राजस्थान राज्य के जयपुर व बीकानेर सम्भाग अंतर्गत शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, झुंझुनूं व चूरु जिले की जल जीवन रेखा काटली नदी लुप्त हो रही है, वर्तमान पीढ़ी इस नदी की केवल कहानियाँ ही सुन रही है, वैध एवम अवैध खनन, अतिक्रमण, जल स्रोतों के मार्ग को बदल दिए जाने, नदी के उद्गम स्थल व सहायक नदी नालों पर अतिक्रमण व एनीकट बांध आदि का निर्माण, बे हिसाब जल दोहन, वन व वनस्पति कम होने, जैव विविधता खत्म होने सहित अनेकों कारणों से काटली कहानियों में सिमट रही है । सरस्वती रूरल एन्ड अरबन डवलपमेंट सोसायटी झुंझुनूं ने काटली नदी को पुनर्जीवित करने हेतु "काटली नदी बचाओ जन अभियान" आरम्भ किया, अभियान सयोंजक सुभाष कश्यप ने जन जागृति के साथ साथ नदी को पुनर्जीवित करने की विस्तृत योजना के माँगपत्रक/ज्ञापन राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री सहित विभिन्न विभागों को प्रस्तुत किये, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) में श्री अमित कुमार जी व श्री कैलाश जी मीणा ने याचिका दायर की जिस पर NGT ने निर्णय पारित कर नदी के संरक्षण एवम संवर्द्धन का मार्ग प्रसस्त हुआ । राजस्थान सरकार ने ड्रोन सर्वे करवा कर काटली नदी की वर्तमान स्थिति को जांचने के साथ साथ इसके पुनर्जीवित करने की योजना पर काम आरम्भ किया है , नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाये जा रहे हैं । उक्त सभी प्रयासों के बावजूद काटली को पुनर्जीवित करना बहुत कठिन है क्योंकि इसके परम्परागत स्रोत बंद हो गए है अतः अब काटली नदी में बने बांध व एनीकट को हटाया जाना चाहिए या फिर इन सभी मे सिंधु जल समझौते का पानी लाकर प्रवाहित किया जाना चाहिए, नदी क्षेत्र के जोधपुरा सुनारी, हीरवाना मैनपूरा तथा बगड़ के पास कच्चे बांध बना कर उनमें सिंधु जल लाया जाना चाहिये । सिंधु जल पानी काटली नदी में आने पर क्षेत्र की 80 लाख से अधिक की आबादी सीधी लाभान्वित होगी, क्षेत्र की जैव विविधता लौटेगी, जल वायु तंत्र सुधरेगा, पर्यावरण बचेगा तथा रोजी रोटी के लिए क्षेत्र छोड़ रहे लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे । सरस्वती रूरल एन्ड अरबन डवलपमेंट सोसायटी झुंझुनूं के अध्यक्ष एवम काटली नदी बचाओ जन अभियान सयोंजक सुभाष कश्यप व इनकी टीम प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी से मिल कर सिंधु जल को काटली नदी में लाने का माँग पत्र प्रस्तुत करेगी । काटली नदी के पुनर्जीवित करने की विस्तृत योजना प्रस्तुत करेगी । आपरेशन सिंदूर के समय भारत व पाकिस्तान के मध्य सिंधु जल समझौता रद्द हो गया था, अब यह पानी काटली के साथ साथ सम्पूर्ण राजस्थान व गुजरात के लिए वरदान साबित हो सकता है, सिंधु जल को नदी से नदी जोड़ कर पूरे क्षेत्र में लाया जा सकेगा । जन जन के इस महत्वाकांक्षी अभियान से जुड़ने के लिए आप सभी से विनम्र अपील करता हूँ , सामाजिक सरोकार से जुड़े मीडिया समूहों द्वारा मिल रहा सहयोग हमारे अभियान को ऊर्जा प्रदान कर रहा है, मैं सभी समूहों/प्रकाशनों/प्रसारण समूहों का आभार प्रकट करते हुए कोटि कोटि साधुवाद प्रेषित करता हूँ मीडिया द्वारा प्रकाशित समाचार मुझे जो प्राप्त हुए है वे एप्प में साझा कर मीडिया बन्धुओ का अभिनंदन कर रहा हूँ माननीय प्रधानमंत्री जी से आग्रह है कृपया सिंधु जल को काटली में प्रवाहित करने का श्रम कर अनुग्रहित करें सादर सुभाष कश्यप 9352978009 सयोंजक काटली नदी बचाओ जनअभियान

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