, महायुतीचीच सरकार पाहिजे। मेरा अनुरोध है, आप इस आवाज को मजबूत बनाएँ और महायुति के सभी उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएँ। मैं फिर एक बार इतनी बड़ी तादाद में माताएं बहनें आशीर्वाद देने आई हैं, मैं सिर झुका करके प्रणाम करता हूं। आप इतनी बड़ी तादाद में सबलोग हमें आशीर्वाद देने आए हैं। हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद देने आए हैं। मैं आपका बहुत-बहुत अभारी हूं। मेरे साथ बोलिए, पूरी ताकत से हाथ ऊपर करके बोलिए। 

भारत माता की जय 

भारत माता की जय 

भारत माता की जय 

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।