Press statement by Prime Minister during his visit to Russia

Published By : Admin | June 1, 2017 | 21:00 IST
India and Russia mark 70 years of very strong ties in a wide range of areas: PM Modi
We have adopted the St. Petersburg declaration which will not only improve our ties but also will be a benchmark of global stability: PM
Energy cooperation is a major area of our ties including cooperation in renewable and nuclear power: PM
Russian private sector can play active role to boost economic relations between our nations: PM
'Bridge to Innovation' programme will connect young scentists, promote start-ups and entrepreneurs: PM Modi

Your Excellency President Vladimir Putin,
Distinguished members of the Russian and Indian delegations,
Member of the Media

राष्ट्रपति पुतिन के खूबसूरत home town Saint Petersburg में आना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। राष्ट्रपति पुतिन तथा Saint Petersburg के लोगों द्वारा गर्मजोशी भरे स्वागत का मैं हार्दिक अभिनन्दन करता हूं। आप का स्वागत हमारे संबंधों की मधुरता का प्रतीक है।

मित्रों

इस वर्ष भारत तथा रूस अपने राजनयिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। संस्कृति से सुरक्षा तक; हमारे संबंधों की भाषा समान है।
जैसे कि रूसी भाषा में कहते हैः

मी गवारिम ना अद्नोम याज़ीके
(We speak one language)

पिछले 7 दशकों के क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल में यदि एक स्थिर सच्चाई रही है तो वह है भारत तथा रूस के बीच के सशक्त संबंध। हमारे संबंधों का मूलभूत आधार आपसी स्नेह, आपसी आदर ओर एक दूसरे में अटूट तथा मजबूत विश्वास है। इस सशक्त आधारशिला पर हमारी सहभागिता तथा सहयोग का चहुमुखी विकास हुआ है।

मित्रों

हमारे संबंधों के विकास के संपूर्ण स्वरूप पर मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने आज विस्तार से बातचीत की है। संबंधों की वर्तमान गति को और तेज करना तथा इसके उज्जवल भविष्य के लिए एक action plan बनाने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसके मद्देनजर हमने आज Saint Petersburg एक ऐलान adopt किया है। एक ऐसा स्वरूप जो कि न केवल दोनों देशों के आर्थिक तथा राजनैतिक सुदृढ़ता का विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। बल्कि वैश्विक उथल-पुथल में स्थिरता का एक benchmark साबित होगा।

मित्रों

आज के Inter-depended तथा Inter-connected विश्व में बढ़ते आर्थिक सहयोग संबंधों के विकास के महत्वपूर्ण driver है। हमारे आर्थिक संबंधों में तीव्र प्रगति, मेरा तथा राष्ट्रपति पुतिन का एक अहम साझा उद्देश्य है। Saint Petersburg अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक फोरम में भारत का guest country के रूप में शामिल होना तथा मेरा इस फोरम की plenary में कल होने वाला वक्तव्य दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को और समीप लाएगा। इन्हीं प्रयासों के चलते द्विपक्षीय निवेश में काफी तीव्र प्रगति हुई है। तथा हम 2025 तक 30 billion US dollar के निवेश के लक्ष्य की उपलब्धि के समीप हैं। आर्थिक संबंधों की गहनता का एक मुख्य आधार है Energy Cooperation Nuclear, Hydrocarbon तथा Renewable Energy इसके प्रमुख भाग हैं। मुझे खुशी है कि आज कुडूकुनल- V तथा VI के finalization द्वारा हमारे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और घनिष्ठ होंगे। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत तथा रूस परस्पर लाभ से आगे तीसरे देशों में भी अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। हमारे व्यापारिक तथा वाणिज्यिक संबंधों के विकास में private sector का एक महत्वपूर्ण role है। इस संदर्भ में हम दोनों देशों के private sectors को एक proactive भूमिका के लिए निमंत्रित करते हैं। हमारा यह भी मानना है कि दोनों देशों के बीच अधिकाधिक physical तथा Institutional connectivity भी आर्थिक संबंधों की मजबूती के लिए अनिवार्य है। इस संदर्भ में International North-South Transport Corridor के अंतर्गत हमारा सहयोग हमारी सहभागिता को एक महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करेगा। आने वाली Eurasian Economic Union के साथ FTA negotiations भी हमारे आर्थिक सहयोग को और बल देगी। Scientific Industrial तथा तकनीकी सहयोग हमारे overall आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसके द्वारा उत्पन्न लाभ हमारे समाज तथा अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ता तथा समृद्धि प्रदान करता है। 'Bridge to Innovation' का हमारा साझा programme दोनों देशों के युवा वैज्ञानिकों, start-ups तथा युवा entrepreneurs के विकास में अत्यंत मददगार सिद्ध होगा। यह हमारे युवा पीढ़ियों के भविष्य को Innovation Economy की opportunities से सीधा जोड़ेगा। उम्मीद है कि इसके द्वारा job-seekers, job-creators में प्रवर्तित होंगे। इस माह के अंत में दोनों देश पहली बार द्विपक्षीय Science तथा Technology Commission का आयोजन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यह हमारी Scientific तथा Technical cooperation को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। 

मित्रों

रक्षा के क्षेत्र में

भारत तथा रूस के रक्षा संबंध अत्यंत सुदृढ हैं। वैश्विक संबंधों का चाहे कोई भी स्वरूप रहा हो, भारत तथा रूस की सुरक्षा partnership ने सदैव दोनों देशों के strategic हितों की रक्षा की है। हाल ही में भारत में हुई first Military Industry Conference रक्षा तथा सुरक्षा equipment की entire value chain में दोनों देशों की सहभागिता को गहन करने में एक महत्वपूर्ण कदम था। Kamov-226 हेलीकाप्टर के production का Joint Venture भी शुरू हो गया है। Frigates के joint manufacturing को भी implement किया जा रहा है। रक्षा संबंधी manufacturing सहयोग को नई दिशा मिल रही है। दोनों देशों के बीच Military to Military cooperation को नया आयाम देने के लिए इस वर्ष दोनों देश पहली Tri-Services Exercise INDRA -2017 का आयोजन करेगा।

मित्रों

हमारे मधुर संबंधों की एक प्रमुख ईकाई दोनों देशों के बीच people to people contact है। रूसी संस्कृति की भारत में प्रसिद्धि तथा Yoga, Ayurveda तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े हर पहलू की रूस में लोकप्रियता दोनों देशों के लिए संतोष का एक विषय है। मुझे विश्वास है कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष में हमारे रूसी मित्र International Day of Yoga को धूमधाम से मनाएंगे।

मित्रों

बदलते हुए क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप पर भी आज मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने विस्तार में चर्चा की। हम सहमत है कि चाहे आतंकवाद का मसला हो, strategic हितों की सुरक्षा का प्रश्न हो, या उभरती हुई नई चिंताओं से निपटने का मुद्दा हो, भारत तथा रूस सदैव एक दूसरे के समर्थन में खड़े रहेंगे। Cross border terrorism पर रूस के बिना शर्त संपूर्ण समर्थन का भारत अभिनंदन करता है। अफगानिस्तान, Middle East तथा Asia Pacific पर दोनों देशों की विचारधाराओं में समानता है। भारत तथा रूस, BRICS तथा G-20 में भी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। Shanghai Cooperation Organization में रूस के सुदृढ़ नेतृत्व में हम दोनों देश क्षेत्रीय सहयोग की नवरचना में संलग्न हैं।

मित्रों

हमारे संबंधों के विकास में राष्ट्रपति पुतिन के अद्वितीय नेतृत्व का मैं अभिनंदन करता हूं। हमारा संबंध एक ऐसा फलदायी पेड़ है जिसकी जड़ों को 7 दशकों से कई महानुभावों ने सींचा है। ऐसे ही एक व्यक्ति थे Ambassador एलेक्जेंडर कदाकीन। भारत के इस मित्र को हमने इस वर्ष खो दिया। रूस के इस गौरवशाली पुत्र की याद में नई दिल्ली में एक सड़क का नामकरण Ambassador कदाकीन के नाम पर आज किया गया है।

Excellency, Putin

वक्त की हर कसौटी पर, सामने आई हर चुनौती के सामने, अपने समाजों के विकास के लिए तथा पूरे विश्व के लाभ के लिए भारत तथा रूस की strategic partnership एक pillar of strength रही है। हमारी अडिग साझेदारी आगे आने वाले वर्षों में विश्व को एक संतुलन एवं स्थिरता प्रदान करेगी। आज की वार्ता में लिए गए निर्णय हमारे सहयोग के मार्ग को और अधिक प्रशस्त करेंगे। इन शब्दों के साथ, एक बार फिर, मैं आपका तथा Saint Petersburg की जनता का अभिनन्दन करता हूं।

धन्यवाद। 

 

 

 

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

Popular Speeches

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
Ayushman Bharat Crosses 90 Cr ABHA Accounts: How Modi govt is building the world’s largest digital health ecosystem

Media Coverage

Ayushman Bharat Crosses 90 Cr ABHA Accounts: How Modi govt is building the world’s largest digital health ecosystem
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the qualities of an ideal teacher
June 01, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that some people are highly skilled at performing a task themselves, while others are particularly adept at imparting that knowledge or skill to others. He noted that a person who possesses both these qualities-self-mastery and the ability to teach others-deserves to be regarded among the finest of teachers.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।। ”

The Subhashitam conveys that while some excel in practice and others in teaching, the one who combines both mastery of a subject and the ability to effectively impart it to others is worthy of being placed in the foremost rank of teachers.

The Prime Minister wrote on X;

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।”