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मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, हम सबके मार्गदर्शक आदरणीय राजनाथ सिंह जी, गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान आर. सी. फलदू जी, श्रीमान रूपाला जी, श्री वी. सतीश जी, कैप्टन अभिमन्यु जी, अमितभाई शाह, स्मृति बहन, मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी, संसद सदस्य श्री, पार्टी के सभी वरिष्ठ साथी और गुजरात के कोने-कोने से आए हुए पार्टी के सभी कार्यकर्ता भाइयों और बहनों..!

ज 6 अप्रैल है। भारतीय जनता पार्टी के रुप में हमारी विकास यात्रा के 32 वर्ष पूर्ण हो करके 33 वें वर्ष में हम लोग प्रयाण कर रहे हैं। भाइयों-बहनों, 33 वर्ष की यात्रा पूरे हिन्दुस्तान के अंदर एक नई आशा को जन्म देने वाली यात्रा है। भारतीय जनता पार्टी का जन्म उस समय हुआ था जब कुछ निजी स्वार्थ वाले तत्व अपने निहित स्वार्थ के खातिर नए नए सवाल उठा कर के देश में कोई आल्टरनेट पनपे नहीं उस षडयंत्र के शिकार हुए थे। एक सौ से ज्यादा सदस्य वाले सदन में आए दिन भारतीय जनता पार्टी को अपमानित करने का प्रयास होता था। लोकतंत्र की मर्यादाओं को तोड़ा जाता था और उस पीड़ा में से, उस दर्द में से सत्ता के मार्ग को छोड कर के जनता के बीच जाने का फैसला भारतीय जनता पार्टी ने लिया था और तब से हमारे वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से इस पार्टी ने जनसामान्य की आशा-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए प्रयास प्रारंभ किया था। भारतीय जनता पार्टी का जन्म सत्ता भूख में से नहीं हुआ है, भारतीय जनता पार्टी का जन्म सत्ता के दलालों की भलाई करने के लिए नहीं हुआ है। इस पार्टी का जन्म देश के कोटी-कोटी नागरिकों के भाग्य को बदलने के लिए हुआ है, कल्याण के लिए हुआ है। और जब कोई अच्छा काम करता है तो रूकावटें भी कम नहीं आती है। भाइयों-बहनों, कभी मैं केरल की तरफ देखता हूँ। क्या कारण है कि साम्यवादियों के लगातार हमलों के बावजूद भी, हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतारने के बावजूद भी, चाहे केरल हो या बंगाल हो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता जीत मिले या ना मिले, जिंदगी खपा देने में कभी कमी नहीं रखता..! क्या कारण है कि सत्ता के गलियारों से दूर-दूर का नाता नहीं होने के बावजूद भी, एक भारत माता की जय के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले लक्षावती लोग आज भारतीय जनता पार्टी का कमल का झंडा उठा कर के चल रहे हैं..!

मैं दिल्ली में बैठे हुए शासकों को चेतावनी देता हूँ कि अगर आप सोचते हैं कि आपकी सी.बी.आई. के हमले भारतीय जनता पार्टी को निराश करेंगे, तो आप सोचने में गलती कर रहे हैं। आपको लगता है कि अपने गर्वनरों के माध्यम से आप भारतीय जनता पार्टी की सरकारों को परेशान करोगे, तो आप लिख कर रखिए, जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ की जनता दिल्ली सरकार के और काँग्रेस पार्टी के इस रवैये का चुन-चुन के जवाब देती है और देती रहेगी..! सारी संवैधानिक संस्थाओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकारो को परेशान करना, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करना, भारतीय जनता पार्टी के दल को परेशानियों में डालना, इसी के लिए उपयोग में लाया जाता है। कांग्रेस के मित्रों, ये दिल्ली में आपकी सत्ता का नशा लंबे दिनों तक रहने वाला नहीं है..!

भाइयों-बहनों, कांग्रेस में और भारतीय जनता पार्टी में बहुत बड़ा अंतर है। भारतीय जनता पार्टी की सोच और कांग्रेस पार्टी की सोच के बीच कभी कोई मेल नहीं हो सकता। भाजपा के चरित्र और कांग्रेस के चरित्र की कभी कोई तुलना नहीं कर सकता। भाइयो-बहनों, कांग्रेस जिन पर आस लगा कर बैठी है, जिनके शब्द कांग्रेस की नीति माने जाते हैं, ऐसे एक नेता का मैंने दो दिन पूर्व मैंने एक भाषण सुना। मित्रों, मुझे बहुत गहरा धक्का लगा, मन को एक पीड़ा हुई के क्या ये लोग देश के विषय में ऐसा सोचते हैं..? भाइयों-बहनों, कांग्रेस के एक नेता कह रहे हैं और कांग्रेस पार्टी की सोच को प्रकट कर रहे हैं कि ये भारत देश मधुमक्खियों का छत्ता है। मेरे कांग्रेस के मित्रों, आपके लिये ये देश मधुमक्खी का छाता हो सकता है, हमारे लिए ये देश हमारी माँ है..! ये भारत हमारी माता है, इसके सौ करोड देशवासी हमारे भाई-बहन हैं..! ये पवित्र भूमि है, ये ऋषि-मुनियों की भूमी है। अटल बिहारी वाजपेयी कहा करते थे कि यहाँ का कंकर-कंकर हमारे लिए शंकर है। अटल बिहारी बाजपेयी कहा करते थे कि गंगा जी में बहती हुई हमारी हड्डी को कान में लाकर सुनोगे तो उस हड्डी में से भी आवाज आएगी, भारत माता की जय..! ये हमारे संस्कार है। हमारे लिए ये माँ है माँ..! इस माँ की पीड़ा हम देख नहीं सकते हैं। ये हमारी माँ है, जिसके संतानों का दु:ख-दर्द हमारी चिंता का कारण है। आपके लिए ये मधुमक्खी का छाता हो सकता है, हमारे लिए तो हमारी माँ है..! और मेहरबानी करके कांग्रेस के मित्रों, हमारी भारत माता का अपमान मत करो..! आपको अगर हिन्दुस्तान के लोगों की भाषा समज नहीं आती है तो कहीं से सीखा करो, लेकिन आपके अज्ञान के कारण मेरे देश की संस्कृति और परंपरा को बर्बाद करने का पाप मत करो..! भाइयो और बहनों, मैं कभी किसी नेता के भाषण पर समय बर्बाद नहीं करता, क्योंकि वो ध्यान देने योग्य होते भी नहीं हैं। लेकिन जब हमारी भावनाओं पर चोट पहुंचाई जाती है तब इस माँ के कल्याण के लिए जीवन खपाने वाले लक्षावती कार्यकर्ता को पीड़ा होनी बहुत स्वाभाविक है।

भाइयों-बहनों, मैं हैरान हूँ..! इस देश में पानी की समस्या है इसका देश के नेताओं को अता-पता भी नहीं है। आप पर हमें दया आती है..! हमारे गुजरात कांग्रेस के नेता पानी को लेकर के गुजरात के किसानों को, गुजरात के नागरिकों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं कांग्रेस के मित्रों को प्रार्थना करता हूँ, आवाहन भी करता हूँ कि अगर आपको गुजरात के किसानों की इतनी चिंता है, अगर आपको गुजरात के गांव में पानी की चिंता है और सच्चे दिल से चिंता है तो आप समय बर्बाद किये बिना दिल्ली की आपकी सरकार पर दबाव डालो और सरदार सरोवर डेम की ऊंचाई का काम जो रुका हुआ है, उसको पहले पूरा करो..! मेरे पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, गाँव-गाँव से आवाज उठनी चाहिए, नर्मदा डैम को पूर्ण करने के लिए अब हम ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे..! हम दिल्ली के तख्त के साथ लड़ाई लड़ेंगे और कांग्रेस के लोगों को हर गली-मौहल्ले में जवाब देना पड़ेगा।

भाइयो-बहनों, कांग्रेस पार्टी से सुधरने की अपेक्षा मत करना, वो कभी नहीं सुधर सकते..! इस चुनाव में गुजरात की जनता ने जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी को सजा दी है, जिस प्रकार से उनके एक-एक दिग्गज नेताओं को गुजरात की जनता ने परास्त कर दिया है... जिस भाषा का पिछले पांच साल से वे प्रयोग कर रहे थे, जिस झूठ के सहारे गुजरात की जनता को गुमराह करने का रात-दिन प्रयास रहे थे, जिस गंदी गालियों का उपयोग किया जा रहा था... गुजरात की जनता ने उस भाषा को बोलने वालों को चुन-चुन कर साफ कर दिया। आशा थी कि वे समझेंगे, सुधरेंगे और लोकतंत्र की मार्यादाओं का पालन करेंगे, लेकिन भाइयों और बहनों, इस सरकार को अभी तो कल 101 दिन हुए हैं, लेकिन 100 दिन भी वे इंतजार करने को तैयार नहीं हैं, उनकी मन:स्थिति क्या होगी इसका आप अंदाजा लगा सकते हो..!

भाइयों-बहनों, भारतीय जनता पार्टी विकास के मंत्र को लेकर चली है। आज गुजरात की धरती पर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पधारे हैं तब मैं गुजरात की जनता की ओर से उनसे कहना चाहता हूँ कि आज चारों तरफ आपने इतना बड़ा दिल बताया है, सार्वजनिक जीवन में इतनी ऊंचाई का अनुभव करवाया है, मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को आपने बहुत बड़ा बड़प्पन दिया है। भाइयों-बहनों, राजनीति में ये छोटी घटना नहीं होती है। अपने साथी को इस ऊंचाई तक ले जाने के लिए बहुत बड़ा दिल लगता है..! लेकिन मैं आज कहना चाहता हूँ कि आपने जो मुझ मान-सम्मान दिया है, आपने जो मेरी इज्जत की है, देश भर के कार्यकर्ताओं के दिलों में मेरी जगह बनाने के लिए आपने कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन ये यश भले ही मोदी को मिलता होगा, नाम भले ही मोदी का लिया जाता होगा, लेकिन इस यश के हकदार ये सारे मेरे भाई-बहन हैं, मेरे कार्यकर्ता हैं..! मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, आपने परिश्रम ना किया होता, आपने विकास में विश्वास ना किया होता, आपने इस देश की भलाई के मंत्र को चरित्रार्थ ना किया होता, तो नरेन्द्र मोदी को कौन पहचानने वाला था..? ये पहचान आपके कारण बनी है, आपके पुरषार्थ के कारण बनी है, आपके त्याग और तपश्चर्या के कारण बनी है। और आज जब भारतीय जनता पार्टी का जन्म दिन है मैं आप सब का अभिनंदन करता हूँ, आप सबको वंदन करता हूँ..! मेरे कार्यकर्ता भाइयो-बहनों, मैंने पहले ही दिन जब से कार्य संभाला है, उस दिन से मैंने कहा है, आज मैं दोबारा दोहराता हूँ कि मैं परिश्रम में कोई कमी नहीं रखूँगा, मैं बद इरादे से कोई पाप नहीं करूंगा..! भाइयों-बहनों, जब मैं कहता हूँ कि इंडिया फर्स्ट, तो उस लक्ष्य से, उस मार्ग से भारतीय जनता पार्टी कभी चलित नहीं हो सकती। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। हम देश के लिए जीने-मरने वाले लोग हैं। गली-मौहल्ले में भी काम करेंगे लेकिन भारत माता के लिए करेंगे। हम गुजरात की सेवा करते हैं लेकिन हमारा तो मंत्र है, ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास’..! हम सबको इस माँ भारती के कल्याण के लिए, निराशा की गर्त में डूबे हुए सामाज में एक नया विश्वास पैदा करने के लिए अपने इस कार्य को हमें करते रहना है।

भाइयो-बहनों, भारतीय जनता पार्टी आज पूरे देश में एक आशा की किरण बनी हुई है। और ये बात पॉलिटिकल पंडित हैं वो जानें। पॉलिटिकल पार्टीयों का जन्म होने के बाद अस्सी-अस्सी साल तक उन्हें सत्ता स्थान पर पहुंचने का मौका नहीं मिला हो, ऐसे दुनिया में कई उदाहरण हैं। ये भारतीय जनता पार्टी है। इतना बड़ा देश, इतना बड़ा लोकतंत्र, लेकिन जन्म से जवानी की यात्रा पूरी होने से पहले तक पहुंचते-पहुंचते, इस देश की जनता ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमें सेवा करने का मौका दिया था। इंग्लैंड की लेबर पार्टी को अस्सी साल तक मौका नहीं मिला था। भारतीय जनता पार्टी को जन्म से जवानी की यात्रा पूरी होने से पहले देश की जनता ने उस पर अमी वर्षा कर दी थी। आप कल्पना कर सकते हो कि लोग कांग्रेस से कितने तंग आ गए हैं, लोग देश की तबाही से कितने तंग आ चुके हैं..! और तब जा करके भाइयो-बहनों, भारत माँ का भाग्य बदलना ये भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता का दायित्व है। स्वामी विवेकानंद जी की स्मृती में हम ये 150 वां वर्ष मना रहे हैं। विवेकानंद जी का सपना पूरा करने के लिए देशवासियों को बाहर से नई प्रेरणा की जरूरत नहीं है। विवेकानंद जी के शब्द काफी है, विवेकानंद जी का संदेश काफी है, विवेकानंद जी का जीवन काफी है..! उससे प्रेरणा लेकर के एक नए उमंग और विश्वास के साथ आगे बढ़ना है।

भाइयो-बहनों, आज भारतीय जनता पार्टी जहाँ भी पहुँची है, गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने जो स्थिति पैदा की है वो किसी एक व्यक्ति के कारण नहीं है। पीढ़ियाँ की पीढ़ियाँ बीत गई, परिवार के परिवार इस पार्टी के लिए खप गए हैं। एक जमाना था, अगर मंहगाई के लिए भाजपा के कार्यकर्ता जुलूस निकालते थे तो 21-21 दिन की सजा हुआ करती थी। पूरा परिवार 21-21 दिन तक गुजरात की जेलों में रहने के लिए मजबूर हुआ करता था। ऐसे अनेक कार्यकर्ताओं के परिश्रम के कारण ये पार्टी यहाँ पहुँची है। इस पार्टी को यहाँ तक पहुँचाने वाले, अपने परिवारों को खपा देने वाले, अपनी जवानी को खपा देने वाले उन लक्षावधी कार्यकर्ताओं का मैं आज पुण्य स्मरण करता हूँ, उनका अभिनंदन करता हूँ, उनको वंदन करता हूँ..!

भाइयो-बहनों, एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आज हमको करना है। हम यहाँ से संकल्प लेकर के जाने वाले हैं। हमारे पार्टी के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान् रूपाला जी हम सबको एक संकल्प दिलाने वाले हैं। लेकिन इस संकल्प की भी एक विशेषता है। हमारे हाथ में एक मोमबत्ती दी गई है, जो जलानी है। जब मोमबत्ती जलाएंगे तो ये सारी रोशनी बंद होने वाली है। भाइयों-बहनों, ये प्रकाश की ओर जाने का संदेश है और घर-घर, गाँव-गाँव कमल खिलाने का संदेश है। और जो लोग भारतीय जनता पार्टी को दिन-रात गाली देते हैं, नई-नई डिक्शनरी के शब्द निकालते हैं वे कान खोल कर के सुन लें, आप भारतीय जनता पार्टी पर जितना ज्यादा कीचड़ उछालोगे कमल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। उस कमल के संदेश को ले कर के आईये भाइयो-बहनों, आज अपनी पार्टी के 33 वर्ष की यात्रा का गौरव करते हुए एक नई यात्रा का शुभ संकल्प करके चलें। मेरी आप सब से प्रार्थना है कि आप सबको जो मोमबत्ती दी गई है उसको जलाया जाए और यहाँ की व्यवस्था वालों से मेरी प्रार्थना है कि स्टेडियम में और लाइटें बंद करके इस नजारे का अनुभव किया जाए और जब तक ये विधि पूरी नहीं होती है, हम अपना स्थान छोड़ेगें नहीं, हम जाएंगे नहीं। मेरे साथ बोलिए -

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सात नव्या संरक्षण कंपन्यांच्या राष्ट्रार्पण समारंभात पंतप्रधानांचे भाषण
October 15, 2021
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“या सात कंपन्यांच्या निर्मितीमुळे डॉ कलाम यांच्या सक्षम भारताच्या स्वप्नाला पाठबळ मिळेल”
“या सात नव्या कंपन्या येत्या काळात भारताच्या सैन्य शक्तीचा मजबूत पाया ठरतील”
“65,000 कोटींपेक्षा जास्त मूल्यांच्या उत्पादनांची मागणी देशाच्या कंपन्यांवर वाढत्या विश्वासाचे द्योतक”
“संरक्षण क्षेत्रात यापूर्वी कधीही न दिसलेली पारदर्शकता, विश्वास आणि तंत्रज्ञान आधारित दृष्टीकोन आज दिसतो आहे.”
“गेल्या पाच वर्षात आपली संरक्षण निर्यात 325 टक्के वाढली आहे”
“स्पर्धात्मक किंमती आपली ताकद आहे तर, गुणवत्ता आणि विश्वासार्हता आपली ओळख बनायला हवी”

नमस्कार!

देशाच्या संरक्षणाशी संबंधित या महत्वपूर्ण कार्यक्रमात आपल्याबरोबर सहभागी झालेले देशाचे संरक्षण मंत्री  राजनाथ सिंह , संरक्षण राज्यमंत्री  अजय भट्ट, संरक्षण मंत्रालयाचे सर्व अधिकारी आणि देशभरातून सहभागी झालेले सर्व सहकारी,

आता दोन दिवसांपूर्वीच नवरात्रीच्या या पवित्र पर्वादरम्यान अष्‍टमीच्या दिवशी मला देशाला सर्वांगीण नियोजनासंबंधी गतिशक्ति या कार्यक्रमाचा प्रारंभ करण्याची संधी मिळाली आणि आज विजयादशमीच्या पवित्र दिनी देशाला मजबूत करण्यासाठी, देशाला अजेय बनवण्यासाठी जे लोक दिवसरात्र झटत आहेत, त्यांच्या सामर्थ्यात आणखी आधुनिकता आणण्यासाठी एका नव्या दिशेने जाण्याची संधी आणि ती देखील  विजयादशमीच्या पवित्र दिवशी मिळणे हा  खरेच शुभ संकेत घेऊन आला आहे. या कार्यक्रमाची सुरुवात भारताची  महान परंपरा कायम ठेवत  शस्त्र पूजनाने करण्यात आली आहे. आपण शक्तीला सृजनाचे माध्यम मानतो. याच भावनेने, आज देश आपले  सामर्थ्य वाढवत आहे, आणि तुम्ही सर्व देशाच्या या संकल्पांचे सारथी देखील आहात. मी तुम्हा सर्वांना आणि संपूर्ण देशाला याप्रसंगी पुन्हा एकदा   विजया दशमीच्या  हार्दिक शुभेच्छा देतो.

मित्रांनो,

आजच माजी  राष्ट्रपती, भारतरत्न, डॉक्टर ए पी जे  अब्दुल कलाम यांची  जयंती देखील आहे.  कलाम साहेबांनी ज्याप्रमाणे आपले आयुष्य सामर्थ्यवान भारताच्या निर्मितीसाठी समर्पित केले, ते आपणा सर्वांसाठी प्रेरणादायी आहे. संरक्षण क्षेत्रात आज ज्या 7 नव्या कंपन्या प्रवेश करत आहेत त्या समर्थ राष्ट्राच्या त्या संकल्पांना आणखी मजबुती प्रदान करतील.

मित्रांनो,

यावर्षी भारताने आपल्या स्वातंत्र्याच्या  75 व्या वर्षात प्रवेश केला आहे. स्वातंत्र्याच्या या अमृतकाळात देश एका नव्या भविष्याच्या निर्माणासाठी नवीन संकल्प करत आहे. आणि जे काम गेली अनेक दशके रखडले होते ते पूर्ण देखील करत आहे.  41 आयुध कारखान्यांना नवे स्वरूप देण्याचा  निर्णय, 7 नव्या कंपन्यांची ही सुरुवात देशाच्या याच संकल्प यात्रेचा भाग आहे. हा  निर्णय गेली 15-20 वर्षे रखडलेला होता. मला पूर्ण विश्वास आहे की या सर्व सात कंपन्या आगामी काळात भारताच्या सैन्य सामर्थ्याचा एक खूप मोठा आधार बनतील. 

मित्रांनो,

आपल्या आयुध कारखान्यांची गणना कधी काळी जगातील  शक्तिशाली संस्थांमध्ये केली जायची. या कारखान्यांकडे शंभर-दीडशे वर्षांहून अधिक अनुभव आहे. जागतिक युद्धाच्या वेळी भारताच्या आयुध कारखान्यांचे सामर्थ्य जगाने पाहिले आहे. आपल्याकडे उत्तम संसाधने होती, जागतिक दर्जाचे कौशल्य होते. स्वातंत्र्यानंतर  या कारखान्यांचा दर्जा सुधारण्याची, आधुनिक तंत्रज्ञान स्वीकारण्याची आपल्याला गरज होती. मात्र याकडे लक्ष दिले गेले नाही.  काळाच्या ओघात भारत आपल्या सामरिक गरजांसाठी इतर देशांवर अवलंबून राहू लागला. ही स्थिती बदलण्यात या सात नवीन कंपन्या  मोठी भूमिका बजावतील.

मित्रांनो,

आत्मनिर्भर भारत अभियान अंतर्गत , भारताला स्वबळावर जगातील सर्वात मोठी  सैन्य ताकद बनवणे, भारतात आधुनिक सैन्य उद्योगाचा विकास करणे हे देशाचे उद्दिष्ट आहे. मागील सात वर्षात देशाने  'मेक इन इंडिया' मंत्रासह आपला हा  संकल्प पुढे नेण्याचे काम केले आहे. आज देशातील संरक्षण क्षेत्रात जेवढी पारदर्शकता आहे, विश्वास आहे आणि तंत्रज्ञानप्रणित दृष्टिकोन आहे, तो यापूर्वी कधीही नव्हता. स्वातंत्र्यानंतर प्रथमच आपल्या संरक्षण क्षेत्रात एवढ्या मोठ्या सुधारणा होत आहेत, अडकवणाऱ्या-रखडवणाऱ्या धोरणांच्या जागी एक खिडकी प्रणालीची  व्यवस्था करण्यात आली आहे. यामुळे आपल्या उद्योगांचा आत्मविश्वास उंचावला आहे. आपल्या भारतीय कंपन्यांनी संरक्षण उद्योगामध्येही  आपल्यासाठी संधी शोधायला सुरुवात केली आहे. आणि आता खासगी क्षेत्र आणि  सरकार एकत्रितपणे राष्ट्र सुरक्षेच्या मोहिमेत पुढे मार्गक्रमण करत आहेत.

उत्तरप्रदेश आणि तामिळनाडू इथे विकसित होत असलेल्या संरक्षण मार्गिकांचे उदाहरण आपल्यासमोर आहे. इतक्या कमी काळात मोठमोठ्या कंपन्यांनी, ‘मेक इन इंडिया’ मध्ये आपला रस दाखवला आहे. यामुळे युवकांसाठी देशात नव्या संधी देखील निर्माण होत आहेत, तसेच पुरवठा साखळीच्या रूपाने, अनेक सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योगांसाठी देखील अनेक संधी उपलब्ध झाल्या आहेत. देशात जे धोरणात्मक परिवर्तन केले गेले, त्याचाच परिणाम म्हणून गेल्या पाच वर्षात, संरक्षण क्षेत्रातील उत्पादनांची निर्यात 325 टक्क्यांपेक्षाही अधिक वाढली आहे.

मित्रांनो,

काही दिवसांपूर्वीच संरक्षण मंत्रालयाने अशा 100 पेक्षा अधिक युद्ध सामग्रीच्या उपकरणांची यादी जाहीर केली होती, ज्यांची आता परदेशातून आयात केली जाणार नाही. या नव्या कंपन्यांसाठी देखील देशाने आताच, 65 हजार कोटी रुपयांच्या उत्पादनांची मागणी नोंदवली आहे.  आपल्या संरक्षण कंपन्यांवर देशाच्या असलेल्या विश्वासाचेच हे द्योतक आहे. देशाचा संरक्षण कंपन्यांवरचा वाढता विश्वासच यातून व्यक्त होतो. एक कंपनी शस्त्रास्त्रे आणि दारुगोळ्याच्या गरजा पूर्ण करेल, तर दुसरी  कंपनी लष्कराला लागणारी वाहने तयार करेल. त्याचप्रमाणे, अत्याधुनिक वाहने आणि उपकरणे असतील, किंवा सैन्यदलांना सुविधा प्रदान करणारी उपकरणे असतील, ऑप्टिकल इलेक्ट्रॉनिक्स असो किंवा पॅराशुट्स असो, आमचे उद्दिष्ट आहे, भारतातील प्रत्येक कंपनीने एकेका क्षेत्रातील सर्वोच्च दर्जाची उत्पादने विकसित करण्याचे कौशल्य मिळवावे, त्यासोबतच, एक जागतिक ब्रांड म्हणून देखील आपला नावलौकिक वाढवावा. स्पर्धात्मक मूल्य हे आपले बलस्थान असेल, तर गुणवत्ता आणि विश्वासार्हता ही आपली ओळख असायला हवी.

मित्रांनो,

या नव्या व्यवस्थेमुळे, आपल्याकडे आयुध निर्माणी कारखान्यात जी गुणवत्ता आहे, ज्यांना काही तरी नवीन करायचं आहे, त्यांना आपली प्रतिभा दाखविण्याचे पूर्ण स्वातंत्र्य मिळेल, असा मला विश्वास आहे. जेंव्हा अशा प्रकारच्या कौशल्याला नवोन्मेषाची संधी मिळते, काहीतरी करून दाखविण्याची संधी मिळते, तेव्हा ते चमत्कार करून दाखवतात. तुम्ही तुमच्या कौशल्याने, जी उत्पादने बनवून दाखवाल त्यामुळे भारताच्या संरक्षण क्षेत्राची क्षमता तर वाढवालच, स्वातंत्र्यानंतर जी एक पोकळी निर्माण झाली होती, ती देखील भरून काढू शकाल.

मित्रांनो,

21 व्या शतकात कुठला देश असो की कुठली कंपनी, त्याची वाढ आणि ब्रँड व्हॅल्यू त्याच्या संशोधन आणि नवोन्मेषावरून ठरवली जाते. सॉफ्टवेअर पासून अवकाश क्षेत्रापर्यंत, भारताची वाढ,  भारताची नवी ओळख याचे सर्वात मोठे उदाहरण आहे. म्हणूनच, सर्व सातही कंपन्यांना माझा विशेष आग्रह आहे की संशोधन आणि नवोन्मेष तुमच्या कार्यसंस्कृतीचा भाग असला पाहिजे. त्याला प्राधान्य दिले गेले पाहिजे. तुम्हाला दुसऱ्या कंपन्यांची केवळ बरोबरीच करायची नसून, भविष्यातील तंत्रज्ञानात देखील त्यांच्या पुढे जायचं आहे. म्हणूनच तुम्ही नवा विचार, संशोधक वृत्ती असलेल्या युवकांना जास्तीत जास्त संधी दिल्या गेल्या पाहिजेत, त्यांना विचाराचे पूर्ण स्वातंत्र्य दिले पाहिजे. माझं देशातील स्टार्टअप्सना देखील सांगणं आहे, या सात कंपन्यांच्या माध्यमातून आज देशाने जी नवी सुरवात केली आहे, त्याचा तुम्हीही भाग बना. तुमचे संशोधन, तुमची उत्पादने या कंपन्यांच्या मदतीने एकमेकांच्या क्षमतांचा लाभ मिळवू शकतील हा विचार तुम्ही करायला हवा.

मित्रांनो,

सरकारने सर्व कंपन्यांना एक दर्जेदार, पोषक असे उत्पादनाचे वातावरण देण्यासोबतच,कार्यान्वयनाची संपूर्ण स्वायत्तताही दिली आहे. यासोबतच, या कंपन्यांमध्ये कार्यरत असणाऱ्या कर्मचाऱ्यांच्या हितांचे रक्षण होईल, हे ही सुनिश्चित करण्यात आले आहे. आपल्या अनुभवांचा आणि ज्ञानाचा देशाला खूप लाभ मिळेल, असा मला पूर्ण विश्वास आहे. आपण सगळे मिळून, आत्मनिर्भर भारताचा आपला संकल्प पूर्ण करुया.

याच भावनेने, पुन्हा एकदा आपल्या सर्वांना विजयादशमीच्या खूप खूप शुभेच्छा ! आपल्या सर्वांना खूप खूप धन्यवाद !!