"PM Modi-Chancellor Merkel jointly inaugurate the Hannover Messe"
"Shri Modi unveils Statue of Mahatma Gandhi in Hannover"
"Lions are the symbol of a new India: Shri Modi at Hannover"
"PM Shri Narendra Modi encourages investors across the globe to ‘Make in India’"
"प्रधानमंत्री मोदी एवं चांसलर मर्केल ने संयुक्त रूप से हनोवर मेले का उद्घाटन किया "
"श्री मोदी ने हनोवर में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया"
"श्री मोदी ने हनोवर में कहा : शेर एक नए भारत के प्रतीक हैं "
"प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों को ‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रोत्साहित किया "

12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी में हनोवर पहुंचे। तीन दिन की इस महत्वपूर्ण यात्रा का उद्देश्य वैश्विक मोर्चे पर भारत-जर्मनी साझेदारी को आगे बढ़ाना था। दौरे से पहले श्री मोदी ने ट्वीट कर अपने तीन देशों के दौरे पर अपनी खुशी जताई थी। जर्मनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कई गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ संयुक्त रूप से हनोवर मेले का उद्घाटन किया जिसमें भारत एक भागीदार देश था ।

उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, दक्षता और उसके उत्पादों के स्थायित्व के लिए प्रख्यात जर्मनी दुनिया के प्रमुख औद्योगिक केन्द्रों में से एक माना जाता है। जर्मनी भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक भागीदार भी है।

हनोवर पहुँचते ही प्रधानमंत्री ने व्यापक बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने व्यापार जगत के कई नेताओं और जर्मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की और कहा कि संपूर्ण विश्व के लिए भारत के पास जबर्दस्त क्षमता है।

श्री नरेन्द्र मोदी ने हनोवर में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और बापू को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भारी संख्या में लोग इस अवसर पर मौजूद थे। वहां उन्होंने यह भी बताया कि कैसे गांधी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।

बाद में, प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने संयुक्त रूप से दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक मेले हनोवर मेले का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष हनोवर मेले में भारत के एक भागीदार देश होने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को गति देने के लिए जर्मनी द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा “शेर एक नए भारत के प्रतीक हैं।” श्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसे क्षेत्र का अपना विज़न बताया जहाँ आर्थिक स्थिरता हो, लोगों के लिए रोजगार के अवसर हों और सबसे अच्छा बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो। उन्होंने भारत की निर्बाध आर्थिक क्षमता को खोलने के लिए जर्मन भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह न एक ब्रांड है और न ही एक प्रचार-वाक्य है। उन्होंने कहा कि यह भारत का एक राष्ट्रीय आंदोलन है। श्री मोदी ने भारत में निवेश के लिए व्यापारिक घरानों को आमंत्रित किया और ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाएं। उन्होंने हनोवर मेले में भाग लेने का मौका मिलने पर खुद को सौभाग्यशाली बताया। व्यापार जगत को आश्वस्त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार देश में व्यापार कार्य को  आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक पहल कर रही है। श्री मोदी ने भारत की आर्थिक स्थिरता का उल्लेख करते हुए यह बताया कि भारत विश्व में शांति और स्थिरता की एक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

अपनी यात्रा के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर एंजेला मर्केल ने हनोवर मेले में इंडिया पवेलियन का दौरा किया। इंडिया पवेलियन में भारत की विविधता को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया। श्री मोदी ने पूरे विश्व से कहा, “Come, and Make in India” उन्होंने आगे कहा कि जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और मांग भारत की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

भारत-जर्मनी व्यापार शिखर सम्मेलन में अपने छोटे से भाषण में प्रधानमंत्री ने एक विकसित भारत का विज़न बताया। विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन आदि प्रमुख क्षेत्रों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने भारत में बदलते पर्यावरण के बारे में जर्मन कंपनियों को भरोसा दिलाया। श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार देश में ऐसा माहौल तैयार कर रही है जो व्यापार के अनुकूल हो और जहाँ उद्योग संबंधी मंजूरी अत्यंत तेज गति से दी जा सके।

प्रधानमंत्री ने देश में नवाचार, अनुसंधान और विकास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार के प्रयास का भी उल्लेख किया।

बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बर्लिन गये जहाँ उन्होंने सीमेंस तकनीकी अकादमी का दौरा किया।

एक सामुदायिक स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत विनिर्माण का केंद्र बन रहा है जो गौरव की बात है। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि कैसे आईटी क्रांति आज के युवाओं की ताकत को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को तीन चीजों में संतुलन बनाने की जरुरत है – कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र।

14अप्रैल कोप्रधानमंत्री मोदी ने बर्लिन के हाप्तबोनहोफरेलवे स्टेशन का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने बर्लिन हाप्तबोनहोफ में अधिकारियों के साथ भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और उन्नति के कई तरीकों पर चर्चा की। उन्हें नवीनतम तकनीकी सुधारों के बारे में भी बताया गया।

बर्लिन में प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। श्री मोदी ने कहा कि ‘भारतीय शेर’और ‘जर्मन ईगल’बड़े भागीदार हैं। प्रधानमंत्री ने जर्मन उद्योग के उत्साह का उल्लेख करते हुए जर्मन व्यापारिक घरानों को भारत में मौजूदा क्षमता का उपयोग करने के लिए आमंत्रित किया।

जर्मनी को महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कौशल विकास’ के मामले में जर्मनी से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।श्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख क्षेत्रों पर भी बात की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के साथ-साथ जर्मनी की स्थायी सदस्यता की भी मजबूती से मांग की।

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर को सर सी वी रमन की कुछ पांडुलिपियां और कागजात भी प्रस्तुत किये।

श्री मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत करने और हनोवर मेले में भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देने के लिए चांसलर मर्केल और जर्मनी को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने यह आशा जताई कि आने वाले समय में भारत और जर्मनी के बीच संबंध और मजबूत होगा तथा दोनों देश लोगों के कल्याण के लिए पारस्परिक हित में एक साथ काम करेंगे। ट्विटर पर एक बार फिर से प्रधानमंत्री ने अपना संतोष व्यक्त किया और जर्मन में ट्वीट किया!

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects

Media Coverage

India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।