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In the last four years, our government has focussed on improving healthcare infrastructure: PM Modi
Ayushman Bharat has benefitted nearly seven lakh people across the country in just 100 days: PM
Healthcare sector has the potential to generate employment opportunities for the youth: PM

भाईयो और बहनों,

केम छो,

नए साल में गुजरात का ये मेरा पहला दौरा है। आप सभी को एक बार फिर नववर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ये त्‍यौहारों का समय है, आने वाले समय में अनेक त्‍योहार आने वाले भी हैं। उतरायन का पावन उत्‍सव आप सभी ने बड़े धूम-धाम से मनाया। गुजरात में एक और उत्‍सव कल से शुरू होने वाला है। Vibrant Gujrat इस साल यानी दुनिया भर से लोग यहां जुटे हैं, व्‍यापार और कारोबार की दुनिया के बड़े-बड़े नाम उनको गुजरात अब अपना लगने लगा है।

नए भारत की नई व्‍यवस्‍थाओं के कारण व्‍यापार और कारोबार में भी उत्‍सव का माहौल और यही तो गुजरात की विशेषता है।

साथियों, उत्‍सव का आनंद तब और अधिक आता है जब परिवार का सब सदस्‍य.. उनका स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍तम रहता है। आज इसी दिशा में एक बहुत बड़ा कार्य संपन्‍न हुआ है।

आज अहमदाबाद के लिए, गुजरात के लिए एक बहुत बड़ी सुविधा को सौंपने का मुझे अवसर मिला है। मैं Ahmadabad Municipal corporation का आभारी हूं, गुजरात सरकार का आभारी हूं कि आपने मुझे मौका दिया।

750 करोड़ रुपये की लागत से बना सरदार वल्‍लभ भाई पटेल Institute of Medical Science of Research आपकी सेवा के लिए समर्पित है। इस विश्‍वस्‍तरीय अस्‍पताल के लिए मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों, देश सरदार साहब को एक कुशल प्रशासक, विजनरी नेता और किसानों के मसीहा के तौर पर जानता है लेकिन साथ-साथ सरदार साहब स्‍वच्‍छता और जन आरोग्‍य को लेकर भी बहुत आग्राही थे। इसी भावना के तहत उन्‍होंने अनेक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के निर्माण में अपना योगदान दिया है। सरदार साहब की आत्‍मा जहां भी होगी, जिस शहर से उन्‍होंने अपना राजनीतिक दायित्‍व का प्रारंभ किया था उस शहर का इस प्रकार से फलना-फूलना, ऐसी बड़ी अस्‍पताल बनना... सरदार साहब जहां होंगे वहां उनकी आत्‍मा को जरूर शांति मिलेगी। और इस कार्य से जुड़े आप सबको सरदार साहब के अनेक-अनेक आशीर्वाद भी प्राप्‍त होते रहेंगे। ये मेरा विश्‍वास है।

अहमदाबाद में बना ये नया आधुनिक अस्‍पताल भी... मैं समझता हूं स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की दुनियां में अपने आप में अपना एक महात्‍मय बना हुआ है।

साथियों, इस अस्‍पताल का थोड़ी देर पहले मैंने निरिक्षण किया, मैं वाकई कहता हूं मैं मंत्रमुग्‍ध हूं और सच में और जब एक सपना सच होता है, अपनी आखों के सामने उसे देखने का मौका मिलता है, इतना संतोष होगा इसकी आप कल्‍पना भली-भांति कर सकते हैं।

2011-12 में जिस विषय की हम चिंता कर रहे थे तब भी न जाने कैसी-कैसी नकारात्‍मक बाते चलती थी बाजार में, कैसे-कैसे मनगंढत आरोप लगते थे। लेकिन आज जो भी इसे देखेगा उसे जरूर संतोष होगा कि सामान्‍य मानव के जीवन में ऐसी व्‍यवस्‍थाओं का कितना महत्‍व होता है। और देश में शायद बहुत कम कॉरपोरेशन होंगे जो अपनी निर्धारित सेवाओं को जिम्‍मेवारी के अतिरिक्‍त, इस प्रकार की जिम्‍मेवारियों को संभालते हों और उसको उत्‍तम तरीके से, आधुनिक तरीके से दुनिया की बराबरी करने वाली व्‍यवस्‍था बनाते हों ऐसा बहुत कम नजर आता है।

और इसलिए Ahmadabad municipal corporation विशेष रूप से अभिनंदन के अधिकारी हैं, इस काम को करने वाले... जिन-जिनको जिम्‍मा मिला क्‍योंकि ये करीब 2012 से चल रहा है... जिन-जिनको जिम्‍मा मिला... जिन जिन लोगों ने अपना समय दिया, अपनी बुद्धि कौशल या सामर्थ्‍य को समर्पित भाव से लगाया, वे सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं जिसके कारण आज ऐसा उत्‍तम अस्‍पताल और ये सिर्फ गुजरात के लिए नहीं देश के अन्‍य राज्‍यों के लिए भी.. और मैं समझता हूं ये वर्ल्‍ड क्‍लास अस्‍पताल के मुकाबले में अस्‍पताल है। यहां के कमरे हों, बैड हों या‍ फिर ये पूरा कैंपस। आधुनिकता और पर्यावरण का भी पूरा ध्‍यान रखा गया है। 15 सौ बैड की सुविधा वाला ये अस्‍पताल अहमदाबाद की स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को बहुत उचित स्‍तर पर ले जाने वाला है। ये यहां का पहला ऐसा सरकारी अस्‍पताल है जहां अपना हैलीपेड है, एयर एम्‍बुलेस को उतारने की सुविधा है,

साथियों, मुझे याद है कि 2000 से पहले तक गुजरात में न सिर्फ अच्‍छे सरकारी अस्‍पतालों का अभाव था बल्कि इनके लिए डॉक्‍टर और दूसरे मैन पावर की आवश्‍यकता होती थी उसकी भी बहुत बड़ी कमी थी।

सरकारी अस्‍पतालों में जाने से लोग बचते थे। और पहले अस्‍पतालों में इलाज करवाना सिर्फ साधन संपन्‍न लोगों के लिए ही बस में था वही कर पाते थे। और ये चीजें मन को पीड़ा कर जाती थी। इसी स्थिति को पीड़ा से बाहर निकालने के लिए सरकार ने अनेक नीतिग‍त फैसले लिए थे, हमने नए सरकारी अस्‍पताल बनवाए, नए मेडिकल कॉलेज बनवाए, और मेडिकल सीटों की संख्‍या बढ़ाने पर सबसे ज्‍यादा जोर दिया।

मुझे अब ये देखकर खुशी होती है कि आज गुजरात न सिर्फ गुजरातियों को बल्कि दूसरो राज्‍यों और दूसरे देशों के लोगों को भी बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा उपलब्‍ध कराने में एक सक्षम इकाई के रूप में खड़ा हुआ है।

पिछले डेढ़ दशक से गुजरात में मेडिकल टूरिज्‍म भी बढ़ा है, अब विदेश से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए लोग गुजरात आते हैं। और सरदार साहब के नाम पर बना ये अस्‍पताल अब यहां के हेल्‍थ सेक्‍टर को और ज्‍यादा मजबूती देगा। और सबसे अहम बात ये कि आयुष्‍मान भारत योजना से जुड़ने वाला ये एक और अस्‍पताल है।

आम तौर पर होता ये है कि इतने आलीशान, इतने भव्‍य अस्‍पताल में पैर रखने से भी गरीब घबराता है। वो मानता है कि इतनी चकाचौंध में इलाज तो बहुत मंहगा ही होगा। लेकिन मुझे बहुत संतोष है कि सरदार साहब को समर्पित इस अस्‍पताल में आयुष्‍मान योजना के तहत गरीब का मुफ्त में इलाज होगा।

भाईयो और बहनों आयुष्‍मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना ये बहुत ही कम समय में गरीब से गरीब के भीतर स्‍वास्‍थ्‍य के संबंध में एक सुरक्षा का भाव जगाया है। आज देश के करीब 50 करोड़ गरीब भाई बहनों को ये विश्‍वास मिला है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार उसके साथ खड़ी है। उसको अपना घर, जमीन, गिरवी रखने की जरूरत न पड़े, पैसा न भी हो..तो भी वो स्‍वस्‍थ हो सकता है। ये विश्‍वास आज हर गरीब को मिला है।

साथियों, कुछ लोग इस योजना को मोदी केयर भी कहते हैं, इसकी सफलता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ सौ दिन के भीतर ही 60 लाख गरीबों का अस्‍पताल में मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है।

इस योजना तहत अब हर दिन एवरज-औसतन दस हजार गरीबों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। अभाव के कारण वर्षों-वर्षों तक ये लोग, ये परिवार इलाज नहीं करवा पा रहे थे, अगर मुसीबत आ भी गई तो वो कहता है कि कितने दिन जीना है, परेशानी झेलेंगें, बच्‍चों को कर्ज के अंदर डुबोकर के नहीं जाता है। और परिवार के लोग पीड़ा सहते थे पर उपचार नहीं करवाते थे, क्‍योंकि संभव नहीं था। आज इनको आयुषमान भारत का सहारा मिला है।

साथियों, देश के हर नागरिक का स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर रहे, इसके लिए सरकार दिन-रात काम में जुटी है। सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि देश के गरीब को, मध्‍यम वर्ग के परिवारों को कम-से-कम कीमत में उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मिलें। इसके लिए केंद्र सरकार ने जेनरिक दवाओं को भी प्राथमिकता दी है। हमने प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र खोलने का एक अभियान चलाया है। अभी तक देश भर में करीब 5 हजार से ज्‍यादा केंद्र खोल जा चुके हैं। इन केंद्रों पर जेने‍रिक दवाएं मार्किट रेट से लगभग 50 प्रतिशत सस्‍ती हैं। जो दवाई एक हजार रुपये में आती है वो साढे तीन सौ, चार सौ, पांच सौ रुपयें में मिल जाती है। इन केंद्रों से विशेष तौर पर उन परिवारों को लाभ हुआ है जिनको डायबिटिज जैसी बीमारियों के चलते नियमित रूप से दवाई लेनी पड़ती है। इतना ही नहीं सरकार ने बीते साढ़े चार वर्षों में साढ़े आठ सौ से अधिक दवाओं और सर्जरी के सामान की अधिकतम कीमत निर्धारित की है उससे ज्‍यादा नहीं ले सकते हैं और उसका परिणाम ये आया है कि कि आज सर्जरी का सामान हो, दवाईयां हों, ये सस्‍ते में उपलब्‍ध संभव हुई है।

भाईयो और बहनों हार्ट की बीमारी में काम आने वाले स्‍टंट 85 प्रतिशत, तो घुटने की सर्जरी में काम आने वाले इंप्‍लाट करीब 70 प्रतिशत सस्‍ते हुए हैं। सिर्फ स्‍टंट की कीमत कम किए जाने से ही गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों को साल भर में साढे चार हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की बचत हुई है। और इन्‍हीं प्‍लांट की कीमत कम होने से लोगों को सालाना लगभग 15 सौ करोड़ रुपये की बचत हुई है। इसके अलावा किडनी की बीमारी से पीडि़त बहनों भाईयो के लिए देश में लगभग साढे चार सौ दिनों में डायलिसिस सेंटर बनाए चुके हैं। इन सेंटरस पर मुफ्त में डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। इसके पिछले वर्ष तक करीब 35 लाख मुफ्त डायलिसस सेशन हो चुके हैं। इतना ही नहीं हर सेशन से किसी न किसी गरीब के लगभग दो हजार रुपये बच भी रहे हैं।

साथियों, बीजेपी के नेतृत्‍व में केंद्र सरकार ने देश के गांव-गांव तक प्राइ‍मरी हेल्‍थ केयर सुविधाओं को बेहतर बनाने का बीड़ा उठाया है। आजादी के जब 75 साल होंगे, वर्ष 2022 तक, देश भर में डेढ़ लाख Health and Wellness Centre बनाने के लक्ष्‍य को लेकर आज भारत सरकार काम कर रही है।

इस पर गुजरात सहित सभी राज्‍यों ने तेजी से काम चल रहा है। यहां पर सामान्‍य बीमारियों की जांच तो होगी ही अनेक प्रकार के स्‍टंट भी मुफ्त में उपलब्‍ध होंगे।

साथियों, बीते चार वर्ष में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन भी उसका भी अभुतपूर्व विस्‍तार किया गया है। इस दौरान 18 हजार से अधिक एमबीबीएस और 13 हजार से ज्‍यादा पोस्‍ट ग्रेजुएट सीटें बढ़ाई गई हैं। मध्‍यम वर्ग के बच्‍चे जो हेल्‍थ सेक्‍टर में कैरियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए बहुत बड़ा अवसर पैदा हुआ है। यहां गुजरात में भी हजारों नई सीटें जोड़ी गई हैं। देश के हर तीन संसदीय क्षेत्र में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है।

साथियों, स्‍वास्‍थ्‍य पर इतना जोर दिया जाने की वजह से निजी अस्‍पतालों के नेटवर्क का भी विस्‍तार हो रहा है। आयुषमान भारत जैसी योजना के कारण छोटे-छोटे कस्‍बों में भी जरूरत बढ़ रही है। लिहाजा नए अस्‍पताल भी तेजी से खुल रहे हैं।

नए अस्‍पताल खुल रहे हैं तो डॉक्‍टरों, नर्सों और दूसरे पैरामेडिकल स्‍टाफ की भी मांग बढ़ रही है। यानी युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर हेल्‍थ सेक्‍टर में आने वाले समय में बनने वाले हैं।

भाईयो और बहनों, जब रोजगार और युवाओं को अवसरों की बात आती है तो ... हाल में सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। सामान्‍य श्रेणी के गरीब बच्‍चों को सरकारी सेवाओं के साथ-साथ, सरकारी और निजी शिक्षण संस्‍थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान संविधान में किया गया है।

मैं गुजरात सरकार को बधाई देता हूं कि आपने सबसे पहले इसको लागू किया है। अब तो केंद्र सरकार सहित अनेक राज्‍य सरकारों ने इसको लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

साथियों, जाति, वर्ग, संप्रदाय से ऊपर उठते हुए सामान्‍य वर्ग के गरीबों को आरक्षण की मांग तो.. दशकों से चल रही थी। लेकिन राजनीति की इच्‍छा शक्ति की कमी, चुनाव-चुनाव के दौरान, राजनीतिक दल ये तीर फेंक दिया करते थे। लेकिन संविधान संशोधन की प्रक्रिया होती थी, वो करने की हिम्‍मत इनमें नहीं थी, लेकिन केंद्र की एनडीए सरकार ने ये इच्‍छा शक्ति दिखाई, हमने करके दिखाया।

मैं फिर कह रहा हूं कि आरक्षण की व्‍यवस्‍था से, ये जो व्‍यवस्‍था हमने की है, ये बाकि किसी भी वर्गों के हक को छेड़े बिना की गई है। यानी इससे सामाजिक समरसता के नए द्वार खुलेगें, जो गिले-शिकवे पहले रहते थे वो इससे दूर होंगे।

साथियों, केंद्र सरकार ने ये फैसला भी किया है कि शिक्षण संस्‍था में इस नए आरक्षण का लाभ इसी साल नए सेशन से मिलेगा। देश की नौ सौ युनिवर्सिटी, और लगभग 40 हजार कॉलेजों पर ये आरक्षण लागू हो जाएगा।

इसमें Technical, Non-Technical, Management हर प्रकार की संस्‍थाओं में ये व्‍यवस्‍था लागू हो जाएगी। इसके लिए जल्‍द ही जरूरी आदेश जारी हो जाएगा। इतना ही नहीं, नई व्‍यवस्‍था का मौजूदा स्थितियों पर असर न पड़े इसके लिए संस्‍थानों में सीटों की संख्‍या भी 10 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी।

भाईयो और बहनों हमारी सरकार देश में अवसरों की समानता के प्रति प्रतिबद्ध है। नए भारत की शक्ति हमारी युवा शक्ति है, युवा शक्ति अपनी ऊर्जा का सही उपयोग तभी कर पाएगा जब उसको उपयुक्‍त अवसर मिलेंगे। अवसरों में भेद-भाव से प्रतिभा पर असर पड़े, ये बातें पुरानी कर दी हैं। समानता के लिए बीजेपी का समर्पण हमारे संस्‍कारों से, हमारी संगत से जुड़ा है। हमें पता है कि गरीब का संघर्ष क्‍या होता है। और इसलिए हम पूरी निष्‍ठा के साथ समाज के हर क्षेत्र में समान अवसरों के लिए प्रतिबद्ध है। 

 

भाईयो और बहनों, अवसरों के अभाव में कोई पीछे न रहे, मध्‍यम वर्ग हो या गरीब, शहर हो या गांव, देश का कोई वर्ग, कोई भी कोना विकास से न छूटे, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। यही सबका साथ-सबका विकास है। और यही न्‍यू इंडिया के निर्माण के लिए हमारा रास्‍ता है। हम सभी को मिलकर इस रास्‍ते पर पूरी रफ्तार से चलना है। इसी आग्रह के साथ मैं एक बार फिर आप सबको इस नई स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं लेकिन अस्‍पताल के उद्घाटन में ये तो नहीं कह सकते कि अस्‍पताल भरा रहे। मैं तो चाहूंगा कि ऐसी स्थिति न आए, किसी को अस्पताल आना ही न पड़े लेकिन अगर आना पड़े तो पहले जब आए थे, पहले थे उससे ज्‍यादा अच्‍छे बनकर के जाएं, ये मेरी आप सबको शुभकामना है। बहुत-बहुत धन्‍यवाद, फिर से एक बार Ahmadabad Municipal corporation को उनके इस सफल प्रयास के लिए अनेक-अनेक साधुवाद देता हूं। धन्‍यवाद।

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Goa has shown the great results of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas and Sabka Prayas: PM Modi
September 18, 2021
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Lauds Goa on the completion of 100% first dose coverage for the adult population
Remembers services of Shri Manohar Parikkar on the occasion
Goa has shown the great results of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas and Sabka Prayas: PM
I have seen many birthdays and have always been indifferent to that but, in all my years, yesterday was a day that made me deeply emotional as 2.5 crore people got vaccinated: PM
Yesterday witnessed more than 15 lakh doses administered every hour, more than 26 thousand doses every minute and more than 425 doses every second: PM
Every achievement of Goa that epitomises the concept of Ek Bharat -Shreshth Bharat fills me with great joy: PM
Goa is not just a state of the country but also a strong marker of Brand India: PM

गोवा के ऊर्जावान और लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, गोवा के सपूत श्रीपाद नायक जी, केंद्र सरकार में मंत्रिपरिषद की मेरी साथी डॉक्टर भारती …. पवार जी, गोवा के सभी मंत्रिगण, सांसद और विधायक गण, अन्य जन प्रतिनिधि, सभी कोरोना वॉरियर, भाइयों और बहनों!

गोंयच्या म्हजा मोगाल भावा बहिणींनो, तुमचे अभिनंदन.

आप सभी को श्री गणेश पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं। कल अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर हम सभी बप्पा को विदाई देंगे, हाथों में अनंत सूत्र भी बाधेंगे। अनंत सूत्र यानि जीवन में सुख-समृद्धि, लंबी आयु का आशीर्वाद।

मुझे खुशी है कि इस पावन दिन से पहले गोवा के लोगों ने अपने हाथों पर, बांह पर जीवन रक्षा सूत्र, यानि वैक्सीन लगवाने का भी काम पूरा कर लिया है। गोवा के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ये बहुत बड़ी बात है। इसके लिए गोवा के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

गोवा एक ऐसा भी राज्य है, जहाँ भारत की विविधता की शक्ति के दर्शन होते हैं। पूर्व और पश्चिम की संस्कृति, रहन-सहन, खानपान, यहां एक ही जगह देखने को मिलता है। यहां गणेशोत्सव भी मनता है, दीपावली भी धूमधाम से मनाई जाती है और क्रिसमस के दौरान तो गोवा की रौनक ही और बढ़ जाती है। ऐसा करते हुए गोवा अपनी परंपरा का भी निर्वाह करता है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को निरंतर मजबूत करने वाले गोवा की हर उपलब्धि, सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को खुशी देती है, गर्व से भर देती है।

भाइयों और बहनों,

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुझे अपने मित्र, सच्चे कर्मयोगी, स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी की याद आना स्वाभाविक है। 100 वर्ष के सबसे बड़े संकट से गोवा ने जिस प्रकार से लड़ाई लड़ी है, पर्रिकर जी आज हमारे बीच होते तो उनको भी आपकी इस सिद्धि के लिए, आपके इस achievement के लिए बहुत गर्व होता।

गोवा, दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान- सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन- की सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। बीते कुछ महीनों में गोवा ने भारी बारिश, cyclone, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ भी बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच भी प्रमोद सावंत जी के नेतृत्‍व में बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सभी कोरोना वॉरियर्स का, स्वास्थ्य कर्मियों का, टीम गोवा का, हर किसी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

यहां अनेक साथियों ने जो अनुभव हमसे साझा किए, उनसे साफ है कि ये अभियान कितना मुश्किल था। उफनती नदियों को पार करके, वैक्सीन को सुरक्षित रखते हुए, दूर-दूर तक पहुंचने के लिए कर्तव्य भावना भी चाहिए, समाज के प्रति भक्ति भी चाहिए और अप्रतिम साहस की भी जरूरत लगती है। आप सभी बिना रुके, बिना थके मानवता की सेवा कर रहे हैं। आपकी ये सेवा हमेशा-हमेशा याद रखी जाएगी।

साथियों,

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास- ये सारी बातें कितने उत्‍तम परिणाम लाती हैं, ये गोवा ने, गोवा की सरकार ने, गोवा के नागरिकों ने, गोवा के कोरोना वॉरियर्स ने, फ्रंट लाइन वर्कर्स ने ये कर दिखाया है। सामाजिक और भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए जिस प्रकार का समन्वय गोवा ने दिखाया है, वो वाकई सराहनीय है। प्रमोद जी आपको और आपकी टीम को बहुत-बहुत बधाई। राज्य के दूर-सुदूर में बसे, केनाकोना सब डिविजन में भी बाकी राज्य की तरह ही तेज़ी से टीकाकरण होना ये इसका बहुत बड़ा प्रमाण है।

मुझे खुशी है कि गोवा ने अपनी रफ्तार को ढीला नहीं पड़ने दिया है। इस वक्त भी जब हम बात कर रहे हैं तो दूसरी डोज़ के लिए राज्य में टीका उत्सव चल रहा है। ऐसे ईमानदार, एकनिष्ठ प्रयासों से ही संपूर्ण टीकाकरण के मामले में भी गोवा देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। और ये भी अच्छी बात है कि गोवा ना सिर्फ अपनी आबादी को बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों, बाहर से आए श्रमिकों को भी वैक्सीन लगा रहा है।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासन से जुड़े लोगों की भी सराहना करना चाहता हूं। आप सभी के प्रयासों से कल भारत ने एक ही दिन में ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया है। दुनिया के बड़े-बड़े और समृद्ध और सामर्थ्यवान माने जाने वाले देश भी ऐसा नहीं कर पाए हैं। कल हम देख रहे थे कि कैसे देश टकटकी लगाए कोविन डैशबोर्ड को देख रहा था, बढ़ते हुए आंकड़ों को देखकर उत्साह से भर रहा था।

कल हर घंटे, 15 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है, हर मिनट 26 हजार से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ, हर सेकेंड सवा चार सौ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगी। देश के कोने-कोने में बनाए गए एक लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ये वैक्सीन लोगों को लगाई गई है। भारत की अपनी वैक्सीन, वैक्सीनेशन के लिए इतना बड़ा नेटवर्क, skilled manpower, ये भारत के सामर्थ्य को दिखाता है।

साथियों,

कल का आपको जो achievement है ना, वह पूरे विश्‍व में सिर्फ वैक्‍सीनेशन के आंकड़ों के आधार पर नहीं है, भारत के पास कितना सामर्थ्‍य है इसकी पहचान दुनिया को होने वाली है। और इसलिए इसका गौरवगान हर भारतीय का कर्तव्‍य भी है और स्‍वभाव भी होना चाहिए।

साथियो,

मैं आज मेरे मन की बात भी कहना चाहता हूं। जन्मदिन तो बहुत आए बहुत जन्‍मदिन गए पर मैं मन से हमेशा इन चीजों से अलिप्त रहा हूं, इन चीजों से मैं दूर रहा हूं। पर मेरी इतनी आयु में कल का दिन मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला था। जन्मदिन मनाने के बहुत सारे तरीके होते हैं। लोग अलग-अलग तरीके से मनाते भी हैं। और अगर मनाते हैं तो कुछ गलत करते हैं, ऐसा मानने वालों में मैं नहीं हूं। लेकिन आप सभी के प्रयासों की वजह से, कल का दिन मेरे लिए बहुत खास बन गया है।

मेडिकल फील्ड के लोग, जो लोग पिछले डेढ़-दो साल से दिन रात जुटे हुए हैं, अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना से लड़ने में देशवासियों की मदद कर रहे हैं, उन्होंने कल जिस तरह से वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाकर दिखाया है, वो बहुत बड़ी बात है। हर किसी ने इसमें बहुत सहयोग किया है। लोगों ने इसे सेवा से जोड़ा। ये उनका करुणा भाव, कर्तव्य भाव ही है जो ढाई करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा सकी।

और मैं मानता हूं, वैक्सीन की हर एक डोज, एक जीवन को बचाने में मदद करती है। ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को इतने कम समय में, इतना बड़ा सुरक्षा कवच मिलना, बहुत संतोष देता है। जन्मदिन आएंगे, जाएंगे लेकिन कल का ये दिन मेरे मन को छू गया है, अविस्मरणीय बन गया है। मैं जितना धन्यवाद अर्पित करूं वो कम है। मैं हृदय से प्रत्येक देशवासी को नमन करता हूं, सभी का आभार जताता हूं।

भाइयों और बहनों,

भारत का टीकाकरण अभियान, सिर्फ स्वास्थ्य का सुरक्षा कवच ही नहीं है, बल्कि एक तरह से आजीविका की सुरक्षा का भी कवच है। अभी हम देखें तो हिमाचल, पहली डोज के मामले में 100 percent हो चुका है, गोवा 100 percent हो चुका है, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप में भी सभी पात्र व्यक्तियों को पहली डोज लग चुकी है। सिक्किम भी बहुत जल्द 100 परसेंट होने जा रहा है। अंडमान निकोबार, केरला, लद्दाख, उत्तराखंड, दादरा और नगर हवेली भी बहुत दूर नहीं है।

साथियों,

ये बहुत चर्चा में नहीं आया लेकिन भारत ने अपने वैक्सीनेशन अभियान में टूरिज्म सेक्टर से जुड़े राज्यों को बहुत प्राथमिकता दी है। प्रारंभ में हमने कहा नहीं क्योंकि इस पर भी राजनीति होने लग जाती है। लेकिन ये बहुत जरूरी था कि हमारे टूरिज्म डेस्टिनेशंस जल्‍द से जल्‍द खुलें। अब उत्तराखंड में भी चार-धाम यात्रा संभव हो पाएगी। और इन सब प्रयासों के बीच, गोवा का 100 percent होना, बहुत खास हो जाता है।

टूरिज्म सेक्टर को revive करने में गोवा की भूमिका बहुत अहम है। आप सोचिए, होटल इंडस्ट्री के लोग हों, टैक्सी ड्राइवर हों, फेरी वाले हों, दुकानदार हों, जब सभी को वैक्सीन लगी होगी तो टूरिस्ट भी सुरक्षा की एक भावना लेकर यहां आएगा। अब गोवा दुनिया के उन बहुत गिने-चुने इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में शामिल हो चला है, जहां लोगों को वैक्सीन का सुरक्षा कवच मिला हुआ है।

साथियों,

आने वाले टूरिज्म सीज़न में यहां पहले की ही तरह टूरिस्ट एक्टिविटीज़ हों, देश के -दुनिया के टूरिस्ट यहां आनंद ले सकें, ये हम सभी की कामना है। ये तभी संभव है जब हम कोरोना से जुड़ी सावधानियों पर भी उतना ही ध्यान देंगे, जितना टीकाकरण पर दे रहे हैं। संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी भी इस वायरस को हमें हल्के में नहीं लेना है। safety और hygiene पर यहां जितना फोकस होगा, पर्यटक उतनी ही ज्यादा संख्या में यहां आएंगे।

साथियों,

केंद्र सरकार ने भी हाल में विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। भारत आने वाले 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा देने का फैसला किया गया है। ट्रैवल और टूरिज्म से जुड़े stakeholders को 10 लाख रुपए तक का लोन शत-प्रतिशत सरकारी गारंटी के साथ दिया जा रहा है। रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड को भी 1 लाख रुपए तक के लोन की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार आगे भी हर वो कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश के टूरिज्म सेक्टर को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक हों।

साथियों,

गोवा के टूरिज्म सेक्टर को आकर्षक बनाने के लिए, वहां के किसानों, मछुआरों और दूसरे लोगों की सुविधा के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन की सरकार की डबल शक्ति मिल रही है। विशेष रूप से कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर गोवा में अभूतपूर्व काम हो रहा है। 'मोपा' में बन रहा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार होने वाला है। इस एयरपोर्ट को नेशनल हाइवे से जोड़ने के लिए लगभग 12 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का एक आधुनिक कनेक्टिंग हाईवे बनाया जा रहा है। सिर्फ नेशनल हाईवे के निर्माण में ही बीते सालों में हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश गोवा में हुआ है।

ये भी बहुत खुशी की बात है कि नॉर्थ गोवा को साउथ गोवा से जोड़ने के लिए 'झुरी ब्रिज' का लोकार्पण भी अगले कुछ महीनों में होने जा रहा है। जैसा कि आप भी जानते हैं, ये ब्रिज पणजी को 'मार्गो' से जोड़ता है। मुझे बताया गया है कि गोवा मुक्ति संग्राम की अनोखी गाथा का साक्षी 'अगौडा' फोर्ट भी जल्द ही लोगों के लिए फिर खोल दिया जाएगा।

भाइयों और बहनों,

गोवा के विकास की जो विरासत मनोहर पर्रिकर जी ने छोड़ी थी, उसको मेरे मित्र डॉ. प्रमोद जी और उनकी टीम पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रही है। आज़ादी के अमृतकाल में जब देश आत्मनिर्भरता के नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है तो गोवा ने भी स्वयंपूर्णा गोवा का संकल्प लिया है। मुझे बताया गया है कि आत्मनिर्भर भारत, स्वयंपूर्णा गोवा के इस संकल्प के तहत गोवा में 50 से अधिक components के निर्माण पर काम शुरु हो चुका है। ये दिखाता है कि गोवा राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर तैयार करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।

साथियों,

आज गोवा सिर्फ कोविड टीकाकरण में अग्रणी नहीं है, बल्कि विकास के अनेक पैमानों में देश के अग्रणी राज्यों में है। गोवा का जो rural और urban क्षेत्र है, पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो रहा है। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी गोवा में अच्छा काम हो रहा है। गोवा देश का ऐसा राज्य है जहां शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। हर घर नल से जल के मामले में तो गोवा ने कमाल ही कर दिया है। गोवा के ग्रामीण क्षेत्र में हर घर में नल से जल पहुंचाने का प्रयास प्रशंसनीय है। जल जीवन मिशन के तहत बीते 2 सालों में देश ने अब तक लगभग 5 करोड़ परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा से जोड़ा है। जिस प्रकार गोवा ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है, वो 'गुड गवर्नेंस' और 'ईज ऑफ लिविंग' को लेकर गोवा सरकार की प्राथमिकता को भी स्पष्ट करता है।

भाइयों और बहनों,

सुशासन को लेकर यही प्रतिबद्धता कोरोना काल में गोवा सरकार ने दिखाई है। हर प्रकार की चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने जो भी मदद गोवा के लिए भेजी, उसको तेज़ी से, बिना किसी भेदभाव के हर लाभार्थी तक पहुंचाने का काम गोवा की टीम ने किया है। हर गरीब, हर किसान, हर मछुआरे साथी तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। महीनों-महीनों से गोवा के गरीब परिवारों को मुफ्त राशन पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचाया जा रहा है। मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने से गोवा की अनेक बहनों को मुश्किल समय में सहारा मिला है।

गोवा के किसान परिवारों को पीएम किसान सम्मान निधि से करोड़ों रुपए सीधे बैंक अकाउंट में मिले हैं। कोरोना काल में ही यहां के छोटे किसानों को मिशन मोड पर किसान क्रेडिट कार्ड मिले हैं। यही नहीं गोवा के पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार बड़ी संख्या में किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिली है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी गोवा में रेहड़ी-पटरी और ठेले के माध्यम से व्यापार करने वाले साथियों को तेज़ी से लोन देने का काम चल रहा है। इन सारे प्रयासों की वजह से गोवा के लोगों को, बाढ़ के दौरान भी काफी मदद मिली है।

भाइयों और बहनों,

गोवा असीम संभावनाओं का प्रदेश है। गोवा देश का सिर्फ एक राज्य भर नहीं है, बल्कि ब्रांड इंडिया की भी एक सशक्त पहचान है। ये हम सभी का दायित्व है कि गोवा की इस भूमिका को हम विस्तार दें। गोवा में आज जो अच्छा काम हो रहा है, उसमें निरतंरता बहुत आवश्यक है। लंबे समय बाद गोवा को राजनीतिक स्थिरता का, सुशासन का लाभ मिल रहा है।

इस सिलसिले को गोवा के लोग ऐसे ही बनाए रखेंगे, इसी कामना के साथ आप सभी को फिर से बहुत-बहुत बधाई। प्रमोद जी और उनकी पूरी टीम को बधाई।

सगल्यांक देव बरें करूं

धन्यवाद !