""An occasion to build national character""

कई योजनाओं की घोषणा

  1. प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत प्रत्‍येक गरीब को एक बैंक खाता, एक डेबिट कार्ड और एक लाख रुपये का बीमा मिलेगा
  2. भारतीयों को सशक्‍त बनाने के लिए डिजिटल ढांचा एक प्राथमिकता
  3. 02 अक्‍टूबर को स्‍वच्‍छ भारत मिशन लॉंच होगा
  4. एक साल में सभी स्‍कूलों में टॉयलेट
  5. सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरु होगी
  6. योजना आयोग की जगह नया संस्‍थान बनेगा
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सभी देशवासियों से राष्‍ट्रीय चरित्र के निर्माण में योगदान का आह्वान किया। 68वें स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्रचार से पहली बार राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह हम सबके लिए आत्‍मनिरीक्षण का अवसर ताकि हम जान सकें कि हमारे कृत्‍य राष्‍ट्रीय हितों पर किस तरह प्रभाव डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आइये अपने सभी कृत्‍य हम राष्‍ट्र निर्माण में लगा दें और राष्‍ट्रनिर्माण में योगदान करें।

स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत की जनता को शुभकामनाएं देते हुए श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि वह उन्‍हें प्रधानमंत्री के बतौर नहीं बल्कि प्रधान सेवक के रूप में सबोधित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आम आदमी को सशक्‍त बनाने तथा युवाओं की क्षमताओं का उपयोग करने के उद्देश्‍य से कई योजनाओं की घोषणा भी की।

बैंकिंग सेवा और वित्‍तीय समायोजन को सर्वसुलभ बनाने के‍ लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना की घोषणा की जिसके तहत प्रत्‍येक गरीब परिवार का एक बैंक खाता खुलेगा, उसे एक डेबिट कार्ड मिलेगा और उसका एक लाख रुपये का बीमा होगा।

देशव्‍यापी ‘स्किल इंडिया’ अभियान चलेगा जो कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार सुनिश्चित करेगा।

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प्रधानमंत्री ने “कम एंड मेक इन इंडिया” विजन की घोषणा करते हुए दुनियाभर की विनिर्माता कंपनियों को भारत में निवेश करने और भारत की आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने में मदद के लिए आमंत्रित किया। उन्‍होंने भारतीय युवकों को उनकी उद्यमिता क्षमता का परिचय देते हुए उन तमाम वस्‍तुओं का भारत में विनिर्माण करने का आह्वान किया जो हमारे आयात बिल को बढ़ाती हैं। उन्‍होंने कहा कि “मेड इन इंडिया” को उत्‍कृष्‍टता का प्रतीक बना दीजिए।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दृढता के साथ कहा कि देशवासियों को सशक्‍त बनाने के लिए डिजिटल ढांचा एक प्राथमिकता है। उन्‍होंने डिजिटल इंडिया के लिए उनकी सरकार के संकल्‍प की घोषणा की जो लोगों को सूचनाएं और सेवाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से मुहैया करायेगा।

स्‍वच्‍छता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने उनकी सरकार के संकल्‍प “स्‍वच्‍छ भारत” की घोषणा की जिसे इस साल 02 अक्‍टूबर को शुरु किया जायेगा और जो 2019 में महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरा होगा। इससे मिलती-जुलती योजना की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “स्‍वचछ भारत” बनाने की दिशा में पहला कदम एक साल के भीतर सभी स्‍कूलों में टॉयलेट खासकर लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट बनाकर उठाया जायेगा।

प्रधानमंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा भी की जिसके तहत संसद सदस्‍यों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 2016 तक कम से कम एक आदर्श गांव बनाना होगा। उन्‍होंने कहा कि इस योजना का पूरा खाका 11 अक्‍टूबर को श्री जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर जारी किया जायेगा।

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श्री नरेन्‍द्र मोदी ने योजना आयोग की जगह एक नयी संस्‍था बनाने का ऐलान भी किया। उन्‍होंने कहा कि यह नयी संस्‍था देश की संघीय संरचना का सम्‍मान करेगी।

संसद सत्र में कामकाज के लिए विपक्ष सहित सभी संसद सदस्‍यों को धन्‍यवाद देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आम सहमति से आगे बढ़ना चा‍हती है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा उठाए गए कदमों से केंद्र सरकार की कार्य संस्‍कृति में सकारात्‍मक बदलाव आने संबंधी खबरों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्‍हें इस तरह की खबरें पढ़कर आश्‍चर्य हुआ क्‍योंकि उचित ढंग से कार्य करना प्रत्‍येक सरकारी कर्मचारी के लिए मानदंड होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तथ्‍य कि ऐसी बातें खबरें बन रही हैं, इसी से पता चलता है कि हमारे कर्तव्‍य और जिम्‍मेदारी के मानदंडों में किस हद तक गिरावट आ चुकी है। प्रधानमंत्री ने समाज से “मेरा क्‍या, मुझे क्‍या” जैसी स्‍वार्थी सोच को त्‍यागने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद जब उन्‍होंने सरकार के विभिन्‍न विभागों के बीच तालमेल के अभाव विषंगति देखी तो उन्‍हें बेहद निराशा हुई। उन्‍होंने लोगों को आश्‍वस्‍त किया कि वह इस मुद्दे का हल निकालेंगे ताकि सरकार एक एकत्रित संगठन की बजाय एक जैविक इकाई के रूप में कार्य करे। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास और सुशासन ही सिर्फ दो रास्‍ते हैं जो देश को आगे ले सकते हैं।

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प्रधानमंत्री ने देश में बढ़ती बलात्‍कार की घटनाओं पर चिंता जतायी। उन्‍होंने कहा कि परिवार में बच्चियों से कई सवाल पूछे जाते हैं। उन्‍होंने अभिभावकों का आह्वान किया कि वे अपने बेटों से उनकी गतिविधियों के बारे में सवाल भी करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्‍येक बलात्‍कारी किसी न किसी का बेटा है। इसी तरह उन्‍होंने भ्रमित युवाओं का भी हिंसा त्‍यागने और राष्‍ट्रीय मुख्‍यधारा में वापस लौटने का आह्वान किया जो आतंकवाद या माओवाद की राह पर चल पड़े हैं।

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प्रधानमंत्री ने श्री अरविंदो और स्‍वामी विवेकानंद का उल्‍लेख करते हुए भारत को फिर से “जगतगुरु” देखने के उनके विजन का जिक्र किया और इस विजन को हकीकत में बदलने का सभी भारतीयों से आह्वान किया।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।