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A strong, stable, transparent and people-centric government is extremely crucial for a growing, aspirational country like India: PM Modi
The last five years have shown the world what the people of India are capable of achieving with the right government that puts their interests first: Prime Minister Modi
The condition of India’s farmers would have been much better if Sardar Vallabhbhai Patel had been the first PM of India: PM Modi in U.P.

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय

महाराजा सुहेलदेव की धरती को मैं नमन करता हूं। यहां बहराइच के अलावा गोंडा, श्रावस्ती, कैसरगंज सहित आस-पास से भारी संख्या में साथी आए हैं। आप सभी का भी बहुत-बहुत अभिनंदन। इतनी गर्मी में आपका हम सभी को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचना ये किसी सौभाग्य से कम नहीं है। लेकिन साथियो, इस गर्मी में असली पसीना उन लोगों को छूट रहा है जो मोदी हटाओ, मोदी हटाओ के गीत गुनगुनाते रहते हैं। साथियो, ये चुनाव कौन दल जीते, कौन सांसद बने, कौन मंत्री बने, सिर्फ इतने भर के लिए नहीं है, ये चुनाव इस बात के लिए है कि 21वीं सदी की भारत का स्थान क्या होगा? भाइयो-बहनो, भारत महाशक्ति बने इससे आपको गर्व होगा की नहीं होगा, आपको गर्व होगा की नहीं होगा? आपको गर्व होगा की नहीं होगा? साथियो, पूरा देश चाहता है कि भारत महाशक्ति बने, दुनिया भारत का दम देखे लेकिन भाइयो-बहनो, लेकिन ये काम कोई कमजोर, ढीली-ढाली, मजबूर सरकार कर सकती है क्या? ऐसे नहीं जवाब भी तो तगड़ा चाहिए, कर सकती है क्या?

भाइयो-बहनो, जब सरकार मजबूर होती है, ढीली-ढाली होती है, जोड़तोड़ की होती है तो फिर कभी 11 महीने में कभी एक साल में कभी 1.5 साल में कभी 2 साल में प्रधानमंत्री बदल जाता है, सरकार बदल जाती है, देश की गाड़ी चलती ही नहीं है। भाइयो बहनो, क्या आप ऐसी सरकार बनाना पसंद करेंगे क्या? तो भारत को ऐसी सरकार मजबूत बना सकती है क्या ? भारत को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए सरकार भी मजबूत होनी चाहिए की नहीं ? होनी चाहिए की नहीं, होनी चाहिए की नहीं होनी चाहिए? ये मजबूत सरकार सपा-बसपा वाले दे सकते है क्या? कोई संभावना है क्या? अरे वो उत्तर प्रदेश में अकेले सरकार चलाते थे कभी मजबूती दिखाई दी थी क्या? ये मजबूत सरकार कांग्रेस और उसके जो महामिलावटी लोग है वो दे सकते हैं क्या? जवाब तो आखिर से भी आना चाहिए। दे सकते हैं क्या?

साथियो, ये याद रखिए की महामिलावटी दल देश भर में जितनी कम सीटों पर लड़ रहे हैं। उनमें से ज्यादातर वो जमानत बचाने के लिए मेहनत कर रहे हैं, जीतने का तो सवाल ही नहीं है। मैं जो बात कह रहा हूं आपको सच लगती है, मेरी बात सच लगती है, लगती है? आप जो लोगों में जाते है यहीं सुन के आते हैं न, लोग एक तरफा मोदी-मोदी वोट करने के लिए तैयार है की नहीं है। जो आप बहराइच में देखते हैं, जो गोंडा में देखते हैं, जो श्रावस्त में देखते हैं पूरे हिन्दुस्तान में ऐसा ही है जी। चार चरणों के चुनाव के बाद हालत तो ये है कि नेता विपक्ष का पद मिलेगा कि नहीं मिलेगा प्रतिपक्ष का नेता बनने का मौका मिलेगा कि नहीं मिलेगा। 2014 में तो मिला नहीं और इस बार तो जनता इतने गुस्से में हैं कि 2019 में भी उनको कुछ नसीब होने वाला नहीं हैं। 2014 में भी नहीं मिला, 2019 में भी जनता प्रतिपक्ष का नेता बनाने को तैयार नहीं है। जो लोग 50-55 सीट लेकर के विपक्ष का नेता बनने की स्थिति में नहीं हैं। वो प्रधानमंत्री बनने के लिए दर्जी के पास कपड़े सिला रहे है। बताओ? ये लोग चाहते हैं कि किसी भी तरह खिचड़ी सरकार बन जाए, कमजोर सरकार बन जाए और इनका प्रधानमंत्री बनने का सपना फिर तय करेंगे 3 महीने तुम प्रधानमंत्री, 3 महीने वो प्रधानमंत्री, 3 महीने वो प्रधानमंत्री। साल भर निकाल दो। आपको ऐसी बात मंजूर है क्या? ऐसे लोगों को वाकई देश की कोई चिंता है क्या? आपकी चिंता है क्या? आपके भविष्य की चिंता है क्या? आपके बच्चों के भविष्य की चिंता है क्या?
भाइयो बहनो, आप मुझे बताइए इस देश को कौन मजबूत सरकार दे सकता है? वहां पीछे से आवाज आनी चाहिए, कौन मजबूत सरकार दे सकता है?

साथियो, आपका ये आशीर्वाद आपका ये प्यार मैं इसके लिए आपका आभारी हूं। लेकिन ये भी तो सोचिए मोदी तभी मजबूत सरकार दे पाएगा जब बहराइच का, गोंडा का श्रावस्ती का, कैसरगंज का एक-एक वोट कमल के निशान पर पड़ेगा, पड़ेगा? अगर पड़ेगा तो मान लीजिए पहले से भी मजबूत सरकार बना के दूंगा। भाइयो- बहनो, ये बुलंद हौसले वाली सरकार ही है जो गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े और आदिवासियों के हित में बिना किसी भेदभाव के काम कर सकती है। जिस सरकार के लिए देश का हित, देश के प्रत्येक निवासी का हित, प्राथमिकता होती है वहीं भेदभाव की दीवारों को तोड़कर के काम करती है। साथियो, हम सब के बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे कि- पेड़ के ऊपर चढ़ा इंसान, ऊंचा दिखाई देता है। जड़ में खड़ा इंसान, नीचा दिखाई देता है। इंसान न ऊंचा होता है, न नीचा होता है,न बड़ा होता है, न छोटा होता है, इंसान सिर्फ और सिर्फ इंसान होता है। साथियो, सबका साथ सबका विकास ये हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा और सबको सम्मान ये हमारा प्रण है। इसी के लिए बीते 5 वर्ष हमने काम किया है और आने वाले 5 वर्ष में हम इसी रास्ते पर हम चलने वाले हैं। साथियो, हमारी बहनें किसी भी जात-पात, पंथ-संप्रदाय की हो, घर-घर बन रहे शौचालय ने सभी की मुश्किलें कम की हैं, सभी के सम्मान की रक्षा की है। हमने भेद नहीं किया इस जात वाले का शौचालय बनेगा, उस जात वाले का शौचालय नहीं बनेगा। ये हमारा रास्ता नहीं है, हमारा रास्ता है सबका साथ सबका विकास। सबका साथ सबका विकास। गरीब किसी भी जात-पात, पंथ-संप्रदाय का हो, लेकिन अब उसके पास आयुष्मान भारत के जरिए, 5 लाख रुपए तक का इलाज कराने की सुविधा है। धुएं में खांसती वो गरीब मां किसी भी जात-पात, पंथ-संप्रदाय की हो, उज्जवला की गैस ने दमे और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से सभी को बचाने का रास्ता निकाला है। 2022 तक हर गरीब को अपना पक्का घर मिलेगा ये भी मोदी का वादा है। कोई भी किसी भी जात का हो, किसी भी पंथ का हो, किसी भी संप्रदाय का हो,कोई भी गरीब पक्के घर के बिना नहीं होगा ये मेरा संकल्प है भाइयो। ये इंतजाम आपके इस चौकीदार ने किया है। साथियो, ये जितने भी काम मैंने गिनाए है ये गरीब को गरीबी से बहर निकालने में मदद करने वाले हैं। ये गरीब का हाथ पकड़ कर उसे जीवन में असानी देने वाले हैं।

भाइयो और बहनो, याद करिए जब मोदी सरकार में नहीं आया था, तो देश की बड़ी आबादी, जिसमें से अधिकतर दलित और पिछड़े हैं ना उनके घर में शौचालय था ना उनके घर में ना बिजली थी, ना गैस का कनेक्शन था और न ही बैंको में खता था। जब बैंको में खाते नहीं थे तो जब बैंकों में खाते नहीं थे, तो बैंकों से ऋण कैसे मिल पाता? ऋण नहीं मिलता तो अपना काम काज गरीब कैसे शुरू कर पाता। हमने समाज की इस खाई को भी पाटने का प्रयास किया। 34 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खुलवाए और फिर मुद्रा योजना के तहत हर गरीब, हर दलित, हर वंचित, हर पिछड़े के लिए बैंक की तिजोरी खोल दी। भाइयो और बहनो, वरना आपने ऐसी भी सरकार देखी हैं, जिनके समय में गरीब बैंक के दरवाजे तक जाने में घबराता था। वहीं आज इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से हम बैंकों को गरीबों के दरवाजे तकले जा रहे हैं।

साथियो, जहां हमें गरीबों तक बैंक ले जाने की चिंता है, वहीं महामिलावटी दलों को सिर्फ और सिर्फ अपने वोटबैंक की चिंता है। इसी राजनीति की वजह से इन दलों ने उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ बहुत भेदभाव किया है। बहुत अन्याय किया है। याद करिए ये आपको बराबर याद है, फिर भी मैं आपको याद करा देता हूं। याद करिए,जहां सपा का वोट बैंक नहीं, वहां सपा की सरकार बिजली देती थी क्या देते थे क्या? जहां बसपा का वोटबैंक नहीं था, वहां बसपा की सरकार आती थी तो बिजली देते थे क्या? भेद भाव करते थे कि नहीं करते थे? अकेले हम ही है जो सबका साथ, सबका विकास करते हैं। इस रास्ते पर जाकर भाइयो बहनो, सपा-बसपा ने एक दूसरे के खिलाफ राजनीति की है। आज सूपड़ा साफ होने के डर से भले ही साथ आ गए हों, लेकिन ये स्वार्थ का साथ है। ऐसे ही साथ के लिए रहीमदास जी कह गए हैं- कह रहीम कैसे निभै, बेर-केर के संग! कह रहीम कैसे निभै, बेर-केर के संग!

साथियो, कुछ हफ्तों के लिए ही सही, अगर आज बेर और केर साथ आए हैं तो इनका टूटना भी तय है। इनकी एक्सपायरी डेट 23 तारीख शाम को पक्की है। 23 को नतीजा आएगा एक दूसरे के कपड़े फाड़ देंगे। भाइयो-बहनो, अभाव का रोना नहीं रोना और प्रभाव से विचलित नहीं होना सरकार हो या व्यक्ति ये मंत्र हर किसी के लिए एक ताकत बन जाता है। ये प्रेरणा देने का काम बाबा साहब आंबेडकर ने हमे अपने जीवन से किया है इसलिए इस सरकार में भी आपको अभाव का रोना नहीं दिखेगा। हम तो अपने संसाधनों पर, अपने सामर्थ्य पर भरोसा कर के आगे बढ़ रहे हैं, इसी सोच ने हमें लक्ष्य तय करना और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा देना सिखाया है।

साथियो, किसानों की आय 2022 तक दोगुनी हो, इसके लिए हर स्तर पर हम काम कर रहे हैं। एक तरफ हमने पानी के लिए मिशन मोड़ पर काम करने का फैसला लिया है, दूसरी तरफ किसानों को सीधी मदद पहुंचाई जा रही है। हमने ये तय किया है पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ यूपी के सभी किसानों को मिले, अभी तक उन किसानों के बैंक खाते में पैसे जमा हो रहे थे जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीन है। नई सरकार में अब इस सभा को भी हटाने का हमने फैसला किया है।
साथियो, 23 मई को फिर एक बार मोदी सरकार, फिर एक बार मोदी सरकार। जब फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी ये 5 एकड़ का नियम भी हटा दिया जाएगा और सब के सब किसानों को लाभ मिलेगा।

साथियो, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ देश के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा देने में जुटी है। यही कारण है कि दिव्यांग जनों को भी देश के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का प्रयास हमने किया है। दिव्यांगों के लिए आरक्षण में वृद्धि की गई, उनकी हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए दफ्तरों में, रेल के डिब्बों में विशेष व्यवस्था की गई है ।
साथियो, सुशासन का यही रास्ता महाराजा सुहेलदेव ने हमें विरासत में दिया है। हमारी सरकार अपने देश के महावीरों, महा योद्धाओं से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र रक्षा के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर एयर स्ट्राइक, ये इसी का उदाहरण हैं। ये हमारी प्रतिबद्धता है कि 130 करोड़ भारतवासियों के जीवन की सुरक्षा के लिए हम कहीं पर भी घुसकर मार सकते हैं। सही कर रहे हैं कि नहीं कर रहे? आप खुश है? मोदी सही कर रहा है? इससे सुरक्षा बढ़ेगी कि नहीं? आतंकवादी खत्म होंगे?

भाइयो- बहनो, इसके लिए हम किसी से पूछेंगे नहीं, हम किसी के दबाव में नहीं आएंगे। भाइयो और बहनो इसी प्रतिबद्धता की वजह से आतंकवाद को हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने हमारे सपूतों ने अभी बहुत सीमित दायरे में कर दिया हैं। अब आपको मंदिरों में बाजारों में रेलवे स्टेशन पर बस स्टेशन पर बम धमाके की खबरें नहीं सुनाई देती है। ये धमाके बंद हुए कि नहीं हुए, हुए की नहीं हुए है? लेकिन ये मोदी के डर के कारण बंद हुआ है। अभी वो सुधरे नहीं है, खतरा अभी टला है खत्म होना बाकी है। आज भी हमारे आस पास आतंक की नर्सरी चल रही है। साथियो, आतंक की इस नर्सरी को आप मुझे बतइए ये आतंक की इस नर्सरी को ये क्या सपा-बसपा बंद कर सकते है क्या? कर सकते है क्या?

वो कांग्रेस जो कहती है कि आतंकियों से लड़ने वाले हमारे सैनिकों का विशेष अधिकार अफ्स्पा हटा देंगे, क्या ऐसी कांग्रेस आतंक से लड़ सकती है क्या? ये वो लोग हैं जो आतंक के गोला-बारूद में भी भगवा ढूंढने की कोशिश करते हैं। ये वो लोग हैं जिनके राज में आतंक के स्लीपर सेल्स देशभर में फले-फूले हैं। भाइयो और बहनो आतंकवाद जान तो लेता ही है ये देश की तरक्की में भी बहुत बड़ा बाधक होता है। ये पूरा अवध क्षेत्र तो हमारी आस्था और अध्यात्म का केंद्र है । रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट के जरिए पूरे देश से इस क्षेत्र को जोड़ा जा रहा है। सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन याद रखिए जब आतंकवाद बढ़ता है तो उसका पहला शिकार आस्था के ऐसे ही केंद्र होते है इसीलिए देश को एक मजबूत सरकार की जरूरत होती है, इस बार कमल के फूल पर पड़ा आपका वोट राष्ट्र रक्षा के लिए होगा। एक मजबूत भारत के लिए होगा। भाइयो बहनो और आप गर्मी कितनी क्यों न हो ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे, ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे, घर घर जाएंगे, मतदाताओं को निकालेंगे। 10 बजे से पहले ज्यादा से ज्यादा मतदान करा देंगे, मजबूत सरकार बनाएंगे? आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तो आपका कमल का वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में आएगा।
भाइयो बहनो मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की..जय
भारत माता की...जय
भारत माता की..जय
आप सबका बहुत- बहुत अभार।

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PM to launch Pradhan Mantri Digital Health Mission on 27th September
September 26, 2021
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PM-DHM will create a seamless online platform that will enable interoperability within the digital health ecosystem

In a historic initiative, Prime Minister Shri Narendra Modi will launch the Pradhan Mantri Digital Health Mission (PM-DHM) on 27th September 2021 at 11 AM via video conferencing, which will be followed by his address on the occasion.

The pilot project of National Digital Health Mission had been announced by the Prime Minister from the ramparts of Red Fort on 15th August, 2020. Currently, PM-DHM is being implemented in pilot phase in six Union Territories.

The nation-wide rollout of PM-DHM coincides with NHA celebrating the third anniversary of Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB PM-JAY). Union Health Minister will be present on the occasion.

About Pradhan Mantri Digital Health Mission (PM-DHM)

Based on the foundations laid down in the form of Jan Dhan, Aadhaar and Mobile (JAM) trinity and other digital initiatives of the government, PM-DHM will create a seamless online platform through the provision of a wide-range of data, information and infrastructure services, duly leveraging open, interoperable, standards-based digital systems while ensuring the security, confidentiality and privacy of health-related personal information. The Mission will enable access and exchange of longitudinal health records of citizens with their consent.

The key components of PM-DHM include a health ID for every citizen that will also work as their health account, to which personal health records can be linked and viewed with the help of a mobile application; a Healthcare Professionals Registry (HPR) and Healthcare Facilities Registries (HFR) that will act as a repository of all healthcare providers across both modern and traditional systems of medicine. This will ensure ease of doing business for doctors/hospitals and healthcare service providers.

PM-DHM Sandbox, created as a part of the Mission, will act as a framework for technology and product testing that will help organizations, including private players, intending to be a part of National Digital Health Ecosystem become a Health Information Provider or Health Information User or efficiently link with building blocks of PM-DHM.

This Mission will create interoperability within the digital health ecosystem, similar to the role played by the Unified Payments Interface in revolutionizing payments. Citizens will only be a click-away from accessing healthcare facilities.