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We have a clear vision of building a ‘New India’, a country that is strong, transparent and provides equal and ample opportunities for all its citizens: PM Modi in Nanded
The corrupt middlemen Congress regimes helped to escape are being brought back to justice now: PM Modi
While your vote in 2014 helped give a strong response to terror, your vote in 2019 will contribute in eliminating terror: Prime Minister Modi

भारत माता की जय
भारत माता की जय

मंच पर विराजमान यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, हमारी पार्टी के श्रीमान दानवे जी, श्रीमान रामदास आठवले जी, सभी हमारे उम्मीदवार, सभी वरिष्ठ नेतागण, भाजपा-शिवसेना महायुती के सभी महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए नांदेड़ के मेरे प्यारे भाइयो और बहनो, मां रेणुका देवी की आशीर्वाद प्राप्त भूमि, गुरू गोविंद सिंह जी निर्वाण स्थली, तख्त सचखंड श्री हजुर अबचल नगर साहिब की धरती को मेरा शत-शत नमन। यही वो जगह है जिसने बाबा बंदा सिंह बहादुर को गढ़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।

साथियो, गुड़ी पड़वा के दिन एक बार फिर आप सभी को, माहाराष्ट्र के सभी भाई-बहनों को मैं नमन करता हूं, आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी के सहयोग से ही ये प्रधानसेवक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ एक समृद्ध, सुरक्षित, एक नए भारत के निर्माण का बीड़ा उठा पाया। साथियो, हम जिस नए भारत का निर्माण करना चाहते हैं उसका विजन स्पष्ट है लेकिन कांग्रेस भारत को कहां ले जाना चाहती है, ये भी देश के सामने अब आ गया है। कांग्रेस और उसके साथी भारत में दो प्रधानमंत्री चाहते हैं, एक दिल्ली में और दूसरा जम्मू-कश्मीर में। मैं जरा नांदेड़ के मेरे भाइयो-बहनो को पूछना चाहता हूं, ये कांग्रेस के महागठबंधन के साथी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, उनके पिता जी, फारुख अबदुल्ला खुलेआम कह रहे हैं कि देश में दो प्रधानमंत्री होने हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं क्या आपको ये मंजूर है? आवाज कश्मीर तक जानी चाहिए, क्या आपको ये मंजूर है?

कांग्रेस जम्मू-कश्मीर से आफ्स्पा का कानून हटाएगी ताकि आतंकियों के सामने हमारे जवान लाचार हो जाएं, वो झूठे केसों में उलझ जाएं। क्या कांग्रेस का ये वादा आपको स्वीकार है क्या, किसी हिंदुस्तानी को स्वीकार हो सकता है? देश का कोई वीर-जवान इसको स्वीकार कर सकता है क्या? कांग्रेस पाकिस्तान से पैसे लेकर देश में अलगाव पैदा करने वालों से बातचीत करना चाहती है। क्या ऐसी बातचीत आपको मंजूर है, कांग्रेस पाप कर रही है कि नहीं कर रही है? कांग्रेस भारत के टुकड़े-टुकड़े चाहने वाले देशद्रोहियों से कानून हटाकर उनको खुला लाइसेंस देना चाहती है। क्या नांदेड़ को, महाराष्ट्र को ये देशद्रोह का कानून हटाना मंजूर है क्या?

भाइयो-बहनो, कांग्रेस ने ये जो ढकोसलापत्र बनाया है, इसकी नींव तो उसी दिन पड़ गई थी जब सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर इन्होंने देश के वीर-जवानों के सामने सवाल उठाए थे, जब एयर स्ट्राइक के इन्होंने सुबूत मांगे थे। जब 21 पार्टियों की महामिलावट ने मोदी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था। साथियो, ये अजब स्थिति है, आज देश में जो हालात हैं। चाहे वो कश्मीर के हालात हों, आतंकवाद हो, नक्सलवाद हो, अलगाववाद हो, ये आग कांग्रेस की लगाई हुई आग है। एनडीए की सरकार उसको बुझाने में जुटी है लेकिन कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथी उस आग को और भड़काने के लिए साजिशें रच रहे हैं। साथियो, आतंकवाद ही नहीं देश में भ्रष्टाचार को बढ़ाने वाली और उसे पालने-पोसने वाली भी कांग्रेस ही रही है। विशेष तौर पर सेना से जुड़े, देश की सुरक्षा से जुड़े काम में मिलने वाली दलाली इनको खासी पसंद है। जितना बड़ा सौदा, उतनी ज्यादा मलाई। जीप घोटाले से लेकर, बोफोर्स घोटाले से लेकर, हेलीकॉप्टर की दलाली तक इन्होंने बहुत झंडे गाड़े हैं।

भाइयो-बहनो, इटली के जिस मिशेल मामा को नामदारों ने भगा दिया था। उसको और उसके दूसरे साथियों को ये चौकीदार दुबई से उठा कर लाया है। अब कोर्ट में जो आरोप पत्र दाखिल किया गया है, उसमें उसने साफ-साफ बताया है कि हेलीकॉप्टर की दलाली किसने खाई। सोचिए, एक परिवार, एक बेटा, एक दरबारी, तमाम राजदार और एक मामा। भाइयो-बहनो, 2014 में आपके एक वोट ने इन सब को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। अब 2019 में आपका एक और वोट उन्हें असली जगह पर पहुंचाएगा, वहां पहुंचाएगा जहां आप इन भ्रष्टाचारियों को देखना चाहते हैं। आने वाले समय में देश का वर्षों पुराना इंतजार खत्म होने वाला है।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस के कारनामे, पीढ़ी दर पीढ़ी एक जैसे ही रहे हैं बल्कि भ्रष्टाचार ही कांग्रेस में विरासत है। आज नामदार परिवार जमानत पर बाहर है और कई पूर्व मंत्री कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे ही कारनामों के चलते कांग्रेस पिछली बार 44 सीटों पर पहुंची और इस बार संकट और गंभीर है उनके लिए।

साथियो, ये पहली बार देख रहा हूं कि पांच वर्ष बाद भी जनता में विपक्ष के प्रति, कांग्रेस के प्रति, एनसी के प्रति, शरद पवार की पार्टी के प्रति, उनका जो गुस्सा है वो गुस्सा जरा भी कम नहीं हो रहा है। इस गुस्से ने कांग्रेस में अफरा-तफरी मचा दी है, हालात ये हैं कि कांग्रेस के नामदार ने माइक्रोस्कोप लेकर भारत में एक ऐसी सीट खोजी है, जहां पर वो मुकाबला करने की ताकत रख सकें। सीट भी ऐसी, जहां देश की मेजॉरिटी, माइनॉरिटी में है, मुकाबला भी ऐसा जहां जाते ही विरोधी दल को कह दिया कि मैं आपके विरोध में कुछ नहीं कहूंगा। मैं अभी नांदेड़ में हूं लेकिन अमेठी के लोगों से कहूंगा की इसे याद रखें, अपना ये अपमान भी याद रखें।

साथियो, ये जो नई सीट नामदार ने खोजी है, वहां पर कांग्रेस की क्या स्थिति है ये उन तस्वीरों से पता चलता है, सोशल मीडिया में खूब चल रहा है। जब नामदार वहां की सड़कों पर निकले थे, आपने वो तस्वीरें देखी हैं क्या, सोशल मीडिया में देखा है ना? कांग्रेस का झंडा किस कोने में हैं ढूंढना पड़ता था, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जुलूस और कांग्रेस का झंडा खोजना पड़ता था, ये हाल है कांग्रेस का। साथियो, कांग्रेस की हालत टाईटैनिक जहाज की तरह है, ये हर एक नए दिन के साथ डूबती ही जा रही है। कांग्रेस के साथ जो-जो इस जहाज में बैठा था वो एनसीपी की तरह या तो खुद ही डूब रहा है या उठ कर के जान बचाने के लिए भाग रहा है। जो आपको पड़ोस में हिंगोली से कांग्रेस सांसद महोदय हैं वो भी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, शरद पवार जी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं उनके सिपहसालार प्रफुल पटेल भी चुनाव से भाग चुके हैं। साथियो, ये सभी महानुभाव एक-एक करके मैदान छोड़ रहे हैं। महाराष्ट्र में कांग्रेस इतनी कमजोर हो चुकी है की उसके पास जितनी संख्या में विधायक हैं उससे ज्यादा तो गुट बने हुए हैं, सब आपस में ही लड़-भिड़ रहे हैं। जब इस तरह की महामिलावट हो तो क्या ये दल महाराष्ट्र का भला कर पाएंगे? वो अपने विकास की सोचेंगे या महाराष्ट्र के विकास की।

यहां महाराष्ट्र में इन्होंने एक आदर्श सोसाइटी बनाने की कोशिश की थी, शहीदों के परिवारों को धोखा दिया था इससे तो पूरा नांदेड़ और पूरा भारत भली-भांति परिचित है। आप जानते हैं ना, वो कौन है पता है? इस तरह के घोटालों पर नजर रखने के लिए ही हमारी सरकार ने रेरा कानून बनाया। एक ऐसा कानून जिसकी वजह से घर खरीदने वालों की कमाई सुरक्षित हुई है, उनकी बचत सुरक्षित हुई है। देश भर में अनेक प्रोजेक्ट्स अब रेरा कानून से रजिस्टर्ड हैं और पहले जिस तरह से काले धन का खेल होता था वो भी कम हुआ है। इसका बहुत बड़ा फायदा मध्यम वर्ग और नौजवानों को हुआ है। साथियो, एनडीए सरकार ने पांच लाख तक की आय पर इनकम टैक्स जीरो करने का जो निर्णय लिया है वो भी नौजवानों के लिए बहुत फायदे लेकर आया है। घर-खर्च के लिए, अपने कार्यों के लिए अब उनके पास ज्यादा पैसे बच रहे हैं लेकिन मैं देश के नौजवानों को, मध्यम वर्ग को, कांग्रेस की साजिश से फिर से आगाह करना चाहता हूं। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वो देश के मध्यम वर्ग को स्वार्थी मानते हैं, लालची मानते हैं। इसलिए वो मध्यम वर्ग पर टैक्स का बोझ डालने का इरादा रखती है, इतना टैक्स की मध्यम वर्ग की कमर टूट जाए।

भाइयो-बहनो, आज मैं अनुभव से कह सकता हूं, अगर देश के चलाने में सबसे बड़ी ताकत कहीं से मिलती है तो मध्यम वर्गीय परिवारों से मिलती है। वो कायदे-कानून का पालन करते हैं, वे सरकारी खजाने में अपने से जो बचता है, दे देते हैं और इसी से देश चलता है। ये कांग्रेस पार्टी मध्यम वर्ग को अपना दुश्मन मानती है। आप हैरान हो जाएंगे, अभी कांग्रेस का एक ढकोसलापत्र आया है, 50-55 पन्नों का ढकोसलापत्र आया है। आने वाले पांच सालों में उनके क्या मंसूबे हैं वो सारा उसमें लिखा है। पूरे मेनिफेस्टो में उनके पूरे ढकोसलापत्र में एक बार भी मध्यम वर्ग शब्द नहीं है।

भाइयो-बहनो, ऐसी कांग्रेस को आप माफ कर सकते हैं क्या? इसलिए कांग्रेस से सतर्क रहिए चौकीदार की तरह सतर्क रहिए। साथियो, कांग्रेस के इतिहास को देखेंगे तो एक पैटर्न दिखाई देता है। जब भी ये पार्टी संकट में आती है तब झूठे वादों का एक पिटारा खोल देती है और बाद में गजनी बन जाती है। आपको गजनी फिल्म याद है ना? 2009 में इन्होंने कहा किसानों के घर पर आ कर समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदा जाएगा, अरे घर तो छोड़िए मंडी में भी वो अनाज नहीं खरीद पाए। ये बीजेपी, शिवसेना, एनडीए का सरकार है जिसने लागत का डेढ़ गुना लागत का समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा किया। ये एनडीए की सरकार है जिसने देश के 12 करोड़ किसानों के खाते में हर साल 75 हजार रुपए जमा कराने का काम किया।

साथियो, ये कांग्रेस वाले हर ढकोसलापत्र में किसान को सिंचाई से जोड़ने का वादा करते हैं लेकिन इनकी लटकाई 99 बड़ी सिंचाई योजनाओं को हमारी सरकार तेजी से पूरा कर रही है। इन्होंने गरीबों को आरक्षण देने का भी वादा किया था लेकिन उसके बाद फिर गजनी हो गए। सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया तो इस चौकीदार ने किया, वो भी बाकी किसी वर्ग का हक छीने बिना, कोई भी छेड़-छाड़ किए बिना, किसी के हक को छुए बिना। सारे समाज में प्रेम और सौहार्द का माहौल बनाए रखते हुए, इतना बड़ा फैसला हमने कर लिया।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस अपने वोट बैंक के लिए ही काम करती है और चौकीदार की सरकार, सबका साथ-सबका विकास के लिए काम करती है। ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने का काम कांग्रेस नहीं कर पाई। आपके चौकीदार की सरकार ने उस काम को भी पूरा किया। इसी तरह बंजारा समाज को कभी कांग्रेस ने याद नहीं किया, एनडीए की महायुती की सरकार ने इस बजट में घुमंतू समुदाय के लिए वेलफेयर डेवलपमेंट बोर्ड बनाने का फैसला किया है। साथियो, कांग्रेस और ये महामिलावटी अपने स्वार्थ के लिए जाति, पंथ और संप्रदाय कोई भी खेल-खेल लेते हैं। कर्नाटक चुनाव के दौरान सिर्फ वोट के लिए इन्होंने लिंगायत समाज के साथ क्या किया, ये हम भूले नहीं हैं। पवित्र करतारपुर साहिब के साथ इन्होंने क्या सियासत की, ये भी आप भली-भांति जानते हैं। बटवारे के समय, अगर कांग्रेस चाहती, हमारे गुरुओं की धरोहर करतारपुर साहिब हमारे पास ही रह सकता था लेकिन सिर्फ 3-4 किलोमीटर की ही दूरी से गुरू साहिब के पवित्र स्थान को इन्होंने दूर कर दिया। तब अगर कांग्रेस की नीति सही रहती तो ना आज पाकिस्तान में करतारपुर साहिब होता और ना ही पाकिस्तान को ये खेल खेलने का मौका मिलता। इसी तरह नांदेड़ और अमृतसर साहिब को सीधी हवाई मार्ग से जोड़ने की याद भी कांग्रेस-एनसीपी की सरकारों को कभी नहीं आई। एनसीपी के नेता तो एविएशन मिनिस्टर हुआ करते थे। मुख्यमंत्री उनके हुआ करते थे लेकिन उनको नांदेड़ साहिब और अमृतसर साहिब को जोड़ने की इच्छा कभी नहीं हुई, उड़ान योजना के जरिए ये काम भी हमारी सरकार ने ही किया है। किसानों से 15 गुना दाल की खरीद हो या प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना से यहां के कामगारों को पेंशन सुरक्षा, कांग्रेस-एनसीपी ने कभी नहीं सोचा, ये काम भी हमारी सरकार ने किया है।

भाइयो-बहनो, ये भी सौभाग्य हमारी सरकार को मिला कि उसे गुरू गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व को देश और दुनिया में भव्य तरीके से मनाने का अवसर मिला। इसी तरह इस वर्ष गुरूनानक देव जी की 550वी जयंती को भी हमने दुनिया भर में धूम-धाम से मनाने की तैयारी की। साथियो, देश की आस्था, देश की संस्कृति के संरक्षण और सम्मान के प्रति एनडीए की सरकार, ये चौकीदार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 2014 में आपके वोट के कारण हम दशकों पुराने गड्ढों को भर पाए हैं, 2019 में आपके वोट से विकास का हाईवे बनेगा। 2014 में आपके वोट के कारण पुराने भारत के काम करने के तौर-तरीकों में बदलाव आया, 2019 में आपके वोट से हम एक नया भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। 2014 में आपके वोट से डिजिटल इंडिया से आपके जीवन को आसान बनाया, 2019 में आपके वोट से डिजिटल इंडिया, हमारे मेक इन इंडिया और रोजगार निर्माण का मजबूत आधार बनेगा। 2014 में आपके वोट के कारण आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब मिला, 2019 में आपका वोट आतंकवाद को खत्म करने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। आने वाली 18 अप्रैल को कमल के फूल के सामने बटन दबाकर आप इस चौकीदार को और मजबूत करेंगे। इसी विश्वास के साथ मैं आप सब का आभार व्यक्त करता हूं और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, आप जब कमल के फूल पर बटन दबाएंगे तो आपका वोट सीधे-सीधे मोदी को मिलने वाला है। और इसलिए भाइयो-बहनो, आज आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए, बोलेंगे? मैं कहूंगा मैं भी…, आप कहेंगे चौकीदार।

मैं भी चौकीदार, मैं भी चौकीदार, गांव-गाव है चौकीदार, शहर-शहर है चौकीदार, बच्चा-बच्चा चौकीदार, बड़े-बुजुर्ग भी चौकीदार, माता-बहनें चौकीदार, घर-घर में चौकीदार, खेत-खलिहान में चौकीदार, बाग-बागान में चौकीदार, देश के अंदर चौकीदार, सरहद पर भी चौकीदार, डॉक्टर-इंजीनियर चौकीदार, शिक्षक-प्रोफेसर चौकीदार, लेखक-पत्रकार चौकीदार, कलाकार भी चौकीदार, किसान-कामगार चौकीदार, दुकानदार भी चौकीदार, वकील-व्यापारी भी चौकीदार, छात्र-छात्राएं भी चौकीदार।

भाइयो-बहनो, सारा देश चौकीदार, सवा-सौ करोड़ भारतीय भी चौकीदार।

भारतीय जनता पार्टी और हमारी महायुती को विजयी बनाइए। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

సేవా ఔర్ సమర్పన్ యొక్క 20 సంవత్సరాల నిర్వచించే 20 చిత్రాలు
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Prime Minister participates in 16th East Asia Summit on October 27, 2021
October 27, 2021
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Prime Minister Shri Narendra Modi participated in the 16th East Asia Summit earlier today via videoconference. The 16th East Asia Summit was hosted by Brunei as EAS and ASEAN Chair. It saw the participation of leaders from ASEAN countries and other EAS Participating Countries including Australia, China, Japan, South Korea, Russia, USA and India. India has been an active participant of EAS. This was Prime Minister’s 7th East Asia Summit.

In his remarks at the Summit, Prime Minister reaffirmed the importance of EAS as the premier leaders-led forum in Indo-Pacific, bringing together nations to discuss important strategic issues. Prime Minister highlighted India’s efforts to fight the Covid-19 pandemic through vaccines and medical supplies. Prime Minister also spoke about "Atmanirbhar Bharat” Campaign for post-pandemic recovery and in ensuring resilient global value chains. He emphasized on the establishment of a better balance between economy and ecology and climate sustainable lifestyle.

The 16th EAS also discussed important regional and international issues including Indo-Pacifc, South China Sea, UNCLOS, terrorism, and situation in Korean Peninsula and Myanmar. PM reaffirmed "ASEAN centrality” in the Indo-Pacific and highlighted the synergies between ASEAN Outlook on Indo-Pacific (AOIP) and India’s Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI).

The EAS leaders adopted three Statements on Mental Health, Economic recovery through Tourism and Sustainable Recovery, which have been co-sponsored by India. Overall, the Summit saw a fruitful exchange of views between Prime Minister and other EAS leaders.