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The incumbent NDA governments at the state and central level have greatly accelerated the development of the people of Bihar with our common vision of inclusive and transparent growth for our people: PM Modi in Jamui
The leaders of the ‘maha-milawat’ including the Congress have openly questioned the courage of our armed forces after the Balakot airstrikes. This kind of politics is totally unacceptable to India: Prime Minister Modi
Only two kinds of people dislike the ‘Chowkidar’: One, the ‘Maha-milawati’ gang and two, terror sympathizers: PM Modi

साथियो, आपका ये चौकीदार आज आपको अपने काम का हिसाब तो देगा ही लेकिन उससे पहले भगवान महावीर की इस भूमि से बिहार के हिंदुस्तान के हर नागरिक का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आज इस अवसर पर मैं हमारे साथी नीतीश कुमार जी और बिहार की पूरी टीम का धन्यवाद करना चाहता हूं। बिहार की विकास के लिए यहां की टीम ने यहां के नेतृत्व ने नीतीश जी रामविलास जी, सुशील जी, नित्यानंद जी, रविशंकर प्रसाद जी ने सब ने मिलकर के जो मेहनत की है परिश्रम किया, और आज बिहार का नाम रोशन किया है। उन सबका मैं अभिनंदन करना चाहता हूं। बिहार के इन दिग्गज नेताओं ने आपके इस चौकीदार को और मजबूत किया है। भाइयो-बहनो, चौकीदार के लिए स्व हित से ऊपर जनहित होता है।

 साथियो, जो लोग सिर्फ सत्ता के लिए जीते हैं, वो राष्ट्रहित के बारे में कभी नहीं सोच सकते हैं। आप लोगों ने भी महामिलावट के कई रंग देखे हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी का बयान सुनकर पूरा देश चौंक गया है। श्रीमान उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए ऐसी मांग रखी है। मैं जरा आप लोगों से एक सवाल पूछना चाहता हूं। जवाब देंगे ? सब के सब ये जो दूर-दूर खड़े हैं वो भी जवाब देंगे? आप बताइए भारत में दो प्रधानमंत्री होने चाहिए क्या? क्या भारत में कोई दो प्रधानमंत्री की बात स्वीकार करेगा क्या? एक हिंदुस्तान में प्रधानमंत्री एक जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री ये हो सकता है क्या? किसी को ये मंजूर हो सकता है क्या? आपका विरोध है कि नहीं है? आप डटकर विरोध करेंगे कि नहीं करेंगे? लेकिन आज देखिए जो बात यहां गांव के लोगों को समझ आ रही है। पढ़े-लिखे लोग, अनपढ़ को समझ आ रही है। ये बात कांग्रेस को, आरजेडी को, इनके सभी महामिलावटी नेताओं को समझ नहीं आ रही है। जो आपको समझ आ रहा है वो उनको समझ नहीं आ रहा है। पता नहीं क्या हुआ है, उमर अब्दुल्ला जी ने बयान दिया। मैंने कल से उनको चुनौती दी है कि ये सारे उनके साथी दल देश को विश्वास दें कि ये दो प्रधानमंत्री वाली मांग, वे उनसे सहमत नहीं हैं। ये उनके सभी साथी दल को बोलना चहिए कि नहीं बोलना चाहिए? कांग्रेस को बोलना चहिए कि नहीं बोलना चहिए? RJD को बोलना चाहिए कि नहीं बोलना चाहिए? उनके सभी महामिलावटी लोगों को बोलना चाहिए कि नहीं बोलना चाहिए? लेकिन पता नहीं सांप सूंघ गया है। मैं इंतजार कर रहा हूं कि उनका कोई साथी तो विरोध करें लेकिन सब ने चुप्पी साध ली। उनकी ये चुप्पी ही उनकी असलियत को सामने ला रही है। मैं देशवासियों से आग्रह करूंगा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर, कश्मीर पर, हमारे वीर जवानों पर, हमारे सुरक्षाबलों पर जो बयान दे रहे हैं। जो भांति-भांति के वादे कर रहे हैं। उसे बेहद ध्यान से सुने, समझें और उनका हिसाब इस चुनाव में चुकता होना चाहिए। उनके बयान इस बात के सुबूत है कि उन्होंने कैसे दशकों तक देश चलाया और देश को किस स्थिति तक ले आए। ये हम भली-भांति जानते हैं और राजनीति स्वार्थ के लिए आगे भी कितना अधिक करना चाहेंगे, इसका हम अंदाजा कर सकते हैं। 

साथियो, ये लोग ऐसे विचारों के साथ दिखते हैं जो एक भारत श्रेष्ठ भारत के खिलाफ हैं। ये लोग भारत तेरे टुकड़े होंगे। ये नारे लगाने वाले, भारत तेरे टुकड़े होंगे, ऐसा कहने वाले गैंग को समर्थन देने वाले लोग हैं। साथियो, आप भी जानते हैं कि पुलवामा हमले के बाद देश के वीर-सपूतों ने किस तरह अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। भारत के इतिहास में पहली बार, आतंकियों के घर में घुसकर उनको सबक सिखाने का काम हमारे जवानों ने किया है। आज पूरी दुनिया आतंक पर हमारे प्रहार की चर्चा कर रही है लेकिन महामिलावटी कहते हैं, मोदी सबूत दो, सबूत दो, सबूत दो। क्या ये हमारे विरोधियों की भाषा से आप सहमत हैं? देश की सेना पर आपको भरोसा है, मुझे जरा पूरी ताकत से बताइए देश की सेना पर आपको भरोसा है? देश के वीर-जवानों पर आपको भरोसा है, देश की सेना जो कहे उस पर आपका विश्वास है? आपका है... लेकिन कुछ लोगों ने तो सेना को ही अपना दुश्मन बना लिया है। उनको लगता है कि सेना पराक्रम करती है और फायदा मोदी को मिल रहा है। इसलिए अब सेना को परेशान करने के रास्ते खोज रहे हैं।

भाइयो–बहनो, इस देश की सेना को परेशान करके हम देश का भला कर सकते हैं, हमारी सुरक्षा करते हैं? हमारा जीवन आसान हो सकता है? लेकिन ये बातें ये लोग बोल रहे हैं। ये ऐसे लोग हैं कि इन लोगों को बताना चाहिए कि उन्हें भारत के सपूतों पर भरोसा है या पाकिस्तान के कपूतों पर भरोसा है? साथियो, पूरी दुनिया आज भारत के पक्ष में खड़ी है। हर कोई हर बात पर हिंदुस्तान के साथ खड़े हो जाते हैं लेकिन ये महामिलावटी बिल्कुल वैसी बातें करते हैं जैसी पाकिस्तान करता है। ये हिंदुस्तान के सियासी दल कम पाकिस्तान के प्रवक्ता ज्यादा लगते हैं। जमुई, नवादा और मुंगेर को हिंदुस्तान के हीरो चाहिए या फिर पाकिस्तान के पक्षकार चाहिए? पाकिस्तान के पक्षकारों को सजा देंगे? पाकिस्तान के पक्षकारों को सजा देंगे? साथियो, केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार आज भारत को मजबूती की तरफ ले जा रही है। चाहे आतंकवाद हो या नक्सलवाद, हमारी नीति साफ है। भारत को आंख दिखाने का काम जो भी करेगा उससे नरमी से नहीं निपटा जाएगा। इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए। चाहे वो नक्सलियों को वैचारिक चारा देने वाले लोग हों या फिर उनको शरण देने वाले लोग हों। साथियो, अगर कोई नौजवान भटकते हैं, उनको मुख्यधारा में लाने का हर संभव प्रयास हमने किया है। यूपीए के आखिरी पांच वर्ष में नक्सली, माओवादी विचारधारा से प्रभावित जितने युवाओं ने सरेंडर किया। उससे ढाई गुना ज्यादा युवा पिछले पांच साल में हमारी सरकार के दौरान रास्ता छोड़कर, मुख्य धारा में वापस आए हैं।

साथियो, जब भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सत्ता में आते हैं। पूरी शासन प्रणाली को रिवर्स गेयर में ले जाते हैं। सीधी चल रही देश की गाड़ी, ये पीछे की ओर खींच कर ले जाते हैं। देखिए जो मंहगाई नियंत्रण में रहनी चाहिए वो कांग्रेस सत्ता में आते ही महंगाई बढ़नी लगती है, आतंकवादी वारदातें बढ़ने लगाती है, देश में हिंसा बढ़ने लगती है, असंतोष बढ़ने लगता है, भ्रष्टाचार बढ़ने लगता है, काला धन बढ़ने लगता है और कमी क्या होती है। देश की समृद्धि कम होने लगती है, देश की साख कम होने लगती है, सैनिकों का मनोबल कम होने लगता है, ईमानदारी का सम्मान कम होने लगता है। ऐसी रिवर्स गेयर वाली पार्टियां किसी राज्य का और ना ही देश का भला कर सकते हैं। साथियो, रिवर्स गेयर वाली इन पार्टियों को न तो दलितों और पिछड़ों, के न तो मान की चिंता है और न ही काम की परवाह है। दलित-पिछड़ों के नाम पर आज के राजघराने सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि हमारी सरकार ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिलाना चाहती थी। आपकी ये दशकों पुरानी मांग थी लेकिन जब भी केंद्र में कांग्रेस और उनके सहयोगियों की सरकार बनी, उन्होंने ओबीसी कमीशन बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। हमारी सरकार बनने के बाद, एनडीए सरकार ने जब इस काम के लिए कदम बढ़ाया तो ये पिछड़ों की बातें करने वाले नेताओं ने ओबीसी कमीशन की राह में रोड़े अटकाना शुरू कर दिया। 

साथियो, हमारी नीयत साफ थी इसलिए सारी अड़चने दूर करते हुए ओबीसी कमीशन का संवैधानिक दर्जा देने का काम एनडीए की सरकार ने कर दिया। और मैं समझता हूं कि ये बिहार के लिए तो दोहरी खुशी की बात रही है कि संविधान का दर्जा मिलने के बाद जो आयोग के पहले चेयरमैन बने माननीय भगवान लाल साहनी जी वो भी इसी बिहार की धरती के मुजफ्फरपुर के सपूत हैं। भाइयो-बहनो, ये भी याद करिए कांग्रेस ने हमारे संविधान के निर्माता बाबा साहब के लिए क्या सलूक किया। उन्हें हराने के लिए कांग्रेस ने कितनी साजिशें रची थीं। ये भी आज की पीढ़ी और हमारे युवाओं को जानना जरूरी है। सोचिए ये कांग्रेस ने बाबा साहब की याद तक को भारत के जनमानस से मिटाने की साजिश रची। अपने परिवार को भारत रत्न देना कांग्रेस को याद रहा लेकिन बाबा साहब याद नहीं आए। बाबा साहब को भारत रत्न मिला तो बीजेपी और सहयोगियों के लगातार प्रयास की वजह से मिला। भाइयो-बहनो, बाबा साहब का जितना अपमान कांग्रेस ने किया है उतना किसी और दल ने नहीं किया। कांग्रेस ने बाबा साहब के साथ जो किया था उसके बाद मैं मानता हूं की जो भी बाबा साहब को पूजनीय मानते हैं वो कभी भी कांग्रेस का साथ नहीं दे सकते हैं। लेकिन कुछ राजनीतिक अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए सत्ता पाने के लिए बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ये वही लोग हैं जो आपातकाल में जेल गए थे। जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ते थे। आदर्शों की बातें करते थे, ये वही जमात है जो कभी जेपी-जेपी कहा करती थी, वो आज कांग्रेस की गोद में जाकर के बैठ गए हैं भाइयो-बहनो। सत्ता का मोह क्या स्वाभिमान से बड़ा होता है। खैर जिन्होंने बिहार के स्वाभिमान की चिंता नहीं की उनसे इस बात की भी उम्मीद नहीं की जा सकती। भाइयो-बहनो, बाबा साहब का मान-सम्मान किसी भी राजनीतिक दल की ऊंचाई से कहीं ज्यादा उंचा हैं। कांग्रेस द्वारा उनका अपमान हम इतिहास से नहीं मिटा सकते लेकिन आने वाली पीढ़ियां उनका नाम सुनकर गर्व महसूस करें। उनसे प्रेरणा लें, इसके लिए कोशिश जरूर कर रहे हैं। लंदन में जहां बाबा साहब ने शिक्षा ग्रहण की, दिल्ली में जहां बाबा साहब का निधन हुआ, मुंबई में जहां चैत्य भूमि पर अंतिम संस्कार किया। उनके जीवन के इन पांच स्थलों पर हमने पंच तीर्थ तौर पर विकसित करने का काम एनडीए की सरकार ही कर रही है। हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का फैसला भी एनडीए की सरकार ने ही किया है।

साथियो, स्वार्थ की राजनीति करने वाले भ्रम की राजनीति करने वाले, समाज को बांटकर समाज को तोड़कर अपना भला करना चाहते हैं। हर चुनाव में ये आरक्षण का विषय लेकर आ जाते हैं। आपको डराते हैं कि मोदी आरक्षण खत्म कर देगा। जब मोरारजी की सरकार बनी, तब भी ऐसी बातें की, जब अटल जी की सरकार बनी तब भी ऐसी बातें की। जब मोदी की सरकार बनी तब भी ऐसी बातें की, ये ऐसे ही झूठ चलाते रहते हैं। पहले के चुनाव में भी हुआ है और इस बार भी ऐसा किया जा रहा है। भाइयो-बहनो, मैं बिहार के लोगों को देश के पिछड़े समाज, आदिवासी समुदाय, गरीब, इन सब को कहना चाहता हूं कि इन लोगों द्वारा फैलाई जा रही अफवाह का मुंहतोड़ जवाब दें। मोदी ही क्या कोई भी आपके आरक्षण को हाथ नहीं लगा सकता। एनडीए की केंद्र सरकार ने हाल में सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए जो 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है वो भी किसी के अधिकार को छिने बिना किया है। ये अलग से बनाई हुई व्यवस्था है। इतना बड़ा हमने निर्णय किया और समाज में हमने दरार नहीं होने दी। सामाजिक एकता को हमने टूटने नहीं दिया और यही सब को साथ लेकर चलने की हमारी नीति का परिणाम है। साथियो, कांग्रेस की आरजेडी की बिहार विरोधी नीतियों की वजह से उनकी सरकारों ने देश के इस हिस्से को किस स्थिति में लाकर छोड़ दिया था। ये हम भली-भांति जानते हैं।

नीतीश जी, रामविलास पासवान जी, सुशील मोदी जी हमारे अनंत कुमार जी इन सब ने मिलकर एनडीए की सरकार ने स्थिति को बदलने का मेहनत से प्रयास किया। जमुई और आसपास के क्षेत्र में विकास के अनेक कार्य एनडीए सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। आंकाक्षी जिलों की लिस्ट में रखे जाने के बाद जमुई में स्थितियां तेजी से सुधर रही है। अब तो जमुई, नवादा, शेखपुरा और मुंगेर के घरों में पाइप से सस्ती गैस पहुंचने और सीएनजी की गाड़िया चलाने का प्रबंध किया जा चुका है। इससे यहां उद्योगों और रोजगार के अवसर भी बनने वाले हैं। भाइयो-बहनो, हमारी सरकार की कोशिश है कि आपके जीवन को हर तरह से सुगम बनाया जाए। एनडीए सरकार द्वारा बिहार में कनेक्टिविटी पर बहुत जोर दिया जा रहा है। गांव-गांव तक सड़क पहुंचाना हो या फिर गंगा जी पर पुल बनाने का काम हो। यहां अधूरी सिंचाई परियोजनाएं सभी पूरा करने के लिए काम निरंतर जारी है। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि से बिहार के डेढ़ करोड़ से अधिक किसान परिवारों को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपए की सीधी मदद खाते में जमा होने शुरू हो चुकी है।

जिन किसानों को अभी ये मदद नहीं मिली है उनको भी ये बहुत जल्द मिलने वाली है। साथियो, बिहार के एक करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज तक की व्यवस्था भी इसी एनडीए की सरकार ने की है। आयुष्मान भारत योजना से करीब 19 हजार गरीब मरीजों का इलाज मुफ्त में हो चुका है। इसी तरह आज गरीबों को अपना पक्का घर मिल रहा है। गरीब परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए हैं। लाखों गरीब बहनों को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया गया है। सिर्फ 100 से 200 रुपए महीने जमा कर हमारे श्रमिक साथी 60 साल की उम्र के बाद तीन हजार की पेंशन पा सकें इसका प्रावधान भी एनडीए की सरकार ने किया है।

साथियो, देश की सुरक्षा हो, गरीब किसान का सम्मान हो, या भारत का अभिमान हो। हम सभी चौकीदारों को इसकी रक्षा करनी है। मैंने कभी दावा नहीं किया कि मैंने सारे काम पूरे काम कर लिए हैं। वो 70 साल के बाद भी दावा नहीं कर सकते तो मैं 5 साल बाद कैसे कर सकता हूं। अभी बहुत कुछ करना है। बहुत कुछ करने का माद्दा है और इसके लिए निरंतर प्रयास की जरूरत है और उसके लिए मुझे आपके निरंतर आशीर्वाद की भी जरूरत है। आप सभी 11 अप्रैल को एनडीए के पक्ष में भारी मतदान करके फिर मोदी सरकार बनाएंगे इसी कामना के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। और इतनी बड़ी तादाद में आप हम सब को आशीर्वाद देने आए इसके लिए फिर से एक बार मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।

और मेरे साथ बोलिए, पूरी ताकत के साथ बोलिए, मैं कहूंगा मैं भी आप कहेंगे चौकीदार हूं। मैं भी... चौकीदार हूं, मैं भी... चौकीदार हूं, मैं भी... चौकीदार हूं। गली-गली में चौकीदार, गली –गली में चौकीदार, चौक-चौक पर चौकदीर, गांव-गांव में चौकीदार, शहर-शहर में चौकीदार, बच्चा-बच्चा चौकीदार, हर बुजुर्ग चौकीदार, माता-बहनें चौकीदार, घर-घर में चौकीदार, बाग-बगीचे में चौकीदार, देश के अंदर चौकीदार, सीमा के ऊपर चौकीदार।

आइए भाइयो-बहनो, सारा हिंदुस्तान चौकीदार, सारा हिंदुस्तान चौकीदार, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

ଦାନ
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Foreign Minister of Maldives, Abdulla Shahid calls on Prime Minister
December 13, 2019
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Mr. Abdulla Shahid, Foreign Minister of the Republic of Maldives, called on Prime Minister Shri Narendra Modi in New Delhi today. Mr. Abdulla Shahid is on an official visit to India for the 6th India-Maldives Joint Commission Meeting.

Prime Minister conveyed his compliments to FM Shahid on the achievement of the Government led by President Ibrahim Mohamed Solih in its first year. He noted with satisfaction the enhanced level of engagement between India and Maldives and the positive outcomes of bilateral cooperation during the last one year.  He expressed his confidence that the discussions during the 6th JCM would enable both sides to review progress and chart even a more ambitious way forward to further strengthen and deepen the mutually beneficial cooperation between the two countries. Prime Minister Modi reiterated India’s commitment to partner the Government of the Maldives for a strong, democratic, prosperous and peaceful Maldives.

Foreign Minister Shahid thanked PM Modi for his vision and strong leadership in driving the India-Maldives relationship. He expressed his deep appreciation for India’s support in various development cooperation initiatives that are currently being implemented in Maldives. He conveyed the commitment of the leadership of Maldives to its ‘India First’ policy and to further strengthening the relationship with India.