प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रियाद, सऊदी अरब में एलएंडटी कर्मियों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने एलएंडटी कर्मियों की मेहनत की प्रशंसा की
भारत में आज वो क्षमता और मानव शक्ति जिसकी विश्व को ज़रूरत है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
भारत पहले विश्व में “कई देशों में से एक” था लेकिन अब यह एक “अत्यंत महत्वपूर्ण देश” बन गया है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने रियाद में भारतीय कामगारों से मुलाकात की और उनकी कड़ी मेहनत की प्रशंसा की
सरकार के ई-माइग्रेट कार्यक्रमों से प्रवास को नियमित करने में मदद मिलेगी और संसाधन केंद्र से श्रमिकों को लाभ मिलेगा: प्रधानमंत्री मोदी

मेरे प्‍यारे साथियो, ये आपके पसीने की महक है जो मुझे यहां खींच करके ले आई है। आपका ये पसीना न सिर्फ आपके परिवारजनों का पेट भरता है, न सिर्फ डॉलर, पाउंड के चैक काटता है, लेकिन आपका ये पसीना भारत की आन-बान-शान बढ़ाता है। जब हम काम करते हैं तब तो हमें पता नहीं होता है, हम इतना ही समझते हैं किसी project से मैं जुड़ा हुआ हूं। लेकिन अगर इतिहास की ओर देखें तो दुनिया में बहुत-सी ऐसे चीजें होती हैं, अगर आप अफ्रीका में जाएंगे तो वहां के लोग आपको एक रेलवे बताते हैं और उस जमाने में 45 डिग्री height पर वो रेलवे चलाई गई थी, और वहां के लोग बड़े गर्व से कहते हैं कि भारत के लोगों ने आ करके मेहनत करके रेलवे लाइन लगाई थी, और यहां जाती है। आज अगर आप मॉरीशस में जाएंगे तो मॉरीशस की Government ने, जहां पर पहली बार भारतीय लोगों ने land किया, उस जगह पर एक भव्‍य Museum बनाया है और उनके पूर्वज हिन्‍दुस्‍तान से कब आए, किस हालत में आए, कैसे रहते थे, और उन्‍होंने कैसे मॉरीशस को बनाया, उसका पूरा चित्रण उसमें किया गया है और अगर वो देखते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि 150 (डेढ़ सौ) साल पहले इन कठिन परिस्थ्‍िातियों में भारत से गए हुए लोगों ने अपने खून-पसीने से वहां मानवता का इतिहास कैसे नवरचित किया है। आप भी, शायद आज आपको पता नहीं होगा कि आप क्‍या कर रहे हैं, लेकिन सदियों बाद जब इन चीजों की चर्चा होगी तब इस बात की गर्जना होगी कि हिन्‍दुस्‍तान से ऐसे नौजवान आए थे और उन्‍होंने Riyadh (रियाद) को ये नया सा अनमोल खजाना दिया था।

आप लोगों में से मुझे सीधी तो चिट्ठी बहुत कम लोग लिखते हैं लेकिन आपने अपने परिवारों को लिखा और आपके परिवारों ने मुझे भेजा वो, ऐसी बहुत सी खबरें मेरे पास आती रहती हैं। और कभी उसमें दर्द भी होता है, पीड़ा भी होती है, चिंता भी होती है, और कभी-कभी खुशियों का खजाना भी होता है। और जब मैं इन चीजों को देखता हूं, आपके जीवन की आपकी कठिनाइयों आपकी संभावनाओं, जब अच्‍छी खबरें आपके पास से आती हैं तो मैं भी उतना ही खुश हो जाता हूं जितने कि आपके परिवारजन खुश हो जाते हैं। और आपसे कोई चिंता की खबर आ जाती है तो मुझे भी उतनी ही पीड़ा होती है जितनी कि आपके परिवार को होनी चाहिए क्‍योंकि आप, आप एक प्रकार से मेरे परिवारजन हैं और आपका सुख-दुख, ये ही तो हमारा सुख-दुख है। और इसीलिए भारत सरकार की तरफ से विश्‍व भर में फैले हुए भारतीय समुदाय के लिए क्‍या अच्‍छा कर सकें, उस दिशा में हम लगातार प्रयास करते रहते हैं। मैं His Majesty King का भी बहुत आभारी हूं, उन्‍होंने मुझे जब भी बातचीत करने का अवसर दिया। भारतीय समुदाय यहां किस प्रकार से काम कर रहा है, आपकी तरफ से कुछ कहने वाली बातें मैंने उनसे कहीं, और उन्‍होंने आपके प्रति जो संतोष जताया, ये सुनता हूं तो मेरा सीना भी बहुत चौड़ा हो जाता है।

आप लोग यहां काम करें लेकिन वो दिन दूर नहीं होगा, जब हिन्‍दुस्‍तान का workforce दुनिया के कई क्षेत्रों पर पहुंचा होगा। क्‍योंकि आज विश्‍व को जिस प्रकार के Manpower की जरूरत है वो Manpower देने की ताकत हिन्‍दुस्‍तान में है। इतने लम्‍बे समय से काम चल रहा है। Millions of Million hours काम हुआ है, Millions of Millions man-days काम में लाए गए हैं, और बड़े गर्व के साथ मुझे अभी presentation दिया गया कि इतना बड़ा काम, इतना विशाल काम, इतने लोगों का काम, लेकिन एक भी अकस्‍मात् नहीं हुआ है।

ये जो Zero Loss है वो सिर्फ technology के कारण नहीं है, Management की काबलियत के कारण नहीं है, ये आपके कारण है। इसका श्रेय आपको जाता है क्‍योंकि आपने उस discipline को follow किया है। आपके कभी कोई बात को जल्‍दबाजी से नहीं होने दी है और जब तक आप technically संतुष्‍ट नहीं हुए हैं आपने कदम आगे नहीं रखा है और वो ही परिणाम है कि किसी का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

अगर एक दीवार थोड़ी-सी गिर जाए दुबारा बन जाएगी लेकिन अगर इंसान चला गया तो कुछ नहीं बचता है और इसलिए आपने जिस discipline के साथ काम करते हुए भारत की इज्‍जत बढ़ाई है, आप लोग काम कर रहे हैं, काम करते-करते अपने वतन में अपने बच्‍चों की पढ़ाई की चिंता करते होंगे, लेकिन आपके काम करने का एक by product भी है और वो by product ये है कि आपको जब लोग देखते हैं कि भाई इतना अच्‍छा काम करते हैं! तो फिर कोई और project होगा तो वो सोचते हैं भई नौजवान लाने हैं तो हिन्‍दुस्‍तान से लाओ, काम अच्‍छा हो जाएगा। ये आपने भारत को इज्‍जत दी है, भारत की तरुणाई को ताकत दी है और भारत के अंदर जो नौजवान हैं उनके लिए आपने अवसरों के द्वार खोल दिए हैं और इसीलिए आपको ये कौशल्‍य, आपका ये सामर्थ्‍य अनेक-अनेक बधाई का पात्र हैं।

अब आप लोग इतना दूर-दूर आपकी work sight होती है, कभी Embassy का काम हो, छुट्टी के दिन Embassy नहीं, Embassy चालू है तो आपको छुट्टी नहीं, आपकी दिक्‍कतें बहुत रहती हैं और इन बातों को देखते हुए digital का युग है तो सरकार ने एक ‘मदद’ नाम का portal शुरू किया है। आप उसका फायदा उठाते होंगे। इस ‘मदद’ portal से आप विश्‍व में कहीं पर भी कोई भारतीय होगा, वो अपनी बात भारत सरकार तक बहुत आसानी से पहुंचा सकता है।

इन दिनों देखा होगा आपने कि भारत की एक और पहचान बनी है। उसका Diplomacy में Predominantly human nature, human face, विश्‍व में कहीं पर भी भारतीय को संकट आया भारत सरकार तुरंत पहुंची है। यमन से जिस प्रकार से हजारों लोगों की जिंदगी बचा ली गई, आज भी विश्‍व में कहीं से भी खबर आती है, एकाध परिवार की भी आ जाती है तो हमारा विदेश विभाग, हमारी विदेश मंत्री सुषमा जी, उनकी पूरी टीम, तत्‍काल काम उसको प्राथमिकता देते हुए यानि किसी देश के साथ संबंधों के लिए जितनी ताकत लगाते हैं, उससे ज्‍यादा ताकत एक नागरिक अगर दुनिया के किसी कोने पर संकट में हो, तो उसके लिए भारत सरकार लगाती है। और इसके लिए ये ‘मदद’ portal जो बनाया है।

उसी प्रकार से एक दूसरी व्‍यवस्‍था की है E-migrate, E-migrate व्‍यवस्‍था के कारण जो employer है और जो employee हैं, दोनों के बीच में coordination, और दोनों के द्वारा व्‍यवस्‍था के coordination, भारत सरकार के साथ coordination, ये भी बहुत आसान हुआ है, और उसके कारण कहीं पर कोई cheating होने की संभावना कम है, किसी गलत लोगों के हाथ में, दलालों के हाथ में फंस जाने की संभावना कम है, तो उस दिशा में भी एक प्रयास किया गया है।

आने वाले दिनों में दो, एक तो Emigrant को Regularised करने के लिए, दो एक यहीं पर खास हम प्रयास करने वाले हें Riyadh में और Jeddah में Workers’ resource centre, ये दो खोले जाएंगे, ताकि इस Workers’ resource centre के द्वारा हमारी आवश्‍यकताएं पूरी हो जाएंगी। दूसरा, 24x7 (twenty four by seven) एक help line call centre की व्‍यवस्‍था की जाएगी। Free of charge ये helpline चालू होगी ताकि अब भिन्‍न-भिन्‍न भाषाओं में भी इसका लाभ मिलेगा, वो आने वाले दिनों में व्‍यवस्‍था आपको मिलेगी, ताकि आप कहीं पर कोई जरूरत पड़ी, तो उस help line के माध्‍यम से आप अपनी बात बता सकते हैं।

दूसरा मैं 24 घंटे खाली रहता हूं, मुझे कोई काम-वाम है नहीं। अगर काम है तो सवा सौ करोड़ देशवासियों का काम है, और मेरा अपना कोई काम नहीं है। और इसलिए भारत सरकार की जिसको सीधी-सीधी प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ी हुई है एक mygov.in उस पर भी आप अपनी बात पहुंचा सकते हैं, वो सीधी मेरे तक पहुंचती है। उसी प्रकार से आप कभी download कर सकते हैं Narendra Modi App, मैं हमेशा आपकी जेब में रहूंगा। और आपका प्रधानमंत्री आपकी जेब में रहे, उससे ज्‍यादा क्‍या चाहिए आपको? आप अपने मोबाइल फोन पर Narendra Modi App download करेंगे, हर बात आपकी मेरे तक पहुंच पाएगी, मेरी बात आप तक पहुंच पाएगी, हम लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे। और मुझे आप सबको मिलने का अवसर मिला।

आप जानते हैं भारत इन दिनों बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है, पूरा विश्‍व का काम भारत के आर्थिक विकास की यात्रा पर रहा है और बहुत तेज गति से भारत ने आज विश्‍व में अपना स्‍थान फिर से एक बार पुन: प्रस्‍थापित कर दिया है। आप भी, आप भारत से हैं ये कहते हैं तो लोगों का response कैसा मिलता है? जब किसी को पता चलेगा हिन्‍दुस्‍तान से है तो क्‍या होता है? उसको खुशी होती है कि नहीं होती? वो जरा हाथ पकड़ता है तो छोड़ता नहीं है ना? कहता है अच्‍छा इंडिया से हो? पहले कैसा था, अच्‍छा-अच्‍छा इंडिया से हो। देखिए एक हिन्‍दुस्‍तानी के लिए भी आज पूरा विश्‍व इतने गौरव के साथ देखने लगा है। और ये भारत की युवा शक्ति की पहचान बनी है, ताकत बनी है।

मैं आप सबको बहुत शुभ कामनाएं देता हूं और आपके माध्‍यम से भारत का नाम रोशन हो ऐसा मुझे पूरा विश्‍वास है। बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।