PM to participate in MyGov Town Hall

Published By : Admin | August 5, 2016 | 23:59 IST
PM Modi to attend first of its kind Townhall, citizens to get a chance to directly interact with the PM
PM Modi to launch new MyGov initiatives, distribute prizes to winners of MyGov contests
MyGov Townhall: Citizens to interact one-on-one with senior Govt officials, give suggestions on various on-ground & digital activities

MyGov,the Government of India’s citizen engagement platform, launched on 26th July 2014 by the Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi, celebrates the spirit of volunteerism and participative governance. True to the vision of the Prime Minister, MyGov has taken the idea of technology-assisted Jan Bhagidari in all spheres of governance to new heights.

MyGov is organizing a Town-hall on Saturday, 6th August, 2016 at the Indira Gandhi Stadium Complex, New Delhi from 09:30 am onwards. The concluding session of the day-long event will be graced by the Hon’ble Prime Minister.

The event will feature multiple panel discussions and the first-ever Townhall to be addressed by Hon’ble Prime Minister himself.

In keeping with the “Do, Discuss, Disseminate” spirit of MyGov, this event will comprise multiple sessions to present and discuss various ideas. The first session – ‘Do’ will cover Design Contests, Innovation Contests, eGreetings Contests, Volunteering, Poll and Survey functionalities of MyGov. MyGov is inviting some of the most creative contributors from across the country for an interactive discussion between them and senior officials representing Ministries who have organised a number of contests to invite ideas about contests and how they can be made more engaging.

The second session – ‘Discuss’ will see government officials from different departments seated alongside prominent MyGov contributors for an interactive discussion for brainstorming ideas and sharing their experiences.

The third session will invite fresh ideas for improving user-experience, introducing new features, and engaging a larger user-base. The panel for this session will comprise of social media representatives, MyGov users, members of Parliament who have contributed on MyGov, and senior officers from MEIT and NIC.

The fourth session will be cover the Disseminate theme, and will focus on the #TransformingIndia website (www.transformingindia.mygov.in), eSampark portal and MyGov LIVE Events (Talks) as the primary method of structured government communication with citizens. This session with comprise some prominent media personalities, and senior ministers in the Union Government.

The event will culminate with a Townhall event with the Prime Minister Shri Narendra Modi. This is the first of its kind Town-hall being addressed by the Prime Minister, and will include launch of new MyGov initiatives and distribution of prizes to winners of MyGov contests - Ek Bharat Shrestha Bharat, Duties of a Citizen, Governance Quiz and India-Africa Quiz.

In a first of its kind initiative, citizens from various corners of the country will also get the opportunity to interact with the Prime Minister.

This will be first time that the citizens will be able to interact one-on-one with senior Government officials and give their suggestions on various on-ground and digital activities run by the Government. They will be a part of the discussion panel and provide inputs for policies initiated by Government of India. The event will portray Jan Bhagidari in its true sense and will be streamed live on various social media channels and mobile apps.

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आज सावन का पहला सोमवार है। इस पवित्र दिवस पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रारंभ हो रहा है, और सावन के इस पहले सोमवार की मैं देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

आज संसद का मानसून सत्र भी आरंभ हो रहा है। देश बहुत बारीकी से देख रहा है कि संसद का ये सत्र सकारात्मक हो, सृजनात्मक हो और देशवासियों के सपनों को सिद्ध करने के लिए एक मजबूत नींव रखने वाला हो।

साथियों,

भारत के लोकतंत्र की जो गौरवयात्रा है, उसमें ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में मैं देख रहा हूं। व्यक्तिगत रूप से मुझे भी, हमारे सभी साथियों के लिए भी ये अत्यंत गर्व का विषय है कि करीब 60 साल के बाद कोई सरकार तीसरी बार वापस आई और तीसरी पारी का पहला बजट रखने का सौभाग्य प्राप्त हो, ये भारत के लोकतंत्र की गौरवयात्रा की अत्यंत गरिमापूर्ण घटना के रूप में देश इसे देख रहा है। ये बजट सत्र है। मैं देशवासियों को जो गारंटी देता रहा हूं क्रमश: रूप से उन गारंटीयों को जमीन पर उतारना इस लक्ष्य को लेकर के हम आगे बढ़ रहे हैं। ये बजट अमृतकाल का एक महत्वपूर्ण बजट है। हमें 5 साल का जो अवसर मिला है, आज का बजट हमारे उन 5 साल के कार्य की दिशा भी तय करेगा और ये बजट 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, तब विकसित भारत का जो हमारा सपना है, उस सपने को पूरा करने की मजबूत नींव वाला बजट लेकर के हम कल देश के सामने आएंगे। हर देशवासी के लिए एक गर्व की बात है कि भारत बड़ी इकोनॉमी वाले देशों में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है। गत 3 वर्षों में लगातार 8 प्रतिशत ग्रोथ के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं, grow कर रहे हैं। आज भारत में positive outlook, investment और performance एक प्रकार से opportunity की peak पर है। ये अपने आप में भारत की विकास यात्रा का एक अहम पड़ाव है।

साथियों,

मैं देश के सभी सांसदों से किसी भी दल के क्यों न हों। मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं कि हम गत जनवरी से लेकर के हम लोगों के पास जितना सामर्थ्य था, इस सामर्थ्य को लेकर के जितनी लड़ाई लड़नी थी- लड़ ली, जनता को जो बात बतानी थी- बता दी। किसी ने राह दिखाने का प्रयास किया, किसी ने गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन अब वो दौर समाप्त हुआ है, देशवासियों ने अपना निर्णय दे दिया है। अब चुने हुए सभी सांसदों का कर्तव्य है, सभी राजनीतिक दलों की विशेष जिम्मेदारी है कि हमने दल के लिए जितनी लड़ाई लड़नी थी, लड़ ली, अब आने वाले 5 वर्ष के लिए हमें देश के लिए लड़ना हैं, देश के लिए जूझना हैं, एक और नेक बनकर के जूझना है। मैं सभी राजनीतिक दलों से भी कहूंगा कि आइए हम आने वाले चार, साढ़े चार साल दल से ऊपर उठकर के, सिर्फ और सिर्फ देश को समर्पित होकर के संसद के इस गरिमापूर्ण मंच का हम उपयोग करें।

जनवरी 2029, जब चुनाव का वर्ष होगा आप उसके बाद जाइए मैदान में, सदन का भी उपयोग करना है, कर लीजिए। वो 6 महीने जो खेल, खेलने हैं- खेल लीजिए। लेकिन तब तक सिर्फ और सिर्फ देश, देश के गरीब, देश के किसान, देश के युवा, देश की महिलाएं उनके सामर्थ्य के लिए, उनको empower करने के लिए जनभागीदारी का एक जनआंदोलन खड़ा कर करके 2047 के सपने को पूरा करने के लिए हम पूरी ताकत लगाएं। मुझे आज बहुत दुख के साथ कहना है कि 2014 के बाद कोई सांसद 5 साल के लिए आए, कुछ सांसदों के 10 साल के लिए मौका मिला। लेकिन बहुत से सांसद ऐसे थे, जिनको अपने क्षेत्र की बात करने का अवसर नहीं मिला, अपने विचारों से संसद को समृद्ध करने का अवसर नहीं मिला, क्योंकि कुछ दलों की नकारात्मक राजनीति ने देश के संसद के महत्वपूर्ण समय को एक प्रकार से अपनी राजनीतिक विफलताओं को ढाकने के लिए दुरूपयोग किया है। मैं सभी दलों से आग्रहपूर्वक कहता हूं कि कम से कम जो पहली बार सदन में आए हैं, ऐसे बहुत बड़ी संख्या में हमारे माननीय सांसद हैं और सभी दल में हैं, उनको अवसर दीजिए, चर्चा में उनके विचारों को प्रकट करने का मौका दीजिए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आने का अवसर दीजिए। और आपने देखा होगा कि पार्लियामेंट के नए संसद गठन होने के बाद जो पहला सत्र था, 140 करोड़ देशवासियों के बहुमत के साथ जिस सरकार को सेवा करने का हुकुम किया है देशवासियों ने, उसकी आवाज को कुचलने का अलोकतांत्रिक प्रयास हुआ। ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है। और इन सबका पश्चाताप तक नहीं है, दिल में दर्द तक नहीं है।

मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है, दल के लिए नहीं भेजा है। ये सदन दल के लिए नहीं, ये सदन देश के लिए है। ये सदन सांसदों की सीमा तक नहीं है, 140 करोड़ देशवासियों की एक विराट सीमा तक के लिए है। मैं विश्वास करता हूं कि हमारे सभी माननीय सांसद पूरी तैयारी के साथ चर्चा को समृद्ध करेंगे, कितने ही विरूद्ध विचार होंगे, विरूद्ध विचार बुरे नहीं होते हैं, नकारात्मक विचार बुरे होते हैं। जहां सोचने की सीमाएं समाप्त हो जाती है, देश को नकारात्मकता की जरूरत नहीं है, देश को एक विचारधारा, प्रगति की विचारधारा, विकास की विचारधारा, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विचारधारा से हमें आगे बढ़ना होगा। मैं पूरी आशा करता हूं कि हम लोकतंत्र के इस मंदिर का, भारत के सामान्य मानवी के आशा, आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सकारात्मक रूप से उपयोग करेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।