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The incumbent NDA governments at the state and central level have greatly accelerated the development of the people of Bihar with our common vision of inclusive and transparent growth for our people: PM Modi in Jamui
The leaders of the ‘maha-milawat’ including the Congress have openly questioned the courage of our armed forces after the Balakot airstrikes. This kind of politics is totally unacceptable to India: Prime Minister Modi
Only two kinds of people dislike the ‘Chowkidar’: One, the ‘Maha-milawati’ gang and two, terror sympathizers: PM Modi

भारत माता की जय

मंच पर विराजमान बिहार के जनप्रिय मुख्यमंत्री, हमारे मित्र श्री नीतीश कुमार जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान रामविलास जी, राज्य के उपमुख्यमंत्री भाई श्री सुशील जी, सरकार में मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए गया जी के मेरे प्यारे भाइयो-बहनो।

आपका आशीर्वाद ही पांच साल से मुझे निरंतर काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है। विकास की पंचधारा यानी बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई। इसके लिए एक ईमानदार प्रयास अगर हम सभी एनडीए के साथी मिलकर कर पाए हैं तो इसके पीछे आप सभी का साथ, आप सभी की भागीदारी है। आज देश में जो कुछ भी प्रगति हो पा रही है, जो बदलाव हुआ है, जो सामान्य मानवी की आवश्यकताएं पूरी हुई हैं। ये सिर्फ और सिर्फ आप सब के सहयोग के कारण हुआ है और इसलिए दोनों हाथ जोड़कर के आप सब का आभार व्यक्त करता हूं, आपका धन्यवाद करता हूं क्योंकि आपने हमें पांच साल आपकी सेवा करने का मौका दिया है।

भाइयो-बहनो, आपके इस चौकीदार ने आपके लिए जो कुछ भी किया है उससे आप खुश हैं? बाकी जो काम बचा है वो भी यही चौकीदार पूरा करेगा। आपको विश्वास है? गया जी, औरंगाबाद और पूरे बिहार का यही विश्वास 11 अप्रैल को नए भारत के नए तेवरों पर बटन दबाएगा और एक बार फिर मोदी सरकार बनाएगा।
साथियो, आप सभी, पूरा देश, यहां तक की विदेशों में रहने वाले हमारे भारतीय भाई-बहन, सभी चौकीदार को आशीर्वाद दे रहे हैं। देश और दुनिया में सिर्फ दो तरह के लोग हैं जिनको चौकीदार से परेशानी है। आपको मालूम है ये कौन लोग हैं, ये जो चौकीदार से परेशान हैं वो कौन लोग है? ये दो लोगों में एक महामिलावटी और उनके पैरोकार और दूसरे आतंकवादी और उनके मददगार, यही लोग चौकीदार से परेशान हैं। ये परेशान क्यों हैं ये जानना भी बहुत जरूरी है।

भाइयो-बहनो, यहां बोधगया जी में, जहां भगवान बुद्ध जी के शांति और अहिंसा के मार्ग को जानने और समझने के लिए दुनिया भर के लोग आते हैं, शांति की अनुभूति करते हैं। ऐसी जगह पर 7 जुलाई 2013 को क्या हुआ था, जगह-जगह पर बम धमाकों से कैसे बिहार को हिला दिया गया था। 2014 से पहले देश भर के शहरों में, अनेक शहरों में, लोगों के बीच में बम धमाके हुआ करते थे। बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे? कभी हैदराबाद में, कभी अहमदाबाद में, कभी दिल्ली में, कभी अयोध्या में, कभी काशी में, कभी जम्मू में आए दिन बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे? निर्दोष लोगों को मारा जाता था कि नहीं मारा जाता था? कोई इंडियन मुजाहिद्दीन, कोई हूजी, ऐसे संगठन बेधड़क डर का माहौल बनाने में जुटे थे। ऐसा क्या हुआ कि मई 2014 के बाद मुजाहिद्दीन, हूजी सभी पस्त पड़ गए, कहां चले गए वो स्लीपर सेल? पुलिस वही, इंटेलिजेंस एजेंसियां वही, सूचना के तंत्र वही, उनका सामर्थ्य वही, उनका कौशल वही, तो फिर बदला क्या, क्या बदला? ये धमाके बंद किसने किए, ये धमाकों को चुप किसने किया? मोदी ने नहीं किया, आपके एक वोट ने किया है, आपके वोट की ताकत। आपका वोट हिंदुस्तान की कितनी बड़ी सेवा करता है, ये पांच साल में हिंदुस्तान ने देखा है।

भाइयो–बहनो, इस देश की सेना को परेशान करके हम देश का भला कर सकते हैं, हमारी सुरक्षा करते हैं? हमारा जीवन आसान हो सकता है? लेकिन ये बातें ये लोग बोल रहे हैं। ये ऐसे लोग हैं कि इन लोगों को बताना चाहिए कि उन्हें भारत के सपूतों पर भरोसा है या पाकिस्तान के कपूतों पर भरोसा है? साथियो, पूरी दुनिया आज भारत के पक्ष में खड़ी है। हर कोई हर बात पर हिंदुस्तान के साथ खड़े हो जाते हैं लेकिन ये महामिलावटी बिल्कुल वैसी बातें करते हैं जैसी पाकिस्तान करता है। ये हिंदुस्तान के सियासी दल कम पाकिस्तान के प्रवक्ता ज्यादा लगते हैं। जमुई, नवादा और मुंगेर को हिंदुस्तान के हीरो चाहिए या फिर पाकिस्तान के पक्षकार चाहिए? पाकिस्तान के पक्षकारों को सजा देंगे? पाकिस्तान के पक्षकारों को सजा देंगे? साथियो, केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार आज भारत को मजबूती की तरफ ले जा रही है। चाहे आतंकवाद हो या नक्सलवाद, हमारी नीति साफ है। भारत को आंख दिखाने का काम जो भी करेगा उससे नरमी से नहीं निपटा जाएगा। इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए। चाहे वो नक्सलियों को वैचारिक चारा देने वाले लोग हों या फिर उनको शरण देने वाले लोग हों। साथियो, अगर कोई नौजवान भटकते हैं, उनको मुख्यधारा में लाने का हर संभव प्रयास हमने किया है। यूपीए के आखिरी पांच वर्ष में नक्सली, माओवादी विचारधारा से प्रभावित जितने युवाओं ने सरेंडर किया। उससे ढाई गुना ज्यादा युवा पिछले पांच साल में हमारी सरकार के दौरान रास्ता छोड़कर, मुख्य धारा में वापस आए हैं।

साथियो, अगर कुछ बदला है तो रीति बदली, नीति बदली, नीयत बदली। दिल्ली में चौकीदार की सरकार बनी, यही बदलाव आया है और परिणाम आपके सामने है। हमारी पुलिस में, हमारी सुरक्षा एजेंसियों में पहले भी कोई कमी नहीं थी, कमी थी राजनीतिक आजादी की। जान दांव पर लगाकर हमारे सुरक्षाकर्मी, आतंकियों को, स्लीपर सेल्स को पकड़ते थे और ये महामिलावटी सिर्फ तुष्टिकरण के लिए, वोट के लिए ऐसे खतरनाक लोगों को छोड़ देते थे। इसी सोच ने, इसी नीति ने आतंक की जड़ों को भारत में मजबूत किया और हजारों निर्दोष लोगों का जीवन इनकी राजनीति की भेंट चढ़ गया।
साथियो, ये यहीं नहीं रुकते थे, जांच सही से ना हो इसके लिए भी इन्होंने एक हौवा खड़ा कर दिया, हिन्दू आतंकवाद। कांग्रेस के नामदार इनके थिंक टैंक, हर कोई हिन्दू आतंकवाद को भारत में आतंक के लिए जिम्मेदार ठहराने में लगा था। समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के मामले में भी इन्होंने यही किया और पाकिस्तानियों का क्या रोल था, उस तरफ जांच को ही नहीं ले गए। आतंक के खिलाफ ऐसी लड़ाई इन्होंने लड़ी है और आज जब चौकीदार पूरी छमता के साथ आतंक को कुचलने में जुटा है तब ये चौकीदार को ही गाली दे रहे हैं।

भाइयो-बहनो, आप सभी को बहुत सावधान होना है, सिर्फ सत्ता के लिए जो आतंकियों की जात-पात, संप्रदाय ढूंढ सकते हैं वो कभी आतंकवाद से और नक्सलवाद से लड़ाई नहीं लड़ सकते हैं। साथियो, नक्सलियों को वैचारिक और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाली भी यही बिरादरी है, यही लोग हैं। होना तो ये चाहिए कि भटके हुए नौजवानों को मेन स्ट्रीम में लाने के लिए अपने दिमाग का प्रयोग करें, अपने सामर्थ्य को लगाएं लेकिन ये लोग तो ऐसे नौजवानों को भड़काने में जुटे हुए हैं। देश में खून-खराबे को बढ़ावा देने वाली इस मानसिकता को कुचलने के प्रति, ये चौकीदार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
भाइयो और बहनो, महामिलावट के चौकादीर से, चायवाले से, सफाई वाले से झाड़ू-पोंछा करने वाले से यानी काम करने वाले हर किसी से ये महामिलावट वालों को नफरत है। काम करके अपने दम पर कोई कैसे आगे बढ़ जाता है इससे इनको बहुत समस्या है। यही कारण है कि चौकीदार को तरह-तरह की गालियां दी जा रही हैं। कांग्रेस के नेता ने तो यहां तक कह दिया, ये मोदी चौकीदार-वौकीदार कुछ नहीं है ये तो सिर्फ शौचालयों का चौकीदार है। हाल में कुंभ के दौरान, जब मैंने साफ-सफाई रखने वाले, हमारे प्यारे भाइयो-बहनो का स्वच्छता के चौकीदारों के जब मैंने पैर धोकर के उनका आभार जताया तो मुझ पर कैसी-कैसी गालियां बरसाई गईं, ये देश ने देखा है। आप ही बताइए जो शौचालयों की चौकीदारी करते हैं, साफ-सफाई करते हैं, क्या ये उनका अपमान नहीं है, ये अपमान आप को मंजूर है? समाज में मेहनतकश लोगों का अपमान आपको मंजूर है? गरीबों का मजाक आपको मंजूर है? क्या ये कांग्रेस के नेताओं की मानसिकता का भेद-भाव नहीं है तो क्या है? दशरथ मांझी जैसे दमदार कामगारों का प्रदेश बिहार ऐसे लोगों को सबक जरूर सिखाएगा।

साथियो, एनडीए की सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ-साथ सबके सम्मान के भाव से काम करती रही है। हर जाति हर वर्ग के काम को, उनके योगदान को नमन करने वाले हम लोग हैं। यही डॉक्टर बाबा साहब अम्बेडकर ने हमारे संविधान में व्यवस्था की। गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को अपने पक्के घर देने का काम हो, साल में पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देने का काम हो, घर-घर मुफ्त का गैस कनेक्शन देने काम हो, हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम हो, हर गरीब के घर को शौचालय से जोड़ने का काम हो या फिर हर गरीब का बैंक में खाता खुलवाने का काम हो, हमारी सरकार ने गरीब को गरीबी के कुचक्र से बाहर निकालने का सार्थक प्रयास किया है।

भाइयो-बहनो, एक जमाना था बिहार के आधे गांव अंधेरे में गुजारा करते थे। मैं नीतीश जी को बधाई देता हूं, हर घर में बिजली पहुंचना ये छोटा काम नहीं है। मैं भी प्रगतिशील राज्य का मुख्यमंत्री रहा हूं लेकिन ऐसी सिद्धी पाना, ये छोटी बात नहीं है, मैं नीतीश जी को, उनकी पूरी टीम को लाख-लाख बधाई देता हूं।

भाइयो-बहनो, गया जी को, औरंगाबाद को, पूरे बिहार को एनडीए की हमारी सरकार पुराने अव्यवस्था के दिनों से बहुत दिनों से बहुत परिश्रम करके बाहर निकालने में आज सही रास्ते पर पहुंची है। गया जी और औरंगाबाद तो देश के विकास क्रम में सबसे पीछे रह गए, 112 जिलों में से एक थे। आप सभी की भागीदारी के साथ हमारी सरकार ने इन पिछड़े जिलों को आगे बढ़ाने के लिए एक मुहिम चलाई, जिसका परिणाम ये है कि आज गया जी और औरंगाबाद, दोनों जिले देश के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले आकांक्षी जिलों में टॉप फाइव में आ गए। पूरे देश में जिनका नंबर 112 था आज पांच के अंदर आ गए, नीतीश जी आपको बधाई है, अभिनंदन है, उन सरकारी अफसरों को भी अभिनंदन है। 112 से पांच पर पहुंचना, ये छोटा काम नहीं है भाइयो। जो काम करता है उन्हें पता है कितनी बारीकी से मेहनत करनी पड़ती है, ये सारे अफसर, इन दोनों जिलों के, छोटे-छोटे मुलाजिम मेरी तरफ से बधाई स्वीकार करें, अभिनंदन स्वीकार करें, आपने बहुत बड़ा काम किया है। साथियो, जिस बिहार को बीमार बनाने का काम महामिलावटियों ने किया, वहां के जीवन में बहार लाने की ईमानदार कोशिश एनडीए कर रही है। गया जी समेत इस पूरे क्षेत्र में पानी की समस्या कितनी भीषण रही हैं, ये मुझसे ज्यादा आप अच्छी तरह जानते हैं। इतनी समस्या के बावजूद उत्तर कोयल परियोजना के साथ इन लोगों ने क्या किया, इस परियोजना को कांग्रेस ने 1972 में बनाने की बात की, बोले और फिर सो गए। 47 साल तक वो सोते रहे और यहां के मेरे किसान रोते रहे। हम सिंचाई के प्रोजेक्ट को पूरा कर ही रहे हैं साथ में बिहार के करोड़ों किसानों को हर वर्ष तीन बार बैंक खाते में पैसे भी जमा कर रहे हैं। अनेक किसानों के खाते में पहली किश्त आ भी चुकी है और जो रह गए हैं उनको भी बहुत जल्द, ये किश्त उनके खाते में पहुंचने वाली है।

भाइयो और बहनो, बिहार और झारखण्ड के हमारे सभी सांसद जब मेरे पास इस मामले को लेकर आए, मैं तो हैरान रह गया। मैंने फौरन अधिकारियों को इससे जुड़ी समस्याओं को हल करने को कहा और अब इस पर तेज गति से काम चल रहा है। आप कल्पना कर सकते हैं, तीस करोड़ की लागत से जिस डैम को बनना चाहिए था उस पर देश करीब ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। साथियो, पहले की सरकारों के समय बिहार में जिस तरह काम होता था अगर समय पर बदलाव ना किया होता, एनडीए की सरकार ना बनी होती तो गया जी को ना जाने कितने दशरथ मांझी गढ़ने पड़ते।
साथियो, बोध गया जी के पास आस्था और आध्यात्म दोनों हैं। 2015 में यहां बहुत ही शानदार इंटरनेशनल बुधिस्ट कॉनक्लेव हुआ था। जिसमें मुझे खुद भी उपस्थित होने का अवसर मिला था। ये नगरी हमारी आस्था के साथ ही हमारे विकास का आधार बने इसके लिए एनडीए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए सारी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, एनडीए सरकार गया जी को स्पीरिचुअल टूरिज्म यानी जहां से ज्यादा से ज्यादा लोग आध्यातम की अनुभूति करने के लिए आएं, उन लोगों को कम से कम दिक्कत हो ऐसे तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। यहां गया जी के एयरपोर्ट के विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा है। गया जी से कुशीनगर को हवाई मार्ग से जोड़ा गया है। हृदय और प्रसाद योजना के माध्यम से यहां पर्यटन स्थलों में सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। गया जी में स्मार्ट सुविधाएं विकसित करने के लिए सड़कों, गलियों, सीवर सिस्टम, यहां के ट्रैफिक लाइटिंग, हर चीज पर निवेश किया जा रहा है। यहां गाड़ियां सीएनजी से चलेंगी और घरों में पाइप वाली सस्ती गैस भी पहुंचेगी। इसके अलावा अनेक नई ट्रेनें शुरू की गई हैं और गया-किऊल की लाइन सहित अनेक लाइनों का बिजलीकरण किया जा रहा है।

साथियो, टूरिज्म से जुड़ा कोई भी शहर तब आगे बढ़ता है जब अनेक स्तरों पर एक साथ काम किया जाता है। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर पॉवर सप्लाई सुधारने तक का फायदा टूरिज्म सेंटर को ही तो होता है। कनेक्टिविटी का फायदा, डिजीटल इंडिया अभियान, आधुनिक इंफ्रास्ट्रकचर, सीधे टूरिज्म सेक्टर से जुड़े हुए हैं। सरकार के इन प्रयासों की वजह से ही पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है। 165 देशों को ई-वीजा देने का भी लाभ देश के टूरिज्म सेक्टर को हो रहा है। साथियो, एनडीए सरकारा के आने से पहले भारत में साल में 60-65 लाख विदेशी पर्यटक आते थे, अब भारत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या एक करोड़ को भी पार कर गई है।

भाइयो-बहनो, ये विदेशी पर्यटक आते हैं तो ढेर सारे पैसे भी खर्च करते हैं। इस टूरिज्म की वजह से भारत 2013 में जितना कमाता था, अब उससे करीब डेढ़ गुना ज्यादा कमाता है। ये अतिरिक्त पैसा, ये बढ़ी हुई कमाई भी टूरिज्म वाले शहरों में ही, गया जी जैसे शहरों में जा रही है। चाहे वो हैंडीक्राफ्ट का सामान बेचने वाले लोग हों या फिर दूसरी चीजों की दुकान लगाने वाले लोग हों, ये सभी पर्यटन क्षेत्र में ही अपनी दुकान लगाते हैं। इसलिए ज्यादा पर्यटक आने का मतलब है, स्थानीय लोगों को ज्यादा कमाई, जब विदेशी टूरिस्ट से कमाई बढ़ती है तो होटल वाला भी कमाता है और चाय वाला भी कमाता है।

भाइयो-बहनो, विकास से जुड़े काम हो या देश की चुनौतियां, उसके लिए मजबूत सरकार की जरूरत है। आतंक से, गरीबी से, भेदभाव से, भ्रष्टाचार से एक मजबूत सरकार, नेक नीयत वाली मजबूत सरकार ही निपट सकती है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार आप सभी पिछली बार का रिकॉर्ड तोड़ते हुए बिहार की हर सीट एनडीए के खाते में डालेंगे। डालेंगे ना, पक्का डालेंगे? घर-घर जाएंगे, मतदाताओं को समझाएंगे, इसी विश्वास के साथ आप सभी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
मेरे साथ एक नारा बोलेंगे? मैं कहूंगा… मैं भी, आप कहेंगे… चौकीदार। मैं भी…चौकीदार, गांव-गांव…चौकीदार, घर-घर…चौकीदार, गली-गली…चौकीदार, शहर-शहर…चौकीदार। बहुत-बहुत धन्यवाद।

ଦାନ
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Prime Minister inteacts with scientists at IISER, Pune
December 07, 2019
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Prime Minister, Shri Narendra Modi today interacted with scientists from Indian Institute of Science  Education and Research (IISER) in Pune, Maharashtra . 

IISER scientists made presentations to the Prime Minister on varied topics ranging from  New Materials and devices for Clean Energy application to Agricultural Biotechnology to Natural Resource mapping. The presentations also showcased cutting edge technologies in the field of Molecular Biology, Antimicrobial resistance, Climate studies and Mathematical Finance research.

Prime Minister appreciated the scientists for their informative presentations. He urged them to develop low cost technologies that would cater to India's specific requirements and help in fast-tracking India's growth. 

Earlier, Prime Minister visited the IISER, Pune campus and interacted with the students and researchers. He also visited the state of the art super computer PARAM BRAHMA, deployed by C-DAC in IISER, which has a peak computing power of 797 Teraflops.

The Indian Institute of Science Education and Research (IISERs) are a group of premier science education and research institutes in India. 

Prime Minister is on a two day visit to attend the DGP's Conference in Pune.