भारत माता की 'जय'!

अमेरिका में बसे हुए मेरे प्‍यारे भाईयों और बहनों!

आज इस समारोह में विशेष रूप से उपस्थित अमेरिका की राजनीति के सभी श्रेष्‍ठ महानुभाव और भारत में भी टीवी और इंटरनेट के माध्‍यम से कार्यक्रम को देख रहे सभी भाईयों-बहनों!

आज कई लोग इस सभागृह में पहुंच नहीं पाएं है, वो बाहर खड़े हैं, उनका भी मैं स्‍मरण करता हूं। आप सब को नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

नवरात्रि का पर्व, ये शक्ति उपासना का पर्व है। नवरात्रि का पर्व शुद्धिकरण का पर्व है। नवरात्रि का पर्व समर्पण भाव को अधिक तीव्र बनाने का पर्व है। ऐसे पावन पर्व पर मुझे आप सबसे मिलने का अवसर मिला है, मैं बहुत भाग्‍यशाली हूं कि मेरे देशवासी, जिन्‍होंने हजारों मील दूर यहां रहकर के भारत की इज्‍जत को बढ़ाया है। भारत की आन-बान-शान को बढ़ाया है। वरना एक जमाना था, हमारे देश को सांप-सपेरों वालों का देश माना जाता था। अगर आप न होते, हमारे देश की युवा पीढ़ी न होती, Information Technology के क्षेत्र में आप लोगों ने जो कमाल करके दिखाया है, वो न होता तो आज भी दुनिया शायद हमें सांप-सपेरों का ही देश मानती।

मैं कुछ वर्ष पहले ताइवान गया, तब तो मैं मुख्‍यमंत्री नहीं था, प्रधानमंत्री नहीं था। एक Interpreter मेरे साथ था। कुछ दिन साथ रहने के बाद परिचय हो गया। एक दिन वो मुझे पूछता है कि आपको अगर बुरा न लगे तो मैं आपको एक सवाल पूछना चाहता हूं। मैंने कहा मुझे बुरा नहीं लगेगा, पूछिए क्‍या पूछना चाहते हैं। उसने बोला, आपको बुरा नहीं लगेगा न! मैंने कहा नहीं लगेगा, पूछिए क्‍या पूछना चाहते हैं। फिर भी वो झिझक रहा था। फिर उसने कहा कि मैंने सुना है कि भारत में तो काला जादू होता है, Black Magic होता है। सांप-सपेरे का देश है। लोग सांप को ही खेल करते रहते हैं, यही है क्‍या? मैंने कहा नहीं! हमारे देश का अब बहुत Devaluation हो गया है। मैंने कहा हमारे पूर्वज तो सांप के साथ खेलते थे, लेकिन हम Mouse के साथ खेलते हैं। हमारे नौजवान Mouse को घुमाते हैं, सारी दुनिया को डुलाते हैं।

आप सबने अपने व्‍यवहार के द्वारा, अपने संस्‍कारों के द्वारा, अपनी क्षमता के द्वारा अमेरिका के अंदर बहुत इज्‍जत कमाई है। आपके माध्‍यम से, न सिर्फ अमेरिका में, बल्कि अमेरिका में बसने वाले और देशों के लोगों के कारण भी, दुनिया में भी भारत के लिए एक सकारात्‍मक पहचान बनाने में आपकी बहुत बड़ी अहम भूमिका रही है। भारत में अभी-अभी चुनाव हुए। आपमें से बहुत लोग होंगे जिनको चुनाव में मतदान करने का सौभाग्‍य नहीं मिला। लेकिन आप सभी होंगे, जिस दिन नतीजे आए होंगे, आप सोये नहीं होंगे।

यहां एक भी व्‍यक्ति ऐसा नहीं होगा जो उस रात सो पाया होगा। जितना जश्‍न हिन्‍दुस्‍तान मना रहा था, उससे भी कई गुणा ज्‍यादा जश्‍न दुनिया भर में फैला हुआ भारतीय समाज मना रहा था। आपमें से बहुत सारे लोग भारत के चुनाव अभियान के साथ जुड़े थे, वो आए थे, अपना समय दिया था। मैं उनको मिल कर Thanks भी नहीं कह पाया था। आज, मैं सबको Thanks कहता हूं, रूबरू आकर कहता हूं कि आप आए, हिन्‍दुस्‍तान के गांवों में महीनों तक रहे। भारत के लोकतंत्र में एक अभूतपूर्व विजय की घटना घटी। इसे चरितार्थ करने में आपका योगदान रहा।



30 साल के बाद! आप लोग 30 साल के बाद से परिचित हैं। 30 साल के बाद भारत में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी। ये चुनाव नतीजे, हिन्‍दुस्‍तान के किसी Political पंडित के गले ये परिणाम नहीं उतरते थे। Opinion Makers भी Opinion बनाने में असफल रहे। हिन्‍दुस्‍तान के गांव, गरीब, अनपढ़ लोगों ने Opinion Maker का Opinion बना दिया। गरीब से गरीब व्‍यक्ति की भी लोकतंत्र में कितनी निष्‍ठा है, लोकतंत्र में उसकी कितनी अहमियत है, इसका उदाहरण, ये भारत के चुनाव ने बताया है। लेकिन चुनाव जीतना, वो सिर्फ पद ग्रहण नहीं होता। चुनाव जीतना, वो किसी कुर्सी पर विराजने का कार्यक्रम नहीं होता। चुनाव जीतना, एक जिम्‍मेदारी होती है।

जब से मैंने इस कार्य का दायित्‍व संभाला है, 15 मिनट भी vacation नहीं लिया। हम एक भी vacation नहीं लेंगे और मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं। हिंदुस्‍तान में आपने मुझे जो दायित्‍व दिया है, देशवासियों ने जो दायित्‍व दिया है, हम ऐसा कभी कुछ भी नहीं करेंगे, जिनके कारण आपको नीचा देखने की नौबत आए। हमारे देश में एक ऐसा उमंग और उत्‍साह का माहौल है। देश के लोग बदलाव चाहते हैं। देश बदलाव चाहता है। विश्‍व जिस प्रकार से आर्थिक गतिविधियों से आगे बढ़ रहा है, भारत का गरीब से गरीब व्‍यक्ति भी कहने लगा है, कब तक ऐसे जियेंगे। बदलाव चाहता है, और मेरे सारे देशवासियों, मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं, भारत की आर्थिक स्थिति को बदलने में, भारत के सामाजिक जीवन में सामर्थ देने में, भारत के व्‍यक्तिगत जीवन में quality of life के लिए आपने जिस सरकार को चुनाव है, वह कोई कमी रखेगी।

मैं इस बात को भली-भांति जानता हूं कि यहां बैठे हुए आप सब के मन में भी भारत के लिए वर्तमान सरकार से अनेक-अनेक अपेक्षाएं हैं। भारत के नागरिकों के मन में भी भारत के लिए वर्तमान सरकार से अनेक-अनेक अपेक्षाएं हैं। लेकिन मैं विश्‍वास से कह सकता हूं, ये सरकार अपने कार्यकाल के दरम्यान जन सामान्‍य की आशा-आकांक्षाओं को पूर्ण करने में शत-प्रतिशत सफल होगी।

जब मैं गुजरात का मुख्‍यमंत्री था तो एक बार मैंने एक कार्यक्रम में कहा था, मैंने कहा- जिसको हिंदुस्‍तान वापस आना है, जल्‍दी आइए, देर मत कीजिए।तब मुझे पता नहीं था कि ये दायित्‍व मेरे जिम्‍मे आपने वाला है लेकिन अब यहां रहने वाला हर व्‍यक्ति, कितने ही सालों से अमेरिका में बसा हो अब उसको भी लगने लगा है, एक पैर तो हिंदुस्‍तान में रखना ही चाहिए। मेरे प्‍यारे देशवासियों, सारा विश्‍व इस बात में convince है कि 21वीं सदी एशिया की सदी हैं। अमेरिका के भी गणमान्‍य राजनेताओं ने पब्लिकली ये कहा है कि 21वीं सदी, कोई कहता है एशिया की सदी है, कोई कहता है हिंदुस्‍तान की सदी है।

ऐसे ही नहीं कहा जाता है, भारत के पास वो सामर्थ्‍य है, वो संभावनाएं है, और अब संजोग भी है। इसलिए आप कल्‍पना कीजिए, आज हिंदुस्‍तान दुनिया का सबसे नौजवान देश है। दुनिया की सबसे पुरातन संस्‍कृति वाला देश और दुनिया का सबसे नौजवान देश। एक ऐसा अद्भुत मिलन है, ऐसा अद्भुत संयोग पैदा हुआ है, आज भारत में 65% population 35 age group से नीचे है। 35 से कम आयु के 65% जिस देश के पास नौजवान हो, जिसके पास ऐसी सामर्थ्‍यवान भुजाएं हों, जिसकी अंगुलियों में कंप्‍यूटर के माध्‍यम से दुनिया से जुड़ने की ताकत पड़ी हो, जिस देश का नौजवान अपने सामर्थ से अपना भविष्‍य बनाने के लिए कृत संकल्‍प हो, उस देश को पीछे मुड़कर के देखने की आवश्‍यकता नहीं है।

निराशा का कोई काम नहीं है साथियों। मैं बहुत विश्‍वास के साथ कहता हूं, ये देश बहुत तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। इन नौजवानों के सामर्थ से आगे बढ़ने वाला है। भारत के पास तीन ऐसी चीजें हैं आज जो दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। लेकिन हमारा दायित्‍व बनता है कि हमारी इन तीन शक्तियों को हम पहचानें। हमारी इन तीन शक्तियों को विश्‍व के सामने प्रस्‍तुत करें। हमारी इन तीन शक्तियों को एक-दूसरे के साथ जोड़कर के mobilise करें, तीव्र गति से आगे बढ़े।

वो तीन चीजें हैं, जब सवा सौ करोड़ देशवासियों ने आर्शीवाद दे दिया तो वो ईश्‍वर का ही आर्शीवाद होता है। जनता जनार्दन ईश्‍वर का रूप होता है। जनता जनार्दन वो भगवान का रूप होता है और जब जनता जनार्दन का आर्शीवाद होता है तो वह स्‍वयं परमात्‍मा का आर्शीवाद होता है। वो तीन चीजें, जिसके लिए भारत गर्व कर सकता है और जिसके आधार पर भारत आगे बढ़ सकता है।

एक डेमोक्रेसी, लोकतंत्र। ये हमारी सबसे बड़ी ताकत है, सबसे बड़ी पूंजी है। मैं देख रहा था, जब चुनाव अभियान, मई महीने की भयंकर गर्मी। बदन पर कपड़े ना हो, ऐसा गरीब व्‍यक्ति भी जनसभाओं में सुनने के लिए पहुंचाता था, उस आशा के साथ पहुंचता था। यही लोकतंत्र है, जिस लोकतंत्र के माध्‍यम से आशा आकाक्षाओं को पूर्व करता है। भारत में लोकतंत्र सिर्फ व्‍यवस्‍था नहीं है। भारत में लोकतंत्र आस्‍था है। आस्‍था है, विश्‍वास है।

दूसरी ताकत है Demographic Dividend. जिस देश के पास 35 से कम उम्र के 65 प्रतिशत नौजवान हों, इससे बड़ा इस देश को और क्‍या चाहिए! इससे बड़ी क्‍या सम्‍पदा हो सकती है! और तीसरी बात, demand. पूरा विश्‍व भारत की तरफ नज़र कर रहा है। क्‍यों! क्‍योंकि उसे मालूम है सवा सौ करोड़ का देश है, बहुत बड़ा बाजार है, बहुत ज्‍यादा demand है। ये तीनों चीज़ें किसी एक देश के पास हो, ऐसा आज दुनिया में कहीं नहीं है। इसी सामर्थ्‍य के आधार पर, इसी शक्ति के भरोसे भारत नई ऊंचाईयों को पार करेगा, ये मेरा विश्‍वास है।

अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। सारी दुनिया के लोग अमेरिका में आ करके बसे हैं और भारत के लोग सारी दुनिया में जा करके बसे हैं। दुनिया का कोई कोना नहीं होगा जहां आपको भारतीय न मिले। अमेरिका का कोई शहर ऐसा नहीं है जहां दुनिया का कोई नागरिक न मिले। कितनी मिली-जुली बातें हैं! और इसलिए भाईयों-बहनों! भारत आने वाले दिनों में ……मेरा स्‍पष्‍ट मत रहा है कि सरकारें विकास नहीं कर पाती है। सरकार ज्‍यादा से ज्‍यादा अपनी स्‍कीम लागू कर सकती है। रोड बना लेगी, अस्‍पताल बना लेगी, स्‍कूल बना लेगी। उसकी बजट की सीमाएं होती हैं। विकास तब होता है जब जन-भागीदारी होती है। दुर्भाग्‍य से अब तक हमारे देश में सरकारों ने development का ठेका लिया था। हमने, development की जिम्‍मेदारी, मिलजुल कर सवा सौ करोड़ देशवासी और सरकार मिल करके करेंगे, ये रास्‍ता हमने अपनाया।

हमारे देश में एक और दिक्‍कत है.. और अगर देश को प्रगति करनी है तो सरकार का दायित्‍व बनता है- Good Governance. आप लोग भी.. आपकी क्‍या शिकायत होती होगी- यही न कि साहब, airport पर उतरे थे.. ऐसा हुआ; Visa लेने गए थे.. पता नहीं । भले ही मैं हज़ारों मील दूर रहता हूं आपसे, लेकिन आपके दर्द को भी भलीभांति जानता हूं। आपकी पीड़ा को मैं भलीभांति जानता हूं और इसलिए भाईयो-बहनों! हमारी ये कोशिश है कि हम विकास को एक जन-आंदोलन बनाएं और जब मैं विकास को जन-आंदोलन बनाने की बात कहता हूं….!

हम लोग आज़ादी के इतिहास से भलीभांति परिचित हैं। अंग्रेज़ लोग हमारे देश में शासन करते थे, उसके पहले कई लोगों ने हमारे देश पर शासन किया। करीब हज़ार 12 सौ साल तक हम गुलाम रहे, लेकिन अगर इतिहास देखेंगे, हर समय कोई न कोई ऐसा महापुरूष मिला है, जिसने देश के लिए बलिदान दिया है। आप सिक्‍ख परम्‍परा के सभी गुरूओं के नाम लो, एक के बाद एक! देश के लिए कितना बलिदान! भगत सिंह त‍क उस परम्‍परा को देखिए। आज भी सीमा पर हमारे सरदार देश के लिए जीने-मरने को तैयार होते हैं।

हर युग में, हर युग में महापुरूषों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं। लेकिन! वो बलिदान देते थे, फांसी पर चढ़ जाते थे, विदेशियों की गोलियों का शिकार हो जाते थे। फिर कोई नया पैदा होता था, फिर वो कुछ करता था, फिर वो खत्‍म होता था, फिर कोई तीसरा पैदा होता था। मरने वालों की संख्‍या कम नहीं थी, लेकिन वो अकेला आता था देश के लिए जी-जान से लड़ जाता था, शहीद हो जाता था। पांच-पचास अपने यार-दोस्‍तों की टोली ले करके लड़ पड़ता था। लेकिन महात्‍मा गांधी जी ने क्‍या किया!

महात्‍मा गांधी जी ने आज़ादी को जन-आंदोलन बना दिया। कोई खादी पहनता है, तो आज़ादी के लिए पहनता है, कोई किसी बच्‍चे को पढ़ाता है तो आज़ादी के लिए पढ़ाता है, कोई किसी भूखे को खाना खिलाता है तो आज़ादी के लिए खिलाता है, कोई सफाई करता है, झाडू लगाता है तो आज़ादी के लिए। उन्‍होंने हर व्‍यक्ति को उसकी क्षमता के अनुसार, ये दिशा दी, ये सामर्थ्‍य दिया और हर हिन्‍दुस्‍तानी को लगने लगा कि मैं भी आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा हूं। ये महात्‍मा गांधी का सबसे बड़ा contribution था।

आज़ादी की जंग में पूरे हिन्‍दुस्‍तान को, हर नागरिक को अपने काम के माध्‍यम से ही.. ये मैं देश के लिए करता हूं ये भाव जगा करके आज़ादी के आंदोलन को एक नई ताकत दी थी। भाईयों-बहनों! जिस प्रकार से आज़ादी का आंदोलन एक जन-आंदोलन था, वैसे ही विकास.. ये जन-आंदोलन बनना जरूरी है। हिन्‍दुस्‍तान के सवा सौ करोड़ देशवासियों को लगना चाहिए कि मैं बच्‍चों को अच्‍छी तरह शिक्षा देता हूं, मैं भले ही शिक्षक हूं, मैं देश की सेवा कर रहा हूं, मैं प्रधानमंत्री से भी अच्‍छा काम कर रहा हूं। एक सफाई करने वाला सफाई कर्मचारी होगा, वो अच्‍छी सफाई करता है, क्‍यों! क्योंकि मेरे देश के शान बान के लिए काम करता हूं। यहां गंदगी नहीं होनी चाहिए। यह देश सेवा होगी। एक डाक्‍टर भी गरीब परिवार के मरीज की सेवा करेगा, और सेवाभाव से करेगा। गरीब की जिंदगी भी मूल्‍यवान होती है और वह डॉक्‍टर भी राष्‍ट्रभक्ति के लिए काम करता है।

मेरी कोशिश यह है कि विकास एक जन आंदोलन बने। सवा सौ करोड़ देशवासी, ये विकास के जन आंदोलन का हिस्‍सा बने। और हर कोई, जो भी करता है, मैं देश के लिए करूं। मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा, जिसके कारण मेरे देश को नुकसान हो, ये भाव मुझे जगाना है। और मुझे विश्‍वास है और मुझे विश्‍वास है कि फिर एक बार वो दिन आए। फिर एक बार माहौल बना है, हर कोने में हिन्दुस्तानी को लगता है कि अब देश को आगे ले जाना है। इसी सवा सौ करोड़ देशवासियों की इच्‍छाशक्ति, यही मेरा संबल है, यही मेरी ताकत है। इसी पर मेरा भरोसा है, जिसके कारण 21वीं सदी का नेतृत्‍व हिंदुस्‍तान के करने की पूरी संभावना है।

हमारे नौजवान, आने वाले दिनों में, आप लोग जो पढ़ते होंगे, उनको पता होगा, 2020 के समय आते-आते दुनिया में इतनी बड़ी मात्रा में वर्ककोर्स की जरूरत पड़ने वाली है। इनके यहां सब बूढ़े-बूढ़े सब लोग होंगे। दुनिया के पास काम करने वाले लोग नहीं होंगे। हम पूरी दुनिया को workforce supply कर पाएंगे। आज पूरे विश्‍व को नर्सिंग क्षेत्र में इतनी मांग है। अगर भारत से हम नर्सिंग की training करके दुनिया में भेजें तो उनके लिए बहुत बड़ा उपकार है। आज विश्‍व को teachers की मांग है। Maths और Science के teachers नहीं मिलते। क्‍या भारत ये teachers export नहीं कर सकता है। जिस देश के पास नौजवान हो, वह नौजवानों की क्षमता बढ़ा करके, विश्‍व में जिस प्रकार के manpower की जरूरत है, भारत अपनी युवा शक्ति के माध्‍यम से दुनिया में छा जाने की ताकत रखता है। दुनिया में जगह बनाने की ताकत रखता है।

भारत के नौजवानों का talent, दुनिया को उसका लोहा मानना पड़ेगा मेरे भाइयों-बहनों। आप लोगों ने यहां आकर के क्‍या कमाल नहीं किया है। आखिरकर जो अनाज खाकर के आप आए हैं, जो पानी पीकर के आप आए हैं, वही तो अनाज-पानी हम भी तो खा रहे हैं। अगर आप कर सकते हैं तो हम क्‍यों नहीं कर सकते? हम भी कर सकते हैं। talent देखिए इस देश की।

आपको अहमदाबाद में अगर एक किलोमीटर ऑटो रिक्‍शा में जाना है तो करीब 10 रुपये खर्च होते हैं। एक किलोमीटर अगर ऑटो रिक्‍शा में जाना है तो 10 रुपए खर्च होते हैं। भारत के talent का कमाल देखिए 650 million किलोमीटर, 65 करोड़ किलोमीटर Mars की यात्रा की हमने और सारा Indigenous, छोटे-छोटे कारखानों में पुर्जें बने थे, उसको इकट्ठा करके Mars का प्रयोग किया गया। अहमदाबाद में 1 किलोमीटर ऑटो रिक्‍शा में जाना है तो 10 रुपये लगते हैं, हमें मार्स पर पहुंचने में सिर्फ 7 रुपये लगे एक किलोमीटर पर। 7 रुपये में 1 किलोमीटर, यह हमारी talent नहीं है तो क्‍या है। यह हमारे नौजवानों का सामर्थ्‍य नहीं है तो क्‍या है? इतना ही नहीं, दुनिया में हिंदुस्‍तान पहला देश है जो पहले ही प्रयास में Mars पर पहुंचने में सफल हुआ है।

अमेरिका और भारत सिर्फ नीचे ही बात कर रहे हैं, ऐसा नहीं है, Mars में भी बात कर रहे हैं। 22 तारीख को अमेरिका पहुंचा, 24 को हम पहुंच गए और इतना ही नहीं, हॉलीवुड की फिल्‍म बनाने का जितना बजट होता है, उससे कम बजट में Mars पर पहुंच गया।

जिसके पास ये talent हो, जिस देश के पास ये सामर्थ्‍य हो, वह देश कई नई ऊंचाइयों को पार कर सकता है और उसको पार करने के लिए हमने एक बीड़ा उठाया है, Skill Development। हमारे नौजवानों में, उसके हाथ में हुनर हो, काम करने का अवसर हो, तो एक आधुनिक हिंदुस्‍तान खड़ा करने की उसकी ताकत होती है। इसलिए Skill Development पर हमने बल दिया है। नई सरकार बनने के बाद Skill Development के लिए अलग ministry बना दी गई है। और पूरी शक्ति और हम इसमें दुनिया के देशों के अनुभव को भी share करने वाले हैं। हम उनको निमंत्रण देने वाले है, आइए, Skill Development में हमारे साथ जुडि़ये। विश्‍व की Skill Universities हैं, आए, हमारे साथ जुड़े। हम इस प्रकार का Skill Development करना चाहते हैं, जिसमें हमारे दो इरादे है। एक वो Skill Development जो लोग तैयार होकर के Job Creator बने, दूसरा वो जिनकी Job Creator बनने की संभावना नहीं है, पर Job पाने के लिए पहली पसंद में पसंद हो जाए, उस प्रकार का वो नौजवान तैयार हो।

हमारे यहां कुछ वर्षों पहले बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण हुआ था, Nationalisation हुआ था बैंकों का। इस इरादे से हुआ था कि गरीब से गरीब व्‍यक्ति को, भारत की जो मुख्‍य धारा है आर्थिक, बैंकिंग क्षेत्र, Financial क्षेत्र, उसका उन्‍हें सदभाग्‍य मिला और बहुत बड़ा राजनीतिक एजेंडा बन गया था। जो लोग 70’s के इतिहास के कालखंड को जानते होंगे, उनको मालूम होगा। देखिए हुआ क्‍या, इतनी सारी बैंक होने के बाद भी भारत में 50% परिवार ऐसे हैं, जिनका बेचारों को बैंक में खाता ही नहीं है और उसके कारण वह साहूकार से ब्‍याज पर पैसे लेता है। गरीब आदमी को साहूकार कैसे लूटता है, आपको मालूम है।

मेरे गौरा समाज के लोग यहां बैठे है, उनको पता है। क्‍या सरकारी खजाना गरीबों की भलाई के लिए नहीं उपयोग होना चाहिए? क्‍या सरकारी खजाना सिर्फ अमीरों के लिए होना चाहिए। इसलिए हमने एक आते ही प्रधानमंत्री जनधन योजना को लांच किया और मैं आज बड़े गर्व के साथ कहता हूं। सरकार चलती है, इसका सबूत क्‍या है? सिर्फ दो सप्‍ताह के भीतर भीतर 4 करोड़ परिवारों के खाते खोलने में ये बैंक वाले घर-घर गए थे। आपने कभी सोचा है कि बैंक वाला आपके घर आए। पोस्‍ट वाला तो आता है बेचारा, बैंक वाला कभी नहीं आता है। स्थिति बदली जा सकती है, लोगों को Motivate किया जा सकता है और परिणाम प्राप्‍त किया जा सकता है।

हमने यह कहा था कि zero-balance से account खोला जाएगा। लेकिन मेरे देश के नागरिकों की ईमानदारी देखिए! मोदी ने भले ही कहा कि जीरो बैलेंस से अकांउट खोलूंगा लेकिन इन नागरिकों ने 15 सौ करोड़ रुपया बैंक में जमा करवाया। अब मुद्दा इस बात का है कि गरीब से गरीब व्‍यक्ति भी देश के विकास में अपनी भागीदारी को किस प्रकार से करता है उसका ये जीता-जागता उदाहरण है। यही चीज़ें हैं जो बदलाव लाती है।

भारत के पास बहुत संभावनाएं हैं। मैंने अभी एक कार्यक्रम launch किया है और पूरे विश्‍व को निमंत्रण देता हूं, मैं यहां बैठे हुए आपको भी निमंत्रण देता हूं। मेरा निमंत्रण इस बात के लिए है- Make In India. अगर आज, आपको Human Recourses चाहिए, आपको Effective Governance चाहिए, अगर आपको Low Cost Production चाहिए तो भारत से बड़ी कोई अवसर की जगह नहीं हो सकती भाईयों! हम इस पर बल दे रहे हैं और ‘Make in India’ के लिए…..!

आखिरकार बाहर से आते समय लोग क्‍या कहते है.. कि साहब, आते तो हैं लेकिन सरकार में इतने धक्‍के खाने पड़ते हैं, इधर जाएं, उधर जाएं। अब मैं आपको कहता हूं- वो दिन चले गए। Online सारी व्‍यवस्‍था है और इस ‘Make In India’ Campaign से तो आप अपने मोबाइल फोन से सरकार के साथ जुड़ सकते हैं, यहां तक उसको Develop किया है। आप अपना application, अपनी बातें, अपनी requirement मोबाइल फोन के जरिए भारत सरकार को दे सकते है।

यहां जो नौजवान हैं, जो देश के लिए कुछ करना चाहते हैं, यहां जो पहली पीढ़ी के लोग हैं, जो बुर्जुग लोग हैं, जिनके मन में है कि देश के लिए कुछ करना है उनसे मैं आग्रह करता हूं कि मेरी एक Website है- www.mygov.in उसमें मैंने आपके सुझावों के लिए, आप अगर जुड़ना चाहते हैं, उसके लिए बहुत अच्‍छी व्‍यवस्‍था रखी है। मैं चाहता हूं कि आज इसको आज, यहां से जाने के बाद आप चेक किजिए और देखिए कि आप कहां मेरे साथ जुड़ सकते हैं। आप आईये। भारत का भाग्‍य बदलने के लिए हम सब की इच्‍छा है। आप उसके साथ जुडि़ए। Technology का सर्वाधिक प्रयोग करके हम अपनी ताकत का परिचय कर सकते हैं, हम अपनी ताकत का Contribution भी कर सकते हैं।

‘Make in India’, ease of business. हमारे यहां पहली जो सरकारें थी वे इस बात का गर्व करती थीं कि हमने ये कानून बनाया, हमने वो कानून बनाया, हमने फलाना कानून बनाया, हमने ढिकाना कानून बनाया। आपने पूरे चुनाव के Campaign में देखा होगा, यही बातें चलती थीं। हमने ये कानून बनाया, हमने वो कानून बनाया। मैंने काम दूसरा शुरू किया है। मैंने, कानून जितने पुराने हैं, बेकार कानून हैं, सबको खत्‍म करने का काम शुरू किया है। इतने out-dated कानून! ऐसा कानूनों का जाल! कोई भी व्‍यक्ति बेचारा एक बार अंदर गया तो बाहर नहीं निकल सकता। मैंने Specially Expert लोगों की कमेटी बनाई है, उनको कहा है- निकालो! अगर हर दिन एक कानून मैं खत्‍म कर सकता हू्ं तो मुझे सबसे ज्‍यादा आनंद होगा।

अगर Good Governance की बात मैं बात करता हूं तो Governance easy हो, effective हो और Governance जन-सामान्‍य की आशाओं, आकांक्षाओं की पूर्ति लिए होना चाहिए, उस पर हम बल दे रहे हैं।

आपने अखबारों में पढ़ा होगा। अखबारों में छपता था कि आजकल दिल्‍ली में सरकारी अफसर समय पर दफ्तर पहुंचते हैं। अब मुझे बताइये भइया, कि ये कोई न्‍यूज़ है क्‍या! लेकिन हमारे देश में ये खबर थी सरकारी अफसर समय पर दफ्तर जाते हैं। ये समाचार मुझे इतनी पीड़ा देते थे कि क्‍या समय पर जाना जिम्‍मेदारी नहीं है क्‍या? ये कोई खबर होती है क्‍या! लेकिन हालात ऐसे बने हुए थे।

इन दिनों मैंने एक अभियान चलाया है- सफाई का अभियान। मैं जानता हूं आपको, सबको ये प्रिय होगा। लोगों को लगेगा कि प्रधानमंत्री को तो कितने बड़े-बड़े काम करने चाहिए। ये काम कोई प्रधानमंत्री के करने के काम हैं! भाईयों मैं नहीं जानता कि करने वाले काम हैं या नहीं लेकिन मैंने तय किया है कि टॉयलेट बनाने का काम करुंगा।

कभी-कभी लोग मुझसे पूछते हैं- मोदी जी बड़ा vision बताओ ना! बड़ा vision! मैंने उनको कहा देखिए, मैं चाय बेचते-बेचते यहां आया हूं। मैं एक बहुत ही छोटा इंसान हूं। मैं बहुत ही सामान्य इंसान हूं। मेरा बचपन भी ऐसा ही बीता है और छोटा हूं इसलिए मेरा मन भी छोटे-छोटे काम करने में लगता है। छोटे-छोटे लोगों के लिए काम करने में मेरा मन लगता है। लेकिन छोटा हूं इसलिए छोटे-छोटे लोगों के लिए बड़े-बड़े काम करने का इरादा रखता हूं।

अब देखिए हमारे देश में, गंगा.. आप मुझे बताइए आप में से कोई ऐसा होगा जिसके मन की यह इच्छा नहीं होगी कि अपने मां-बाप को कभी न कभी तो गंगा स्नान के लिए ले जाए। हर एक के मन की यह इच्छा रही होगी। लेकिन जब पढ़ता है कि गंगा इतनी मैली हो गई है, उसको लगता है कि……!

आप मुझे बताइए भैया, हमारी गंगा शुद्ध होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए गंगा? गंगा साफ होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए। सफाई में सारे देशवासियों को मदद करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए। आप लोगों के भी गंगा सफाई में मेरी मदद करनी है कि नहीं करनी है। पक्का करोगो?

भाइयों-बहनों, हजारों करोड़ रुपए अब तक खर्च हो चुके हैं। मैंने जब ये बात उठाई तो लोग कहते हैं मोदी जी आप अपने आप को मार रहे हो। ऐसी चीजों को क्यों हाथ लगाते हो? अगर सरल चीजों को हाथ लगाना होता तो लोग मुझे प्रधानमंत्री नहीं बनाते। मुश्किल कार्यों को तो हाथ लगाने के लिए ही तो मुझे बनाया है। मेरी सवा सौ करोड़ देशवासियों की गंगा के प्रति जो आस्था है, उस आस्था में मेरी भी आस्था है और गंगा की सफाई, ये आस्था से जुड़ा हुआ विषय तक सीमित नहीं है।

आज दुनिया में climate को लेकर जितनी चिंता होती है, पर्यावरण को लेकर के जितनी चिंता होती है, उस दृष्टि से भी गंगा की सफाई आवश्यक है। इतना ही नहीं, गंगा के किनारे की जो आवस्था है, उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश है, बिहार हो, बंगाल हो। करीब-करीब भारत की 40 प्रतिशत जनसंख्या की आर्थिक गतिविधि ये गंगा मैया पर निर्भर है। अगर वह गंगा फिर से प्राणवान बनती है, सामर्थवान बनती है, तो मेरे सारे 40 प्रतिशत जनसंख्या वहां का किसान होगा, वहां का कारीगर होगा, उनकी जिदंगी में बदलाव आएगा और इसलिए यह एक बहुत बड़ा economic agenda भी है ये।

150 वर्ष हो रहे हैं महात्मा गांधी को, 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती आ रही है। महात्मा गांधी ने हमें आजादी दी, हमने महात्मा गांधी क्या दिया। मुझे बताइए, ये सवाल हमें, हर हिंदुस्तानी को पूछना चाहिए कि नहीं पूछना चाहिए। जिस गांधी ने हमें आजादी दी, उस गांधी को हमने क्या दिया। कभी गांधी मिल जाएंगे, जब पूछेंगे तो जवाब कुछ दे पाएंगे क्या? और इसलिए 2019 में जब महात्मा गांधी के 150 वर्ष पूरे हों, तब पूरा भारत ये संकल्प करे, हम महात्मा गांधी को जो सबसे प्रिय जो चीजें थी, वह दें।

एक उनको प्रिय था हिंदुस्तान की आजादी और दूसरा उनको प्रिय था सफाई। गांधी जी स्वच्छता में कभी Compromise नहीं करते थे। बड़े अडिग रहते थे। गांधीजी ने हमें आजादी दिलाई थी। भारत मां को गुलामी की जंजीरों से मुक्त किया। क्या भारत मां को गंदगी से मुक्त करना, यह हमारी जिम्मेवारी है या नहीं है। क्या हम 2019 में जब गांधीजी की 150 वीं जयंती आए, तब महात्मा गांधी के चरणों में स्वच्छ-साफ हिंदुस्तान उनके चरणों में दे सकते हैं कि नहीं दे सकते हैं? जिस महापुरुष ने हमें आजादी दी, उस महापुरुष को हम ये दे सकते हैं कि नहीं दे सकते हैं? देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए? ये जिम्मेदारी उठानी चाहिए कि नहीं उठानी चाहिए? अगर एक बार सवा सौ करोड़ देशवासी तय कर लें कि मैं गंदगी नहीं करुंगा, तो दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो हिंदुस्तान को गंदा कर सकती है।

सन 2022 में हमारी आजादी के 75 साल होंगे। हमारे यहां जब 75 साल होते हैं जीवन में, बड़ा महत्व होता है। भारत की परंपरा में 75 साल बड़े महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आजादी के 75 साल कैसे मनाएं जाए। अभी से तैयारी क्यों न करें? हमारे मन में एक सपना है और आप सबके आशीर्वाद से वह सपना पूरा होगा। मेरे मन में सपना है, मेरे मन में सपना है कि 2022 में, जब भारत के 75 साल हो तब तक हमारे देश में कोई परिवार ऐसा न हो, जिसके पास रहने के लिए अपना घर न हो। ये ऐसी छोटी-छोटी बातें मैं आपसे बता रहा हूं, लेकिन यही छोटी-छोटी बातें हैं, जो भारत का भाग्य बदलने वाली हैं और भाग्य बदलने के काम में हम सब मिल कर के जुड़े हैं।

2015, अगला वर्ष, बड़ा महत्वपूर्ण वर्ष है। आप सब प्रवासी भारतीय हैं, क्योंकि आप भारत से बाहर आए हैं, आपकी तरह एक M K Gandhi भी थे, मोहनदास करमचंद गांधी। ये भी प्रवासी भारतीय थे। महात्मा गांधी जनवरी 1915 में भारत वापस आए थे। जनवरी 2015 गांधी के भारत आने के 100 साल हो रहे हैं। 8-9 जनवरी, हिंदुस्तान में प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। आप में से कई लोग उसमें आते हैं। इस बार प्रवासी भारतीय दिवस अहमदाबाद में होने वाला है। महात्मा गांधी के भारत आने को शताब्दी हो रही है, इसलिए हर प्रवासी भारतीय, जो कि हिंदुस्तान से बाहर गया है…… महात्मा गांधी, विदेश गए, बैरिस्टर बने, सुख-वैभव की पूरी संभावनाएं थीं। लेकिन देश के लिए जीना पसंद किया।

मैं आपसे अनुरोध करता हूं, उन सबसे प्रेरणा लेकर के आइए, हम भी अपने वतन का, अपनी मातृभूमि का, जिस धरती पर जन्म लिया, उसका कर्ज चुकाने के लिए अपनी तरफ से कोई न कोई प्रयास करें। अपने हिसाब से कोई न कोई कोशिश करें।

कुछ बातें मुझे कहनी हैं आप लोगों से , प्रधानमंत्री बनने के बाद कुछ बातें मेरे मन में आई हैं, उसको ध्यान में रखते हुए कुछ बातें मैं कहना चाहता हूं। एक तो PIO card holder जो हैं, उनकी visa की कुछ समस्याएं हैं। हमने निर्णय लिया है, PIO card holder को आजीवन visa दिया जाएगा। खुश?

उससे भी आगे जो लंबे समय तक हिंदुस्तान रहते हैं, उनको पुलिस थाने जाना पड़ता है। अब उनको पुलिस थाने जाना नहीं पड़ेगा। उसी प्रकार से मुझे बताया गया कि PIO तथा OCI स्कीमों के प्रावधानों में फर्क होने के कारण भारतीय मूल के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर Spouse के भारतीय मूल के न होने पर, कठिनाई और बढ़ जाती है। किसी ने यहां शादी कर ली बेचारा मुसीबत में फंस जाता है। मेरे साथियों मैं आपको खुशखबरी देता हूं कि कुछ ही महीनों में हम PIO तथा OCI schemes मिलाकर के एक बना देते हैं। एक नई scheme, जो कठिनाइयां हैं उनको दूर करके एक नई स्‍कीम आने वाले कुछ ही महीनों में, उसको हम तैयार कर देंगे।

तीसरी बात है.. अभी इंतजार कीजिए, मैं बोल रहा हूं। अमेरिका में हमारे दूतावास और consulate, भारत में पर्यटन की इच्‍छा से आने वाले US Nationals के लिए हम long term visa प्रदान करेंगे। चौथी बात, बिना किसी कठिनाई के अमेरिकी टूरिस्‍ट भारत की यात्रा कर सके, इसके लिए हमने ‘Electronic Travel authorisation’ तथा ‘Visa on arrival’ की सुविधा को बहुत ही निकट भविष्‍य में इसको भी लागू कर देंगे।

इन चीजों को सुनिश्चित करने के लिए सेवाओं की speed भी बढ़े। यहां भारतीयों की संख्या भी बहुत है। अब धन की इतनी मात्रा है कि हर छोटे-मोटे काम में लोग आते जाते रहते हैं। और जो outsourcing service है, वह कम पड़ जाती है, और इसलिए हमने कहा है कि जो outsourcing services हैं, उसका दायरा बढ़ाया जाएगा ताकि आपका ज्यादा समय न जाए, ज्यादा कठिनाइयां न हों और सरलता से आपको visa प्राप्त हो। यह साफ-साफ हमने कहा है। और मुझे विश्वास है कि आपकी जो कठिनाइयां मेरे ध्यान में आई थी, मैंने यहां से आने से पहले ही इस विषय में विस्तार से निर्णय करके इन चीजों को पूरा किया है।

आप इतनी बड़ी संख्या में आए, नवरात्रि के पवित्र त्योहार पर आए। और मैं भी बोलता ही चला जा रहा हूं। घड़ी की ओर नहीं देख रहा हूं।

मैं हृदय से आप सबका बहुत आभारी हूं। आपने मुझे बहुत प्यार दिया है। शायद, शायद मैं पिछले 15 साल से देख रहा हूं, शायद इतना प्यार हिन्दुस्तान के किसी राजनेता को नहीं मिला। मैं आपका बहुत आभारी हूं। मैं, मैं ये कर्ज चुकाउंगा। ये कर्ज चुकाउंगा। आपके सपनों का भारत बना करके कर्ज चुकाउंगा।

हम मिल कर के, हम सब मिल कर के भारत मां की सेवा करें, हमसे जो हो सके, हमारे देशवासियों के लिए करें। अपने वतन के लिए करें। जिस धरती पर जन्म लिया, जिस स्कूल में हमने शिक्षा पाई, इसमें जो हो सकता है, करें। इसी एक अपेक्षा के साथ फिर एक बार हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद।

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
India remains among best-performing major economies: S&P Global

Media Coverage

India remains among best-performing major economies: S&P Global
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
I assure every woman of this nation that every obstacle in the path of women’s reservation will be removed: PM Modi
April 18, 2026
Women may forget everything, but will never forget insult to their pride: PM
Those parties that have opposed the Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment in Parliament are taking women's power for granted: PM
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment was a 'Mahayagya' to empower women of the 21st century : PM
One major reason for opposition to Nari Shakti Vandan Adhiniyam by dynastic parties is their fear : PM
The blessings of the country's 100 percent Nari Shakti are with us: PM
We will remove every obstacle coming in the way of women's reservation: PM
Snatching away women's rights, these people were thumping the tables ; That was an assault on the dignity of women, on their self-respect: PM
For opposing women’s reservation, the opposition will be punished for the sin they have committed: PM

Today I have come to speak on a very important subject, especially to the mothers, sisters, and daughters of the country! Today every citizen of India is watching how the flight of women power has been stopped. Their dreams have been ruthlessly crushed. Despite our utmost efforts, we could not succeed, the amendment to the Nari Shakti Vandan Act could not be passed! And for this, I seek forgiveness from all the mothers and sisters.

Friends,

For us, national interest is paramount, but when for some people party interest becomes everything, when party interest becomes bigger than national interest, then women power and national interest have to bear the consequences. This time too, the same has happened. The selfish politics of parties like Congress, DMK, TMC, and Samajwadi Party has harmed the women power of the country.

Friends,

Yesterday, the eyes of crores of women in the country were on Parliament, the women power of the nation was watching. I too felt very sad to see that when this proposal in favor of women fell, parties like Congress, DMK, TMC, and SP, family-oriented parties, were clapping with joy. By snatching away the rights of women, they were thumping the tables. What they did was not just thumping on the tables, it was a blow to the self-respect and dignity of women. And women forget everything, but they never forget their insult. Therefore, the pain of the behavior of Congress and its allies in Parliament will always remain in the hearts of women. Whenever the women of the country see these leaders in their areas, they will remember that it was these very people who celebrated in Parliament when women’s reservation was stopped, they rejoiced. To those parties who opposed the Nari Shakti Vandan amendment in Parliament yesterday, I will say clearly: these people are taking women power for granted. They are forgetting that the women of the 21st century are watching every event in the country, they are sensing their intentions, and they have fully understood the truth. Therefore, for opposing women’s reservation, the sin committed by the opposition will surely bring punishment to them. These parties have also insulted the sentiments of the framers of the Constitution, and they will not escape the punishment from the people either.

Friends,

The Nari Shakti Vandan amendment was not about taking anything away from anyone. The Nari Shakti Vandan amendment was about giving something to everyone, it was an amendment to give. It was about giving women the right that has been pending for 40 years, from the 2029 Lok Sabha elections onwards.

The Nari Shakti Vandan amendment was a great effort to give new opportunities, new flight, and to remove obstacles from the path of the women of 21st century India. It was a sacred effort made with clear intent and honesty to give rights to 50% of the country’s population. It was an effort to make women co-travelers in India’s journey of development and to include everyone. The Nari Shakti Vandan amendment is the demand of the time. The Nari Shakti Vandan amendment was an effort to equally increase the strength of every state, North, South, East, West. It was an effort to give more strength to the voice of every state in Parliament. Whether the state is small or big, whether the population is less or more, it was an effort to increase everyone’s strength in equal proportion. But this honest effort has been subjected to foeticide in Parliament by Congress and its allies, foeticide. Congress, TMC, Samajwadi Party, DMK—these parties are guilty of this foeticide. They are criminals against the Constitution of the country, they are criminals against the women power of the country.

Friends,

Congress hates the subject of women’s reservation, it has always conspired to stop women’s reservation. Every time efforts were made in this direction, Congress obstructed them. This time too, Congress and its allies relied on one falsehood after another to stop women’s reservation. Sometimes about numbers, sometimes in other ways, Congress and its allies tried to mislead the country. By doing so, these parties have revealed their true face before the women power of India. They have removed their mask.

Friends,

Personally, I had hoped that Congress would correct its decades-old mistake. Congress would repent for its sins. But Congress lost the opportunity to create history, to stand in favor of women. Congress has already lost its existence in most parts of the country. Congress is surviving like a parasite, riding on the back of regional parties. But Congress does not even want regional parties to grow stronger, so Congress conspired politically to push the future of many regional parties into darkness by making them oppose this amendment.

Friends,

Congress, Samajwadi Party, DMK, TMC, and other parties have, for so many years, every time created the same excuses, the same false arguments, always inserting some technical snag, and they have looted the rights of women. The country has understood this ugly pattern of politics, and it has also understood the reason behind it.

Brothers and sisters,

One big reason for the opposition to the Nari Shakti Vandan Act is the fear of these family-oriented parties. They fear that if women become empowered, then the leadership of these family-oriented parties will be in danger. They will never want women outside their families to move forward. Today, in Panchayats and local bodies, thousands and millions of women have proven their capability. When they want to move forward into Lok Sabha and Legislative Assemblies, when they want to serve the country, these family-oriented parties feel insecure. After delimitation, there will be many more seats for women, women’s stature will increase, and that is why these people opposed the Nari Shakti Vandan amendment. The women power of the country will never forgive Congress and its allies for this sin.

My dear countrymen,

Congress and its allied parties are continuously, continuously lying about delimitation. They want to ignite the fire of division under this pretext. Because “divide and rule” politics is something Congress inherited from the British. And Congress is still running on that same path today. Congress has always fueled sentiments that create rifts in the country. Therefore, this lie was spread that delimitation would harm some states! Whereas the government has made it clear from the very first day that neither the proportion of participation of any state will change, nor will anyone’s representation be reduced. In fact, the seats of all states will increase in equal proportion. Yet Congress, DMK, TMC, and Samajwadi Party were not ready to accept this.

Friends,

This amendment bill was an opportunity for all parties and all states. If this bill had passed, Tamil Nadu, Bengal, Uttar Pradesh, Kerala, every state’s seats would have increased. But because of their selfish politics, these parties betrayed even the people of their own states. For example, DMK had the chance to make more Tamil people MPs and MLAs, to strengthen Tamil Nadu’s voice! But it lost that chance. TMC also had the chance to advance the people of Bengal. But TMC too lost that chance. Samajwadi Party had the chance to reduce the stain of its anti-women image. But SP missed it too. SP has already forgotten Lohia ji. By opposing the Nari Shakti Vandan amendment, SP trampled all of Lohia ji’s dreams underfoot. SP is anti-women reservation, and the women of UP and the country will never forget this.

Friends,

By opposing women’s reservation, Congress has once again proved one thing. Congress is an anti-reform party. For a developed India in the 21st century, whatever decisions, whatever reforms are necessary, whatever decisions the country takes, Congress opposes them, rejects them, obstructs them. This is the history of Congress and this is Congress’s negative politics.

Friends,

This is the same Congress that opposed the trinity of Jan Dhan–Aadhaar–Mobile. Congress opposed digital payments. Congress opposed GST. Congress opposed reservation for the poor in the general category. Congress opposed the law against triple talaq. Congress opposed the removal of Article 370. Our Constitution, our courts, have said that the Uniform Civil Code, UCC, is necessary, but Congress opposes that too. At the very mention of reform, Congress runs with placards of protest. Any work that strengthens the country, Congress puts all its strength into creating obstacles in it. Congress opposes One Nation One Election. Congress opposes driving out infiltrators from the country. Congress opposes purification of the voter list, SIR. Congress opposes reforms in the Waqf Board.

Friends,

Congress even opposed the CAA law that gave security to refugees. By lying and spreading rumors, it created a storm in the country. Congress obstructs the country’s efforts to end Maoist–Naxalite violence. Congress has had only one pattern: whenever a reform comes, lie, spread confusion. History is witness, Congress has always chosen this negative path.

Friends,

Whatever decision is necessary for the country, Congress sweeps it under the carpet. Because of this attitude of Congress, India has not reached the heights of development it deserves. At the time of independence, many other countries were freed along with us. Most of those countries went far ahead of us, and the reason was that Congress kept blocking every reform. Delay, diversion, obstruction—this was Congress’s principle, this was Congress’s work culture. Congress delayed border disputes with neighboring countries. Congress delayed water-sharing disputes with Pakistan. Congress delayed the decision on OBC reservation for 40 years. Congress delayed One Rank One Pension for soldiers for 40 years.

Friends,

This attitude of Congress has always caused great harm to the country. The nation has suffered from every opposition, every indecision, every deceit of Congress. Generations of the country have suffered. Today, all the major challenges before the country have arisen from this attitude of Congress. Therefore, this fight is not just about one law, this fight is against Congress’s anti-reform mentality, which is filled only with negativity. And I have no doubt that the women and daughters of the country will give a strong reply to this mentality of Congress.

Friends,

Some people are calling the breaking of the dreams of the women of the country a failure of the government. But this subject was never about success or failure, never about credit. I had said in Parliament too: let half the population get their rights, I will give the credit to the opposition by publishing advertisements with all their photos. But those who look at women with outdated thinking still stuck to their lies, remained firm!

Friends,

The fight to give women power participation has been going on for decades. For years, I too have been among those making efforts for it. So many women have raised this subject before me. So many sisters have written letters to me explaining everything. My country’s mothers, sisters, daughters—I know you are all sad today. I too share in your sorrow. Today, even though we did not get the required 66 percent votes to pass the bill, I know that 100 percent of the women power of the country has blessed us. I assure every woman of the country: we will remove every obstacle in the path of women’s reservation. Our courage is high, our determination unbreakable, and our resolve unwavering. The parties opposing women’s reservation will never be able to stop the women power of this country from increasing their participation in Parliament and Legislative Assemblies. It is only a matter of time. The BJP–NDA’s resolve for the empowerment of women power is intact. Yesterday we did not have the numbers, but that does not mean we lost. Our inner strength is invincible. Our effort will not stop, our effort will not pause. We will have more opportunities ahead. For the dreams of half the population, for the future of the country, we must fulfill this resolve. Thank you all very much.